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Update 34
शादी को बस दो ही दिन बचे थे,साथ ही डील को भी,हर गतिविधियों पर एक साथ नजर रखी जा रही थी ,रात भी मैं घर नही गया था लेकिन कही किसी गतिविधियों का पता नही चला था,दोपहर हो चुका था जो की मीटिंग का समय था ,

लोग फिर से अब्दुल के फार्महाउस में आने लगे थे कोई 3 लोगो की आवाज आ रही थी लेकिन अभी अब्दुल और मोना नही आये थे …

थोड़ी देर बाद ही दोनो भी आ गए ..

‘काम में दो ही दिन बचे है और ये इमरजेंसी मीटिंग किसलिए ..?’

एक आदमी चिल्लाया ..

‘शांत हो जाओ माल का आखिरी ट्रक भी आ चुका है,..’

‘ये हमे पता है ये बताने के लिए बुलाया है ..’

‘नही बल्कि ये बताने के लिए की अब डील परसो नही बल्कि उसके एक दिन बाद होगी..’मोना की आवाज आयी

‘वाट ..’वँहा बैठे सभी तीनो लोग एक साथ ही चिल्लाए

‘पागल हो गए हो क्या क्लाइंट दूसरे शहर से नही देश के बाहर से आ रहा है अगर कुछ गड़बड़ हो गई तो …और वो डील भी कैंसल कर सकते है ..’

‘उनसे हम बात कर लेंगे ..’मोना फिर से बोली

‘चुप कर छिनाल ये तेरा ही आईडिया होगा ..’

ये आवाज ठाकुर की थी

‘ठाकुर ..तमीज से बात कर ..’अब्दुल भड़क गया था ..

‘देखो उस दिन मंन्त्री के बेटी की शादी है तुम सब को बताने की जरूरत नही की किसी ने उसी शादी में मंन्त्री को मारने की भी धमकी दे रखी है ,और तुम DSP अभिषेक और इंस्पेक्टर विक्रम को अच्छे से जानते हो वो बाल की खाल खिंचने वालो में से है..सारे नाकों पर पुलिस होगी ,हो सकता है की समुद्र के किनारों में भी गस्त की जाए …खतरा ज्यादा रहेगा ..’

मोना ने सबको समझाया ..

‘लेकिन तुमने ही तो कहा था की वही दिन ठीक है और समुद्र कौन सा शहर के पास है ..’

‘हा मैंने कहा था लेकिन उस समय किसी को जान से मारने की कोई भी धमकी नही दी गई थी ..और ऐसे भी एक खुशखबरी भी है की शादी की रात को ही अभिषेक स्विटीजरलैंड जाने वाला है ,तो काम और भी आसान हो जाएगा ‘

मोना की बात सुनकर सभी तो चुप हो गए लेकिन मेरे माथे पर पसीना आ गया लगा की सारे किये कराए पर पानी फिर गया..

‘वो अकेला जाएगा ..या तू भी ‘ठाकुर ने फिर से कहा

‘ये क्यो जाएगी ??’

किसी दूसरे व्यक्ति ने पूछ लिया

‘क्योकि ये उसकी बीवी है ..’

‘क्या??’बाकी के दोनो लोग ऐसे चौके जैसे भूत देख लिया हो,मैं इस समय अब्दुल और मोना का चहरा तो नही देख पा रहा था लेकिन मुझे मालूम था की ठाकुर की इस बात से वो जरूर गुस्सा हुए होंगे,सालो ने मेरी इज्जत सरे बाजार उछालने की कसम खा ली थी..

‘हा मैं भी जाऊंगी और ऐसे भी इस काम में मेरा क्या काम है,तुम तो हमेशा से यही चाहते थे की मैं इस डील में ना रहू ..’

मोना का स्वर ठंडा था..

‘ह्म्म्म तो ठीक है शादी के एक दिन के बाद ही डील होगी लेकिन अगर क्लाइंट नही माने तो ये तुम्हारी जिम्मेदारी ..’

‘हमने उनसे बात कर ली थी ,वो मान गए है बस तुम लोग अपनी तैयारी रखना ..’

अब्दुल इतना बोलकर शायद वँहा से निकल गया …….

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