अरुण: ये क्या है
सरला: आप खुद देख लीजिये
अरुण: ये तो ट्रिमर है बालो को त्रिम(काटने) के लिये
सरला: अरुन के कान में।
आप ने कहा था न की आप को त्रिम किये हुए बाल अच्छे लगते है
अरुण: हाँ
सरला: तो अपने हाथों से कर दिजिये।
मै हनीमून पे एकदम आप की इच्छा के हिसाब से रेडी होना चाहती हूँ जिस से आप की कोई इच्छा अधुरी न रहे और वैसे भी मैंने कभी ट्रिमर यूज नहीं किया है।
अरुण: इतना ख्याल है मेरा।
सरला: अपनी जान से ज्यादा
और अरुन को अपनी बाँहों में भर लेती है
अरुण: यहाँ करे या बाथरूम में
सरला: जहाँ आप का मन करे।
अरुण: यही बैठ जाओ।
और सरला को सोफ़े पे बैठाता है
और उसको अपनी साड़ी उपर करने को बोलता है
सरला: जिस की ज़रूरत हो वो खुद उठा ले और बैठ जाती है।
अरुण: सरला की साड़ी और पेटीकोट कमर तक उठाता है।
निचे सरला ने कुछ भी नहीं पहना था।
अरुण: ये क्या है।
सरला: आप ही तो पेंटी पहनने के लिए मना करते है
अरुण: उसके बोलने के स्टाइल पे फ़िदा हो जाता है
और झुक कर उसकी चुत पे किस करने की कोशिश करता है।
और सरला अपना हाथ लगा देती है ।
सरला: सिर्फ त्रिम करो कोई मस्त नहीं ये सिर्फ रेडी हो रही है अपने सुहागरात के लिए ।
अपनी चुत की और इशारा करती हुई।
अरुण: एक पप्पी तो दे दो
सरला: नहीं मतलब नही।
अरुण: प्लीज जान।
अरून जो की उसके दोनों टांगो के बीच में बैठा था।
सरला: उसका सर अपने हाथों में लेते हुए
जान आप किसी भी बात के लिए रिक्वेस्ट न किया करो सिर्फ आर्डर दिया करो।
मै अभी सिर्फ सुहागरात तक रोक रही हु उसके बाद जो आप बोलोगे वो होगा।
प्लीज मान जाओ।
अरुण: ओके पर छू तो सकता हु या नही।
सरला: हाँ छु सकते हो क्यों की छुये नहीं को त्रिम कैसे करोगे ।
और अरुन सरला के चुत के बालों को अपने हिसाब से ट्रिमर की हेल्प से त्रिम कर देता है।
इधर सरला बार बार अपनी चुत पे अरुन के हाथों के स्पर्श से अंदर ही अंदर गरम हो जाती है और उसकी चुत पानी छोडने लगती है।
और इसका एहसास अरुन को भी हो जाता है।
अरुण: त्रिम करने के बाद सरला के चुत को देखते हुए
“”” तू रो मत पगली तेरा ही इन्तज़ाम हो रहा है “”
सरला अरुन को अपनी चुत से बात करते हुए देख कर शरमा जाती है।
सरला: ये आप क्या कर रहे है।
अरुण: अपनी लुगाई से बात ।
सरला: अगर ये लुगाई है तो मैं कौन हू।
अरुण: मेरी जान
सरला: अगर मैं आप की जान हूँ तो ये कौन है अपनी चुत पे ऊँगली रखते हुए।
अरुण कंफ्यूज हो जाता है
और दोनों मेरी लुगाई और जान है।
सरला उसके जवाब पे हँस देति है।
अरुण: चलो जाओ इसे वाश कर लो।
सरला: आप ही कर दो न इसे आप के हाथ का स्पर्श अच्छा लग रहा है।
और अरुन को देखते हुए अपने चुत पे हाथ फेर देती है।
अरुण: ये बहुत नाइंसाफ़ी है।
सरला: क्यों
अरुण: तुम उसपे हाथ फेर रही हो और मैं उसे किस भी नहीं कर सकता।
सरला: ये मेरी चीज़ है मैं कुछ भी कर सकती हू।
और हाँ अभी जो आप उसे उसके रोने की बात कर रहे थे तो ये आप के हाथों के स्पर्श की बजह से रो रही थी
मैं हाथ इसलिए फेर रही हूँ की इसको समझा सकु कुछ दिनों की बात है फिरर इसकी ऐश ही ऐश है।
और अगर मेरे अपनी चुत पे हाथ फेरने पर आपको प्रॉब्लम हो तो आप अपने इस छोटू पे हाथ फेर लो जो इस टाइम मेरी चुत को देख कर आप की पेण्ट में खड़ा हो रखा है।
अरुण: अपनी पेण्ट के उभरे हुए हिस्से को देखते हुए
सरला: हाँ हाँ फेर लो बात कौन मना कर रहा है।
अरुण: जिस को उसकी चिंता हो वह फेर दे।
सरला: अच्छा जी
अरुण: हाँ जी।
और सरला अरुन को अपने सामने खड़ा करती है और अरुन का पेण्ट उतार देति है और उसके अंडरवियर को निचे सरका देति है।
जैसे ही अंडरवियर उतरता है अरून का लंड एक दम से लोहे की रोड की तरह कड़क हो कर सरला के मुह के पास आ जाता है।
सरला उसको अपने दोनों हाथों से पकड़ लेती है
और मन ही मन कितने अकड रहा है अभी अकड ले बाद में मैं जो तेरा हाल करुँगी ना।
तभी उसको ऐसा लगता है की लंड कुछ बोल रहा है
लंड: तू मेरा क्या हाल करेगी जो मैं तेरा करुँगा
एक बार ये अंदर गया न तो तेरा क्या क्या टूटेगा तुझे भी पता नहीं पड़ेगा और तेरी चुत का भोसड़ा बना दूंगा और अरुन तो तेरी गाण्ड भी मारेगा सोच तब तेरा क्या होगा।ले पायेगी मुझे अपनी गाण्ड में साइज देखा है।
सरला लंड की बात सुन के कांप जाती है
तभी सरला को अरुन की आवाज़ आती है।

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