अब कैसा महसूस हो रहा है मेरी जान।
सरला: अब ठीक है और कपडे पहनने लगती है।
और अरुन अपना लंड अंडरवियर में ड़ालने लगता है ।
सरला: एक मिनट अरुन ।
सरला उसका हाथ उसके लंड से हटाती है और उसे प्यार से सहलाती है अभी कितना अकड रहा था अपनी मम्मी के हाथों में मेरा प्यार राजा।
चिंता मत कर जीतनी देर तुझे इंतज़ार करना पड़ रहा है तेरी माँ तुझे उतना ही ज्यादा मज़े और प्यार देगी।
और घुटनो पर बैठ कर उस पे एक किस करती है और उसे अरुन के पेण्ट में बापिस डाल देति है।
और उठ कर अरुन को हग करती है ।
और आँखों में ऑंसू भरते हुए ।
सॉरी अरुन मेरी बजह से फिर तुम्हे और तुम्हारे छोटे भाई को मेरा पूरा प्यार नहीं मिला।
अरुण: माँ इस में आप की क्या गलती है।
सरला: है क्यों की कल नीतू की बजह से और आज तेरे पापा की बजह से तेरे हक़ का पूरा प्यार नहीं मिला और दोनों ही मेरी ज़िन्दगी का हिस्सा है तो उस हिसाब से गलती मेरी है।
अरुन सरला को कस कर बाँहों में लेते हुए ।
जान सबर का फल मीठा होता है और हँस देता है।
पर मन ही मन अपने बाप को गाली दे रहा था।
सरला अरुन को हंस्ता हुआ देख कर हँस देति है और दोनों घर की ओर चल देते है।
घर पहुच कर।
रमेश :कहाँ गये थे।
सरला कुछ बोलति उससे पहलें
अरुण: पापा वो नीतू को बताया तो था की मेरा एक फ्रेंड यहाँ रहता है उस्सी से मिलने गये थे।
रमेश हाँ मुझे नीतू ने बताया था।
सरला: आप तो शादी बाले दिन आने वाले थे।
रमेश: हाँ पर नीतू का फ़ोन आया था की वो भी रही है
तो मैं भी आ जाऊ तो सब की यहाँ मुलाकात हो जायेगी।
और घर में भी अकेला था इसलिए आ गया।
और फिर सब खाना का कर सोने चले गये
अगली सुबह
सब फ्रेश हो कर ब्रेकफास्ट करने लगे शादी का टाइम नज़दीक आ गया था आज से एक दिन छोड़ कर शादी थी।नीतु रवि को लेके शॉपिंग करने चलि गई और रमेश
अपने साढु भाई के साथ बिजी था और सरला लेडीज के साथ और अरुन भी सोनु की हेल्प कर रहा था।
पर सायद साक्षी को इतनी अपनी शादी की जल्दी नहीं थी ।जितनी सरला को अरुन से मिलने की।थोड़ा फ्री हो कर सरला ने अरुन को मेसेज किया ।
सरला:। ” मुझे तुम से मिलना है”
फिर अरुन सरला के पास आ गया।

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