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Update 18
सुबह मुझे अपने काम भी जाना था ,मैं अपने ऑफिस पहुचा और मुझे मोना की बात याद आ गई ,मैंने अपना मोबाइल निकाला और देखने लगा,चार लोगो के मेसेज थे ,

शर्मा,राज,रोहित और अब्दुल ..

मैं सोच में पड़ गया की ये आज मोना को हो क्या गया है सभी को लाइन में ला रही है ..

शर्मा के साथ कुछ हँसी मजाक तक ही सीमित थी ,वही राज ने कई बार उसे कहा की तुम आजकल ज्यादा बात क्यो नही करती जवाब में मोना ने उसे कहा था की अब से करूंगी फिक्र मत करो …

अब्दुल फिर से कही साथ जाने की जिद में था ,मोना ने उसे भी आश्वासन दे रखा था ,लेकिन मेरे दिल के किसी कोने से ये आवाज भी आ रही थी की मोना इन सबके साथ कुछ नही करने वाली,उसका उद्देश्य बस मुझे जलाना था ..

मेरा इंटरेस्ट था रोहित ,आखिर रोहित के साथ वो कैसे विहेब करेगी ,

रोहित को मेसेज में उसने बस यही लिखा था की आज मिलते है ,रोहित थोड़े गुस्से में था और मोना ने उसे बड़े से प्यार से मनाया,और आज मिलने और साथ थोड़ा वक्त बिताने की बात कही …

मैं इन सबको पढा ही था की मोना का काल मेरे मोबाइल में आ गया..

“हैलो मेरी जान “

वो हल्के से मुस्कुराई

“कल वाली बात याद है ना ..”

उसने सीधे ही कहा

“हाँ क्यो ..”

“कुछ नही बस आज जलना शुरू कर दो ..”

“मतलब “

“मतलब मेरे सारे मेसेज तो पढ़ ही लिए होंगे..”

मैं बुरी तरह से चौक गया आखिर इसे कैसे पता ..??

“क्या बोल रही हो ..”

वो खिलखिलाई

“जान मैं एक जासूस की बीवी हु,आपके व्यहार से ही थोड़ा शक सा हो गया था की इन्हें मेरे बारे में कैसे पता चल रहा है,मैंने फोन की जांच करवाई तो आपके दो स्पाई सॉफ्टवेयर मिल गए ,तो आज आपको मेसेज पढा दिया,लेकिन माफ करना अब से कोई मेसेज और काल आप तक नही पहुचेगा “

वो बेहद ही शरारत से हँसी ,

“अरे जान तुम तो ..”

“हो गया आपका बहुत ,अब देखती हु मेरे जान की हालत क्या होगी ,जलने का इतना शौक था ना तो जलो अब,और करो जासूसी …मुझसे कोई उम्मीद मत रखना की मैं कुछ बतलाने वाली हु …”

उसने हंसते हुए काल काट दिया ,मैं सर खुजाते रह गया,आखिर ये करने क्या वाली है ,क्या ये सच में किसी के साथ अफेयर करने वाली है…मुझे तो नही लगता की मोना कुछ ऐसा करेगी लेकिन फिर भी एक शख्स के ऊपर थोड़ा डाउट जरूर था वो था रोहित …

मोना आज ही उससे मिलने वाली थी ,मेरा दिमाग बार बार वही जा रहा था की आखिर वो क्या कर रहे होंगे,मैंने एक रिस्क तो ले लिया था अब इस पाप की सजा भी तो मुझे ही भुगतनी थी,मोना एक मेच्योर लड़की थी लेकिन रोहित के सामने भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाती थी ,वही उसे ये भी पता था की मैं अगर गुस्से में आ जाऊ तो क्या करूंगा लेकिन फिर भी उसने मुझे जलाने की सोची थी ,वो अपने कदम बेहद ही फूंक फूंक कर रखने वाली थी ,मुझे उसके दिमाग पर भरोसा था लेकिन ये खेल कही ऐसे मुकाम में मत पहुच जाय की हमारे रिश्ते में दरार आ जाए ,ये एक चिंता शायद हम दोनो को ही थी

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मैं मोना की बात से अपना सर पकड़े हुए बैठा था की मेरे मोबाइल पर एक काल आया वो काल गृहमंत्री जी का था,

मैंने अपने सर को झटका ये साली फिर से एक नई मुस्किबत आ गई ..

“हैलो सर “

“क्या भई अभिषेक हमारे काम पर ध्यान नही दे रह हो यार अब तो तुम डियूटी भी जॉइन कर लिए हो और तुम्हारा प्रमोसन भी होने वाला है “

“बस सर आपके ही काम के बारे में सोच रहा था,”

“सोचो मत करो अब समय आ गया है की तुम जाकर डॉली से मिल ही लो,अगर कोई परेशानी हो तो कहो वरना मैं किसी दूसरे को इस काम में लगाऊंगा …”

मंत्री जी की बात सुनकर मैंने एक गहरी सांस ली ,

“आपको लगता है की कोई और आपके काम को मुझसे बेहतर कर सकता है..”

“इसलिए तो तुम्हे चुना है ,लेकिन तुम्हे भी इसमें इमोशनल नही होना है ,और इसे पर्सनल में मत ले लेना वरना काम हमारा ही बिगड़ जाएगा ,”

“जी सर लेकिन इसके लिए मुह थोड़े फंड की जरूरत होगी ,मैं सरकारी खर्च में तो नही कर सकता ना आपका काम “

मंत्री जी की हल्की सी हँसी सुनाई दी ..

“मैं समझता हु थोड़ी ही देर में मेरा एक आदमी तुम्हारे पास आएगा और तुम्हे एक ATM और पासवर्ड दे जाएगा,10 लाख है जैसा चाहो खर्च करो ,जरूरत हो तो और बताना …”

10 लाख साला जनता का ही तो पैसा है …

“ठीक है सर मैं आज ही निकल जाता हु “

थोड़ी ही देर में मुझे ATM मिल गया,मंत्री जी की तरफ से तो मुझे खुली छूट थी की मैं उनका काम कैसे करू ,उन्हें बस एक ही चीज से मतलब था वो था की

1. उनकी उस बेटी का राज दुनिया के सामने मत आये,

2. उनकी बेटी एक सही निर्णय पर पहुचे ,जिसमे मुझे उसकी मदद करनी थी

3. उस निर्णय को मंत्री जी का निर्णय बनाना (ये काम मैं मंत्री नही किसी और के लिए कर रहा था )

तीनो चीजों को दिमाग में रख कर मैं तुरंत ही घर के ओर निकला ,अब मोना का मोबाइल का एक्सेज तो मेरे पास नही था ,और जासूसी तो मुझे करनी ही थी ,मैंने पूरे घर में 5 जगह कैमरे लगा दिए …ऐसे मेरे घर में 4 ही कमरे थे ,2 बेडरूम एक हाल और एक किचन…और एक कैमरा मैंने घर के इंट्री में लगा दिया था,सभी को मैं अपने मोबाइल या लेपटॉप से कंट्रोल कर सकता था,मैं अपने पर थोड़ा इतरा कर वँहा से निकल गया…

रास्ते में ही मैंने मोना को फोन कर दिया

“जान मुझे काम से बाहर जाना पड़ रहा है ,शायद 1-2 दिन या और ज्यादा मैं अभी नही कह सकता ,”

“क्या..?? ठीक है ,लेकिन आप तो मेरी जासूसी करने वाले थे क्या हुआ,और मुझे ऐसे खुली छोड़कर जा रहे हो,इस बीच कुछ हो गया तो “

उसकी शरारती आवाज मेरे कानो में पड़ी ,कितनी कमीनी हो गई थी ये ..

“खबरदार ..ऐसे भी तुम कुछ भी करो मुझे उसका पता चल जाएगा ..”मैंने अपनी होशियारी दिखाई

“ओहो मिस्टर जासूस देखते है ..ऐसे अभी मैं रोहित के साथ हु,अब आप नही हो तो साथ ही डिनर भी कर लेंगे,और रात को घर में …”

मेरा खून खोल गया …

मुझे चुप देखकर वो हल्के से हँसी ..

“जली ना जान ..”वो हँस पड़ी

“चुपकर कुछ की का तो देखना मैं क्या करता हु “

“अच्छा मैंने क्या किया है आपको कैसे पता चलेगा ..”

“मैं पता कर लूंगा ..”

“देखते है,..ऐसे आपके काम के लिए बेस्ट ऑफ लक ,और एक चीज जो कभी मत भूलना ..”

वो थोड़ी देर तक शांत रही

“आई लव यू जान ..”उसने पूरी शिद्दत से कहा ,मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई ,मेरी बीवी थी तो लाजवाब ..

“लव यू मेरी जान,..अपना ख्याल रखना कही मुझे जलाने की चक्कर में खुद को मत फंसा लेना “

वो हँस पड़ी

“अगर फंसी तो इतना भरोसा है की आप मुझे निकाल लोगे ,आपके ही दम पर खतरा उठा रही हु ,अब तो आपको भरपूर जलाऊंगी और खुद भी मजे लुंगी ,आप बैठ कर अपना मसलते रहना ..”वो जोरो से हँसी मेरे चहरे पर भी एक मुस्कान आ गई

“तू बहुत ही बदमाश हो गई है ..”

“आपने ही तो बनाया है ..”

“चलो जाना है लव यू ख्याल रखना ..”

“लव यू मेरी जान आप भी अपना ख्याल रखना और ज्यादा जलना मत..”एक हँसी के साथ हम दोनो थोड़ा इमोशनल हो गए और फोन कट गया…

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