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अरुण: मेरा हाथ क्यों नहीं माँगा।
सरला: कहीं तुम्हारा इरादा तो नहीं बदल गया।
कोई और तो नहीं है तुम्हारी लाइफ में।
अरुण: नहीं सरला ऐसा नहीं है ।
सरला: तो मांगो मेरा हाथ और ले चलो मुझे यहाँ से। अपने साथ अपने घर जहाँ सिर्फ मैं और तुम।
अरुण: ओके चलो और चलने लगता है।
सरला: रुको क्या बोलोगे मम्मी और पापा से।
अरुण: वो मुझ पर छोड दो।
सरला: अरुन को कस कर बाँहों में ले लेती है।
और उसके कान में।मै तुम से अपनी इच्छा पूरी करवा रही हूँ तुम्हे बुरा तो नहीं लग रहा अरुण
अरुण: नहीं माँ आप जैसे चाहो करो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है क्यों की एन्ड में मुझे तुम्हारी चुत मिलनी ही है।
सरला: अरुन के सिने पर घुसे मारती है जाओ मैं तुम से बात नहीं करती ।
अरुण: अले अले मेरी जान शरमा गई।
और उसके माथे पर किस करता है और अपने नाना नानी के पास जाते है।
सरला : क्या बोलोगे अरुन ।
अरुण: देखती जाओ।
नाना नानी के रूम में पहुच कर
अरून के नाना
क्या हुए सोये नही।
अरुण; नहीं नाना जी हमें जाना है।
नाना; क्यों क्या है
अरुण: वो तो मम्मी का आप से मिलने का मन था इसलिए चले आये ।
जरुरी है अभी घर पहुच जाएंगे।
नानी :रुकोगे नहीं
अरुण: नहीं नही फिर आयेंगे।
अरून पैर छुने के लिए झुकता है।
नाना नानी।
खुश रहो।
अरुण; माँ को ले जाऊ।
नाना: तो क्या वो रुक रही है ।
अरुण: नहीं आप की परमिशन मांग रहा हु ले जाने की।
उनकी कुछ इच्छा बाकि है वो पूरी करनी है ।
नाना: कौन सी इच्छा
अरुण; शादी की धीरे से बोलता है।
नाना; मतलब।
ओ शादी से आये है न थक गई है
नाना: अच्छा।
अरुण: तो जल्दी से जल्दी शादी करना चाहती है फिर धीरे से बोलता है।
नाना: क्या बुद्बुदा रहे हो।
अरुण; जल्दी से घर जाना चाहती है।
नाना: अच्छा जैसे तुम लोगो की मर्ज़ि
अरुण: ले जाऊ।
नाना: ले जाओ।
अरुण: मैं प्रॉमिस करता हूँ इनकी हर इच्छा पूरी करुन्गा।
नाना: मतलब ।
अरुण: जल्दी से जल्दी घर पहुंचने की कोशिश करुन्गा।
जिससे ये हमेश खुश रहे।
नाना: पता नहीं क्या बोल रहे हो।
अरुण: कुछ नही जाते है।
ले जाऊँ आपकी बेटी को।
नाना; हाँ हाँ ले जाओ ।
आराम से जाना कोई प्रॉब्लम न हो ।
अरुण; नहीं होगी नाना जी मेरे होते हुए आप की बेटी को धीरे से बोलता है।
सरला जो इतनी देर से चुप थी।
दोनो के गले लगती है और थैंक यू बोलति है
शादी के परमिशन के लिए धीरे से।
सरला; जाऊ
नाना: हाँ हाँ और अपना ख्याल रखना।
सरला: हाँ अरुन है न साथ में।
नाना: ये अभी छोटा है तुम भी ख्याल रखना रात का टाइम है।
सरला: हाँ मैं भी रखूँगी ।
और धीरे से बोलति है अपनी जान का ।
नाना: क्या ।
सरला: अब निकलते है।
और दोनों वहाँ से अपने घर जाने के लिए स्टेशन निकल जाते है ।।।।।।

अरुन और सरला वहाँ से निकल कर अगले दिन शाम को ट्रैन से उतर कर बस पकड़ कर अपने घर के लिये
सरला: आप अपने घर ले जा रहे हो मुझे बिना शादी किये
अरुण: हाँ
सरला; मुझे पता है क्यु।
अरुण: क्यों
सरला: घर पे कोई नहीं है आप मुझे वहाँ छेड़ोगे।
अरुण: माल छेड़ने के लिए ही होता है।
सरला: मैं माल हू
अरुण: हाँ सेक्सी माल
सरला: शरमाते हुए आप को शरम नहीं आती माल बोलते हुए।
अरुण: नहीं आती
और बात करते हुए दोनों घर पहुच जाते है।
दोनो घर के अंदर आते हुए
फाइनली 9 दिन बाद घर आ गये।
और दोनों सोफ़े पे बैठ जाते है।
थोड़ी देर आराम करने के बाद।
सरला: आप फ्रेश हो जाओ मैं खाना बना देति हू।
अरुण: रहने दो सरला बाहर से माँगा लेते है
सरला: नहीं ९ दिन से बाहर का खाते २ मान भर गया है।
अरुण: जैसी तुम्हारी मर्ज़ि।
सरला: आप नहा लो मैं तब तक खाना बना देति हू।
अरुण: ओके मैं फ्रेश हो जाता हू।
और सरला किचन में और अरुन नहाने के लिए अपने रूम में चला जाता है।
अरून नहाने के बाद बाथरूम से बाहर आता है और थके हुए होने की बजह से अपने बेड पे लेट जाता है और कब नींद आ जाती है पता नही।
इधर सरला खाना बनाने के बाद अरुन को आवाज़ देती है पर जब अरुन का जवाब नहीं आती तो वो उसके रूम में जाती है तो देखति है की अरुन आराम से सो गया था।
सरला अरुन के बेड के पास आती है।
सरला: कितना मासुम लग रहा है सोते हुए मेरा बेटा
और झुक कर उसके माथे पर किस करती है फिर उसके होठों पर करती है उसके बाद सिने पर उसके छोटे से निप्पल को अपने दाँतो से काटति है।
फिर धीरे २ उसकी नाभि पे और फिर उसकी टॉवल उतार देती है क्यूंकी अरुन सिर्फ टॉवल में था ।
क्यूंकी नहाने के बाद वो ऐसे ही लेट गया था आराम करने के लिए और उसकी आँख लग गई।

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