मैं पूजा बुआ के घर की ओर चला गया. रास्ते मे मैं ने कोमल को बता दिया कि आज मैं पढ़ाई करने नही आ रहा.
पूजा बुआ ने मुझे देखते ही मेरे गाल पर थप्पड़ मार दिया. मैं, गाल को हाथो से सहलाने लगा.
थप्पड़ मारने के बाद बुआ मेरे गले लग गयी. मैं बस बुआ को देखता रहा पहले थप्पड़ मारा और अब मुझे गले लगा लिया.
गले लगने से बुआ के दूध मेरे चेस्ट मे दब गये.मैं बुआ के दूध को महसूस कर रहा था.
थोड़ी देर हम ऐसे ही खड़े रहे. फिर मैं ने बुआ को अलग किया.
अवी-राज कहाँ है
पूजा बुआ-वो स्कूल मे गया है
अवी-मुझे थप्पड़ क्यू मारा आपने
पूजा बुआ-तुम्हे इतने दिनो के बाद मेरी याद आई.
अगर आज तुम नही आते तो कल मैं तुम्हारे घर आ जाती.
अवी-इतनी आग अच्छी नही है
पूजा बुआ-आग भी तो तुम ने लगाई है. 3 4 दिन मेरे साथ रोज चुदाई करके अचानक बंद कर दोगे तो मेरा क्या हाल होगा ये तुम ने सोचा नही. और तुम ने तो कहा तो कि हफ्ते मे एक बार मेरी चुदाई करोगे .उसका क्या हुआ.
अवी-अब तो आ गया हू ना. अब क्या सिर्फ़ बाते ही करेगी या…
मेरे इतने कहते ही बुआ मेरे उपर टूट पड़ी . मैं भी आज बुआ की आग पूरी तरसे बुझाने के इरादे से आया था.
मैं जानवरो की तरह बुआ के होंठो को चूस ने लगा. बुआ को मेरा इस तरह से प्यार करना पसंद आया.वो भी पूरे जोश के साथ मेरे होंटो को निचोड़ने लगी.
बुआ ज़्यादा ज़ोर से किस कर रही थी. कभी मे होन्ट चूस्ति तो कभी मेरी जीभ या कभी अपनी जीभ मेरे मूह मे डाल देती.
मैं भी पूरे जोश मे आकर बुआ को किस कर रहा था. मैं भी बुआ की तरह कभी बुआ के होन्ट चूस्ता तो कभी मैं बुआ की जीभ को चूस लेता.
हम दोनो ऐसे ही किस करते रहे. मेरा पास समय कम था राज कभी भी स्कूल से वापस आ सकता था.और मुझे बुआ की आग भी भुज़ानी थी.
10 मिनिट तक मैं बुआ के होंटो को चूस्ता रहा फिर मैं ने किस तोड़ दिया. इस जोरदार किस की वजह से हम दोनो हाँफने लगे.
मुझे रात मे चाची के साथ भी करना था पर मुझे बुआ से 2 महीने अलग रहना है . मैं बुआ की 2 महीने की पूरी प्यास आज ही बुझाने के मूड मे था.
किस के बाद बुआ लंबी लंबी साँसे लेने लगी. मैं ने बुआ को नॉर्मल होने से पहले ही गोद मे उठा कर बेडरूम ले गया. बेडरूम मे जाते ही मैं ने बुआ के कपड़े निकाल दिए.
फिर मैं ने बुआ को बेड पे लिटा दिया.बुआ को अपनी चूत की चुसाइ अच्छी लगती है.अगर कोई बुआ की चूत चूस ले तो बुआ उसकी गुलाम हो जाए.
मैं आज बुआ की चूत चूस कर बुआ को पूरी तरसे खुश करना चाहता था.
मैं अपना सर बुआ के टाँगो के बीच ले गया .और बुआ की चूत पर हल्के हल्के किस करने लगा. बुआ को जैसे यही चाहिए था.बुआ मेरे किस करने से ही सिसकारियाँ लेने लगी.
……..आआआआहह……………आआआआहह……………आआआआहह…….
फिर मैं बुआ की चूत को चाटने लगा. फिर जीभ चूत मे डाल कर बुआ को मज़ा देने लगा.कभी जीभ से चूत को चाट लेता तो कभी दाने को जीभ से सहला देता.
जिस से बुआ सिसकारियाँ लेने लगी…..आआआआहह…………….मज़्ज़्ज़्ज़ाआआआआआआआअ आ रहा हाीइ………….उफफफफफफफफफफफ्फ़………चूस और ज़ोर से चूस……….
बुआ की सिसकारियों से जैसे मेरा जोश बढ़ रहा था.मैं बुआ की चूत ज़ोर से चूस ने लगा.मैं बुआ की छूट को चूस चूस कर लाल कर देना चाहता था.आज मेरे अंदर जैसे जानवर घुस गया हो वैसे मैं बुआ की चूत को चाटने लगा.बुआ को ये बर्दास्त नही हुआ. और बुआ ने पानी छोड़ दिया .
बुआ के पानी छोड़ ने के बाद भी मैं ने चूत को चूसना बंद नही किया. जिस का नतीजा ये निकाला कि बुआ ने एक और बार पानी छोड़ दिया. फिर मैं बुआ का पानी पीने के बाद बुआ के उपर से उट गया.
मैं ने अपने कपड़े निकाल कर लंड को बुआ की चूत पर रख कर एक ही झटके मे पूरा अंदर डाल दिया .
ये सब मैं ने इतनी जल्दी किया कि बुआ अपने चूत चूसने के मज़े से बाहर आने से पहले ही मेरा लंड बुआ की चूत मे चला गया था. लंड चूत मे जाते ही बुआ को एक झटका लगा. और बुआ की चीख निकल गयी.
म्म्म्मममममममाआआआआआआआआआ…………..र्र्रररीईईईईईई……….माअरर्र्र्र्र्र्र्र्ररर गाइिईईईईईईईईईईईईईईईई………………..ऊऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईईईईईई………………मेरी चूत फट गयी
बुआ की चीख सुनकर मैं रुका नही बल्कि धक्के मारने लगा. मैं राजधानी एक्सप्रेस के तरह लंड को बुआ की चूत मे पेलते रहा. बुआ चिल्ला रही थी. मुझे बुआ की चीखे जैसे सुनाई नही दे रही थी. मैं तो अपने धक्के मारता गया.
मेरे धक्के से बुआ की चूत पानी पे पानी छोड़ रही थी.पानी छोड़ने के बाद भी मैं धक्के पे धक्के मारने लगा. बुआ का बुरा हाल हो रहा था. साथ ही मज़े ले रही थी.
……..आआआआहह……………आआआआहह……………आआआआहह…….
ऐसे ही. और ज़ोर से मार …फाड़ डाल मेरी चूत को.
बुआ की बात सुनकर मैं ज़ोर से धक्के मारने लगा.
आख़िर कार मेरा वीर्य बुआ के चूत मे गिर गया. बुआ ने भी अपना पानी छोड़ दिया. हम दोनो ने एक साथ पानी छोड़ दिया.पानी छोड़ते ही मैं बुआ के उपर गिर गया और बुआ के साथ हाँफने लगा.
