अरुन के समझ में नहीं आया।
बाथरूम के गेट पर
अरुण:। माँ क्या हुआ
सरला: कुछ नाहि
अरुण: बोलो न माँ
सरला: अंदर क्या बोलू इसे मेरे पीरियड्स सुरु हो गये
अरुण: माँ बोलो ना
सरला:। मेरी तबीअत ख़राब हो गई बैक में पेन सुरु हो गया कुछ सोच कर बोल देति है।
उसे पता था अरुन समझ जाएगा।
अरुण: कुछ खामोश रहा और ओके बोल कर बाहर आ गया।
कुछ देर बाद सरला बाथरूम से बाहर आई और अपने रूम में चलि गई।
अंदर रूम मैं सरला-
अब अरुन को पता है क्या करेगा बो क्या बोलेगा
इस सोच में अपने सेनेटरी नैपकीन यूज़ करती है
और बाहर आ जाती है
और अरुन के पास आ कर बैठ जाती है और उसे देखने लगती है
अरुन कुछ नहीं बोलता।
थोड़ि देर बाद सरला।
सरला; चलो बहुत टाइम हो गया डिनर बनाना है।
अरुण: डिनर बनाने की कोई ज़रूरत नहीं है
सरला: क्यों खाना नहीं खाना।
अरुण: खाना है पर बाहर से माँगा लेते है।
सरला: क्यों
अरुण: आप की तबीअत ठीक नहीं है
सरला: सरला मुझे क्या हुआ।
अरुण: माँ आप ही ने बताया बैक पेन है और ४ से ५ दिन तक रहेगा ।
सरला: शरमाते हुए उसे समझ नहीं आ रहा था की अपने पीरियड्स के बारे में वो अपने बेटे से बात कर रही है।
अरुण: बोलो क्या लाना है
सरला: ये पिछले २२ साल से हो रहा है कोई नया नहीं है शादी के बाद और मैं खाना बनाती हू।
अरुण: तब मैं नहीं था।
सरला: मतलब
अरुण: मतलब मुझे पता नहीं था और अब जब पता है तो खाना नहीं बनेगा।
सरला: अच्छा कितने दिन तक।
अरुण; जब तब आप ठीक नहीं हो जाती।
सरला: पर तेरे पापा को क्या बोलोगे ।
अरुण: कुछ देर चुप रहता है
फिर मैं बात कर लुंगा।
सरला फिर सोच में तुलना करने लगती है अपने पति और बेटे की।
और अरुन बाहर से खाना माँगा लेता है ।
रमेश के आने के बाद अरुन उसे गोलियां दे देता है मीठी वाली और रमेश कुछ नहीं बोलता।
रात हो जाती है और सब अपने २ रुम मैं सोने चले जाते है।
सरला अपने बेड पे
मन ही मन खुश होते हुए की अब कोई तो है जिसे मेरी फिकर है।
और अरुन के बारे में सोचते हुए सो जाती है।
सूबह लेट सोने की बजह से सरला की आँख जल्दी नहीं खूलती।
हडबड़ा कर उठती है और फ्रेश हो किचन में जाती है रमेश और अरुन का जाने का टाइम हो गया और अभी ब्रेकफास्ट और लंच भी नही रेड़ी।
जब किचन में पहुचती है
अरुन पहले से ही वही होता है
सरला:तुम यहाँ क्या कर रहे हो।
अरुण: कुछ नहीं ब्रेकफास्ट बना रहा था।
सरला: क्यों मैं आ रही थी ना।
अरुण: याद नहीं आप की तबीअत ख़राब है।
सरला: तबीयत ख़राब बोल बोल कर तो सच में ख़राब कर देगा।
सिर्फ पीरियड्स सुरु हुए है जो मुझे १६ साल के उम्र से हो रहे है ।
सरला जोश में बोल जाती है।
और खुद के जवाब पर झेप जाती है।
अरुन भी उसकी बात सुन के उसको देखता रहता है
थोडे देर मोन रहने के बाद-
सरला: बात को सम्हलते हुए है तू क्या ऐसे क्या देख रहा है सच यही है तुझे पता ही है।
चल जा कॉलेज के लिए रेडी हो मैं ब्रेकफास्ट और लंच रेडी करती हू।
अरुन चला जाता है।
सरला को समझ नहीं आ रहा था की वो अपने बेटे से इतना कैसे खुल कर पीरियड्स पर बात कर सकती है वो उसकी माँ है बीवी नही।
कुछ देर बाद रमेश ब्रेकफास्ट कर के ऑफिस चला जाता है।
सरला: अरुन जल्दी कर बेटे कॉलेज के लिए लेट हो रहे हो।
अरुण: आया माँ ।
और दोनों बैठ कर ब्रेकफास्ट करने लगते है।
और ब्रेकफास्ट करने के बाद अरुन कॉलेज के लिए निकलता है।
सरला गेट पर सी ऑफ़ करती है अरुन को और पहली बार बोलति है कॉलेज पहुच कर कॉल करना।
अरुण:ओके बोल कर चला जाता है।
सरला मन ही मन मेरा न दिमाग ख़राब हो गया है।
थोड़ि देर में उसका मोबाइल बजता है अरुन की कॉल थी।
अरुण कॉलेज से: कॉल के लिए बोली थी माँ।
सरला: इसीलिए बोली थी ठीक से कॉलेज पहुच जाये तो बता देना। ओके अब क्लास में जाओ।
अरुण:ओके माँ बाय।
सरला अभी तक समझ नहीं पा रही थी।
कहते है न जब तब कोई एहसास न कराये प्यार का पता नहीं चलता।
घर का काम ख़तम करने के बाद वो नहाने जाती है और जब अपने सेनेटरी नेपकीन चेंज करती है तो उसे उसे याद आया ये तो लास्ट पडा है।
तभी वो मोबाइल उठती है और रमेश को कॉल करने की बजाय अरुन को कॉल करती है ।
अरुण: यस माँ
सरला: कुछ नहीं बोलती और फ़ोन काट देती है।
मैने अरुन को फ़ोन क्यों किया रमेश को करना था पैड़ मांगने के लिये।
तभी अरुन की कॉल आ जाती है।
सरला कॉल डिसकनेक्ट कर देति है।
करुन फिर कॉल करता है।
सरला कॉल पिक्क नहीं करती
और कॉल डिसकनेक्ट करके मेसेज कर देति है
” मेरे सेनेटरी नैपकीन ख़तम हो गये थे इस लिए तेरे पापा को कॉल कर रही थी की लेते आना पर गलती से तेरे पास कॉल लग गई “।
और फ़ोन रख देति है।
और रमेश को कॉल कर के बोल देति है।
शाम को अरुन कॉलेज से आया है सरला उसको अवॉयड करती है ।
हलकी फुलकी बात होती है ।

