सरला: ये सकिंग क्या होता है ।
अरुण: माँ अब नाटक मत करो प्लीज ब्लोजॉब दो ना।
सरला: हैरानी से पूछती है ये ब्लोजॉब क्या होता है।
अरुण: क्या सच में आप को नहीं पता ।
सरला: नहीं अरुन मुझे सच में नहीं पता।
अरुण: क्या आप ने पापा को कभी ब्लोजॉब नहीं दिया।
सरला: प्लीज अरुन सच में मुझे नहीं पता की ब्लोजॉब क्या होता है तेरे पापा के साथ करने की बात तो दुर की है।
अरुण: माँ ब्लोजॉब में लड़की लडके का लंड मुह में ले कर चुस्ती है जैसे कोई लोलीपोप चूस रहा हो और जब तक चुस्ती रहती है जब लडके का पानी न निकल जाये और उसके बाद उसका पानी पी जाती है इसे ब्लोजॉब कहते है।
और आज कल तो लड़कियाँ ब्लोजॉब ज्यादा देना पसंद करती है क्यों की इससे लड़के का काम हो जाता है और लड़के उसके बाद फुद्दी मारने की ज़िद नहीं करते।
सरला: आस्चर्यचकित होते हुए ये तो पहली बार सुन रही हू।
मैने तो आज तक नहीं किया और न तेरे पापा ने करने को कहा।
अरुण: क्या आज तक आप ने लंड मुह में नहीं लिया।
सरल: नहीं
अरुण: फिर क्या किया।
सरला: वही जो सब करते है मुझे निचे लिटाये और मेरे उपर आ कर अपना पानी निकाल दिया।
अरुण: और आप का
सरला: मेरा क्या।
अरुण: आप का पानी।
सरला: पागल हो क्या लड़की का पानी निकलता है क्या।
अरुण: माँ सच में आप को नहीं पता या मुझे पागल बना रही हो।
सरला: तेरी कसम बेटा मुझे जितना पता था सब बता दिया।
और इस में मेरी गलती भी नहीं है अरुन मेरी शादी १७ साल की उम्र में हो गई थी ।
और १८ साल की उम्र में तुम दोनों ने जनम लिया।
शादी से पहले कुछ लिया नहीं था क्यों की कभी मौका ही नहीं मिला जब तब जवान हुए शादी हो गई खेलने की उम्र में मैं दो बच्चो की माँ बन गई और पति को सेक्स में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था। किया तो कर लिया मेरे मन की कभी सुनि नहीं अपना काम किया। पीठ मेरी ओर की और सो गये।
अरून अपनी माँ की ओर देखते हुए।
सरला; क्या हुआ ।
अरुण: कुछ नहीं और उठ कर सरला को अपनी बाँहों में भीच लेता है ।
सरला: क्या हुआ ।
अरुण: कुछ नहीं मोम
अब मैं आ गया हूँ ।
अब आप वो सब करोगी जो अब तब आप को मिलना चाहिए था।मै आप की हर इच्छा पूरी करुँगा।
सरला: और अरुन के कान में
” मेरी हर अधुरी इच्छा मेरे बेटे ”
अरुण: हाँ माँ हर अधुरी इच्छा ।
अब अरुन को समझ नहीं आ रहा था की वो क्या करे।
सरला: क्या हुआ अरुण।
अरुण: कुछ नहीं माँ और उसके होंठो को चुस्ने लगता है और सरला उसका साथ देने लगती है।
अरून सरला के होठ चुसते २ उसके दोनों चूचियों को मसलने लगता है।
सरला: आह अरुन धीरे प्यार से जान।
अरुण: अरुन आप को देख कर कण्ट्रोल नहीं होता मन करता है कच्चा चबा जाउ।
सरला: मना किस ने किया है मसलने का मन कर रहा है मसल ले मेरी जान कुछ नहीं बोलुंगी।
और अरुन के साथ मज़े लेने लगती है।
थोड़ी देर बाद अरुण।
सब से पहले आप को सकिंग सिखनि पड़ेगी
सिखोगी ना।
सरला: इससे तुझे मज़े आयेंगे ।
अरुण: बहुत माँ इतना की मैं बता नहीं सकता।
सरला: ठीक है मैं सीखुंगी।
अरुण: ओके और बेड से खड़ा होने लगता है।
सरला: क्या हुआ अरुन कहा जा रहे हो।
अरुण: एक मिनट रुकिये।
ओर बेड के बराबर में खड़ा हो जाता है।
और सरला को बेड पर पैर लटका कर बैठने को कहता है ।
अब पोजीशन ऐसे थी की अरुन का लंड सरला के मुह के पास था।
अरुण: माँ
सरला: हाँ बेटा।
अरुण: अब इसे प्यार करो.

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