दोनो यु ही एक दूसरे के उपर लेटे रहते है।
कुछ देर बाद सरला अरुन के उपर से उठती है और अरुन की देखति है।
अरुण: क्या हुआ।
सरला: मजा आया ।
अरुण: बहुत , आप को
सरला; मुझे भी पर डर लग रहा है।
अरुण: किस बात की माँ।
सरला: ये ही की गाण्ड मारी जाती है।
अरुण: हाँ तो क्या हुआ जैसे चुत वैसे गाँड।
सरला: तुम्हारा बहुत बड़ा है।
अरुण: क्या मा।
सरला: शरमाते हुए तुम्हारा लंड़
अरुण: पापा से भी
सरला: तुम्हारा तो तुम्हारे पापा से डबल से भी ज्यादा है
जब मेरे मुह में पूरा नहीं आता तो चुत में कितना आएगा गाण्ड तो बहुत दुर की बात है।
अरुण: सच में।
सरला: हाँ अरुन तुम्हारा बहुत बड़ा है।
और जिस दिन से देखा मैं उस्सी दिन से सोच २ कर परेसान हु इतना बड़ा कैसे लुंगी और अब तुम गाण्ड मारने की बात कर रहे हो।
अरुण: आप उसकी टेंशन मत लो इतनी प्यार से आप की लुँगा की आप को पता भी नहीं पड़ेगा ।
सरला: पर मारोगे ज़रूर
अरुण: हाँ पर आप की मर्ज़ी से।
सरला: प्रोमिस।
अरुण: पक्का वाला।
चलो अब खाना खा लो।
और दोनों खाना खाने आ जाते है।
खाने की टेबल पे।
दोनो ने कुछ नहीं पहना था।सरला ने कहा पर अरुन ने मना कर दिया।
सरला कुछ सोचते हुए।
अरुण: क्या सोच रही हो मा।
सरला; कुछ नहीं
और सरला बोलो आप के मुह से अच्छा लगता है।
अरुण: पर थोड़ी देर पहले तो माँ बोल रहा था तब तो नहीं बोली।
सरला: जब मैं आप के बैडरूम में गई ती आप सिर्फ टॉवल में सो रहे थे आपको देख कर बचपन की याद आ गई।और मोका देख कर आपकी लंड चूसने लगी।
अरुण: ओके जान यानि सर्ला क्या सोच रही हो।
सरला: आप ने ये सब कहा से सिखा।
अरुण: क्या ।
सरला: यही सुकिंग,, ब्लोजॉब ,, गाण्ड मारी जाती है।
अरुण: इंटरनेट से और दोस्तों से बात करके।
सरला; आप झूठ तो नहीं बोल रहे।
अरुण: नहीं सरला।
सरला: मेरी जान।
अरुण: हाँ बाबा तुम्हे क्या लगा
सरला: यही आप की कोई गर्ल फ्रेंड है।
अरुण: हाँ वो तो है।
सरला: एकदम रुवाँसी होते हुए आप ने बताया नही।
अरुण: तुम ने पूछा नही।
और सरला रोने लगती है।
अरुण; माँ मतलब सरला रो क्यों रही हो।
सरला: मेरा हाथ मम्मी पापा से माँगने से पहले तो आप ने नहीं बताया।
अरुण: नाम नहीं पुछोगी उसका।
सरला: मुझे नहीं पूछना और मुझे मेरे घर छोड आओ और खाने की टेबल से उठने लगती है।
अरुण: सरला सरला मेरी जान उसका नाम सरला है जिससे मैं शादी करने वाला हूँ ।
सरला; रोते हुए मेरा हाथ छोड़ दो मुझे नहीं सुनना।
अरुण: उसका नाम सरला है जो की तुम हो सरला।
होश में आओ।
सरला: अरुन की ओर देखते हुए सच ।
सच बोल रहे हो ना।
अरुण: हाँ बाबा तेरी कसम।
सरला अरुन के गले से लिपट जाती है ।
अरुण: और ये सब सिख लिया तो अच्छा हुआ।
सरला: क्यों
अरुण; अब तुम पर आजमाऊँगा ।
सरला: शर्मा जाती है
सरला: धत बदमाश।
अरुण: उसके माथे को चुमते हुए।
सरला
सरला: हा।
अरुण: करने दोगी न मुझे ये सब।
सरला:कुछ नहीं बोलती।
अरुण: बोलो न जान
सरला; डर लगता है
अरुण: किस से।
सरला: आप के उस से
अरुण: किस से जान
सरला: आप के लंड से और शरमा जाती है।
अरुण : ये ड़रने की नहीं प्यार करने की चीज़ है
करोगी ना
सरला: हाँ
अरुण: कितना।
सरला; बहुत सारा
अरुण; और जो मागूँगा दोगी
सरला: मुझे पता है आप क्या मांग रहे है ।
अरुण: क्या।
सरला: मेरी गाँड।
अरुण: तो बोलो दोगी ना
सरला: कुछ नहीं बोलति मुह छुपा लेती है।
अरुण: खुश होते हुए इसे उसकी हाँ समझता है।
सरला: शादी के लिए आप ने मेरे मम्मी पाप् से तो हाथ मांग लिए पर अपने घर वालो से कब पुछोगे आप अरुण।
अरुण: मम्मी तो पता है न नहीं करेंगी पापा से पुछनी पडेगी।
सरला: तो कब पुछोगे
अरुण; जैसे ही पापा आ जाते है।
सरला; जल्दी पुछोगे ना
अरुण; हाँ बाबा कल शायद आ जायेंगे तभी पूछ लूँगा
शादी की ज्यादा जल्दी है क्या मेरी सरला को।
सरला; धीरे से हाँ
अरुण: क्यों जान।
सरला: कुछ नहीं
अरुण: कुछ तो बोलो न जान क्यों जल्दी है।
सरला: हाँ अब इंतज़ार नहीं होता।
अरुण; किस जा शादी का या लंड लेने का चुत और गाण्ड में।
सरला: जाओ मैं आप से बात नहीं करती आप बहुत गंदे हो ।
अरुण; आ हह मेरी जान ग़ुस्सा हो गई।
सरला; और नहीं तो क्या आप ऐसे ही बात करते हो
क्या आप को जल्दी नहीं है ।
अरुण; किस बात की ।
सरला: शरमाते हुए मुझे चोदने की ।
अरुण; मेरा बस चले तो अभी छोड़ दू ।
सरला; देखा आप को मुझ से ज्यादा जल्दी है।अरुन आप कल पक्का पुछोगे ना।
अरुण; हाँ बाबा पक्का।
सरला: खुश होते हुए अरुन के गले लग जाती है और अरुन के कान में।
“”” और बरदास्त नहीं होता जान मुझे आप का छोटू मेरे अंदर चाहिए जहाँ आप डालना चाहे **
और अरुन खुश हो जाता है
और सरला को कस कर भीच लेता है
और सरला के मम्मे दबाने लगता है।

