मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 1

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं और मेरा परिवार

दोस्तो वैसे तो मैं बहुत दिनो से आरएसएस पर कहानियाँ पढ़ रहा हूँ सभी कहानियाँ एक से बढ़ कर एक हैं इसलिए मैने भी सोचा कि मैं भी एक कहानी शुरू कर ही दूं वैसे तो मुझे पता है कि यहाँ कोई भी लेखक को बधाई नही देता कमेंट नही करता फिर भी मैं ये कहानी शुरू करने की हिम्मत कर पा रहा हूँ और आशा करता हू कि आप सभी रीडर्स का मुझे भरपूर सहयोग मिलेगा , धन्यवाद आपका ऐक्स वाई ज़ेड

अपडेट 1

मेरा नाम अवी है. बचपन मे ही मेरी मा और पिताजी की एक रोड आक्सिडेंट मे डेथ हो गयी. मैं अनाथ हो गया. मेरे पिताजी का एक छोटा भाई और तीन बहने है . मेरे पिताजी पाचो भाई बहेनो मे बड़े थे.


मेरे चाचा ने 3 शादिया की थी, क्यू कि मेरी बड़ी चाची और मझली चाची को कोई बच्चा नही हुआ था. इस लिए मेरे चाचा ने तीसरी शादी की. मेरी बड़ी चाची का नाम सुमन है. मझली चाची का नाम सीमा है और छोटी चाची का नाम मीना है.

पूजा बुआ की फॅमिली-पूजा बुआ को 2 बेटी और 1बेटा है. बड़ी बेटी का नाम स्वेता और छोटी बेटी का नाम सीतल और बेटे का नाम राज है.

नेहा बुआ की फॅमिली-नेहा बुआ को 2 बेटी है कोमल और कविता. नेहा बुआ को मैं बिल्कुल भी पसंद नही हू .वो हमेश मुझे मारती और गालियाँ देती है

नीता बुआ की फॅमिली-नीता बुआ को 1 बेटा और 1 बेटी है. दोनो जुड़वा है. बेटी का नाम लीना और बेटे का नाम राजेश है.

मेरे सभी भाई बहन मुझसे छोटे है सिर्फ़ पूजा बुआ की दोनो बेटियो को छोड़ के क्यू कि मेरी बुआ ने 18 साल से कम उमर मे शादी की थी.मतलब मेरे पिताजी से पहले शादी की थी. मेरी मा और पिताजी की डेथ के बाद मेरे दादाजी ने मुझे अपने गाओं मेरे चाचा के साथ रहने को कहा. बड़ी चाची ने मुझे अपने घर लाने के लिए दादाजी को कहा था.शायद उनको बेटा नही था इसी लिए मुझे अपने पास रहने को बुला लिया. मेरी तीनो बुआ और मेरे चाचा एक ही गाओं मे रहते है.

मेरे माता पिता की डेथ को काफ़ी समय हो गया , आज मेरी उमर 20 साल है, मेरे माता पिता का आक्सिडेंट मेरे लिए एक शॉक्ड था, इस सदमे से निकलने के लिए मुझे 3 साल लग गये

उन 3साल मे ना मुझे भूक लगती थी और ना प्यास लगती थी,ना मैं किसी से बात करता था,और ना खेलने जाता था,ना पड़ाई करता बस अपने माता पिता को याद करता था

पर कहते है ना जो चला जाता है उसकी याद मे कितने दिन आसू बहाओगे

मेरी बड़ी चाची के समझाने पर मैं ने अपनी नयी लाइफ सुरू करने का फ़ैसला किया

3 साल की गॅप को भर पाना मुश्किल था

फिर भी मैं ने हिम्मत नही हारी, बड़ी चाची ने मुझे गाओं के स्कूल मे अड्मिशन दिला दिया,बाकी लड़को से मेरी एज ज़्यादा थी,जिस से स्कूल मे मैं अकेला था,ना फ्रेंड थे और ना कोई हमदर्द था


ये थी मेरी नयी लाइफ की शुरूआत,

चलो मैं अपने भाई बहनो से मिलाता हू

पूजा(बड़ी बुआ)-42
नेहा(2न्ड बुआ) -40
नीता(छोटी बुआ जुड़वा बहन नेहा)-40
चाचा -37
1स्ट चाची (सुमन)-32
2न्ड चाची (सीमा)-29
3र्ड चाची (मीना)-27

स्वेता दीदी-22साल
सीतल दीदी-21साल
अवी(मैं)-20 साल
कोमल-19साल
कविता-18साल
लीना और राजेश-18साल
राज(स्वेता का भाई)-18 साल

मेरी बड़ी चाची मुझे मेरी मा जैसा प्यार करती है. मुझे कभी भी मेरी मा की कमी महसूस नही हुई . मेरी तीनो चाची मुझे अपने बेटे जैसा प्यार करती है. पर मेरे चाचा मेरी तीनो चाचियो को हमेशा गालिया देते है. मेरी तीनो बुआओ के पति दुबई मे काम करते है साल मे 1 महीने के लिए गाओं आते है.
मेरे चाचा का घर-
मेरे चाचा के घर मे 3 बेडरूम है. 1स्ट बेडरूम मे चाचा और छोटी चाची का है. 2न्ड बेडरूम सीमा चाची और सुमन चाची का है और 3र्ड बेडरूम मुझे दिया है. मेरे दादाजी घर के स्टोर रूम मे रहते है .उनकी बीमारी के वजह से स्टोर रूम को साफ करके दादाजी को दे दिया है .
मेरे दादाजी मुझे बहुत प्यार करते है क्योंकि मेरी बड़ी बुआ पूजा को दोनो बेटियाँ हुई और उसके बाद मेरा जनम हुआ .मैं मेरी फॅमिली मे सबसे बड़ा लड़का होने से मेरे दादाजी मुझे सबसे ज़्यादा प्यार करते है.

मेरा अड्मिशन गाँव के स्कूल मे किया . मेरी ज़िंदगी अच्छे से चल रही है. जब मैं ने अपनी क्लास के हिसाब से बदलाव किए तब मेरे स्कूल मे मेरे दोस्त नगी पिक्चर देख कर उनकी बाते करते है. मुझे भी पिक्चर देख कर कुछ होता था तब मुझे पता नही था कि मेरा लंड कड़ा क्यू होता है .

एक दिन मैं मेरी पूजा बुआ के घर काम के लिए गया था .मैं हमेशा देखता था कि पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश हर महीने मे एक दिन को आता है. और जब भी पूजा बुआ की सहेली का भाई राकेश घर आता तब बुआ अपने बच्चो को पिक्चर देखने या फिर चाचा के घर खेलने भेज देती थी.

उस दिन भी पूजा बुआ ने अपने बच्चो को पिक्चर देखने भेज दिया. मेरे चाचा ने मुझे पूजा चाची के घर उनके पैसे देने के लिए भेजा .

जब मैं बुआ के घर पे गया तो घर पे कोई नही दिखा .मैं जब बुआ के रूम के पास गया तब मैने जो देखा उस पर मुझे विश्वास नही हो रहा था .

बुआ के दूध राकेश चूस रहा था .बुआ भी अजीब अजीब आवाज़े निकाल रही थी. अब बुआ की सहेली का भाई राकेश ने बुआ के पेटिकोट मे हाथ डाल कर उनका नाडा खोल दिया. बुआ अब बिल्कुल नगी हो चुकी थी .राकेश ने भी अपने कपड़े निकाल दिए . राकेश लंड लगबग 6 इंच का था . बुआ ने राकेश को चूत चाट ने के लिए कहा पर राकेश ने मना किया और अपना लंड बुआ की चूत मे डाल दिया .

चूत मे लंड डालने से बुआ ज़ोर से चीख पड़ी. पर राकेश ने उस चीख की परवा किए बिना ही अपने लंड को अपनी बहेन की सहेली की चूत मे डाल कर धक्के पे धक्का देना शुरू कर दिया था.

लगभग 10 मिनिट तक धक्के लगाने के बाद राकेश ज़ोर से चिल्ला कर बुआ के उपेर गिर गया.

बुआ- क्या राकेश तुम हमेशा बिना मेरी चूत चाटे ही अपना लंड मेरी चूत मे डाल देते हो

राकेश- पूजा तुम्हे तो पता है मुझे चूत चाट ना पसंद नही है

बुआ-तुम मेरी चूत को गीला किए बिना ही लंड पेल देते हो

राकेश-क्या करू अब तो आदत हो गयी है

बुआ-हाँ ये तुम्हारी पुरानी आदत है अब मुझे भी आदत हो गई है

राकेश- हाँ अब 6 साल से तुम्हारी चुदाई कर रहा हू अब भी तुम वैसे ही चुदाई का मज़ा ले रही हो जैसे पहली बार चुद रही हो

बुआ-तुम मेरी सुखी चूत मे लंड डालोगे तो मेरी चीख नही तो क्या हसी निकलेंगी

राकेश-इसी लिए तो मैं तुम्हारे बच्चो को पिक्चर देखने भेजता हू

बुआ-तुम बहोत ही चालाक हो हमेशा किसी ना किसी बहाने मेरी चूत मारने आ जाते हो

राकेश-क्या करू मेरी बीवी तुम्हारी तरह चुदाई मे मेरा साथ नही देती है.

बुआ-अब उठो बच्चे आने वाले होंगे

राकेश-हाँ उठता हू

मैं ये बाते सुनकर जल्दी से घर के बाहर आया.फिर थोड़ी देर बाद मैने घर का दरवाजा खट खाटाया पूजा बुआ ने मुझे अंदर आने को कहा और राकेश के पास छोड़ कर अंदर चली गयी.

राकेश- क्या बात है अवी , क्या हुआ, ऐसे चुप क्यू हो

अवी-कुछ नही भैया थोड़ी तबीयत खराब है

राकेश-क्यू क्या हुआ

अवी-कुछ नही वो…

राकेश-अरे ये वो वो क्या लगा रहे हो

अवी-(तुम्हारी चुदाई देख कर परेशान हू) कुछ नही भैया ऐसे ही

राकेश-आरे यार तुम मुझे अपना दोस्त समझ कर बता दो .डरो मत

अवी-(इसे कुतिया बनाता हू) भैया वो क्या है कि मेरी क्लास के लड़के गंदी पिक्चर देख कर मुझे बोलते है कि ये देख तेरी पूजा बुआ कैसे नगी है , ये देख तेरी बुआ के दूध कितने बड़े है.मुझे उन पर गुस्सा आता है

राकेश-देख अवी , तुम्हारी बुआ के बारे मे कोई भी कुछ कहे उन पर गुस्सा मत करा करो , लोग कितना भी कुछ कहे फिर भी तुम्हारी बुआ आख़िर तुम्हारी बुआ है

अवी-हाँ आप ठीक कह रहे हो

बुआ-अवी ये लो पैसे .अपने चाचा को दे देना

अवी-ठीक है बुआ अब मैं चलता हू . अच्छा भैया फिर मिलते है.

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