मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 58

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं बेड पर लेटा था कि थोड़ी देर बाद मुझे किसिके आने की आहट हुई.

मैं ने गेट की ओर देखा ,गेट पर छोटी चाची खड़ी थी. छोटी चाची को देख कर मुझे थोड़ी राहत मिली.

छोटी चाची के हाथो मे एक सफेद कपड़ा और एक कटोरी थी.चाची ने गेट बंद किया. और मेरे पास आ गयी. कटोरी को मेरे हाथो मे दे दिया. कटोरी मे तेल था.

तेल को देख कर मैं समझ गया कि चाची रसोई घर मे जाकर गंद मारने के लिए तेल लेकर आई थी.

चाची कटोरी मे से तेल निकाल कर मेरे लंड पर लगाने लगी. तेल लगाने से मेरा लंड फिर खड़ा हुआ जो चाची के जाने के बाद बैठ गया था. तेल लगाने से लंड चमक रहा था.

सी चाची-ये लो तेल .अपनी उंगली मे लगाकर पहले मेरी गंद की मालिश करो. फिर उंगली से गंद की चुदाई करके लंड के लिए जगा बना दो. याद रखना तुम्हारे चाचा ने अभी तक मेरी गंद नही मारी.

अवी-चाची की बाते सुनने के बाद मैं ने पूछा आप मुझ पे गुस्सा तो नही हो

सी चाची-मैं कभी तुम पे गुस्सा हो सकती हू क्या. अब जल्दी मेरी गंद मारो नही तो मैं अपना इरादा बदल दूँगी. और हाँ अपना पानी मेरी चूत मे डालना. अगर तुमने पानी चूत मे नही डाला तो अगली बार गंद मारने नही दूँगी

मैं ने उंगली पर अच्छे से तेल लगा लिया. चाची पलट कर घोड़ी बन गयी. मैं चाची की गंद के छेद पे उंगली घुमाने लगा.

चाची की गंद टाइट थी. मैं ने उंगली पे ज़ोर लगा दिया. मेरी उंगली चाची की टाइट गंद मे चली गयी. चाची की हल्की चीख निकल गयी.

मैं उंगली को आगे पीछे करने लगा. चाची की गंद मेरी उंगली के हिसाब से खुलने लगी. जैसे ही चाची को मज़ा आने लगा मैं ने तेल की कटोरी को उठाकर तेल चाची की गंद मे डालने लगा. मेरी उंगली फिर से तेल मे भीग गयी.

अब मैं ने अपनी दूसरी उंगली भी अंदर डालकर चाची की गंद ,दो उंगली से मारने लगा.

जब मुझे लगा कि चाची की गंद खुल गयी तब मैं ने उंगली को गंद से बाहर निकाला.

मैं ने चाची को कहा कि मैं अब लंड गंद मे डाल ने जा रहा हू.

चाची -डाल दो पर आराम से करना. और चाची ने वो सफेद कपड़ा उठा कर मूह मे डाल लिया. जिससे उनकी आवाज़ बड़ी चाची को ना सुनाई दे. ये देख मैं और जोश मे आ गया. पर मैं ने ये भी याद रखा कि वो मेरी चाची है.

मैं ने फिर से लंड पर तेल लगा लिया. बाकी का तेल गंद पर डाल दिया. लंड को गंद के छेद पर रख कर एक झटका मारा कि मेरे लंड का टोपा चाची की गंद मे चला गया. चाची की दबी हुई हल्की चीख निकली.

मेरा टोपा चाची की गंद मे चला गया. चाची की दबी हुई चीख सुनकर मैं ने थोड़ा रुकने का फ़ैसला किया. मैं थोड़ी देर रुक कर चाची के बूब्स को दबाने लगा. 2 मिनिट तक ऐसे ही रहने के बाद चाची का दर्द कम हुआ.

फिर मैं ने एक ओर झटका मारा कि लंड 4 इंच तक अंदर गया. चाची को दर्द होने लगा. चाची की आँखो से पानी आने लगा.

चाची के मूह मे कपड़ा होने से कुछ बोल नही पा रही थी. पर मैं समझ गया कि चाची मुझे रोकने को कह रही है.

मुझे पूजा बुआ की याद आ गयी. कैसे मैं ने जल्द बाज़ी मे गंद मारी थी. गंद मारने के बाद बुआ ने आज तक मुझे दुबारा गंद मारने नही दी. मैं चाची की गंद को खोना नही चाहता था.

मैं थोड़ी देर रुक ने के बाद आधे लंड को आगे पीछे करने लगा. चाची को दर्द हो रहा था पर उतना नही जितना किसिको पहली बार मे होता है.

थोड़ी देर धीरे धीरे गंद मारने से और चूत मे उंगली करने से चाची को कुछ राहत मिली.अब चाची को भी मज़ा आ रहा था. ये देख कर मैं ने लंड को एक झटके मे पूरा अंदर डाल दिया .

चाची फिर चीख पड़ी पर मूह मे कपड़ा होने से उनकी चीख दब गयी.

चाची ने मेरे तरफ देखा ,चाची की आँखो मे पानी था. चाची के चेहरे पे दर्द दिख रहा था. चाची का पीछे देखने का मतलब मैं समझ गया.

मैं थोड़ी देर ऐसे बिना लंड हिलाए रुक गया .चाची मूह मे से कपड़ा निकाल कर मुझे रुकने को बोल सकती थी. पर चाची ने ऐसा नही किया.

चाची के दिमाग़ मे क्या चल रहा है मुझे पता नही चल रहा था.

मैं उंगली को चूत मे आगे पीछे करने लगा. ज़ोर ज़ोर से उंगली को चूत मे डाल कर चाची का दर्द कम करने की कोशिस कर रहा था.

मेरी मेहनत रंग लाने लगी. चाची की चूत से पानी निकल गया. पानी निकलने से चाची को थोड़ी राहत मिली. चाची का दर्द कम हो गया.

फिर मैं लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा. चाची मे बड़ा दम था. वो जल्दी ही मज़ा लेने लगी. मैं भी धीरे धीरे गति बढ़ाने लगा.

मैं धक्के लगा रहा था. चाची के मूह से गुण गुण की आवाज़ निकल रही थी.

फिर मैं ने अपनी गति ओर बढ़ा दी. चाची भी थोड़ी देर मे मेरे रंग मे घुल गयी. चाची भी मेरे धक्के के साथ पीछे आ जाती जिस से मेरा लंड आराम से अंदर चला जाता.

मैं धक्के मार रहा था और चाची भी धक्के मार रही थी. मैं लंड से गंद मार रहा था और चाची गंद से लंड मार रही थी.मतलब मैं पीछे से धक्के मारता तो चाची अपनी गंद पीछे कर देती. इधर मेरी ताक़त और उधर चाची की.

पर चाची की टाइट गंद के आगे मुझे झुकना पड़ा . 20 मिनिट मे ही मुझे लगा मेरा पानी निकल जाएगा. मैं ने लंड को गंद से बाहर निकाला. और चाची की चूत मे डाल दिया. चूत मे 10 धक्के मारने पर मेरा वीर्य चाची की चूत मे गिर गया.

वीर्य निकल ने के बाद मैं ने लंड बाहर निकाल लिया.और बेड पर गिर गया.

मैं ने चाची के चेहरे को देखा उनके चेहरे पर दर्द नही दिख रहा था. चाची ने मूह मे से कपड़ा निकाल लिया. और एक लंबी साँस ली.

चाची थोड़ी देर बेड पर लेटी रही. फिर उठ कर कपड़े पहनने लगी.

कपड़े पहनने के बाद वो सफेद कपड़ा उठा लिया साथ ही तेल की कटोरी भी उठा ली. और मेरे सर पे किस दे कर अपने कमरे से चली.

चाची के किस ने मुझे बता दिया कि वो मुझ पर गुस्सा नही है. उन्हे भी गंद मरवा कर मज़ा आया.

चाची के जाने के बाद मैं चाची की चुदाई के बारे मे सोचते हुए नंगा ही सो गया

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