सरला एक मिनट दीदी।
और जल्दी जल्दी अरुन को शॉर्ट्स और बनियान पहनाती है
और खुद नाइटी डाल लेती है बिना ब्रा के।
और अरुन को सोने के लिए बोल देती है और खुद दरवाजा खोलती है।
सोनिया अंदर आते हुए।
सो गयी थी क्या ।
सरला: हाँ अरुन सो गया मैं भी बस सोने ही वाली थी।
सोनिया;तू बड़े दिनों बाद आई है न इसलिए तेरे से बातें करने का मन कर रहा था इसलिए आ गई ।
फिर कल से रिश्तेदार आने लगेंगे और काम भी होगा तो बात करने का टाइम नहीं मिलेंगा।
सरला: बोलो दी।
और बता रमेश कैसे है और नीतू।
सुब अच्छे है यही बातें करते २ देर हो जाता है।अरुन इंतज़ार करते २ सो गया ।
और सोनिआ भी सरला के साथ उसकी बेड पे सो गई
और एक बार फिर
सरला अरुन को प्यार नहीं कर पाई शायद वक़्त नहीं आया था।
सोनिया जल्दी उठ जाती है और सरला को भी जगा देति है।
सरला अरुन को जगाना चाहती है पर सोनिया मना कर देती है।
और सरला को अपने साथ निचे ले जाती है।
निचे आकर सरला का मान अरुन के बिना नहीं लगता
और अरुन का इंतज़ार करती है की वो निचे आएगा।
काफी देर बाद सोनिया बोलती है लगता है अरुन जगा नहीं है।
जा सरला उसे जगा दे वो भी नास्ता कर लेगा।
जैसे ही सरला जाने को होती है सोनु बोलता है मैं उठा देता हूँ।
सरला; रहने दे सोनू मुझे भी काम है मैं ही उठा दूँगी।
सरला भाग कर उपर जाती है कहीं कोई और न उप्पर चला जाए।
रूम में पहुच कर दरवाजा बंद करती है।
और अरुन के पास जाती है उसे जगाने।
वैसे ही अरुन सोने का नाटक करता है।
अरुण: माँ मुझे भूख लगी है दूध पीना है कब से जगा हुआ हू।
सरला: मेरा बेटा रोते नहीं मम्मी आ गई है और उसका सर अपनी गोद में रख कर अपना ब्लाउज साइड से उठा कर अपना एक निप्पल अरुन के मुह में दे देती है
और अरुन उस में से दूध पीने लगता है।
सरला: सिसकारी लेते हुए मेरा बेटा इतना भूखा था तो आवाज़ दे देता अपनी माँ को मैं पहले आ जाती अपने सोना को दूध पिलाने के लिये।
अरुण: दूसरे निप्पल को ढूँढ़ता है ।
सरला: मेरे बेटा को मां का दुसरा निप्पल चाहिए खेलने के लिये और सरला अपना पूरा ब्लाउज आगे से खोल देती है ।
और अरुन दूसरे निप्पल हाथ में ले कर खेलने लगता है। और सरला की हालत ख़राब ही जाती है।
और अरुन कभी इस निप्पल तो कभी दूसरे निप्पल के खेलता रहता है।
सरला; सिसियाते हुए बेटे पेट भर गया ।
अरुण: सर हिला कर मना करते हुए।
सरल: मान जा मेरे राजा बेटे तेरी माँ को कुछ कुछ हो रहा है।
अरुण; निप्पल से मुह अलग करते हुए ।क्या हो रहा है।
सरला; वो मुझे बाथरूम आ रही है।
अरुण: झूठ मत बोलो ।क्या हो रहा है और सरला के दोनों निप्पल हाथ से पकड़ कर मसल देता है।
सरला की हलकी सी चीख़ निकल जाती है।
सरला; आराम से जानू माँ को दर्द देने में मजा आता है क्या।
अरुण; दोनों निप्पल पे किस करते हुए सॉरी मोम
और चूसने लगता है।
सरला के मुह से फिर सिसकारी निकलने लगती है
सरला: प्लीज अरुन जाने दे न बहुत जोर से अचानक सुसु आई है।
अरुण: निप्पल छोड़ कर चलो मुझे भी आई है।
सरला: चल बदमाश मम्मी के साथ सुसु करेंगा।
अरुण: हाँ तो क्या हुआ।
सरला: हुआ कुछ नहीं पर अभी नहीं कुछ दिनों बाद।
अरुण: क्यु
सरला: तुझे नहीं पता मेरे पीरियड्स चल रहे है।
अरुण: तो क्या इस टाइम सुसु नहीं करते क्या।
सरला: अरुन के सिने पे मुक्का मारते हुए ।
अरुण: क्या हुआ।
सरला: कुछ नहीं तुम निचे जाओ सुब तुम्हारा नास्ते पे वेट कर रहे है मैं फ्रेश हो कर आती हू।
अरून निचे चला जाता है।
और सरला बाथरूम में लम्बी २ साँसे लेती है
क्यूं की आज उसने पहली बार पति के लंड के अलावा दूसरे का लंड महसूस किया था वो भी अपने बेटे का जिस की बजह से सरला ने अरुन को सुसु का बहाना बनाया था।
क्यूं की सरला चाहती तो सब कुछ है पर इत्मिनान से , प्यार से आराम से, जब आसपास कोई उनको डिस्टर्ब करने वाला कोई न हो।
अभी निचे से कोई भी आ सकता था और मजा ख़राब जो जाता।।

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