सर-तो हो जाओ सुरू
सर के इतना कहते ही.वो मेरी तरफ गुस्से से देखने लगी.
पर उसके पास बोलने को कुछ था ही नही. वो कुछ बोल भी नही सकती थी. वो बस देख रही थी कि कब मैं लंड को उसकी चूत मे डालूँगा.
उसकी 2 बार चुदाई हो चुकी थी. एक सर ने की थी और एक मैं ने की. दोनो चुदाई बिना रुके सुरू हुई थी. पहले सर ने उसकी चुदाई की तब मैं उसके मूह की चुदाई कर रहा था. सर का पानी निकल्ते ही मैं ने उसकी चुदाई करना सुरू की और सर ने उसके मूह मे अपना लंड डाला था.मेरा वीर्य निकलते ही सर ने फिर उसकी चूत मारी थी.
उसे आराम करने के लिए समय नही मिल रहा था.अभी थोड़ा समय मिला था कि मैं ने फिर चुदाई करने की बात की जिस से उसको मेरे उपर गुस्सा आया.
पर इस बार मेरे दिमाग़ कुछ ऑर ही चल रहा था. मुझे उसकी गान्ड मारनी थी.
मैं ने सर के कान मे धीरे से बात करना सुरू किया.
अवी- सर मुझे उसकी गान्ड मारनी है.
सर-क्या गान्ड मारनी है.
अवी-हाँ
सर-मैं ने अभी तक उसकी गान्ड नही मारी है. मुझे गान्ड मारना पसंद नही है. और शायद उसे भी गान्ड मरवाना पसंद नही होगा.तू उसे पूछ कर देख अगर मान गयी तो ठीक है नही तो चूत मार लेना
अवी-सर अगर आप उसे कहेंगे तो वो मान जाएगी.
सर-मुझे नही लगता कि वो मानेगी. उसे देख कर लगता है कि उसने कभी गान्ड नही मरवाई है.
अवी-सर आप थोड़ा गुस्से मे बोल कर देख लीजिए.अगर मान गयी तो ठीक है वरना……….
सर-ठीक है देखता हू(कैसी मुसीबत मैं फस गया. अगर अवी की बात नही मानी तो वो किसी को भी बता सकता है.ये लड़की तो किसी को नही बताएगी.पूछ ही लेता हू) रूको मैं पूछता हू.
प्रिन्सिपल सर ने उस लड़की को पूछ लिया. वो मना कर रही थी. पर सर के आगे उसे झुकना पड़ा. उस ने हाँ कर दी.
उसके हाँ करते ही मेरा लंड फिर खड़ा हो गया.
मैं ने फिर उसे घोड़ी बना दिया. लंड पर इस बार कॉंडम मैने खुद लगा लिया.
लंड को उसके मूह मे डाल दिया. और गीला करने लगा. उसने लंड को चूस कर गीला किया. थोड़ी देर लंड चूस ने के बाद मैं ने लंड को उसके मूह से बाहर निकाला. और उसके पीछे आ गया.
मैं ने सर को कहा कि अपना लंड उसके मूह मे डाल दो. सर ने लंड को उसके मूह मे डाल दिया. उस ने सर के लंड को चूसना सुरू किया.
इस बार गान्ड मारने के लिए मेरे पास तेल नही था. मैं ने सर को कहा कि बिना तेल के कैसे.
सर ने कहा कि थूक लगा कर पेल दो.
मैं ने उसकी गंद पर थूक लगा दी. पहली बार बिना तेल के,बिना उंगली डाले गंद मारने वाला था.
मुझे पता था कि बिना तेल के उसको बहोत ज़्यादा दर्द होने वाला था.
फिर भी मैं ने लंड को उसकी गंद के छेद पर रख दिया. और एक ज़ोर दार झटका मारा .बड़ी मुश्किल से मेरा टोपा उसकी गंद मे चला गया. जितना सोचा था उसकी गंद उतनी ही टाइट थी. उसके मूह से गॅप गॅप की आवाज़ आ रही थी. वो तो अच्छा हुआ की सर का लंड उसके मूह मे था. मैं ने उसकी कमर को पकड़ कर दूसरा झटका मारा कि 4 इंच तक लंड अंदर गया.
उसका बदन दर्द से कापने लगा. उसके आँखो से पानी निकल रहा था. मैने थोड़ी देर ऐसा ही खड़े रहने का सोचा. सर ने उसका दर्द कम करने के लिए उसके दूध दबाना सुरू कर दिए. पर मूह से लंड को बाहर नही निकाला.
थोड़ी देर बाद वो नॉर्मल हो गयी. सर ने मुझे उतने ही लंड से गंद मारने को कहा. उसको नॉर्मल होता देख कर मैं ने आधे लंड को हिलाना सुरू कर दिया. उसे पहले थोड़ा दर्द हुआ पर सर का लंड मूह मे और सर के हाथो मे उसके बूब्स के वजह से उसे दर्द के साथ मज़ा भी मिल रहा था. 2 मिनिट तक इसी तरह मैं उसकी गंद मारने लगा.अब सर ने लंड को उसके मूह से बाहर निकाल लिया और सिर्फ़ उसके दूध दबाने लगे.
अब मुझे लगा कि वो पूरा लंड अंदर ले सकती है तो मैं ने एक ही झटके मे पूरा लंड अंदर डाल दिया.
वो इस बार दर्द से तड़फ़ ने लगी .सर ने फिर से लंड को मूह मे डाल कर उसकी आवाज़ को दबा दिया.
इस बार भी मुझे थोड़ी देर रुकना पड़ा. पर इस बार मैं ज़्यादा देर रुक गया.उसे नॉर्मल होने मे ज़्यादा समय लगा.
थोड़ी देर रुकने के बाद मैं ने लंड को हिलाना सुरू कर दिया. पूरा लंड गंद मे बड़ी मुश्किल से जा रहा था. फिर भी मैं लंड को उसकी चूत मे पेलता रहा. 5 मिनिट के बाद उसका दर्द कम हुआ. फिर मैं ने धक्के मारने की गति बढ़ा दी..
सर भी मेरी चुदाई देख कर मुश्कुरा रहे थे.
हम दोनो ने फिर उसकी रेल बना दी. उसके बदन मे अब चुदाई करने के लिए ताक़त नही थी. वो पूरी तरह से थक चुकी थी.
वो तो अच्छा हुआ कि मैं ने उसकी कमर पकड़ हुई थी और सर ने उसके कंधे को पकड़ा हुआ था जिस से वो घोड़ी बन कर मज़ा ले रही थी. नही तो वो कब की नीचे गिर जाती.
पर उसकी गंद इतनी टाइट थी कि 10 मिनिट ने बाद मुझे उसके गंद के सामने अपनी हार माननी पड़ी.मेरा वीर्य निकल गया. साथ ही सर ने भी अपना पानी उसके मूह मे डाल दिया.
मैं ने लंड को गंद से बाहर निकाला. कॉंडम पर खून लगा हुआ था. मैं ने कॉंडम निकाल दिया.
जैसे ही मैं ने और सर ने लंड बाहर निकाल लिए वैसे ही वो ज़मीन पर गिर गयी .
मैं ने जिस तरह उसकी गंद मारी थी उसके देखते हुए मैं ने सोचा अब निकल जाता हू बाद मे आकर देख लूँगा. मैं लंड को साफ किया और कपड़े पहन कर सर को कहा कि मैं चलता हू. फिर 7.00 पीएम बजे आ जाउन्गा. सर ने इशारा कर के जाने को कह दिया.
