अध्याय 60
गहरी खामोशी और गहरे सोच में हम दोनो ही गुम थे और रश्मि के कमरे में बैठे हुए थे,
“मैं जानता हु रश्मि की काजल क्या कर रही है “
मैंने बहुत सोच कर कहा था ,रश्मि ने सर उठाकर मुझे देखा ,उसका उदास चहरा अचानक से कोई नूर छोड़ गया था,
“लेकिन मुझे ये नही पता की वो चाहती क्या है ,मैं भी इंसान हु ,मेरी भी कुछ भावनाएं है,जैसे मैं उसके लिए मर ही गया हु ,कई दिनों से हमारे बीच कोई बातचीत ही नही रही है ,लेकिन मैं इतना तो जरूर जानता हु वो मुझे धोखा दे रही है …”
रश्मि का चहरा खिल गया,मैं झूट बोल रहा की काजल और मेरे बीच में कोई भी बातचीत नही हो रही है लेकिन मैं रश्मि पर पूरी तरह से विस्वास भी तो नही कर सकता था …..
“तुम मुझे बताओ की मुझे क्या करना चाहिए,मैं तंग आ चुका हु मैं एक आराम की जिंदगी बसर करना चाहता हु ,मुझे इन झमेलो से निकलना है …”
रश्मि ने मेरे आंखों में देखा उसमें एक चमक दिखाई दी..
“तुम क्या चाहती हो और अगर तुम्हे काजल को रोकना है तो क्यो “
मैंने रश्मि के ऊपर एक प्रश्न दागा …
“पहले तो मुझे खान साहब के प्रोपर्टी में अपने हिस्से की चिंता थी लेकिन अब …अब तो मुझे बस अजीम की चिंता हो रही है ,अगर उसे बाहर नही निकाला तो वो मर जाएगा “
वो जोरो से रोने लगी थी
मैं उसके पास जाकर उसके कंधे पर अपना हाथ रखा
“जिस आदमी ने तुम्हे इतना सताया तुम उसके लिए क्यो परेशान हो रही हो “
वो सर उठाकर मुझे देखने लगी …
“क्योकि मैं उसे प्यार करती हु ,वो मेरा पति था …देव एक लड़की के दिल की बात तुम नही समझ पाओगे,कई मजबूरियां होती है लेकिन कुछ भी हो मैंने उससे ही तो प्यार किया था …”
मैं इसी सोच में पड़ गया की हो सकता है की काजल की भी कुछ मजबूरियां हो लेकिन वो मुझसे भी प्यार करती हो …
“मेरे दिमाग में एक प्लान है क्या तुम मुझपर भरोसा कर सकती हो “
मैंने झट से कहा
वो मानो खुस हो गई
“मुझे तुम्हारे ऊपर पूरा भरोसा है देव तुम कहो तो सही..”
मुझे अब अपना मैनेजर वाला दिमाग लगाना था ..
“तुम्हे क्या लगता है की अजीम इतना कमजोर क्यो हो रहा है “
वो आश्चर्य से मुझे देखने लगी
“क्या वो ड्रग्स लेता है ???”
“बहुत ज्यादा लेता था लेकिन अभी उसे ड्रग्स …”
वो कहते कहते रुक गई
“वाओ देव कमाल है ,हा समझ गई ठाकुर और काजल मिलकर उसे ड्रग्स दे रहे है …ओह माय गॉड इसलिए वो काजल का ऐसा दीवाना बना घूम रहा है “
रश्मि की आंखों की चमक और भी बढ़ गई ,मेरे दिमाग में कई खुरापात एक साथ चलने लगी थी ..
“अब हमे क्या करना चाहिए “
रश्मि ने बड़े ही जल्दबाजी में मुझसे पूछा..
“पहले तो पता करो क्या तूम अपने कांटेक्टस के बारे में मुझे बता सकती हो ..”
वो थोड़ी देर सोचती रही ,इतने अचानक मुझपर वो इतना विस्वास कैसे कर सकती थी ..
लेकिन फिर उसने थोड़े हिम्मत भरे स्वर में कहा
“हा बिल्कुल “
“तो जेल में अपना आदमी कौन है “
“फिलहाल तो कोई भी नही “
“तो बिठाओ या खरीदो किसी को “
वो मुझे देखने लगी
“हो सके तो ऐसा सिपाही जो बिल्कुल ही आम हो ,थोड़े पैसे में ही जिसे खरीदा जा सके “
उसने अपना सर हा में हिलाया
“और खान के पास हमारा कोई आदमी “
“हा है तुम जानते हो उसे मोहनी “
मोहनी का नाम सुनकर मैं जोरो से हँस पड़ा
“वो किसी काम की नही है ,वो बस एक ही काम के लिए ठीक है “
मैं फिर से हँस पड़ा और रश्मि ने मुझे थोड़ी नाराजगी से देखा
“एक आदमी बैठना पड़ेगा ,मेरी नजर में है एक लड़का “
वो शांत ही रही
“तुम्हे जो भी करना है करो तुम्हे जितना पैसा चाहिए मैं तुम्हे दूंगी लेकिन …लेकिन अजीम को उस काजल से बचाओ मेरे पास बहुत है और मुझे अब उनकी दौलत नही चाहिए,अजीम और खान साहब को तो अपने कर्मो की सजा तो भुगतनी ही पड़ेगी लेकिन मैं अपने पत्नी धर्म का तो पालन कर ही सकती हु ,एक बार उन्हें इस दलदल से निकाल दु बस ,फिर कभी उसने नही मिलूंगी “
रश्मि के चहरे में सच में दर्द टपक रहा था ..
पता नही क्यो मेरी सहानुभूति उसकी ओर बढ़ रही थी ,जैसा मैंने अभी तक उसके बारे में सोचा था वो उससे बिल्कुल ही अलग निकली थी ,वो एक बड़े बाप की बिगड़ी हुई औलाद तो थी लेकिन वक्त ने उसे बहुत कुछ सिखाया था,उसके दिल में आज भी अजीम के लिए गुस्सा था लेकिन फिर भी वो उसे अपना पति ही मानती थी ,मैं तो उसे चालबाज समझता था लेकिन वो बस उतना ही उड़ सकती थी जितना पैसे के दम में एक इंसान उड़ता है,काजल ने उसे असहाय बना दिया था क्योकि काजल के सामने उसके पैसो की बिल्कुल भी नही चल पा रही थी …
“एक अंतिम बात ..काजल के पास ऐसा कोई है जो उसकी खबर तुम तक पहुचाये “
“हा है ना …शबनम ..”
उसकी बात सुनकर मेरे होठो की मुस्कान गहरी हो गई ,तो शबनम भी मेरी ही तरह दोनो तरफ से खेल रही थी ,

