Update 34
और उसे पता चल गया की वो वक़्त आ गया है जब आज के दिन का आखिरी शरबत उसके लंड से निकलने वाला है…
पर अब वो सारा रस रश्मि के मुंह में निकालना चाहता था, उसने जल्दी से अपना खीरा उसकी गांड से बाहर निकाला और उसे नीचे बिठा कर उसके सामने खड़ा हो गया, और रश्मि ने भी झट से अपने मालिक के लंड को अपने मुंह के अंदर लिया और उसे चूसने लगी..
और तभी एक तड़तड़ाहट के साथ समीर के लंड से सफ़ेद रस की लहरें निकालकर उसके मुंह के अंदर जाने लगी, उसने भी बिना किसी झिझक के वो सारी मलाई अंदर निगल ली और उसे चाट चाटकर पीने लगी
और यही वो वक़्त था जब समीर की नजरें पीछे खड़ी हुई नाव पर पड़ी, जिसमे बैठे हुए काव्या और लोकेश अपना मुंह फाड़े न जाने कब से उनकी चुदाई का वो खेल देख रहे थे..
एक पल के लिए तो समीर को समझ में नहीं आया की वो क्या करे, वैसे तो लोकेश के साथ मिलकर उसने ना जाने कितनी लड़कियों को एक दूसरे के सामने ही चोदा था, पर आज जिसे वो चोद रहा था वो उसकी पत्नी थी, और फिर ना जाने कैसे उसके मन में आया की पत्नी है तो क्या हुआ, है तो वो एक औरत ही न, लोकेश ने पहले भी उसे कितनी औरतों को चोदते हुए देखा है, अगर उसकी पत्नी को भी देख लिया तो क्या हुआ..
और फिर उसका ध्यान काव्या की तरफ गया, जो बिना पलकें झपकाये अपनी माँ को समीर का लंड चूसते हुए देख रही थी ..
काव्या को देखकर एक पल के लिए तो समीर घबरा गया और अंदर भागने की सोचने लगा पर फिर न जाने क्या सोचकर वो वहीँ खड़ा रहा और अपनी नयी बेटी को अपना खड़ा हुआ लंड उसकी माँ के हाथों चूसता हुआ दिखने लगा..
एक कच्ची कली को देखकर जो हाल एक 45 साल के इंसान का होता है, वही हाल समीर का हो रहा था, उसने नोट किया की काव्या की नजरें उसके भरे हुए लंड से हट ही नहीं रही है , यानी उसका भी चांस है काव्या को चोदने का ……ये सोचकर वो अपनी मर्दानगी पर मंद ही मंद मुस्कुराने लगा ..
समीर को मंद -२ मुस्कुराता हुआ देखकर, उसकी नजरों का पीछा करते हुए रश्मि एक झटके से पलटी और लोकेश और अपनी बेटी को वहां पाकर उसके तो होशो -हवास ही उड़ गए, उसने झटके से पास पड़े हुए टावल को उठाया और समीर को दिया और खुद को पास ही पड़ी एक चादर से ढक लिया ..
रश्मि : “आप बोल नहीं सकते थे की ये लोग वापिस आ गए हैं, आपको शर्म नहीं आई ये सब इन्हे दिखाते हुए, ”
समीर अपना टावल लपेटता हुआ बोला : “मैंने भी अभी देखा इन्हे, अब इतना भी इशू मत बनाओ इस छोटी सी बात का, काव्या भी अब इन बातों को समझती है ”
उसने मुस्कुराते हुए काव्या की तरफ देखा, जिसने एक तिरछी नजर अपनी माँ पर डाली और दूसरी समीर पर, और फिर बिना कुछ बोले वहां से भागकर ऊपर अपने कमरे में चली गयी..
लोकेश : “यार, तूने ही तो कहा था एक घंटे के बाद आने के लिए, देख ले, पुरे एक घंटे के बाद ही आये हैं, वरना मेरा इरादा तुम लोगो को ऐसा देखने का बिलकुल भी नहीं था, सॉरी भाभी …..”
और इतना बोलकर वो भी अपने रूम में चला गया..
समीर जानता था की अभी एक घंटा नही हुआ है, उसके हरामीपन पर वो फिर से मुस्कुरा दिया..
समीर को बेशर्मों की तरह मुस्कुराता हुआ देखकर रश्मि गुस्से में अपना पैर पटकते हुए ऊपर अपने कमरे की तरफ चल दी.
और उसके पीछे -२ समीर भी.

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