अध्याय 20
निशा के जाने के कुछ देर बाद ही काजल फ्रेश होकर बाहर आयी उसके शरीर से नहाने के बाद भी उसके परफ्यूम की खुसबू मेरे नाक में आ रही थी ,जिस खुसबू का मैं दीवाना था…
मैं पहले से ही बहुत ही उत्तेजित था लेकिन फिर भी मुझे सोने की एक्टिंग तो करनी ही थी,
मैं सोया ही रहा ,काजल मेरे पास आयी और मेरे गालो में एक किस करने सोने लगी ,……मेरी नीद तो गायब थी ,जब निशा चली गई और मेरा लिंग थोड़ा ठंडा हुआ तब मैंने सोचा की आखिर मैं कर क्या रहा था,ये बात सोचते ही मेरा मन में ग्लानि के भाव आ गए की मैं अपनी ही बहन के साथ …???
मैं सच में गिरा हुआ आदमी हु …..जब तक लिंग में अकड़ था मेरे अंदर हवस की आग थी तब तो मुझे कुछ भी समझ नही आ रहा था,शायद इसी लिए हवस ,काम वासना,क्रोध,लोभ,मोह ,मद,को आग कहा गया है क्योकि सबसे पहले सोचने समझने की क्षमता को ही जला देता है……
मैं जब उठा तो काजल नींद में थी मैंने उसके गालो में किस किया और बाथरूम की तरफ बढ़ा,मेरी नजर उसके पर्स पर चली गई ,ना जाने क्यो कोई आकर्षण मुझे उसतक ले गया जब मैंने अंदर देखा तो एक लाल रंग की पेंटी दिखाई दी,मैंने उसे छुवा नही लेकिन मेरा दिमाग फिर से खराब हो गया,काजल रात भर किसी से बिना पैसों के चुद कर आयी थी इसका मलतब था की वो शायद खान होगा,मादरचोद खान,अपने बेटी की उम्र की लड़की को ठोक रहा था,..
मैं इस बात से थोड़ा अपसेट भी था क्योकि काजल का इस तरह खान को सबकुछ देना और इधर मेरी ही बहन के साथ मेरे संबंधों ने मुझे थोड़ा झकझोर दिया था,मुझे पता था की मैं दोनो का ही कुछ नही कर सकता ,आज संडे था उर जैसे सभी आज के दिन छुटिया मानते है हमारे लिए आज सबसे ज्यादा बिजी दिन होता है,हमारा रेस्टारेंट और बार आज लगभग फूल होता है,मैं जल्दी से ही होटल को निकल गया..
होटल पहुचते ही मुझे सूचना दी गई की रश्मि ने मुझे याद किया है ,मेरा मूड और भी खराब हो गया क्योकि ना जाने अब इसे क्या हो गया था,ऐसे भी जो कल हुआ था मुझे लगा की वो अब भी गुस्से में होगी,मझे बताया गया की वो स्विमिंग पुल में थी ……
मैं जब स्विमिंग पुल पर पहुचा तो रश्मि एक बिकिनी में दिखी और मुझे देखकर मुझे स्माइल पास की ,मुझे थोड़ी राहत हुई क्योकि वो मुझसे अब गुस्सा नही है,मुझे देखकर वो पुल से निकली…
उसे देखकर मेरा मुह थोड़ा सा खुल गया था लेकिन उसे मैंने जल्द ही बंद कर लिया .वो मुस्कुराती हुई मेरे पास आयी और मुझे बैठने को कहा ,जबकि वो एक चेयर में सो गई जिससे उसके सभी मूल्यवान समान मेरे सामने खुलकर आने लगे थे..
“कल के लिए सॉरी देव मुझे ऐसा नही करना चाहिए था..”
वो फिर से मुस्कुराई
“मैं तो आपका नॉकर हु मेडम आपके पास नॉकरी करता हु ,आप की मर्जी आप जो भी करो मेरे साथ “
उसने मुझे आश्चर्य से देखा जबकि मैं अपना चहरा उदास बनाये हुए था,इन दिनों में मैं एक अच्छा एक्टर तो बन ही गया था,बाहर से मैं उदास दिख रहा था लेकिन अदंर से मेरा लिंग अकड़ने लगा था,शायद कल हुए हादसे के बाद मुझे हिला लेना था,मैं अपने को असंतुष्ट महसूस कर रहा था जिसका असर मेरे लिंग में साफ साफ महसूस हो रहा था…..
रश्मि के चहरे में एक मुस्कान आ गई ..
“अच्छा इतना गुस्सा ,रश्मि से मैं मेडम हो गई और मैनेजर से तुम मेरे नॉकर हो गए “
“जो सही है उसे बदला तो नही जा सकता ना”
“ओहो ..चलो तुम्हारा मूड ठीक करने लिये मैं तुम्हे एक इनाम देती हु “
मैं चौक कर उसे देखने लगा ,कही वो खुद मेरे साथ तो नही सोने वाली..मैं मन ही मन में खुस हो रहा था…
“असल में तुम्हारी बात के बारे में मैंने बहुत सोचा और मुझे तुम्हारा आईडिया भी पसंद आया ,जो काजल उन्हें दे रही है वो तो मैं भी दे सकती हु “
वो मुस्कुराने लगी लेकिन मेरी फट गई,क्या ये सच में अपने ससुर के साथ …….क्या पता की पैसा लोगो से क्या क्या करवा सकता है…
“लेकिन अभी तुम्हारे इनाम की बात,आज तुम्हारी छुट्टी “
उसने ऐसे कहा जैसे किसी बंधवा मजदूर को एक दिन की छुट्टी मिल गई हो ,साला एक दिन की छुट्टी से मेरा क्या होने वाला है,ऐसे भी मैं घर में रखकर भी क्या उखाड़ लेता ..
“नही मेडम रहने दीजिये ,मेरे पास ऐसे भी घर में कोई काम नही है और आज संडे है आज यंहा पर भीड़ भी ज्यादा होगी “
वो मुझे देख कर मुस्कुराई ..
“अभी इनाम पूरा नही हुआ है ,आज तुम मैनेजर के काम से छुट्टी ले रहे हो लेकिन तुम्हे आज शबनम के साथ काम करना है ,वो एक विशेष पार्टी का आयोजन कर रही है,उसके काम को एक महीना पूरा हो गया है,यानी हमारा पहला कस्टमर एक महीने पहले आया था,तब से लेकर अभी तक हमने कई कस्टमर की सेवा की है और लाखो कमाए है,तो शबनम का प्लान है की हमारे खास और मालदार कस्टमर को एक ट्रीट दी जाए,आज उन्हें जिसे मन करे उसे फ्री में करने दिया जाय…तो शाम से ही कस्टमर आने शुरु हो जाएंगे ,और रात से कार्यकम शुरू हो जाएगा,आज की सभी तैयारी की जिम्मेदारी तुम्हारे और शबनम के कंधों पर है…तो इसलिए यंहा के काम से तुम्हारी छुट्टी …और हा ये काम ऐसे होना चाहिए की यंहा के किसी भी कस्टमर को इसकी भनक ना लगे,बहुत ही गुप्त रूप से बाकी सब शबनम समझा देगी ….”
ये क्या बात हुई साला एक दिन की छुट्टी बोलकर मेरी गांड ही ले ली ..इतना काम पकड़ा दिया ..
“क्या हूं क्या सोच रहे हो”
वो अपने शरीर से कोई लिकविड मल रही थी ..
“इसमें इनाम जैसी क्या बात है “
मैंने चहरा उतरते हुए कहा,वो खिलखिला कर हँसी ..
“अरे शरीफ आदमी ,आज तुम्हारे लिए भी सभी फ्री है ,जाओ और इन्जॉय करो “
मैं इस लिंग का क्या करू जो बात बात पर इतना अकड़ जाता है ,साला उसकी बात को सुनकर ही उछाल मारने लगा,ऐसे भी उसे देखकर तो तना हुआ ही था..
मैं शबनम के पास पहुचा ,
“तो तैयार हो,”
“ह्म्म्म क्या क्या तैयारी करनी है ..”
“पहले तो मुझे ये समझ नही आ रहा है की कहा तैयारी करनी है,हम होटल के किसी स्टाफ को तो इसमें इन्वॉल्व नही कर सकते तो क्या करे और हमे बड़ी जगह चाहिए “
“हम्म वो सब मेरा काम तुम लड़कियों को तैयार करो कितनी लडकिया होंगी “
मैंने सबकुछ शबनम के हाथो में ही सौप दिया था,मुझे ये भी पता था की हमारे होटल में कितनी लडकिया है जो ये काम करती है और वो कौन कौन है..
“15 लडकिया होंगी और 20 कस्टमर “
मैं चौक गया ,
“यार ये तो बड़ी नाइंसाफी होगी ,20 लोगो के लिए सिर्फ 15 लडकिया “
वो जोरो से हँसी
“अरे पागल एक एक लड़की 5-5 का एक दिन में ले लेंगी तुम इसकी टेंशन मत लो ,तुम मेरे हिसाब से अरेंजमेंट करके दो “
“ओके तो कांफ्रेंस हाल में ये काम हो जाएगा “
“”अच्छा तो होटल स्टाफ का क्या करोगे”
मैं सोच में पड़ गया ,
“यंहा करना सही नही होगा,कपूर साहब का एक फार्म हाउस है वँहा पर ही सब कार्यक्रम होगा हमे चाबी मिल गई है ,उसे सजवाने का काम तुम्हारा ,वँहा एक हॉल है जिसे पब की तरह तैयार करो ,और डांस फ्लोर भी बिछावा दो ,एक स्विमिंग पुल भी है उसे साफ करवा दिया गया है,शराब और खाने के इंतजाम की जिम्मेदारी तुम्हारी, लड़कियों को तैयार करने और मेहमानों का ख्याल रखना मेरा काम है “
“यार इतना होगा तो मजदूरों की जरूरत तो पड़ेगी ही ना “
“हम्म इसलिए सभी काम शाम तक हो जाना चाहिए..फिर मजदूरों को रुखसत करो वँहा से ,रात के 9 बजे से ही कार्यक्रम शुरू हो जाना चाहिए “
साला ये संडे तो मुझे महंगा पड़ गया इतना काम ,मैं चाबी लेकर सीधे अपने कांटेक्ट से बात करने लगा,और लोगो को उनका काम समझने लगा ….
रात की तैयारी हो चुकी थी ,हाल किसी पब की तरह लग रहा था,जंहा हल्की हल्की ही रोशनी थी ,आज यंहा हवस का नंगा नाच होने वाला था,मैंने सभी मजदूरों और करगिरो को वँहा से भेज दिया था,खाना और शराब लडकिया ही सर्व करने वाली थी ,,,सब कुछ जमा दिया गया था और मैं अपने काम से संतुष्ट था,जैसा शबनम ने मुझे सजाने को कहा था सभी कुछ वैसा ही था,शाम होते ही शबनम भी आ चुकी थी और सभी लडकिया भी ,….
“हम्म गुड वर्क देव इसीलिए रश्मि तुम्हे इतना पसंद करती है ,तुम सच में एक अच्छे मैनेजर हो “
शबनम ने सब अरेंजमेंट को देखते हुए कहा “
“थैक्स यार लेकिन साला सब बहुत ही थकाने वाला था “
मैं सचमे बहुत ही थक गया था..
“तो तुम एक पैक मारो और ऊपर के कमरे में आराम करो जब नींद खुले तो नीचे आ जाना…बची हुई थकान यंहा मेरी लडकिया मिटा देंगी “
शबनम की अदा पर तो मैं मरता था साली सच में कातिल थी……मैं दो पैक पीकर ऊपर के कमरे में आराम करने चला गया ,…….
जब नींद खुली तो 9 बज चुके थे ,मैं हड़बड़ाया..साला सभी मेहमान आ गए होंगे,मैं उठा ही था की मेरी नजर सामने रखे सोफे पर पड़ी ,एक जोड़ी कपड़े ,जिसमे शर्त पेंट ,टाई और एक कोट था ,और साथ ही एक लेटर वहां पर मुझे मिला …
‘ये ड्रेश कोड है मेहमानों का इसे पहन कर नीचे आना’ये शायद शबनम ही होगी’
मैं उन कपड़ो को पहन कर नीचे गया,माध्यम रोशनी में मध्यम आवाज में गाना चल रहा था,सभी लडकिया सिर्फ ब्रा और पेंटी में ही हाथो में जाम लिए घूम रही थी ,वो फार्महाउस का कमरा किसी सेक्स क्लब की तरह लग रहा था,अजीबोगरीब लोग मेरी ही तरह ड्रेश में वँहा बैठे हुए थे,जिनमे से अधिकतर की उम्र 50 के ऊपर की थी ,मुझे उनके सामने जाने में शर्म आ रही थी ,कुछ लडकिया कस्टमर के जांघो में बैठी थी ,और वो लोग उनको हल्के हल्के मसलते हुए अपने जाम का मजा ले रहे थे,एक लड़की बाकायदा कमरे के बीचो बीच पोल डांस कर रही थी जिसे चारो ओर से लोग घेरे हुए मजा ले रहे थे,कोई कुर्सी में बैठा था तो कोई खड़ा हुआ था लेकिन सभी टुन्न थे,मैं बड़ा ही नर्वस सा महसूस कर रहा था,मेरी नजर शबनम पर पड़ी,वो कमरे में एक मात्र लड़की थी जो की पूरे कपड़ो में थी,उसने एक काले रंग का लांग गाउन पहना हुआ था ..वो मुझे देखकर मुस्कुराई और मुझे नीचे आने का इशारा किया,मैं चुपचाप ही उसके बाजू में जाकर खड़ा हो गया ,ऐसे भी किसी का भी ध्यान मेरी ओर नही था,तभी वो पोल डांस खत्म हुआ और सभी तालिया बजाने लगे…एक लड़की आयी और माइक में बोलने लगी …
“आपके सामने पेश हमारे खास मेहमानों के लिए डिज़ाइन किया गया बेले डांस “
सभी फिर के तालिया बजाने लगे,एक लड़की स्टेज में आ गई उसने भी बस अपने ब्रा और पेंटी ही पहने थे ,लेकिन कमर में बड़ी सी करधन लटक रही थी ,वो म्यूज़िक के साथ धीरे धीरे अपनी कमर मटकानी शुरू कर देती है,उसके सेक्सी नितम्भ झूलने लगते है और म्यूज़िक के साथ साथ थिरकने लगते है…….
“ये सब तुम्हारा आईडिया था ,कहा से पकड़ कर लायी हो इनको,सच में अरब की लग रही है “
मैंने शबनम के कानो में कहा जो की मेरे बाजू में ही खड़ी थी ,वो मुझे देखकर मुस्कुराई ..
“अब ये मत कहना की ये तुम्हे चाहिए “
वो हल्के से हँसने लगी ,
“नही मेरे लिए तो तुम ही काफी हो “
मैंने शरारत भरे लहजे में कहा और उसने भी शरारत में मुझे कोहनी मार दिया ..
वो दूध जैसे गोरी ,लंबी सी लड़की ,अपने बड़े बड़े चूतड़ों को बड़ी ही खूबसूरती से हिला रही थी ,उसकी ये अदा देखकर वँहा बैठे लोग बड़ी ही हवस की निगाह से उसे घूर रहे थे,वही जिनके गोद में लडकिया बैठी थी वो कभी उनकी जांघो को मसलते हो कभी उनके सीने को ,तो कभी उनके जांघो के बीच हाथो को ले जाते…
“अब समय आ गया है “
शबनम की बात से मेरा ध्यान उसपर गया..
“किसका “
“ये बुड्ढे ऐसे तो कुछ नही कर पाएंगे ,इनके ड्रिंक्स में अब वायग्रा की गोली मिला देते है..”
मैंने शबनम को आश्चर्य से देखा
“पागल हो गई हो क्या ,इनकी उम्र देखो अगर किसी को हार्टअटैक आ गया तो हम फंस जायेगे “
शबनम मुझे देखकर मुस्कुराने लगी ..
“10 रुपये वाला मैनफोर्स का टेबलेट नही खिला रही हु इन्हें जो इनके दिल की धड़कने बढ़ जाएगी..फिक्र मत करो अच्छे क़्वालिटी की वायग्रा मंगवाई है इन ठरीकियो के लिए,ये हमे लाखो रुपये देते है तो इनकी सेवा भी अच्छी होनी चाहिए ना,क्या मतलब होगा अगर ये कुछ कर ही नही पाए..और हम इन्हें बता कर देंगे ये “
शबनम ने एक लड़की को इशारा किया और उसे अपने पर्श से निकाल कर कुछ टेबलेट्स दे दिए …
“ये कोई ड्रग्स तो नही है ना “मुझे अब भी चिंता हो रही थी
“नही ये उनके हार्टबीट को कंट्रोल में रखेगा,और स्टेमिना को बड़ा देगा ,कम से कम एक जवान लड़के जितना तो इन्जॉय कर ले ये बुड्ढे “
वो हँसने लगी
“ओह तब तो मुझे भी ले लेना चाहिए “
मैं मुस्कुराया
“अरे यार तुम तो बिना इसके भी इतने देर चल जाते होई तुम्हे क्या जरूरत है इसकी “वो बड़े ही मादक निगाहों से मुझे देख कर मुस्कुराई….
लड़की ने सभी के पास जाकर वो गोलिया उनके ड्रिंक्स में डाल दिए ,थोड़ी देर में ही गोलियो अपना असर दिखाना शुरू कर दिया …
लोग उत्तेजना से लाल हो रहे थे,जो बैठे थे वो भी खड़े हो गए थे और उस लड़की के साथ ही नाचने लगे थे,शराब,शबाब और गोली तीन तीन नशो ने सबको पागल सा बना दिया था,एक सेठ जी ने अपने जेब में हाथ डाला और नोटो की गद्दी निकालकर उस लड़की की ऊपर डालने लगा ,अब लड़की अपने कमर को और भी जोरो से मटकाने लगी,और पिछवाड़े को उस सेठ के मुह में ही ठिका दिया,वो सेठ भी अपनी जीभ से उसके बड़े पिछवाड़े के छेद को चाट रहा था,हवस का नंगा नाच शुरू हो गया था,लोग लड़कियों को जोरो इस मसलने लगे थे,अधिकतर लोग तो बीच में नाच रही लड़की को ही घेरे हुए थे,तभी म्यूजिक चेंज हुआ और डांस सांग्स लगा दिया गया ,सभी मस्त थे कोई दारू उछाल रहा था तो कोई नोट,पूरे कमरे में नोटो की बारिश होने लगी थी,सभी यंहा पर मुफ्त का मजा लेने आये थे लेकिन बिना कोई पैसा लिए भी उनके जेब से पैसे निकाल लिया गया था,मैं मन ही मन में शबनम की तारीफ करने से नही बच पाया,उसने एक लड़की को इशारा किया और वो जाकर नोटो को एक बाल्टी में डालने लगी,क्योकि लोगो के पैरो के नीचे आकर वो खराब हो रहे थे ,साथ ही दारू भी छलकाए जा रहे थे,जिससे नोट खराब होने लगे थे,
एक सज्जन ठरकी ने एक बड़ी ही नवजवान कमसिन सी लड़की को पकड़ रखा था अब वो उसे ही शराब से नहलाने लगे थे,और शराब उसके जिस्म से चाटते …वो लड़की भी उनके साथ दे रही थी ,
शबनम मेरे दाहिने ओर खड़ी थी ,हम दोनो ही बहुत पास पास खड़े थे,किसी को भी हमारे ऊपर ध्यान ही नही था,सब खुद में ही इतने मस्त थे ,कही 4-4 लोग एक ही लड़की के जिस्म से खेल रहे थे तो किसी लड़की के पास कोई प्रेमी ही नही था ,वो नोटों को समेट रही थी तो कोई दारू लाकर उन्हें दे रही थी ,रंग चढ़ने लगा था ,लेकिन पार्टी तो अभी शुरू ही हुई थी ..
इन सब को देखकर मेरा भी लिंग जोर मारने लगा,और मेरा हाथ शबनम की मांसल पिछवाड़े में जा टिका…..वो मुझे देखकर मुस्कुराई और थोड़ी सी मेरी ओर खिसक गई ,अब हम दोनो एक दूसरे से बिल्कुल ही सटे हुए थे ,और मेरा हाथ उसके पिछवाड़े को दबा रहा था..उसने अपना सर भी मेरे कंधे पर रख दिया ..
हमारे कुछ ही दूर पर उस बेले डांसर को उन लोगो ने नंगा ही कर दिया था ,वो जमीन में लेटी हुई थी और 5-6 लोग उसे घेरे हुए थे,कोई उसके
ऊपर शराब डाल रहा था तो कोई पैसे ,कोई उसके शरीर से शराब को अपनी जीभ से चाट रहा था तो कोई अपने ग्लास से उसे शराब पिला रहा था,और उसके होठो से खुद पी रहा था,कोई उसके जांघो के बीच अपना मुह लगाए हुए थे तो किसी का हाथ और जीभ उसके बड़े बड़े वक्षो में फिर रहे थे…वो भी मतवाली हो गई थी ,इतने मर्दो का हाथ और शराब का नशा उसके अंदर भी मजा भर रहा था ,वो मचल रही थी लेकिन बड़े ही आहिस्ता आहिस्ता,
मैं उसे देखकर और भी उत्तेजित हो गया था,मेरा लिंग अपने पूरे तनाव में आ चुका था,
“सोचो अगर इस लड़की की जगह काजल होती तो “
शबनम ने मेरे कानो के पास आकर बड़े ही मादक ढंग से कहा ,काजल का नाम सुनकर ही मेरा दिल जोरो से धड़कने लगा ,तभी एक लड़की जाम का प्याला एक ट्रे में लिए हमारे पास पहुची थी शायद इसे शबनम ने ही बुलाया था,मैं लगातार ही 4 पैक निगल गया,क्योकि मैं उस लड़की में काजल को देख रहा था..
मेरे दिल की धड़कने बड़ी हुई थी ,सांसे तेज थी और मैं जलन के साथ साथ उत्तेजना की तीव्र अनुभूति कर रहा था,और शबनम के पिछवाड़े को अपनी पूरी ताकत से मसल रहा था जिसके कारण वो भी जल्दी जल्दी सांसे ले रही थी ,गर्म तो वो भी हो चुकी थी ,मैंने उसे अपने हाथो से पकड़ कर अपने से और भी सटा लिया और उसके होठो में अपने होठो को दाल कर चूसने लगा..वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी ,
“देखो देव तुम्हारी बीबी को लोग कैसे मसल रहे है”
शबनम की आवाज बहुत ही धीरे हो गई थी और वो सिसकिया ले रही थी ,उसके आवाज में ही इतनी मादकता था की किसी का झड़ जाए ,मैंने उस लड़की को देखा लोग उसे मसलने में लगे हुए थे,उसका पूरा शरीर गीला होकर चमक रहा था,वो गीलापन या तो शराब की थी या लोगो के थूक की ,,लोग उसपर चढ़ने की कोसीसे कर रहे थे लेकिन एक लड़की के उनपर 5 लोग एक साथ तो नही चढ़ सकते ना ..सभी लोग धीरे धीरे अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिए थे ,एक आदमी अपने पेंट से ही अपना लिंग निकाल कर उसके मुह पर ठिका दिया था जिसे वो जीभ से ही चाट रही थी ,
“देखो देव तुम्हारी बीवी कैसे उसका लंड चाट रही है ,थोड़ी देर में वो उसके मुह के अंदर होगा ..”
शबनम की इस बात से मेरे सामने काजल का चहरा उभर गया..
“ये भी शादी शुदा ही है तुम्हारी काजल की तरह देखो उसके माथे के बीच में हल्का सा लालपन दिख जाएगा जो उसके सिंदूर के कारण है,जिसे उसने अभी अभी धोया था,तुम्हारी काजल भी ऐसे ही सिंदूर को धोकर चुसेगी “
उसकी बात से मेरे अंदर जलन और उत्तेजना की चोट बड़े ही जोरो से पड़ी और मैं उसे और भी पागलो की तरह चूमने लगा ,मेरे दांत उसके होठो में गाड़ने लगे थे और उनसे खून भी आने लगा था,लेकिन उसे इन बातो से कोई फर्क नही पड़ रहा था क्योकि वो भी अत्यधिक उत्तेजना में थी ..
फिर से मेरी नजर उस लड़की की ओर गई ,उस शख्स का लिंग अब उसके मुह में था और वो उसे पूरे जोश में चूस रही थी वही उसके योनि में एक लिंग उसके अंदर घुसकर सवारी करने लगा था बाकी के लोग भी नंगे हो चुके थे और उसके जिस्म से खेल रहे थे……अब पूरे कमरे में सिर्फ हम दोनो के ही जिस्म में कपड़ा बचा हुआ था …मैने हाथो को पीछे ले जाकर शबनम के गाउन का चैन खोल दिया और उसके गाउन को उसके कंधों से नीचे तक सरका दिया उसकी तनी हुई ब्रा मेरे सामने आ गई थी जिसमे से उसके मादक भरे हुए चुचे झांकने लगे थे,मैं आने हाथो से उसे दबाने लगा,शबनम भी मेरे सर को पकड़े हुए अपने होठो में घुसा रही थी ,हम दोनो या तो एक दूसरे के होठो को चूस रहे थे या फिर एक दूसरे के चहरे को गीला कर रहे थे,आग बढ़ने लगी थी ,हमारे अंदर भी और कमरे में मौजूद लोगो के अंदर भी ,लोग जिसे मन करे उसे पकड़ कर अपना लिंग उनके मुह में या योनि में डाल रहे थे,,एक दो लोगो ने तो लड़कियों के पिछवाड़े में भी लिंग घुसा रखा था,,फिर भी कुछ लडकिया ऐसी थी जो अब भी खाली थी और अपने बारी का इंतजार कर रही थी,दो बाल्टियों में पैसे बटोरे जा चुके थे,और सभी ओर बस हवस ही हवस दिखाई दे रही थी ,लड़कियों की चीखने की आवाज से लेकर हल्की हल्की सिसकियों तक ,और मर्दो के गरजने से लेकर फच फच की आवाजो से पूरा कमरा गूंजने लगा था,
मैं भी अपने पूरे शबाब में था एक तरफ काजल का चहरा मेरे दिमाग में घूम रहा था तो दूसरी तरफ शबनम का कोमल जिस्म मेरे हाथो में था,
शबनम भी मेरे कपड़ो को उतारने लगी थी ,और मैंने उसके गाउन को निकाल कर ही फेक दिया ,शबनम ने मुझे रोका और एक लड़की को इशारा किया ,दो लडकिया पास में सटे हुए कमरे में जाकर गड्ढे निकालने लगी,यंहा तो सभी लोग फर्श में ही शुरू हो गए थे,लेकिन इससे किसी को चोट भी आ सकती थी वो गड्ढे लगाने लगी,मैं फिर से शबनम को पकड़ने को हुआ लेकिन उसे मुझे झडक दिया ..
“पहले गड्ढे लगा देते है,”मेरा दिमाग तो खराब हुआ लेकिन मैं जल्दी से उस कमरे की ओर भगा ,लोग अपने काम क्रिया में व्यस्त थे हम उन्हें बिना डिस्टर्ब किये ही गड्ढे लगा देते और वो फिर उसने आ जाते,10 मिनट में ही सभी मोटे मोटे गद्दों के ऊपर थे सभी गड्ढे एक दूसरे से जुड़कर एक बड़ा सा एरिया तैयार कर दिया था,जंहा जो चाहे वो जिसे चाहे उसके ऊपर चढ़ रहा हटा,मैं भी शबनम को उस गड्ढे में पटक दिया ,हम और उसे चूमने लगा,गड्ढे निकालने वाली 2 लड़कियों ने भी हमे जॉइन कर लिया था,शायद उनसे भी सहन नही हो रहा था,एक मेरे लेट गई और मेरे पीठ को चूमने लगी , दूसरी मेरे बाजू में आ गई थी ..
शबनम मेरे नीचे थी और एक लड़की मेरे ऊपर ये मेरे लिए किसी जन्नत से कम नही था,मैंने जल्दी से ही शबनम के बाकी के कपड़े खोल दिए जबकि लडकिया मेरे कपड़े खोलने में लगी हुई थी ,अब हम दोनो भी नंगे थे …….
पूरे कमरे में किसी के भी जिस्म में कोई कपड़ा नही बचा था,आज मुझे समझ आया था की इसका महत्व क्या है,इसका महत्व था की हम सभी बिल्कुल ही आजाद महसूस कर रहे थे,और सेक्स से भरे हुए हमारे अंदर किसी भी सही गलत की भावना का जन्म नही हो रहा था,हम बस डूबने को आतुर थे,सभी के सभी ……
अब यंहा कोई कस्टमर या कोई काल गर्ल नही रह गई थी ,रह गए थे तो जिस्म ,,,महिला और पुरुषो के जिस्म जो की एक दूसरे में डूब जाने को आतुर थे…
सभी इडेन्टिफिकिशन खत्म हो चुके थे,सभी की आंखे भारी थी और बिना कुछ सोचे समझे बस जो मिला उसे फील कर रहे थे ,एक आदमी ने शबनम को अपनी ओर खिंच लिया और मैं धीरे से मेरे बाजू में सोई हुई लड़की के ऊपर चला गया ,मेरा लिंग शबनम के योनि में धसा लेकिन उसके चहरे के पास किसी दूसरे मर्द का चहरा था,वो उसके होठो में अपने होठो को भरे हुए सिसक रही थी जबकि मैं बाजू में सोई हुई लड़की के ऊपर चढ़ा हुआ उसके होठो को चूम रहा था ,मैं शबनम के ऊपर तिरछा हो गया था,मेरे पैर कही और थे और मेरी कमर बस शबनम के ऊपर थी मैं उसे जोरो से धक्के मार रहा था जबकि मेरा पूरा धड़ उस लड़की के ऊपर था……
थोड़ी देर में ही हम खिसकते हुए एक दूसरे से चिपकने लगे थे,सभी मर्द और लडकिया एक दूसरे में गुथे जा रहे थे,ना जाने मेरे ऊपर कौन था ना जाने मेरे नीचे कौन था,ना जाने मेरा लिंग किसके योनि में या मुह में जा रहा था,ना जाने मेरा मुह किसके मुह और योनि में जा रहा था,समझ कुछ भी नही आ रहा था,पूरे 20 कस्टमर ,15 लडकिया ,मैं और शबनम सभी एक साथ हो चुके थे और एक दूसरे के ऊपर थे ,मुह जंहा जाने लगता चाटने लगते और लिंग जंहा घुस जाता हिलाने लगते,वही हाल सबका था वही हाल मेरा था,वही हाल लड़कियों का भी था…………
ये खेल कब तक चला मुझे पता नही लेकिन आखिरी हालत बेहोशी ही थी ……..

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