कमसिन बहन – Update 4 | Incest Sex Story

कमसिन बहन - Incest Seductive Sex Story
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उसने नेहा को अपने पास बिठाया और सारी पिक्स एक-2 करके दिखाई..पिक्स तो अच्छी थी पर वो अपनी बॉडी को सही से उभार नही रही थी…विक्की : “देख नेहा, मॉडेल बनने के लिए तुझे अपनी बॉडी को अच्छे से बेझिझक दिखाना होगा….जैसे ये देख, मेरी पिक्स में था….” नेहा ने भी नोट किया की उसके भाई मे फोटो खिंचवाते हुए कितना कॉन्फिडेन्स था…

नेहा : “हां भाई….आप सही कह रहे हो….आई थिंक मुझे थोड़ा टाइम लगेगा ये सब सीखने में …”
इतना कहकर वो मुस्कुरा दी..विक्की ने भी उसकी मोटी जाँघो को निहारते हुए मन ही मन में कहा ‘मेरे साथ रहेगी तो ज़्यादा टाइम नही लगेगा….’
नेहा बेचारी नही जानती थी की विक्की के मन में क्या चल रहा है.

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अब आगे
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उसके बाद विक्की ने उसकी एक भी पिक नही ली….
शायद वो उसे बताना चाहता था की अगली फोटोस के लिए तो अभी सही से तैयार नही है..

नीचे जाने से पहले नेहा ने एक बार फिर से विक्की की टी शर्ट उसी के सामने उतारी और अपने कपड़े पहन कर नीचे चली गयी…
पर वो ये नही जान पाई की विक्की ने फ्लेश ऑफ करके चुपके से उसके नंगेपन को अपने केमरे में समेट लिया था जिसे वो पूरी रात मुठ मारते हुए एकटक देखता रहा और अपनी आगे की प्लानिंग करता रहा.

अगली दिन उसने एक अच्छा सा प्लान बनाया और कैमरा और नेहा के कुछ कपड़े साथ में लेकर नेहा को स्कूल से लेने के लिए निकल पड़ा..

हमेशा की तरह वो दोनो कमसिन कालियां स्कूल की छुट्टी होते ही भागती हुई बाहर निकली ताकि रोज की तरह चॉकलेट आइस्क्रीम जीतने और खाने को मिले..
और आज नेहा आगे निकली..
शायद कल की हार और रात को अपने भाई से मिली स्पेशल अटेन्शन का असर था की वो उसके पास पहले पहुँची…

भागती हुई नेहा को अपनी बाहो में संभालते हुए विक्की की बाजू उसके बूब्स से टच कर गयी…..
ये नेहा के लिए तो आम सी बात थी पर विक्की अपनी बाजू को उसके मुम्मे पर काफ़ी देर तक रगड़ता रहा…
इस बार नेहा जीती थी इसलिए वो विक्की के पीछे बैठने वाली थी…

मंजू बेचारी का चेहरा बयान कर रहा था की उसके दिल पर क्या बीत रही है आज हारने के बाद…
अब ये आइस्क्रीम खोने का गम था या विक्की के पीछे बैठकर अपने मुम्मे ना रगड़ने की झुंझलाहट,
ये तो वही जाने पर उसका चेहरा देखते ही बनता था.

आइस्क्रीम खाते हुए नेहा बोली : “भैय्या , आज मंजू हमारे घर ही रहेगी शाम तक, खाना भी वहीं खाएगी…इसके मम्मी पापा किसी काम से शहर से बाहर गये है….”

विक्की ने जो प्लान बना रखा था उसमे मंजू तो शामिल थी ही नही…
पर चतुर लोगो की यही तो पहचान होती है, हालात के अनुसार वो अपना प्लान बदल भी देते है…

विक्की ने जल्द से दूसरा प्लान बनाया और बोला : “चलो , ये तो अच्छा है, यानी मंजू भी आज हमारे साथ शूटिंग के लिए चल सकती है….”

शूटिंग वर्ड ही ऐसा था की नेहा के चेहरे का नूर एकदम से बढ़ गया….
मंजू भी हैरानी भारी नज़रों से उन दोनो को देख रही थी की मुझे भी तो बताओ, आख़िर ये चक्कर क्या है शूटिंग का…

मंजू के चेहरे के भाव देखकर नेहा ने जल्दी से उसे कल रात का सारा किस्सा सुना डाला…
ये भी बताया की उसने भी फोटो खिंचवाई थी…और विक्की की फोटो खींची भी थी…

ये सुनकर उसके अंदर की कुलबुलाहट भी सॉफ दिखाई देने लग गयी….
अपनी फोटो खिंचवाना भला किस लड़की को पसंद नही होता और वो भी DSLR कैमरे से…

इसलिए उसने तुरंत साथ चलने के लिए हाँ कर दी….
भला वो ऐसी शूटिंग कैसे मिस कर दे…

विक्की का पहले तो प्लान यही था की मंजू को उसके घर छोड़कर नेहा के साथ दूर किसी खेत या ऐसी जगह पर जाकर पिक्स खींचे जहा फोटो अच्छी आए और उन्हें देखने वाला भी कोई ना हो ताकि वो उसके रसीले जिस्म का आनंद सही से ले पाए, पर मंजू के आ जाने के बाद प्लान में थोड़ा बहुत बदलाव करना पड़ा था, जो विक्की के लिए बहुत आसान सा था, और मंजू के आ जाने के बाद तो प्लान और भी अच्छा बना लिया था उसने…

वो उन दोनो को लेकर अपने शहर की बाउन्ड्री पर बने एक पुराने से किले पर ले आया…
वहाँ अक्सर शाम के समय युगल प्रेमी प्रेमिका आकर चूमा चाटी किया करते थे, पर इस वक़्त दिन का समय था इसलिए वहां तो कुत्ता भी नही भोंक रहा था…
एकदम सुनसान जगह थी वो, उनकी शूटिंग के लिए..
और बाकी सब काम के लिए भी.

दोनो सहेलियां शूटिंग के नाम से इतनी एक्साईटिड थी की उन्होने इतनी दूर आने का और ऐसी जगह पर फोटो खिंचवाने का विरोध भी नही किया…

अंदर जाते ही विक्की ने कैमरा निकालकर नेहा को दिया जो बड़ी शान से उसके फंक्शंस का इस्तेमाल करते हुए अपने भाई की फोटो खींचने लगी..

 

आज विक्की पहले से ही शेव करके, नयी जीन्स और वाइट शर्ट पहनकर किसी हीरो जैसा चिकना बनकर आया था…
साथ में उसने ब्लैक कलर का चश्मा भी डाल लिया, ऐसा करके वो सच में किसी हीरो से कम नही लग रहा था..

मंजू तो उसे देखकर मन ही मन खुश हो रही थी,
उसे शायद अपनी सहेली के भाई की तरफ एक आकर्षण का एहसास हो रहा था…
होता भी क्यों नही, कल उसके पीछे बैठकर जो एहसास उसे मिला था वो पूरी रात उसे याद करती रही थी..

वो तीनो उस किले के अंदर गये और उपर खड़े होकर, जहाँ से पूरा शहर दिखाई देता था वहां से नेहा ने एक -2 करके उसकी पिक्स लेनी शुरू कर दी…
दिन की रोशनी में और अच्छे बेकग्राउंड की वजह से कमाल की पिक्स आ रही थी…

कुछ देर बाद विक्की ने नेहा से कहा : “अब तुम आओ नेहा, मैं तुम्हारी फोटो लेता हूँ ….”

नेहा : “पर भैय्या, मेरी हालत देख रहे हो…स्कूल ड्रेस में हूँ …और वो भी सुबह से अब तक इतनी गंदी हो चुकी है….देखो तो…”

सही कह रही थी वो, उसकी वाइट शर्ट पर जगह -2 दाग लगे हुए थे…
ऐसी हालत में वो भला कैसे फोटो खिंचवाती..

विक्की ने मुस्कुराते हुए अपना बेग उठाया और बोला : “और इसलिए मैं पहले से ही तुम्हारी अलमारी में से कपड़े निकाल कर ले आया हूँ …”

ये सुनते ही वो हैरान रह गयी….
उसकी अलमारी में से कपड़े निकाल कर लाया था उसका भाई, कितना ख़याल था उसे अपनी छोटी बहन का..

वो ये सुनते ही खुश हो गयी और जल्दी से बेग विक्की के हाथ से लेकर अपने कपड़े देखने लगी…

विक्की उसके लिए एक जीन्स की शोर्टस टी शर्ट लाया था…
जो उसने करीब 1 साल से पहनी भी नही थी, छोटी हो चुकी थी वो…

नेहा : “ओोह भैय्या , ये कपड़े लाए हो…शॉर्टस तो चलो ठीक है पर ये टी शर्ट, ये तो बहुत टाइट है मुझे…”

विक्की : “देख नेहा, मॉडल्स ऐसे ही कपड़े पहनते है, जिसमें उनकी बॉडी दिखे, ढीले कपड़ों में तो सारा शरीर ढक ही जाएगा, ऐसा लगेगा जैसे किसी और के माँगे हुए कपड़े है…चल अब, देर ना कर, इन्हे बदल ले और मुँह धोकर जल्दी से आ, देर हो रही है…”

वो अपने साथ मुँह धोने के लिए पानी की बॉटल भी लाया था…

नेहा ने कपड़े लिए और बोली : “पर भैय्या , मैं कपड़े बदलूँ कहाँ पर…यहाँ तो चारों तरफ एकदम खुल्ला है…”

विक्की ने एक गहरी नज़र मंजू पर डाली और बोला : “देख नेहा, मैने कल भी समझाया था ना, इस लाइन में शर्म त्यागनी पड़ती है….मॉडेल्स की जब रेम्प वॉक होती है ना, उन्हे कपड़े बदलने के लिए अलग से चेंजिंग रूम नही मिलता, वहीं एक दूसरे के सामने वो नंगे होकर कपड़े बदलते है, ये तो आम सी बात है, और वैसे भी कल रात भी तूने मेरे सामने कपड़े बदले थे ना, तो इसमे क्या नया है , मंजू तो तेरी सहेली है, इस से भला क्या शरमाना और हमारे सिवा यहाँ दूर -2 तक कोई भी नही है….”

विक्की की बात सुनकर मंजू की आँखे फटी रह गयी,
वो इमेजीन भी नही कर सकती थी की नेहा ने कल अपने भाई के सामने कपड़े बदले थे,
और उस कमिनी ने ये बात उसे बताई भी नही थी…

विक्की ने मंजू से पूछा : “तुम्हे तो कोई प्राब्लम नही है ना….”

बेचारी भला क्या कहती, उसने ना में सिर हिलाया और नेहा को जल्दी से कपड़े बदलने के लिए कहा.

नेहा ने शरमाते हुए दूसरी तरफ मुँह किया और अपनी स्कूल की शर्ट उतार दी…

नीचे उसने ब्रा नही पहनी थी, उसकी नंगी कमर देखकर विक्की की नज़रे एकदम लाल सी हो गयी, दिन की रोशनी में ऐसा लग रहा था जैसे किसी नागिन की बलखाती कमर पर नागमडी का प्रकाश पड़ रहा है…
उसने धीरे-2 अपनी स्कर्ट भी उतार दी, अब वो सिर्फ़ एक ब्लेक कलर की चड्डी में खड़ी थी…

कपड़े उतारने से पहले वो अपने दूसरे कपड़े लेना तो भूल ही गयी थी,
वो बेग अभी तक विक्की के हाथ में था, उसने मुढ़कर देखा और विक्की से कपड़े लेने के लिए हाथ बढ़ाये …
विक्की एक झटके से खुद ही वो कपड़े लेकर उसके सामने आकर खड़ा हो गया..

ये पल नेहा के लिए बड़ा ही शर्म से भरा था,
क्योंकि इस वक़्त विक्की ठीक उसके सामने खड़ा था और वो उसकी छातियों को अच्छे से देख पा रहा था..

मंजू भी हैरान थी की ऐसे कौन भला अपनी बहन को नंगा देखता है,
पर फिर उसने सोचा की इसमे बुराई ही क्या है, कुछ साल पहले तक तो वो तीनों ही कई बार एक दूसरे के सामने नंगे होकर नहाया करते थे….
इसलिए उसने वो विचार त्याग दिया..

इधर विक्की की हालत खराब थी, वो मन ही मन अपनी हिम्मत की तारीफ कर रहा था जिसने ऐसा काम कर डाला था..
अपनी बहन के नंगे मुम्मे ठीक उसकी नज़रों के सामने थे…
उसने काँपते हाथो से उसे टी शर्ट दी जो उसने झट्ट से पहन ली और फिर शॉर्ट्स भी.

पानी से मुँह धोकर वो अपनी फोटो खिचवाने के लिए तैयार हो गयी….
उसका उत्साह देखते ही बनता था…

 

खैर, विक्की ने अलग-2 पोज़ में उसकी फोटो लेनी शुरू कर दी,
वो काला चश्मा भी उसे दिया ताकि उसकी फोटो भी अच्छी आए,
कल के मुक़ाबले आज वो ज़्यादा कॉन्फिडेंस में थी,
और वो अपने नन्हे से शरीर को काफ़ी उभार -2 कर फोटो खिंचवा रही थी..

विक्की का फोकस उसकी छातियो पर ही था…
जिनपर लगे नन्हे-2 निप्पल्स दूर से ही चमक रहे थे….
मन तो उसका कर रहा था की उन्हे मुँह में लेकर चूस ले,
और यही प्लान था उसका की किसी भी तरह से नेहा के मुम्मे आज वो चूस्कर ही रहेगा,
पर मंजू के आ जाने के बाद वो प्लान गड़बड़ हो चुका था…
पर फिर भी उसने हिम्मत करके उसे अपनी बातों में लेकर मंजू के सामने ही सही, उसकी नंगी चुचियों के दर्शन तो कर ही लिए थे.

करीब 10 मिनट बाद वो एक साथ बैठकर उन फोटोस को देखने लगे…
फोटो वाकई में अच्छी आई थी बस हर फोटो मे उसके निप्पल्स के दर्शन आसानी से हो रहे थे…
नेहा और मंजू ने ये बात नोट भी की थी पर बेचारी शर्म के मारे कुछ बोल नही पाई..

विक्की उनकी उलझन देखकर बोला : “अरे , ये तो बस हमारे लिए है, मैं इन फोटोस को कौन सा किसी और को दिखाने जा रहा हूँ , ये तो बस इसलिए दिखा रहा हू ताकि नेहा को पता चल सके की वो वाकई में अच्छी मॉडल या हिरोइन बन सकती है…”

मंजू ने चहकते हुए पूछा : “और मैं ….क्या मैं भी बन सकती हूँ अच्छी मॉडेल…”

विक्की ने उसके चेहरे को अच्छे से देखा और फिर उसे थोड़ा दूर खड़ा करके उसे उपर से नीचे तक अपनी नज़रों से नापा, घुमा-2 कर उसने उसके हर अंग का जायजा भी लिया और बोला : “बन तो तुम भी सकती हो….पर थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी बस…”

मंजू : “मैं तैयार हूँ ….”

नेहा : “अर्रे, ये बड़ी डिफिकल्ट लाइन है, इसमे सारी शर्म – हया त्यागनी पड़ती है…है ना भैय्या …”

वो शायद अपने भाई की कही हुई कल की बात दोहराना चाह रही थी….

विक्की : “हाँ , ये तो है… मैने भी कल रात नेहा को यही समझाया था…इसलिए, तुमने देखा ना अभी, उसने कैसे बिना झिझक के अपने कपड़े मेरे सामने ही उतार दिए…ये सब करना है तो शर्म त्यागनी होगी…”

मंजू : “मैं तैयार हूँ ….”

इतना कहने के साथ ही उसने अपनी शर्ट के बटन खोले और उसे निकालकर ज़मीन पर फेंक दिया…
अब वो टॉपलेस होकर उन भाई बहन के सामने खड़ी थी.

विक्की ने तो सोचा भी नही था की आज के दिन उपर वाला उसपर इतना मेहरबान होने वाला है….

अब तो वो इस पल को एक अच्छे दिन में बदलने के बारे में सोचने लगा..

 

 

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