मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 37

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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रात मे दो बार चुदाई करने से मैं ज़्यादा देर तक सोता रहा. बुआ भी मेरी तरह सोती रही. आज राज पहले उठ गया. फिर राज ने बुआ को उठाया और फिर मुझे.

मुझे और कुछ देर तक सोना था पर राज कहाँ मानने वाला था.

मैं नाश्ता कर के अपने घर चला गया. मुझे नींद आ रही थी और खाना भी बनाना था तभी किसीने गेट खटखटाया .मुझे लगा माला आई होंगी. अच्छा होगा अगर माला आई तो खाना उसीको बनाने को कह दूँगा.

मैं ने गेट खोला सामने एक लड़का खड़ा था. उसके हाथो मे एक दवा(बॉक्स) था. उसने दबा मुझे दी. मैं पूछा किसने दिया तो उसने कहा कि आपकी बुआ ने भेजा है.

वो लड़का चला गया .मैने उसे पहले कभी गाओं मे नही देखा था.

मैं ने सोचा शायद नीता बुआ ने भेजा होगा. क्यू कि नेहा बुआ तो कभी नही भेजेंगी. और पूजा बुआ के घर से तो मैं अभी आया हू . उनको टाइम लगेगा खाना बनाने मे.
तो ज़रूर नीता बुआ ने भेजा होगा.

मैं ने खाना खा लिया .खाना बहोत ही अच्छा था.
खाना खाने के बाद मैं सो गया.रात की कब्बड़ी की वजह से मैं सो गया.
दोपहर मे मेरी नींद खुल गयी. मैं फ्रेश हो कर नेहा बुआ के घर जाने के लिए तय्यार होने लगा. मुझे ख़याल आया कि आज माला नही आई. शायद उसे बुरा लगा होगा. स्कूल मे जाकर माला से माफी माँग लूँगा.

दोपहर मे नेहा बुआ के घर चला गया. मुझे पता था कि नेहा बुआ कभी भी मुझे खाना नही भेजेंगी. फिर भी मैं ने बुआ को पूछ लिया .मेरा अंदाज़ा सही निकाला.

नेहा बुआ के घर से होकर पूजा बुआ के घर चला गया. मुझे देखते ही बुआ ऐसे खुस हो गयी जैसे कोई हीरा मिल गया हो.

मैं पूजा बुआ को भी पूछा .यहाँ भी वही जवाब मिला.

आज पूजा बुआ ने खाना जल्दी बना लिया. मैं तो बुआ को देखते ही रह गया बुआ चुदाई के लिए कितनी तड़फ़ रही है.

बुआ ने राज को जल्दी सुला दिया. राज के सोने के एक घंटे के बाद बुआ ने मुझे उठाया .और आज हॉल की जगह स्वेता और शीतल के कमरे मे ले गयी.

बुआ-आज मैं ने ये कमरा साफ किया था

अवी-पर क्यू

बुआ-सोफे पे मज़ा नही आता . यहाँ पर बेड है .यहाँ पर खुल के चुदाई कर सकते है.

अवी-पर चुदाई करने से पहले ये बताओ कि राकेश की बहेन का क्या हुआ

बुआ-जब वो अपने मायके आ जाएगी तब पटा लूँगी

अवी-ठीक है

बुआ ने नाइटी निकाल दी. बुआ ने आज पैंटी नही पहेनी थी.

मैं ने भी अपने कपड़े निकाल दिए. बुआ को किस करने लगा. बुआ तो दिन भर चुदाई के बारे मे सोच कर पहले से गरम थी. वो भी मेरा साथ देने लगी.

थोड़ी देर चूसाई के बाद मैं बुआ को चोदने लगा. हमारी 30 मिनिट की चुदाई मे बुआ दो बार अपना कीमती पानी छोड़ चुकी थी.

चुदाई के बाद बुआ बाथरूम मे चली गयी. (बुआ के घर मे दो बाथरूम है. एक सबके लिए कामन और दूसरा स्वेता के कमरे मे )
बुआ को बाथरूम की ओर जाते वक्त मेरी नज़र बुआ की गंद पर गयी. क्या मस्त गंद है बुआ की. राकेश तो नही मारता शायद राज के पापा मारते होंगे.

बुआ की गंद देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हुआ. मैं उठ कर बाथरूम मे चला गया. बाथरूम का गेट खुला था. मैं अंदर चला गया .बुआ चूत साफ कर रही थी. मैं ने बुआ को पीछे से पकड़ कर गर्दन पे किस करना चालू किया. बुआ भी मेरा साथ देने लगी. थोड़ी देर बाद बुआ की चूत मे लंड डाल दिया. बुआ को घोड़ी बना कर चोद रहा था फिर पोज़िशन बदल दी . अब बुआ की चूत मारते हुए मैं ने उंगली को बुआ के गंद मे डाल दिया. बुआ की गंद का छेद कसा हुआ था. गंद मे उंगली डालते ही बुआ उछल गयी.

बुआ-अवी गंद मे उंगली मत करो

अवी-मुझे तो आपकी गंद पसंद आ गयी है

बुआ-ये गंद तो सबको पसंद आती है

अवी-आप गंद मरवा चुकी है

बुआ-राज के पापा को मेरी गंद पसंद है. वो हमेशा चूत मारने से पहले गंद मारते है

अवी-मुझे भी आपकी गंद मारनी है

बुआ-नही तुम्हारा लंड बड़ा है. मेरी चीख निकल जाएगी

अवी-क्या हुआ

बुआ-कल मार लेना पर आज नही

अवी-आज क्यू नही

बुआ-मेरी चीख सुन कर राज उठ जाएगा. कल मैं राज को नींद की गोली खिला दूँगी . तब मेरी गंद मारना

अवी-ठीक है

और मैं ने अपनी गति बढ़ा दी.

मैं ने इस बार वीर्य बुआ के मूह मे डाल दिया. बुआ ने भी सारा वीर्य पी लिया.

फिर फ्रेश होकर हम सो गये.

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