मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 14

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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नेक्स्ट डे

मैं स्कूल मे ,चुदाई के बारे मे ही सोचता रहा. और आज मेडम जो चॅप्टर पढ़ाएगी उसी को सोच कर मैं पागल हो रहा था.

जैसे तैसे स्कूल की छुट्टी हो गयी . और मैं घर आ गया.

जब मैं मेडम के घर जाने के लिए निकल रहा था तभी छोटी चाची ने कहा कि वो आज शाम को मेडम से मिलने आ रही है.

फिर मैं मेडम के घर की ओर चल दिया.

मेडम-क्या बात है .कुछ परेशान लग रहे हो

अवी-नही ,कोई बात नही है.

मेडम- कल जो भी हुआ उसके वजह से परेशान हो

अवी-नही ,वो बात नही है

मेडम-फिर क्या बात है

अवी-वो कल बड़ी चाची ने मुझे पूछा था कि इतनी देर क्यू हो गयी थी

मेडम-तुम ने चाची को बता दिया?

अवी-नही, मैं ने कुछ नही बताया. मैं ने तो कहा कि मैं नया चॅप्टर पढ़ रहा था इस लिए देर हो गयी.

मेडम-तो फिर परेशान क्यू हो

अवी-मुझे लगता है बड़ी चाची को शक हो गया है. इसी लिए आज छोटी चाची आप से मिलने आने वाली है.

मेडम-तुम परेशान मत हो .मैं सब संभाल लूँगी.

अवी-थोड़ा नॉर्मल होते हुए

मेडम-अब ये बताओ कल मज़ा आया था

अवी-हां .बहोत मज़ा आया.

मेडम-फिर करना चाहोगे.

अवी-हाँ

मेडम-ठीक है. अरे हां तुम्हारा आख़िरी चॅप्टर भी तो बाकी है.(मुझे तो अपनी गान्ड मरवाने मे बड़ा मज़ा आता है .पर मेरा पति कभी भी मेरी गान्ड नही मारता .आज मेरी ये तमन्ना भी पूरी हो जाएगी)

अवी-हाँ बता दीजिए आख़िरी चॅप्टर क्या है

मेडम-पहले तुम वो करो जो मैं ने कल सिखाया था. फिर मैं तुम्हे आख़िरी चॅप्टर भी बता दूँगी

अवी-मैं ने मेडम के कहते ही .मेडम को पकड़ कर पागलो की तरह किस करने लगा . मेरे किस करने से मेडम भी जोश मे आ गयी. मैं ने किस करते करते मेडम की नाइटी निकाल दी. मेडम तो नाइटी के अंदर कुछ नही पहनती है . मेडम , एक ही झटके मे नंगी हो गयी . मेडम ने मेरे भी कपड़े निकाल दिए.

फिर मैं ने मेडम के दूध को चूसना सुरू किया और साथ ही एक उंगली चूत मे डाल कर आगे पीछे करने लग गया.

फिर मैं धीरे धीरे दूध से मेडम की चूत की ओर जाने लगा. मेडम की चूत गीली हो गयी . फिर मैं ने मेडम की चूत की अपनी जीभ से चुदाई करने लगा.

मेडम ने सारा पानी मेरे मूह मे डाल दिया.मैं ने भी सारा पानी चाट लिया.

मेडम-अब रूको . जब तुम मेरी चूत मे लंड डाल कर चुदाई करोगे तब अपनी एक उंगली पर तेल लगा कर मेरी गंद के छेद के साथ खेलना .फिर खेल ते खेल ते उंगली को गंद के छेद मे डाल देना. और आगे पीछे करना .पर ध्यान रखना कि उंगली धीरे धीरे आगे पीछे करना. क्यू कि मेरे पति ने कभी भी मेरी गंद नही मारी. जब मुझे मज़ा आने लगे तो दो उंगली डाल कर आगे पीछे करना .

जब मेरी चूत से पानी निकल जाए तब लंड को बाहर निकाल लेना .लंड पर तेल लगा कर मेरी गंद के छेद से रगड़ना. जैसे कल तुम ने मेरी चूत मारी थी, ठीक उसी तरह धीरे धीरे मेरी गंद मारना .अगर मैं कहु कि बाहर निकालो तब तुम मेरी कोई बात मत सुन ना.जब तक तुम्हारा पानी ना निकले तब तक मेरी गंद मारते रहना.

अब मेरे पास आ जाओ .मैं तुम्हारे लंड को गीला कर देती हूँ.

अवी-मैं मेडम के पास चला गया. मेडम मेरे लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी. फिर लंड को मूह के अंदर लेकर चूस ने लगी. मेरा खड़ा लंड मेडम के मूह मे था. 2 मिनिट तक चूस ने के बाद मेडम ने लंड बाहर निकाल दिया.

अब मेरी बारी थी मेडम को खुश करने की .मैं ने लंड को एक ही झटके मे आधे से ज़्यादा मेडम की चूत मे डाल दिया.

मेडम की चीख निकल गयी .पर मुझे कुछ नही कहा. फिर दूसरे झटके के साथ ही मेडम की चूत मारने लगा .

मेडम ने 2 मिनिट मे ही पानी छोड़ दिया .और नॉर्मल हो गयी.जब मैं मेडम की चूत मार रहा था तब मैं ने अपनी उंगली पे तेल डाल कर गंद के छेद के साथ खेलने लगा. फिर उंगली पर थोड़ा ज़ोर देने से मेरी उंगली अंदर चली गयी. मेडम के मूह से आहह जैसा वर्ड निकल गया

फिर थोड़ी देर बाद मैं दो उंगली से मेडम की गंद मारने लगा . मेरी दो उंगली अंदर जाते ही मेडम ने पानी छोड़ दिया था वो भी 2 मिनिट मे.

फिर मैं ने लंड को मेडम की चूत से बाहर निकाला.

मेडम ने मेरे लंड पर तेल डाल कर चिकना किया और अपनी गंद पर भी तेल डाल दिया .अब मेडम ने गंद मारने की पर्मिशन दे दी.

मैं ने लंड को मेडम की गंद पर रख कर एक झटका दिया था कि मेरे लंड का लाल भाग मेडम की गंद मे चला गया .मेडम चीख पड़ी.

पर मैं ने उस चीख की परवाह किए बिना ही दूसरा करारा झटका मारा कि लंड 6 इंच तक अंदर चला गया. मेडम चिल्लाने लगी.

पर मेडम की चीख टी वी की आवाज़ के साथ मिल गयी. मेडम मुर्गी की तरह तड़फ़ ने लगी . मेडम के आँखो से पानी आ रहा था. मेडम मुझे लंड को बाहर निकाल ने को कह रही थी.

मुझे मेडम की बात याद आ गयी कि चुदाई करते समय मेरी बात मत सुन ना. फिर क्या था मैने आख़िरी झटका मारा और मेरा लंड मेडम की गंद मे चला गया.

मेडम एक चीख के साथ बेहोश हो गयी.

मुझे लगा कि मैं ने कुछ ग़लत कर दिया. फिर मैं ने टेबल पे रखे हुए पानी को मेडम के चेहरे पे मारा .मेडम होश मे आ गयी. और मुझे गालियाँ देने लग गयी

मेडम-मैं कहा था कि रुक जाओ पर तुम रुके क्यू नही

अवी-मेडम आप ने ही तो कहा कि चुदाई के वक्त आप की बात ना मानु

मेडम-पर थोड़ा धीरे तो कर सकते थे ना

अवी-मुझे लगा लंड को डाल देता हू फिर लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करूँगा.

मेडम-वाह रे मेरे राजा क्या सोचते हो. ये क्या अभी तक लंड को मेरी गंद मे ही रखा है .चल निकाल बाहर

अवी-मेडम अब पूरा अंदर गया है. अब तो आगे पीछे ही तो करना है. करने दो ना मेडम

मेडम-कुछ सोचते हुए ठीक है. पर धीरे धीरे करना.

अवी-फिर मैं धीरे धीरे मेडम की गंद मारने लगा. थोड़ी देर बाद मेडम को भी मज़ा आने लगा. फिर मैने गति बढ़ा दी. 10 मिनिट तक गंद मारने के बाद मेरा वीर्य मेडम की गंद मे डाल दिया..और मेडम के उपर गिर गया.

थोड़ी देर बाद मैं मेडम के उपेर से सरक गया. लंड को मेडम की गंद से बाहर निकाला .मेरे लंड पर खून लगा हुआ था.
जब मेडम ने मेरे लंड को देखा.

मेडम-देखा तुम ने मेरी गंद से खून निकाला

अवी-सॉरी मेडम

मेडम-अरे सॉरी क्यू बोल रहो हो. मुझे तो मज़ा आया

अवी-पर आप का खून निकलने पर भी आपको मज़ा आया.

मेडम-पहली बार तो खून निकल ता है. उसमे नया क्या है.

अवी-हाँ .अब समझ गया. अगर आप कुवारि होती तो आप की चूत से भी खून निकलता.

मेडम-अरे तुम तो समझ दार निकले. मैं बाथरूम हो कर आती हू

अवी-मेडम बाथरूम की ओर जा रही थी. मेडम थोड़ा लड़खड़ा कर चल रही थी. मुझे भी लंड पर थोड़ा दर्द हो रहा था. शायद जल्दी डाल ने के चक्केर मे दर्द हो रहा था

मेडम के बाथरूम से आने के बाद मैं बाथरूम मे चला गया.

कल की तरह मेडम मेरे बाथरूम जाते ही कॉफी बनाने मे लग गयी.

फिर हम ने कॉफी पी ली.

मेडम-तुम ने तो मेरी जान निकाल दी थी. लेकिन अच्छा किया जो तुम ने मेरी बात नही मानी. अगर तुम मेरी बात मान जाते तो मैं दुबारा कभी गंद नही मरवाती.. थॅंक्स अवी

अवी-आप की ख़ुसी मे ही मेरी ख़ुसी है

थोड़ी देर बात कर रहे थे कि किसीने गेट खत खाटाया.

मेडम और मैं डर गये .मेडम को लगा कि शायद किसी ने मेडम की चीख सुन तो नही ली.

मेडम ने गेट खोल दिया. मेडम के सामने एक औरत खड़ी थी. दिखने मे सुंदर थी. मेडम ने उन्हे अंदर बुलाया. ये क्या, ये तो मेरी छोटी चाची है. मैं चाची को देख कर खड़ा हो गया.

मेडम-कहिए क्या बात है

सी चाची- जी मैं अवी की चाची हू

अवी-(उस दिन मार्केट मे मेडम ने सुमन चाची और सीमा चाची को देखा था. इसी लिए मेडम ने मीना चाची को पहचाना नही).

मेडम-माफ़ कीजिए. मुझे पता नही था.

सी चाची- कोई बात नही

अवी-मैं तो चुप चाप उनकी बाते सुनने लगा.

मेडम-जी कहिए आज इधर कैसे आना हुआ

सी चाची-वो मैं मार्केट जा रही थी.तो सोचा अवी को भी साथ ले चलु

मेडम-पढ़ाई तो हो गयी है. आप ले जाइए

सी चाची- वैसे अवी परेशान तो नही करता आपको

मेडम-नही ये तो अच्छे से पढ़ रहा है

सी चाची-वो तो सब आप की वजह से पढ़ाई कर रहा है नही तो दिन भर खेलता रहता है.

मेडम-ऐसा नही है. बच्चो को पढ़ाई के साथ खेल कूद भी करना ज़रूरी है.
कल तो 3 घंटे पढ़ता रहा. काफ़ी मेहनती है अवी(अवी की ओर देख कर)

सी चाची- हाँ ये तो आप सही कह रही हो.
चलो अवी मार्केट चलते है

मेडम-जाओ अवी अपनी चाची की मदद करो .और हाँ कल आ जाना

अवी- जी मेडम.

मैं और चाची मार्केट की ओर चल दिए

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