Update 44
लोकेश (हंसते हुए) : “इस वक़्त कोई नही जाग रहा होगा, और तुम्हारे मम्मी-पापा तो मस्ती का खेल खेलकर आराम कर रहे होंगे…उनकी आवाज़ें नीचे तक आ रही थी”
काव्या उसकी बात सुनकर मुस्कुरा उठी
उसकी नज़रें लोकेश की बॉडी से होती हुई उसके उभार तक जा पहुँची
काव्या ने एक झटके मे उसका टॉवल खींच कर नीचे गिरा दिया
लोकेश को इस बात की आशा भी नही थी, वो अपने लॅंड को अपने हाथों से ढक कर उसे छुपाने की कोशिश करने लगा
काव्या (हंसते हुए) : “हा हा, आप तो ऐसे शरमा रहे है, जैसे मैने इसे पहले देखा ही नही , भूल गये, कैसे आप मेरे सामने पुर नंगे होकर बैठे थे ”
तब तक लोकेश भी संभल चुका था, क्योंकि उसे भी पता था की रात के इस समय काव्या उसके रूम मे क्या करने के लिए आई है और जब उसने टॉवल खींच कर गिरा दिया तो वो समझ गया की आज की रात उसकी चाँदी होने वाली है
वो बोला : “वहाँ नाव मे तो तुम भी पूरी नंगी थी ”
उसकी बात सुनकर काव्या की मुस्कान गायब हो गयी और उसकी जगह कामुक हाव भाव ने ले ली, उसने अपनी टी शर्ट को पकड़ा और उसे उतार दिया और अपनी छोटी सी निक्कर को भी पकड़ कर नीचे खिसका दिया
अब वो सिर्फ़ अपनी ब्रा और पेंटी मे थी
वो मदहोशी वाली चाल मे चलती हुई आगे आई और लोकेश के पास जाकर रुक गयी , दोनो एक दूसरे की साँसे अपने चेहरे पर महसूस कर पा रहे थे
काव्या ने लोकेश के हाथों को पकड़ा और उन्हे अपनी कमर के उपर की तरफ रख दिया और उपर खिसकाने लगी उन्हे
लोकेश समझ गया की वो अपनी ब्रा उसके हाथों से खुलवाना चाहती थी
उसने भी धीरे-2 हाथ खिसका कर उसकी ब्रा के हुक खोल दिए और वो फिसलकर नीचे जा गिरी
फिर उन्ही हाथों को पकड़कर काव्या ने अपनी पेंटी पर रख दिया
लोकेश फिर समझ गया की वो अपनी पेंटी भी उतरवाना चाहती है
लोकेश का लॅंड इस समय तक झटके मारता हुआ काव्या के पेट पर ज़ोर-2 से दस्तक दे रहा था
काव्या की पिंक पेंटी को भी खिसका कर लोकेश ने नीचे कर दिया
और अब थी काव्या पूरी नंगी, जैसे की लोकेश था इस समय
काव्या : “अब तो ठीक है ना, मैं भी पूरी न्यूड हो गयी हू अब तो , चलो अब शुरू हो जाओ, तुमने कहा था की मेरे एहसान का बदला उतरोगे”
लोकेश को याद आ गयी अपनी बात , जब नाव मे काव्या ने उसका लॅंड चूसा था तो उसने ये बात कही थी

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