अध्याय 12
मुश्किल तो था,हा बहुत मुश्किल था …..
खुद को रोक पाना जबकि काजल मेरे सामने खड़ी थी ,जब मैं पुलिस स्टेशन पहुचा तो काजल बैठे इंस्पेक्टर से बात कर रही थी वही अजीम का कही अता पता ही नही था,मेरे लिए आश्चर्य की बात थी की वँहा पर वो डॉ चुतिया भी मौजूद था,उसने मुझे बड़े ही आश्चर्य से देखा लेकिन जब शबनम जाकर काजल से गले मिलने लगी तो उसका आश्चर्य थोड़ा कम हो गया…काजल ने तिरछी नजरो से मुझे देखा…
हम दोनो ही मजबूर थे की सब के सामने हम एक दूसरे से मिल भी नही सकते थे,मेरे दिल में तो आया की मैं जाकर उसके गले लग जाऊ लेकिन क्या करू,मैं तो मजबूर था,वही हाल काजल का भी हो रहा था,वो भी मेरे गले लगने को बेचैन थी ,वो बार बार मेरी ओर देख रही थी ,वो अपना स्वाभाविक स्वभाव खो चुकी थी जिसका असर उसके हाव् भाव से साफ पता लग रहा था,…
कोई भी एक्सपीरियंस आदमी ये बता सकता था की हम दोनो ही थोड़े बेचैन है…
और मेरे ख्याल से डॉ एक्सपीरियंस वाला था ,क्योकि उसके भी चहरे के भाव बदलने लगे थे,वो हमे ऑब्जर्व कर रहा था,….
वँहा क्या हुआ था ये तो मुझे पता नही लेकिन मैं काजल से मिलने को बहुत ही उत्तसुक जरूर था..
“ओके डॉ साहब थैंक्स ..”
हम बाहर आ चुके थे,
“अरे इसमें थैंक्स की क्या जरूरत है,तुमने मेरा काम कर दिया और मैंने तुम्हारा …यही तो डील थी “
काजल का काम …मैं ये क्या सुन रहा था,जैसे मैं अचंभित था वैसे ही शबनम भी अचंभित थी…
लेकिन काजल ने डॉ को इशारा किया और डॉ को अपनी गलती का अहसास हो गया…
“तो मैं निकलता हु ..”
“ओके डॉ “
काजल मेरी ओर पलटी ही थी ..
“ऐसे तुम दोनो में क्या चल रहा है ..”डॉ के चहरे में एक कुटिल मुस्कान छा गई थी ..
“कुछ… कुछ भी तो नही ..”
काजल बड़ी ही परेशानी से बोल पाई ..
“बेटा मेरा नाम डॉ चुतिया है मुझसे छिपा कर क्या करोगे,ऐसे भी मैं पता लगा ही लूंगा “
डॉ की बात से काजल थोड़े सकते में आ गई
“फिक्र मत करो मैं किसे बताने जा रहा हु ,नही बताना है तो मत बताओ..”
डॉ ने हंसते हुए कहा
“ये मेरे पति है ..”काजल ने आखिर डॉ के सामने राज खोल ही दिया.
“लेकिन प्लीज् किसी को पता ना चले..वरना हमारी नॉकरी जा सकती है,और जो अभी हो रहा है उसमे तो हमारी जान भी जा सकती है…सबको यही लगेगा की हम दोनो मिले हुए है…और इनफार्मेशन लीक करते है”
“ओके ओके मेरी तरफ से तुम दोनो ही निश्चिंत रहो ,लेकिन यार ऐसे काम और ऐसे पैसे का क्या करना जब संबंध ही मुसीबत में पड़ जाय ..और जिस तरह की जिंदगी तुम जी रहे हो या जीना चाहते हो उससे कई प्रॉब्लम हो सकती है…”
डॉ की बात सही थी हम अब भी कौन सी अच्छी जिंदगी जी रहे थे..
“जी डॉ लेकिन ….जो शुरू कर दिया है उसे खत्म भी तो करना होगा ना…”
डॉ ने हा में सर हिलाया और वँहा से चला गया ,लेकिन मेरे लिए बड़ी मुस्किल पैदा कर दी थी ,काजल ने ना जाने क्या क्या मुझसे छिपा कर रखा था…
मैं उसे आंखे बड़ी करके देखने लगा ,रात का समय था लेकिन स्टेशन में अब भी कुछ लोग थे ..
“चलो तुम्हे घर छोड़ देता हु..मुझे रश्मि ने बुलाया है “
मेरे काजल से कहे पहले शब्द थे ,हम गाड़ी में बैठे और काजल मेरे साथ वाली सीट में बैठी थी,उसने मेरे सर को पकड़ कर मेरे होठो को अपने होठो में मिला लिया…
मैं भी बेताबी से उसे चूम रहा था..जब हम अलग हुए ,
“ये सब क्या है काजल “
काजल की होठो में मुस्कान आ गई ,वो भी जानती थी की मैं ना जाने कितने देर से ये सब पूछना चाहता था लेकिन नही पूछ पा रहा था..
“सब पता चल जाएगा,लेकिन ये सही जगह नही है,आप पहले घर आइये ..”
मैं काजल को घर छोड़ कर होटल चला गया ,रश्मि बहुत ही बेचैन लग रही थी…..
“कितनी देर लगा दी तुम दोनो ने ..”
वो सच में बेचैन थी मुझे तो लगा था की वो खुस होगी …
“वो रश्मि हम पुलिस स्टेशन गए थे ..”
शबनम ने कहा .मैंने उसे आश्चर्य से देखा उसे ये बोलने की क्या जरूरत थी .
“कुछ पता चला “
रश्मि को जैसे कोई फर्क नही पड़ा ..
“काजल को छोड़ दिया गया है ,लेकिन अजीम नही दिखा,शायद उसे कही और रखा गया हो ..”
“हे भगवान “
,रश्मि अपना सर पकड़ के बैठ गई थी …
मुझे मामला कुछ समझ नही आ रहा था ..
“रश्मि तुम इतने चिंता में क्यो हो ये तो अच्छा ही हुआ ना,इससे हमारे होटल को फायदा होगा “
रश्मि ने मुझे घूरा …
“हम्म लेकिन अजीम मेरा पति था,मेरा पहला प्यार था वो ..”
ये लडकिया भी बड़ी अजीब होती है ,जिस आदमी को बर्बाद करने की कसम खाई थी आज उसके लिए ही इतनी चिंता में थी …
अब मैं क्या बोलता ..
“कोई बात नही छूट जाएगा ,खान साहब बहुत ही पहुचे हुए आदमी है “
मैं उसे थोड़ा शांत करने के लिए कहा …
“नही नही छूटेगा वो …उसके पापों की तो उसे सजा एक ना एक दिन मिलनी ही थी ….ये कोई छोटा मोटा केस नही है ,और उसे फसाने वाला उसका ही कोई आदमी है ,वरना जंहा तक मैं अजीम को जानती हु वो साला एक नंबर का हरामी था,वो इतनी जल्दी फसने वालो में तो नही था……….”
मेरे सामने काजल का चहरा उभर गया,लेकिन वो उसे क्यो फसाने लगी ….
“कहा खो गए “
मैं अपने खवाबो से बाहर आया
“कही नही ….लेकिन तुम तो उससे बदला लेना ही चाहती थी फिर क्यो इतना दुखी हो रही हो…”
मैंने यू ही पूछ लिया,वो एक गहरी सास ली ..
“तुम नही समझोगे देव..पति-पत्नी का रिश्ता होता ही कुछ ऐसा है,माना हम दोनो का अब तलाक होई चुका है,माना की हम गलत रास्ते पर थे ,लेकिन फिर भी वो मेरा पति था…कुछ दर्द तो रह ही जाता है …जब तुम्हारी शादी होगी शायद तब तुम्हे समझ आये ……..”
मेरी शादी…????मुझसे अच्छा कौन जान सकता था की पति पत्नी का रिश्ता क्या होता है…..उसका तो तलाक हो चुका है,मैं तो उसी घर में रहता हु,एक बिस्तर में सोता हु,फिर भी मुझे पता नही चल पा रहा है की आखिर उसके दिमाग में चल क्या रहा है………
“ठीक है तुम लोग जाओ …मैं खामख्वाह तुम लोगो को परेशान कर दी “
रश्मि ने गहरी सांस ली ………..

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