मुझे आज भी मोना की चुदाई देखने को नही मिली.
छोटी चाची भी आदमी की खोज मे लगी थी.,
फिर ट्युजडे , वेडन्ज़्डे , थर्स्डे , फ्राइडे , सॅटर्डे को भी मेडम की जम कर चुदाई की .कभी मेडम की चूत मारी तो कभी मेडम की गंद मारी.
फिर वो दिन आया जिसे मैं भूल नही सकता . वो दिन सनडे था. मैं दोपहर मे मेडम के घर गया तो मेडम अपना समान पॅक कर रही थी.
अवी-मेडम ये सब क्या है
मेडम- मैं अब वापस जा रही हू.
अवी-पर आप तो अगले महीने जा रही थी
मेडम-वो क्या है मेरा बेटा बीमार है. और वैसे भी कभी ना कभी तो जाना है. तो मैं आज शाम को जा रही हू.
अवी-पर मेडम
मेडम- मुझे पता है अब तुम्हे चुदाई का चस्का लगा है . अब तुम दूसरा शिकार ढूँढ लो. और आज आख़िरी बार मेरी चुदाई कर के मुझे गुरु दक्षिणा दे दो.
अवी-मेडम के कहते ही मैं मेडम को किस करने लगा .पर अब मैं धीरे धीरे किस कर रहा था.
मैं ने मेडम की नाइटी निकाल दी. मेडम के दूध को मसल्ने लगा. फिर धीरे धीरे जीभ से निपल को चाटने लगा. फिर दूध को मूह मे लेकर चूसने लगा. कभी लेफ्ट दूध को तो कभी राइट दूध चूसने लगा.उंगली से मेडम की चूत मारने लगा.
मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए . फिर हम 69 पोज़िशन मे आ गये. मेडम मेरे लंड को पागलो की तरह चूसने लगी. मैं भी पागलो की तरह चूत मे जीभ डाल कर तो कभी किस कर के चूसने लगा. मुझे पता था कि कल से मुझे मेडम की चूत नही मिलेंगी इसी लिए मैं इस आख़िरी चुदाई का पूरा मज़ा लेने लगा.
फिर मेडम घोड़ी बन गयी. मैं ने एक ही झटके मे पूरा लंड चूत मे डाल दिया. मेडम चीख पड़ी. पर मुझे इस आख़िरी चुदाई का मज़ा लेना था. थोड़ी देर चूत मारने के बाद .अब गंद मारने लगा . कभी मेरा लंड चूत मे होता तो कभी गंद मे. लगभग 40 मिनिट की चुदाई के बाद. मैं ने अपना वीर्य मेडम की चूत मे डाल दिया. जैसे ही मैं ने अपना पानी मेडम की चूत मे डाला ,तभी मुझे लगा कोई हमे देख रहा है. मैं जल्दी से खिड़की के पास गया पर वहाँ कोई नही था. वहाँ मेडम का दुपट्टा रखा हुआ था. ये देख मुझे राहत मिली.
मेडम-आज तो मज़ा आ गया
अवी-हाँ मुझे भी मज़ा आया
मेडम-मैं फ्रेश होके आती हू.
अवी-मेडम के आने के बाद .मैं भी मेडम की मदद करने लगा .1 घंटे के बाद मेडम के पति आ गये . थोड़ी देर बाते करने के बाद मेडम चली गयी. मैं मेडम को जाते हुए ये देख रहा था. मेरी आखो से पानी निकाल रहा था. पर ये तो एक ना एक दिन होना ही था. जाते जाते मेडम ने मुझे कहा कि घर को ताला लगाकर चाबी प्रिन्सिपल सर को दे दू. मैं ताला लगाने गया . पर मुझे लगा आख़िरी बार घर मे जा कर उस चुदाई को याद करू.
मैं बेड के पास गया .बेड पर मेडम की किताब रखी हुई थी. साथ मे एक चिट्ठी भी थी.
“अवी तुम ने मुझे 7 ( 8)दिनो मे जो सुख दिया वो मुझे 7 जन्मो तक याद रहेगा. मैं तुम्हे कभी नही भुला पाउन्गि. मेरे पति के बाद तुम ने मुझे वो सुख दिया जिस का कोई मोल नही. तुम्हे , मैं ने जो सिखाया है उसे कभी बुलाना मत . और हाँ मुझे कभी याद मत करना. मुझे एक सपने की तरह भुला देना. नही तो तुम जी नही पाउन्गि. . ये चिट्ठी पढ़ने के बाद जला देना.. मैं और लिख नही पाउन्गि.
तुम्हारी मेडम “

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.