Update 47
और वो बेचारा मन ही मन उसे गालियाँ देता हुआ उसे फिर से चाटने लगा
और काव्या उत्तेजना के शिखर पर पहुँचकर जब झड़ने लगी तो मन ही मन मुस्कुरा भी रही थी
की किस तरहा से लोकेश उसके इशारे पर नाच रहा है
उसने अपने जिस्म का इस्तेमाल करके उसे अपना दीवाना बना लिया था
पर जो काम वो करवाना चाहती थी, उसके लिए अपने पास एक हुक्म के इकके को बचाकर रखना ज़रूरी था
और वो हुक्म का इक्का था उसकी कुँवारी चूत
कुँवारी चूत एक ऐसी चीज़ होती है जिसे मारने के लिए आदमी कुछ भी कर सकता है
और यही हाल इस वक़्त लोकेश का हो रहा था, उसके मन मे पता नही क्या-2 चल रहा था, की ये क्यो अपनी चूत बचा कर रख रही है, इतना कुछ तो कर ही चुकी है, तो इसके लिए क्यो मना कर रही है
पर वो कर भी क्या सकता था, ज़बरदस्ती वो कर नही सकता था
सिर्फ़ उस समय का वेट कर सकता था जब वो इसके लिए राज़ी हो जाए
कुँवारी चूत एक ऐसी चीज़ होती है जिसे मारने के लिए आदमी कुछ भी कर सकता है
और यही हाल इस वक़्त लोकेश का हो रहा था, उसके मन मे पता नही क्या-2 चल रहा था, की ये क्यो अपनी चूत बचा कर रख रही है, इतना कुछ तो कर ही चुकी है, तो इसके लिए क्यो मना कर रही है
पर वो कर भी क्या सकता था, ज़बरदस्ती वो कर नही सकता था
सिर्फ़ उस समय का वेट कर सकता था जब वो इसके लिए राज़ी हो जाए
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अब आगे
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अपना काम करवा कर काव्या वहा से निकल कर अपने कमरे मे आ गयी, और हमेशा की तरह उसने अपनी सहेली श्वेता को सारी बाते बता डाली, श्वेता भी उसकी पर्फॉर्मेन्स से काफ़ी खुश थी, क्योंकि अभी तक सब कुछ उनके अनुसार ही चल रहा था.
एक इंसान को उस चीज़ की चाहत तब तक रहती है, जब तक वो उसे ना मिल जाए, और यही हाल इस समय लोकेश का हो रहा था, काव्या की कुँवारी चूत उसके मुँह तक आकर निकल गयी थी, वो उसे मार नही पाया था…
और उसकी चूत मारने की चाहत अब और भी बढ़ चुकी थी, और इसके लिए वो कुछ भी करने को तय्यार था, पर समझ नही पा रहा था की आख़िर काव्या क्या चाहती है.
अगले दिन भी यही सिलसिला चला, वो उसके कमरे मे आई, दोनो ने चाटम – चाटी की पर चुदाई नहीं करने दी काव्या ने, ज़्यादा ज़ोर देने पर सिर्फ़ इतना कहा की वक़्त आने पर वो सब भी करेगी, पर इसके लिए उन्हे तोड़ा इंतजार करना होगा.
अगले दिन वो सब वापिस निकल पड़े, एक हफ्ते का हनिमून मना कर समीर और रश्मि भी काफ़ी खुश थे.
वापिस आकर काव्या सीधे श्वेता के घर गयी.
दोनो एक दूसरे से मिलकर काफ़ी खुश हुए और श्वेता ने तो काव्या के होंठों पर एक जोरदार किस भी कर दी.
वो चोंक कर बोली : “ये क्या कर रही है, आंटी ने देख लिया तो ??”
श्वेता : “कोई नही देखेगा, मम्मी घर पर नही है”
इतना सुनते ही काव्या की आँखे भी चमक उठी और उसने भी दुगने उत्साह के साथ उसके होंठों को चूम लिया
और ऐसे ही चूमते-2 दोनो सहेलिया श्वेता के रूम तक पहुँच गयी और दोनो एक दूसरे के कपड़े भी उतारती चली गयी.
अब तक दोनो उत्तेजना के शिखर पर पहुँच चुकी थी..

