नेहा तो शुरू से ही मूवीस की फैन थी, अक्सर घर में तेज गाने चलाकर वो नाचती गाती रहती थी, पूरे घर की लाडली थी इसलिए उसे कोई कुछ कहता भी नही था….नेहा के इसी रुझान का फायदा विक्की उठा लेना चाहता था…वो एक तीर से दो शिकार कर रहा था, जिससे उसका काम भी बन जाए और नेहा भी उसे मिल जाए..
नेहा का उत्साह देखकर विक्की समझ गया की उसे बोतल में उतारने में ज़्यादा परेशानी नही आएगी…
पर वो हर काम बड़े प्यार और आराम से करना चाहता था…आख़िर उसकी बहन थी वो, उसकी खिल रही जवानी को वो अपने हिसाब से इस्तेमाल करना चाहता था.अब तो खेल शुरू करने का इंतजार था बस.
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अब आगे
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विक्की ने नेहा को केमरे के सारे फंक्शन्स समझा दिए ताकि वो उसकी फोटो सही से ले सके…
विक्की ने उसे ये भी बताया की कुछ पिक्चर्स लेने के लिए उन्हे बाहर की लोकेशन्स में भी जाना पड़ेगा, जैसे माल्स, शहर की बौंड्री पर बने खेत और पुराने किले में भी क्योंकि ऐसी जगह का बेकग्रौंड अच्छा आता है पिक्चर्स में..
नेहा केमरे को हाथ में लेकर बड़ी उत्साहित लग रही थी…
उसने एक-2 करके विक्की की फोटो लेनी शुरू कर दी और विक्की भी बड़े स्टाइल के साथ अलग-2 पोज़ में फोटो खिंचवाने लगा..
करीब 10 मिनट बाद नेहा के अंदर की कुलबुली बाहर आ ही गयी और वो बोली : “भैय्या, प्लीज़ मेरी भी फोटो खीँचो ना….”
विक्की : “तेरी फोटो किसलिए…क्या तुझे भी मॉडलींग का शॉंक है…”
नेहा ने शरमाते हुए कहा : “मॉडलींग का तो नही पर हेरोइन बनने का बहुत शॉंक है…”
विक्की (हंसते हुए) : “हा हा….मैं यहाँ हीरो बनने की तैयारी में हूँ और तू हेरोइन बनने की…वाह….पिताजी को बोलकर फिल्म घर पर ही बनवा लेते है….”
नेहा ने भी हंसते हुए उसका साथ दिया और बोली : “हां ..ये सही रहेगा…और माँ से डायरेक्ट करवा लेंगे….पूरा परिवार एक शानदार फिल्म बनाएगा मिलकर….”
उसकी बात सुनकर विक्की हंस दिया और उसके हाथ से कैमरा लेकर उसकी पिक्स लेने लगा…
अब उसके अंदर का कमीनापन जागने लगा था…
वो बोला : “यार….तेरा चेहरा तो काफ़ी सैक्सी है….पर ये कपड़े सूट नही कर रहे…तू चेंज कर ले ना…”
नेहा : “कैसे करू चेंज….मेरी अलमारी तो नीचे है…”
विक्की : “तो इसमें क्या प्रॉब्लम है….मेरी टी शर्ट पहन ले..वो थोड़ी लंबी होगी इसलिए नीचे कुछ पहनने की ज़रूरत भी नही है….फोटो भी एकदम सैक्सी आएगी…”
नेहा बेचारी एकदम भोली थी, उसे क्या पता था की उसका भाई उसकी नंगी टांगे देखने के लिए ये सब बोल रहा है..
वो झट से मान गयी और विक्की की टी शर्ट लेकर बाथरूम में जाने लगी
विक्की : “यही चेंज कर ले ना…मुझसे भला क्या शरमाना…”
वो कुछ देर तक असमंजस में खड़ी रही और धीरे से बोली : “पर भैय्या ….वो माँ कहती है की मैं अब बड़ी हो रही हूँ …तो मुझे छुप कर ही कपड़े बदलने चाहिए….ख़ास कर तुम्हारे और पिताजी के सामने…”
विक्की को पता था की उसकी बहन को इन बातो की कुछ ज़्यादा समझ नही है…
पिछले साल तक तो वो घर में छोटी सी निक्कर और बिना ब्रा के टी शर्ट पहने घुमा करती थी, जिसमें से उसकी छाती पर चमक रही बूँदिया सॉफ दिखा करती थी और कई बार तो उसने बड़ी ही बेबाकी से उसे कपड़े बदलते हुए भी देखा था…हालाँकि वो उसे सामने से कभी नही देख पाया पर पीछे से उसकी नंगी पीठ को देखकर उसकी चिकनाहट का अंदाज़ा उसने अच्छे से लगा लिया था…
उन दिनों के बाद से तो अपनी बहन के लिए उसमे और भी ज़्यादा ठरक बढ़ गयी थी…
और आज जो भी हो रहा था ये सब उसी ठरक का परिणाम था.
विक्की : “माँ की बातें तो मेरे भी सिर के उपर से निकल जाती है…भला हम दोनो भाई बहन में कैसी शर्म और वैसे भी तुम्हे या मुझे मॉडलिंग करनी है तो ये शरमाना तो छोड़ना पड़ेगा हमें…कई एड्स में तो नाम मात्र के कपड़े पहनने होते है, उस वक़्त तो पूरी दुनिया देखेगी ना, इसलिए बोल रहा हूँ , मुझसे क्या शरमाना….यहीं चेंज कर लो…”
बेचारी कुछ बोल नही पाई….
उसे इस वक़्त इस बात की चिंता नही थी की वो अपने भाई के सामने कपड़े उतारने जा रही है,
उसे तो बस अपनी माँ का डर था जिन्होने उसे ऐसा करने से मना कर रखा था.
विक्की : “तू माँ की फ़िक्र ना कर, वो नीचे सो रही है…और जो भी हमारे बीच है वो मैं किसी को नही बताऊंगा ..प्रॉमिस.”
विक्की का आश्वासन सुनकर उसे थोड़ी राहत मिली और उसने दूसरी तरफ मुँह करके एक ही झटके में अपनी मैक्सी उतार दी…
विक्की तो अपनी कमसिन बहन का कसावट से भरा बदन देखकर हैरान ही रह गया….
एकदम छरहरा सा बदन था…
जैसे कोई एथलीट का हो, कहीं पर भी एक्स्ट्रा फैट नही था….
उसकी गांड सबसे ज़्यादा दिलकश थी, जैसे तरबूज के दो टुकड़े करके पीछे बाँध दिए हो…
कमर एकदम चिकनी थी और हल्का सा कर्व लिए हुए थी…
वो ब्रा लेने के लिए जब पलटी तो ब्रा में क़ैद उसके नन्हे बूब्स देखकर विक्की के मुँह से आह सी निकल गयी…
नेहा : “क्या हुआ भैय्या ….. ।।।.”
विक्की : “कू…कुछ नही….वो बस तुझे देखकर आज पता चला की तू कितनी बड़ी हो गयी है….”
नेहा ने विक्की की नजर का पीछा करते हुए अपने मुम्मे देखे और हंस दी…
फिर बोली : “भैय्या , एक बात सच-2 बताना…क्या सभी लड़के सबसे पहले लड़की में यही चीज़ नोट करते है की उसके बूब्स कितने बड़े है…”
ऐसा करते हुए वो अपने बूब्स को टटोल कर देख रही थी…
उन्हे हाथ लगा कर उपर उभार कर देख रही थी की कितने बड़े हुए है अब तक…
विक्की बेचारे की हालत खराब हो गयी उसका मासूम सा सवाल सुनकर और उसे अपने बूब्स से खिलवाड़ करता देखकर..
विक्की : “तुझे ये किसने बोला…”
नेहा : “वो है ना मेरी क्लास में एक लड़की सुरभि….वो बोल रही थी…”
विक्की : “ओह्ह ….मुझे लगा की मंजू ने बताया है तुझे ये…”
नेहा : “मंजू से भी पूछा था मैने, पर उसे भी पता नही था…”
विक्की ने मन में सोचा की उसे भी कैसे पता होता, है तो वो भी तेरी तरह बौड़म ही ना…
उसे चुप देखकर नेहा फिर से बोली : “बोलो ना भैय्या , ऐसा होता है क्या…”
उसने कुछ देर तक मन में सोचा और कुटिल मुस्कान के साथ बोला
“हां …होता तो है….लड़को को अक्सर बड़े बूब्स वाली लड़कियां ही पसंद आती है…मूवीस और एडवर्टिसमेंट में भी ऐसी ही लड़कियो को ज़्यादा चांस मिलता है जिनके मुम्मे बड़े होते हैं …”
उसने जान बूझकर मुम्मा वर्ड इस्तेमाल किया था, क्योंकि ऐसा बोलने में लड़को को एक अलग ही रोमांच का एहसास मिलता है
पर नेहा का चेहरा मुरझा सा गया…शायद उसे अपने नन्हे बूब्स होने का एहसास था..
पर वो नही जानती थी की आजकल के लड़को को ये नन्हे बूब्स वाली लड़किया ही ज़्यादा पसंद है….
ताकि उनके पूरे बूब को एक ही बार में मुँह में लेकर चूसा जा सके…
छाती की गहराई तक.
विक्की : “पर तू इतना क्यों सोच रही है….तेरे भी अच्छे है…और 1-2 सालो में ये और बड़े हो जाएँगे…”
नेहा का चेहरा दमक उठा ये सुनते ही….
वो बोली : ” सच्ची ……हो जाएँगे ना…..अभी तो सिर्फ़ 32 ही है इनका साइज़….कम से कम 36 हो जाए तो मुझे चैन आएगा….”
विक्की को यहाँ एक मौका मिलता हुआ सा महसूस हुआ
वो बोला : “तो एक काम करा कर ना…इनकी मालिश किया कर सुबह शाम तेल से…इन्हे दबाने से ही ये बड़े होंगे…इनके अंदर ब्लड सर्कुलेशन होगा तो अपने आप बड़े हो जाएँगे ये…”
नेहा : “ओह्ह ….ऐसा है क्या…..फिर तो मैं कल से ही ये काम शुरू कर दूँगी…”
विक्की कहना तो चाहता था की कल का वेट क्यों करती है पगली…
अभी से ही कर दे ना..
मेरे ही सामने…और अगर चाहे तो मैं तेरी मदद कर सकता हूँ
पर ये सब करना शायद कुछ ज़्यादा ही जल्दी हो जाता….और अपनी बहन के केस में विक्की कोई भी जल्दबाजी नहीं चाहता था, वो चाहता था की सब नेचुरल सा लगे, ताकि उसकी बहन को पता न चल सके की वो उसकी चाल का शिकार बन गयी है.
पहले ही दिन वो उसके सामने अंडरगार्मेंट्स में खड़ी थी उसके लिए यही बहुत था..
खैर, उसने जल्दी से टी शर्ट पहनी और अपनी कमर मटका-2 कर सैक्सी से पोज़ देने लगी…
विक्की तो हर पिक के बाद उसे ऐसे प्रोत्साहित कर रहा था जैसे अगली सूपरमॉडल वही बनेगी इंडिया की.
विक्की : “वाहह……क्या बात है…शाबाश…. ऐसे ही….. हां थोड़ा सा नीचे झुक…. चेहरा केमरे की तरफ… आइ कॉंटॅक्ट बना केमरे से…. शाबाश… ऐसे ही …पाउट कर….. होंठो को दांतो से दबा…. थोड़ा सा सैक्सी … अर्रे नही यार….ऐसे नही….”
पोज़ लेते-2 उसने झुंझलाने का नाटक किया…
उसने नेहा को अपने पास बिठाया और सारी पिक्स एक-2 करके दिखाई..
विक्की ने नेहा को समझाया कि पिक्स तो अच्छी थी पर वो अपनी बॉडी को सही से उभार नही रही थी…
विक्की : “देख नेहा, मॉडेल बनने के लिए तुझे अपनी बॉडी को अच्छे से बेझिझक दिखाना होगा….जैसे ये देख, मेरी पिक्स में था….”
नेहा ने भी नोट किया की उसके भाई मे फोटो खिंचवाते हुए कितना कॉन्फिडेन्स था…
नेहा : “हां भाई….आप सही कह रहे हो….आई थिंक मुझे थोड़ा टाइम लगेगा ये सब सीखने में …”
इतना कहकर वो मुस्कुरा दी..
विक्की ने भी उसकी मोटी जाँघो को निहारते हुए मन ही मन में कहा ‘मेरे साथ रहेगी तो ज़्यादा टाइम नही लगेगा….’
नेहा बेचारी नही जानती थी की विक्की के मन में क्या चल रहा है.


