अपनी सिस्टर की बात सुन कर बहुत खुश होती है और रमेश से बात करने अपने रूम में जाती है।
रमेश कौन है।
दीदी है।
उनके घर साक्षी की शादी फिक्स हो गई है हमें इनवाइट कर रही है कार्ड पोस्ट कर दिया है।
रमेश अपनी बड़ी साली से बात करता है और अपने आने की बात बोल कर फ़ोन रख देता है।
सरला दीदी तो ४ दिन पहले बोल रही है कब चलना है।
रमेश: पागल हो गई हो क्या कौन जायेगा मैं नहीं जा रहा।
सरला: वो तो नीतू की शादी में आये थे ।
रमेश: एक बार मना किया न और अगर जाऊँगा तो उसी दिन जाउँगा।
सरला: पर वो।
रमेश : सो जाओ बोल दिया ना।
सरला उदास हो कर ड्राइंग रूम में आ जाती है और रोने लगती है।
उसकी सुनने वाला कोई नहीं है।
अब वो कैसे जाये उसकी दीदी के घर की पहली शादी है।
वो सोच २ के रो रही थी अरुन आ जाता है
ओर अपनी माँ को रोते हुए देख कर।
क्या हुआ मोम।
सरला: कुछ नही।
अरुण: बोलो भी माँ मुझे आप रट हुए बिलकुल अच्छी नहीं लगती ।
सरला: वो तेरी मौसी का फ़ोन आया था साक्षी की शादी तय हो गई है और वो हमें बुला रही है पर तेरे पापा मना कर रहे है।
अरुण: बस इतनी सी बात पर मेरी बीवी रो रही है
अरुन ने ये बात कुछ इस तरह बोली की सरला की हसी छुट गई।
अरुन कब जाना है मोम।
सरला: शादी नेक्स्ट वीक है और वो कल ही बुला रहे है
अरुण: तो चलते है कल।
सरला: पर तेरे पापा ।
अरुण: कोई बात नहीं वो शादी वाले दिन आ जायेंगे हम कल चलते है।
सरला: पर वो राजी नहीं होंगे।
अरुण: वो मुझ पर छोड़ दो।
सरला: हस्ते हुए मैं तो भूल ही गई मेरा प्यार करने वाला पति तो तू ही है।
और अरुन को हग कर लेती है।
दोने गुड नाईट किस देते है और अपने २ रूम में चले जाते है।
अगली सुबह
ब्रेकफास्ट टेबल पे-
अरुन रमेश से-
अरुण: पापा आप बिजी हो ज्यादा।
रमेष: हाँ भी और नहीं भी क्यु।
अरुण: वो मौसी की कॉल आई थी।
रमेश : हाँ कल बुला रही है पर इतनी जल्दी जाने की क्या ज़रूरत है।
अरुण: पर पापा वो भी तो ५ दिन पहले आये थे और हमारी हेल्प कराइ थी दीदी की शादी में।
रमेश: वो तो है पर मैं नहीं जा सकता और तेरी माँ अकेली जायेगी नही।
अरुण; मैं ले जाता हूं।
रमेश: सरला को देखते हुआ बोलो जाओगी या मेरा वेट करना है।
वैसे भी मेरे बिना तुम जाओगी नही।

