chapter 20
सुबह शोभा उठ कर नहा पर रेडी होती है पेहले हमेसा की तरह उसके बाद अभय के कमरे मे जाती है अभय आराम से सो रहा होता है अपने बेटे को आराम से सोता देख आसा मुस्कुराते हुवे अभय के पास जाके झुक कर अभय के कान मे मीठी आवाज मे
आसा – मेरे लाला उठ सुबह हो गई है
अभय आखे खोल मा को देखता है और मुस्कुराते हुवे आसा को पकर बिस्तर पे खीच लेता कर आसा अभय के ऊपर आउच करते हुवे गिरती है अभय अपनी मा को नीचे कर आसा के ऊपर आ जाता है और प्यार से आसा को देखने लगता है आसा अभय को प्यार से देखती है

अभय आसा की आखो मे देख – मेरी सेक्सी मा अब आप अपने लाला के चंगुल मे फस गई है अब किया करेगी आप
आसा अभय को देख मुस्कुराते हुवे – मे किया करुगी मे तो खुद अपने लाला के चंगुल मे फसना अच्छा लगता है
अभय मुस्कुराते हुवे – आपके लाला को आपके प्यार रसीले होठो पे कीस्सी करना है
आसा मुस्कुराते हुवे – मेरे लाला को किस्सी चाहिये मेरे रसीले होठो पे
अभय प्यारा चेहरा बना के – हा चाहिये
आसा हस्ते हुवे – लाला कितनी बार कहा है जब तुम्हारा दिल करे किस कर लेना मे अपने लाना को मना थोरी करुगी
अभय आसा के कान मे धीरे से – मुझे पता है सेक्सी मा लेकिन जब आप खुद केहती है कर ले तब मुझे अच्छा लगता है
आसा सर्म से लाल होते हुवे – कर ले लाला

अभय मुस्कुराते हुवे अपनी मा के रसीले होठो को देखता है
आसा शर्मा के – किया देख रहा है
अभय आसा की आखो मे देख मुस्कुराते हुवे – आपके लाल होठ बहोत प्यारे खूबसूरत है
आसा सर्माते हुवे – लाला तु तारीफ करता है मुझे अच्छा लगता है
अभय आसा की आखो मे देख – आप हो ही हॉट खूबसूरत तरफ तो करनी परेगी ना
आसा – अच्छा बाबा जल्दी किस कर तेरी गुरिया को जगाने जाना है

अभय मुस्कुराते हुवे अपने होठ आसा के होठो के पास ले जाता है दोनो की सासे एक दूसरे से टकरा रही थी और एक दूसरे की आखो मे देखते है
आसा अपना होठ थोरा खोल देती है अभय आसा के होठ को थोरा मुह मे लेके चूस कर छोर देता है फिर अपनी मा को देख
अभय – मेरी गुड मोर्निंग आपके के किस की वजह से बहोत गुड हो जाती है
आसा अभय की आखो मे प्यार से देख -मेरी भी लाला
अभय आसा के ऊपर से हट जाता है आसा खरी होकर बाल सारी सही कर अभय को देख – या गुरिया को जगा दे
अभय जाते हुवे – जी मा

अभय अदिति के कमरे मे आता है अदिति नाइट गाउन मे सोई हुई बहोत सेक्सी लग रही थी हमेसा की तरह

अभय अदिति के पास जाके अदिति के गालो पे किस करते हुवे
अभय – मेरी प्यारी गुरिया उठ जा सुबह हो गई है
अपने भाई की आवाज सुन अदिति आखे खोल अभय को देख
अदिति मुस्कुराते हुवे – मेरा हैंडसम प्यारा भाई गुड मोर्निंग
अभय मुस्कुराते हुवे – गुड मोर्निंग मेरी गुरिया
अभय अदिति बाहर आते है अभय फिर हल्का होने जाता है फिर अपना जोगिंग् करने मे लग जाता है 20 मिनट जोगिंग् करने के बाद अभय विजय के घर जाता है
कोमल रोज की तरह खाना बनाने मे लगी हुई होती है अभय अंदर आके कोमल को देख मुस्कुराते हुवे – गुड मोर्निंग बंदरिया
कोमल हैरान अभय को देख गुस्से से – गुड मोर्निंग बंदर कही का
अभय मुस्कुराते हुवे – मे बंदर तु बंदरिया
अभय कि बात सुन कोमल सर्म से गुस्से से अभय को मारने दोरते हुवे – आज मे तुझे समझ सिखा कर रहुगी
अभय डरते हुवे भागता है अभय को काजल कमरे से आती देखती है अभय जल्दी से काजल के पीछे जाके छुप जाता है
काजल हैरान होते हुवे – अरे तुम दोनो फिर सुरु हो गये
कोमल काजल से – बुआ इस अभय के बच्चे ने मुझे बंदरिया कहा

अभय काजल को पीछे से कमर मे हाथ दाल पकर काजल से पुरा सत् कर कोमल को देख – तूने भी तो मुझे बंदर कहा
कोमल अभय को गुस्से से देख – तुम बंदर बुआ के पीछे कियु छुप रहा है बाहर आ हिम्मत है तो
काजल कोमल से – बस हो गया जाके खाना पे ध्यान दो
कोमल काजल से – आप हमेसा इस अभय के बच्चे कि साइड लेती है
अभय कोमल को चीढाते हुवे – कियुंकी मे बुआ का लाडला हु
काजल हस्ते हुवे – हा सही कहा
कोमल मुह फुलाते हुवे – देख लुंगी बाद मे
कोमल खाना बनाने मे लग जाती है
अभय काजल के आगे आके काजल के कमर को कस के पकर अपने से सता लेता है काजल की आह निकल जाती है काजल का हर अंग अभय से सता था अभय काजल के शरीर की गर्मी चुचे चूत की गर्मी सब फिल कर पा रहा था लेकिन अभय काजल को लेकर कोई गंदा विचार अपने दिमाग मे आने नही देता

अभय काजल को देख – मेरी हॉट हुवा फूफा पे तरस खाओ आप यहा है वहाँ फूफा जी को रात मे नींद नही आ रही होगी
अभय कि बात सुन काजल सर्म से लाल अभय के कान पकर – तुझे बरी फिकर है अपने फूफा की हा
अभय दर्द मे- आह बुआ दर्द हो रहा है
काजल अभय का कान छोर देती है अभय काजल को छोर अलग हो जाता है
काजल अभय को देख – बेटा तुमने कहा तो बता तु जल्दी ही तुम्हारी शादी होने वाली है लेकिन फिर भी अभी 25 दिन बच्चे है तो मे सोच रही हु जाके तुम्हारी शादी से पेहले आ जाऊ
अभय काजल को देख – अपने बात तो सही कही है आपके आये कुछ दिन हो गये है और रुकेगी लम्बा हो जायेगा
काजल – सही कहा मेरा घर अब वहा है मेरे बच्चे पति उनसे जायदा दूर नही रेह सकती
अभय – तो चले जाइये ना
काजल अभय को देख मुस्कुराते हुवे – ठीक है तू मुझे छोरने चलेगा
अभय हैरानी से – किया मे
काजल – कियु अपनी बुवा को छोरने नही चलेगा
अभय कुछ सोचते हुवे – ठीक है लेकिन 3 दिन बाद चलेंगे
काजल अभय को देख – तीन दिन बाद कियु
अभय काजल को देख – बुआ शादी का कार्ड भी तो देना है सोच रहा हु जब आपके साथ चल हि रहा हु तो कार्ड देते आऊगा खुद फूफा को
काजल बहोत खुश हो जाती है और अभय के गाल पे किस करते हुवे – ये हुई ना बात
तभी मिनिता बाहर कई गई थी अंदर आते हुवे काजल अभय को देख – किया बात हो रही है बुआ भतीजे मे
काजल मिनिता को देख मुस्कुराते हुवे सब बता देती है
मिनिता अभय के पास आके – ये तो अच्छी बात है
अभय मुस्कुराते हुवे मिनिता को भी पकर कस के अपने सीने से सता लेता है मिनिता आह करते हुवे पुरा अभय से चिपक जाती है

अभय मिनिता की आखो मे देख – मेरी हॉट ऑन्टी कहा गई थी
मिनिता भी अभय को बाहों मे पकर अभय को मुस्कुराते हुवे देख कर – मे अपने बॉयफ्रेंड से मिलने गई थी
अभय रोने का नाटक करते हुवे – क्या मुझमे किया कमी थी जो आप मुझे छोर किसी और के साथ
अभय मिनिता को छोर रोने का नाटक करते हुवे जाते हुवे – दिल टूट गया मेरा तो मे जा रहा हु
कोमल काजल दोनो के डारामे देख पेट पकर जोर जोर से हसे जा रहे थे
मिनिता जल्दी से जाके अभय को पकर रोकते हुवे हस के – बस भी कर तुझे पता है मे मजाक कर रही थी
अभय मिनिता को देख मुस्कुराते हुवे – हा पता था
मिनिता अभय के गाल पे किस करते हुवे – नॉटकी बाज
अभय कोमल को देख – ओये तुझे केहना परेगा क्या
कोमल अभय को देख मुह फुलाते हुवे अभय के पास आके गाल पे किस करते हुवे – सर्म कर बच्चो वैसे सब से किस मागता है
अभय मुस्कुराते हुवे – तु नही समझेगी ( अभय सभी को देख) ठीक है ऑन्टी बुआ बंदरिया मे जाता हु
अभय तेजी से भाग जाता है
कोमल मिनिता काजल को देख गुस्से से – सुना ना आप दोनो ने अभय का बच्चा मुझे क्या केह कर गया है
मिनिता काजल एक दूसरे को देखते है फिर कोमल का देख मुस्कुराते हुवे – नही हमने तो नही सुना
कोमल ये सुनते ही गुस्से से चली जाती है
अभय घर आता है अदिति खाना बना रही थी अभय अदिति को देख – मेरी प्यारी गुरिया को खाना बनाना पर रहा है
अदिति अभय की तरफ भोला चेहरा बनाते हुवे – हा ना लेकिन मेरे भाई के लिये बनाने मे मुझे दिकत नही खुशी हो रही है
आसा कमरे से आते हुवे – हा हा पैदा मेने किया लेकिन भाई के गुनगान गाती रेहती है
अदिति मुस्कुराते हुवे – मा जैसे आप भाई का भाई आपका गुन गान गाते रेहते है वैसे ही मे भाई का भाई मेरे गुन गान गाते रेहते है
आसा खाट पे बैठते हुवे – हा हा समझ गई
अभय मुस्कुराते हुवे नहाने चला जाता है खाना बनने के बाद अभय सभी खाना खाते है अभय अदिति मा से शादी से लेकर कुछ बातें करता है
सुबह 10 बजे
अभय बाइक लेके शादी की कार्ड छपवाने निकल परता है अभय बाइक से गाना गुनगुनाते हुवे जा रहा था तभी अभय की नजर इंस्पेक्टर नितिका पे जाती है जो रोड साइड खरी थी
अभय नितिका को देख बाइक सीधा नितिका के सामने रोक देता है
नितिका अचानक सामने अभय को देख हैरान हो जाती है
अभय नितिका को देख – मैडम आप रिक्सा का इंतज़ार कर रही है किया
नितिका अभय को देख – हा सही कहा आज मेरी इस्कुटि ने धोका दे दिया
अभय – अच्छा ये बात है चलिये मे आप को छोर देता हु
नितका अभय को देखती है फिर पीछे जाके दोनो तरफ पैर कर बैठ जाती है अभय बाइक दोरा देता है
नितिका – वैसे तुम जा कहा रहे हो
अभय – अरे हा अच्छा हुआ आप ने मुझे याद दिला दिया मेरी शादी फिस्क हो गई है तो कार्ड छपवाने जा रहा हुई
नितिका हैरान होते हुवे – अच्छा ये बात है अब है शादी तुम्हारी
अभय – इसी 29 को
नितिका – और हैरान होते हुवे अच्छा लेकिन शादी की कार्ड अब छपवाने जा रहे हो
अभय – मुझे पता है आप क्या केहना चाहती है लेकिन मेरे जायदा रिस्तेदार नही है और मुझे कुछ ही कार्ड छपवाने है थोरा जयादा पैसा दे दूँगा काम हो जायेगा
नितिका मुस्कुराते हुवे – बहोत तेज हो
अभय मुस्कुराते हुवे – आज की दुनिया ऐसे हि चल रही है
तभी अभय की नजर आगे रोड साइड जाते हुवे किसी बंदे पे परती है जिसे देख अभय को वो बंदा जाना पहचाना लगता हैं अभय फिर सामने देखता है तो ब्रेकर था अभय जल्दी से बाइक को धिरा करता है लेकिन फिर भी बाइक उछल परती है

तभी अभय को अपने पीछे पिट पे दो बरे बरे गोल मुलायम चुचे अपने पीठ पे डबता मेहसूस होता है अचानक ब्रेक मारने से नितिका सीधा अभय से जा तकराती है और नितिका के बरे चुचे अभय के पीठ से पुरा चिपक कर डब जाते है और अभय साफ फिल कर पा रहा था
लेकिन उसी के साथ अभय की फट के चार हो जाती है अभय को पसीने आने लगते है सरीर कापने लगता है लेकिन अभय खुद को काबू करता है
नितिका अभय से हट कर सही से बैठ जाती है पुलिस इस्टेशन आ जाता है नितिका बाइक से उतर जाने लगती है बिना कुछ कहे तो अभय के सास मे सास आती है अभय गहरी सास लेके बच गया
तभी नितिका अभय के बिल्कुल सामने आके अभय की आखो मे देख – मजा तो बहोत आया होगा है ना
अभय की फट जाती है पसीने आने लगते है
अभय कापते हुवे नितिका को देख – मैडम आप किया केह रही है
नितका मुस्कुराते हुवे – तुम ने जान बुझ कर किया ना
अभय कापते हुवे नितिका को देख – मैडम मे किसी लरकी के साथ ऐसा करनी की हिम्मत ना करू और आप तो पुलिस इंस्पेक्टर हो वो भी
नितिका अभय की आखो मे देख – वो भी किया
अभय डरते हुवे -आप से तो सारे मुजरिम डरते है आप तो आज की रियल एक्शन वाली हिरोइन है जिसे सब जानते है
नितका अभय की बात सुन हैरान होती है फिर अभय को देख मुस्कुराते हुवे – अच्छा ऐसा किया ( नितिका जाते हुवे मुस्कुरा के) ठीक है जा सकते हो
नितिका फिर पीछे देखती है तो अभय फुर हो चुका था ये देख नितिका कि हसी छुट जाती है
अभय बाइक से जाते हुवे – बच गया दुनिया मे सब से पंगा लो लेकिन इस लेडी डॉन से बिल्कुल नही
अभय कार्ड वाले के पास आके कुछ कार्ड जैसा अभय को चाहिये था वार्ड पे किसका किसका नाम होगा डिजाइन सब बता देता है अभय डबल पैसे भी दे देता है तो कार्ड वाला भी मान जाता है
अभय फिर घर की तरफ जाने लगता है और दिशा से बाते भी करने लगता है अभय कान मे बुलुटूथ लगाये हुवे था
दिशा – अच्छा तो आप कार्ड छपवाने आये थे
अभय – हा मेरी रानी
दिशा – अच्छा ये बताइये खाना खा लिया
अभय – खा कर ही घर से निकला हु तुम बताओ
दिशा- हमने भी खा लिया है
अभय – अच्छा है
अभय बातें करते हुवे घर आ जाता है
( आरोही के घर )
आरोही बिस्तर पे लेती हुई थी और छत को एक तक देखते हुवे अदिति से मिलने के बाद जो हुवा उसे याद कर सोचने लगती है
हा तो आरोही जब कल अदिति से मिल कर जा रही थी तब आरोही अदिति से गुस्सा थी
आरोही साइकल एक जगह रोक कर टीनू को फोन करती है टीनू फोन उठाता है
आरोही – तुम कहा हो
टीनू – कहा रहुंगा अपने बंगले मे हु
आरोही – ठीक है मे आ रही हु वहा
टीनू – आ जाओ फिर
फोन कट
आरोही साइकल से 15 मिनट मे टीनू के बंगलो पे पहुँच जाती है आरोही अंदर होल मे जाती है तो सामने किसी को देख हैरान हो जाती है सामने वाला बंदा आरोही को देख
अंजान – तुम आरोही हो ना आओ बेटा मे टीनू का पापा हु
टीनू के पापा नाम – उदय – उमर 46 साल – टॉप 10 अमीरों मे से एक उदय आज जिस पुजिसन् पे है सब काले गंदे गैर काम कर के पहुचा है लेकिन लोगो के सामने एक अच्छा गरीबो कि मदद करने वाला अमीर जादा बन के बैठा है
आरोही थोरा घबरा रही थी
आरोही उदय को देख – अंकल मे टीनू से मिलने आई थी
उदय – बेटा पेहले आके बैठो फिर बात करते है
आरोही उदय से ठोरी दूर बैठ जाती है
उदय आरोही को देख – बेटा टीनू को उसके दोस्त का फोन आया था सायद कुछ हुवा है इस लिये चला गया जल्दी हि आ जायेगा
आरोही नजरे नीचे किये – अच्छा तो मुझे जाना चाहिये मे बाद मे आके मिल लुगी
आरोही खरी होने वाली हि होती है की
उदय – रुक जाओ
आरोही रुक कर उदय को देख – जी अंकल
उदय आरोही को देख – तुम टीनू के बीच जो चल रहा है तुम दोनो जो करने की कोसिस कर रहे हो या कहे करने वाले हो मुझे सब पता है
उदय की बात सुन आरोही हैरान और बहोत डर भी जाती है
आरोही उदय को देख कापते हुवे – अंकल आपको कैसे पता चला
उदय चारों तरफ देख – इस बंगलो के हर एक कोने मे केमरा माइक लगा है
आरोही को बहोत बरा झटका लगता है आरोही कापते हुवे मन मे -यानी उस दिन टीनू मेरे बीच जो हुवा अंकल ने सब देख लिया और मेरा टीनू का वीडियो इनके पास है
उदय आरोही को देख – सांत हो जाओ बेटा और मेरी तरफ देखो
आरोही सांत होके उदय को देखती है

उदय – बेटा तुम जो चाहती हो कोई गलत नही हो बता है मे भी छोटा था तो अमीर बनना चाहता था अमीरों वाली लाइफ जीना चाहता था और देखो आज जी रहा हुई दूसरी मे खुद उस कमीने अभय उसकी बेहन सब का खात्मा करने का प्लान बना चुका हु अमीर होने का एक. ये भी फायेदा है आपके पास पावर पैसा सब होता है आप कुछ भी कर सकते है
आरोही हैरान होती हो उदय कि बात सुन
उदय – बेटा बताओ तुम अमीर बनना चाहती हो किया तुम्हे भी पावर चाहिये
आरोही – हा चाहती अंकल लेकिन कैसे
उदय – मे दूँगा तुम्हे पैसा पावर तुम्हारे भाई को एक अच्छी नोकरी घर बंगला गारी तुम्हे भी मिलेगा और अदिति भी तुम्हे दुगा तुम उसके साथ जो चाहो कर सकती हो सोचो बेटा तुम्हारे पास पैसा होगा तुम दुनिया में जहा चाहे घूम सकती हो जा सकती हो जो चाहे कर सकती हो तुमहारे अमीर अमीर लरकिया दोस्त बनेगी फिर अपने भाई की शादी अमीर लरकी से करना और अदिति का उसकी ओकात दिखा देना
उदय की बातो में आरोही फस जाती है आरोही को सिर्फ पैसा और अदिति से बदला दिखाई देने लगता है
आरोही उदय को देख – लेकिन आप मुझे सब फिरी मे तो नही देगे
उदय अब मुस्कुराता है उदय आरोही को देख – देखो बेटा तुम्हारी बात सही है देखो मुझे यहा तक पहुँचने मे मेरी आधी उमर गुजर गई लेकिन मे तुम्हे कुछ हि महीने मे इतना अमीर बना हि दूंगा कि तुम आराम की लाइफ जी सकती हो
आरोही उदय को देख – समझ गई लेकिन उसके बदले आप मुझे चाहते है सही कहा ना
उदय मुस्कुराते हुवे – बेटा तुम बहोत समझदार हो तुम बहोत आगे जाओगी ये मत सोचना सिर्फ तुम्हे पाने के लिये मे तुम्हारे उपर इतना पैसा खर्च करुगा मे कुछ पैसे मे मॉडल को अपने बेडरूम मे ला सकता हु मे ये इस लिये कर रहा हु कियुंकी तुम मेरे बेटे की दोस्त हो
आरोही खरी जोकर जाते हुवे – ठीक है मे आपको सोच कर पता दूंगी
उदय – जैसा तुम चाहो
आरोही फिर चली जाती है आरोही के जाते हि कमरे से टीनू बाहर आते हुवे – कियु पापा कैसी लगी आरोही
उदय टीनू को देख मुस्कुराते हुवे – मस्त सील पैक माल है
रात का समय
आरोही जब अदिति से बात कर रही थी और अदिति ने साफ आरोही को केह दिया था वो अमर से शादी नही करेगी अदिति भी परेसान हो चुकी थी बार बार अदिति के पूछने से
अदिति के मना करने के बाद आरोही के दिल मे थोरि बहोत दोस्ती बच्ची थी वो भी खतम हो जाती है और अब आरोही के दिल मे अदिति अभय के लिये नफरत गुस्सा और बदला लेने कि चाहत आ जाती है
उसी के बाद अदिति उदय को फोन कर हा कर देती है
रात 12 बजे
सब के सो जाने के बाद अदिति चुपके से घर के बाहर आती है बाहर एक कार रुकी हुई थी अदिति उस कार मे जाके बैठ जाती है और कार सीधा बंगलो के बाहर रुकता है आरोही अंदर जाती है हॉल मे
हॉल मे उदय आरोही का इंतज़ार कर रहा था उदय कि नजर आरोही पे जाती है तो उदय खुश हो जाता है

उदय बरे प्यार से आरोही को देख – बेटा आओ बैठो
आरोही उदय के पास जाके बैठ जाती है
उदय आरोही को देख – बेटा अब हम एक है तुम अब किसी चीज कि चिंता मत करो कोई भी तुम्हारे मा पापा भाई तुम्हे टच नही कर पायेगा और रही अदिति अभय की बात तो हम दोनो खुद दोनो से बदला लेगे उसके बाद तुम अपने परिवार के साथ मस्त लंदन पैरेस् जहा जाना चाहो जाके मस्त घूमना मजे करना अभी तुम जवान हो अपनी लाइफ खुल कर जीना
उदय की हर बात आरोही को अच्छी लग रही थी वही उदय आरोही के सबसे कमजोर नस को पकरा हुवा था उदय को भी बता था आरोही अमीर बनना चाहती थी इस लिये उदय आरोही को पूरी तरह से अपने बोतल मे उतारने के लिये ये बात कही थी उदय चाहता था आरोही बिना जिझक के बिना कोई सवाल के उसकी हर एक बात माने इसी लिये उदय इतने प्यार से ये बात कही और आरोही फस भी जाती है
आरोही मन मे – यही मेरे पास मोक्का है ये मोक्का गया तो मे जिंदगी भर गरीब ही रहुगी भले ही उसके लिये मुझे अपना जिस्म देना कियु ना परे और मुझे अदिति अभय से बदला भी लेना उसी के साथ अंकल का पुरा सपोर्ट रहेगा मेरे साथ
आरोही उदय को देख – आपके जो कहा सच हो ना कही आप बाद मे
उदय – बेटा अपना अकाउंट दो मुझे
आरोही टीनू के केहने मे पे अकाउंट खुलवा लिया था आरोही अपना अकाउंट उदय को देती है
उदय आरोही का अकाउंट लेके एक मेसेज करता है थोरि देर बात ही आरोही के मोबाइल मे एक मेसेज आता है आरोही उस मेसेज को देखती है तो उसकी आखे फैल जाती है आरोही को यकीन नही हो रहा था उदय ने आरोही के अकाउंट मे 1 करोड़ डलवा दिया था
आरोही एक गरीब घास घुस के घर मे रेहने वाली लरकी जिसे हर सॉक मार कर जीना परता था लेकिन आज 1 करोड़ अपने अकाउंट मे देख उसकी आखे चकम् उठती है
उदय मन मे – साली तेरे जैसे कई लरकी को मे ऐसे हि फसा कर उसके साथ मजे करता हु ये 1 करोड़ मेरे लिये समुंदर से एक बूंद पानी निकालने के बराबर है
उदय – अब बिस्वास हुवा बेटा
आरोही होस मे आते हुवे उदय को देख – जी अंकल
उदय अपना हाथ आगे बढ़ाते हुवे – तो मिलाओ हाथ आज से तुम मेरी हो और मे तुम्हारा हर तरह से खयाल और साथ दूँगा
आरोही उदय से हाथ मिलाते हुवे – आज से आरोही आप की हुई आप जो कहेगे करुगी बिना कोई सवाल जवाब के
उदय मुस्कुराते हुवे – ये हुई ना बात
उदय मन मे – फस गई साली
उदय आरोही को देख – तो चले कमरे मे
आरोही जो अब पुरा बदल चुकी थी अब आरोही पहले वाली आरोही नही रही थी
आरोही मुस्कुराते हुवे – जी चलिये
दोनो कमरे मे आते है उदय आरोही को पकर बिस्तर पे लेत जाता हो उदय आरोही के उपर था आरोही उदय को देख रही थी
उदय – बेटा अब तुम मेरी बीवी हो बोलो
आरोही मुस्कुराते हुवे – हा मे आपकी बीवी हु
उदय मुस्कुराते हुवे – तो तुम्हारी परोबलम मेरी परोबलम है इस लिये हमे तुमहारे पापा भाई मा को हमारे साथ मीलाना होगा तभी तुम खुल कर जैसे उड़ा पाओगी लाइफ के मजे ले पाउंगी
आरोही हैरान और खुश होते हुवे – में यही सोच रही थी और मेरी परोबलम मा पापा भाई ही है अगर वो सब भी हमारे साथ मिल जाये तो मेरी परोबलम हि खतम हो जायेगी
उदय मुस्कुराते हुवे – देखा मान गई ना मुझे
आरोही – हा लेकिन पापा मा भाई को बनायेगे कैसे
उदय – तुम मेरी हो तो कहा ना तुम सब मुझपे छोर दो
आरोही मुस्कुराते हुवे – छोर दिया
उदय मुस्कुराते हुवे – अब रहा नही जाता चलो सुरु करते है
आरोही मुस्कुराते हुवे सारे कपड़े निकाल पूरी नंगी हो जाती है उदय बरे गौर से आरोही के नंगे हर अंग को देखने लगता है आरोही सच मे बहोत खूबसूरत थी और उसकी बॉडी भी आरोही के बरे चुचे कमर चिकनी साफ फूली उभरी हुई चूत मोटे जांघे बरे गांड

आरोही उदय को देख – कैसा लगा अंकल
उदय होस मे आते हुवे आरोही को देख – बेटा मेरे पास शब्द नही हो तुम सच मे कमाल की हो
उदय भी जल्दी से सारे कपड़े निकाल पुरा नँगा हो जाता है आरोही की नजर उदय के 6 इंच लंड पे जाती है तो
उदय बिस्तर पे आके आरोही के चुचे को पकर दबाने लगता है चूसने लगता है आरोही बिस्तर पकर आह सिसकिया लेना सुरु कर देती है

उदय – बेटा तुम्हारे चुचे बहोत बरे टाइट मुलायम हैं दबाने मे मजा आ रहा है ( आरोही – सिसकिया लेते हुवे – आह अंकल धीरे दर्द हो रहा है
उदय – बेटा दर्द मे मजा हो आह किया चुचे है तेरे
उदय फिर आरोही की टांगे फैला के चूत को चाटने चूसने लगता है आरोही जोर से बिस्तर पकरे सिसकिया लेते हुवे मछली कि तरह उछलने लगती है आरोही का ये पहली बार था और आरोही को मजा भी आ रहा था आरोबि उदय के सर पकर अपनी चूत पे दबाते हुवे – अंकल और चुसो मेरी चूत को बहोत मजा आ रहा है आह मुझे पता नही था चूत चुस्वाने मे इतना मजा आता है अंकल चुस्ते रहिये आह

उदय आरोही की चूत मे जिब दाल चाटते मुह मे लेके चुस्ते हुवे – मेरी बेटी आह मजा तो मुझे भी आ रहा है तेरी कुवारी चूत को चाट कर
2 मिनट बाद आरोही का शरीर अकरने लगता है सरीर कापने लगता हो आरोही उदय के सर अपनी चूत मे जोर से दबाते हुवे (अंकल और तेज करिये मेरा निकलने वाला है 1 मिनट बाद आरोही बिस्तर को जोर से पकरे कापते हुवे आह मा अंकल निकल गया आरोही झर जाती है
उदय सारा पानी पी जाता है उदय खिलाडी था रोज नई लरकी का मजे लेता था
आरोही जोर जोर से सासे लिये जा रही थी आरोही के चूत से पानी बिस्तर पे गिर रहा था
उदय आरोही को देख – मजा आया मेरी बेटी को
आरोही उदय को देख मुस्कुराते हुवे – बहोत
उदय बिस्तर पे लेत बेटा अब मेरा लंड मुह मे लेके चुसो आरोही बिना देरी किये उदय के लंड को मुह मे लेके मजे से चूसने लगती है उदय आह बेटी बहोत अच्छा कर रही हो ऐसे हि पुरा अंदर लेकर चूसती रहो आह बहोत मजा आ रहा है बेटी आह करती रहो

आरोही लंड चूसते हुवे मन मे – मेरा पहली बार है वो भी एक पापा के उपर के अंकल के साथ लेकिन फिर भी मुझे मजा आ रहा है बहोत मजा लंड का स्वाद अजीब है लेकिन पीने से रोक नही पा रही हु 2 मिनट बाद
उदय आरोही को बिस्तर पे लेता देता है और उदय आरोही को देख
उदय – रेडी हो बेटा
आरोही – जी
उदय आरोही के चूत मे अपना लंड घिसने लगता है आरोही मचल् उठती हो बिस्तर पकर सिसकिया लेने लगती है थोरि देर बाद आरोही सिसकिया लेते हुवे उदय को देख – अंकल दाल दीजिये प्लेस

आरोही की बात सुन उदय मुस्कुराते हुवे – यही तो मे सुनना चाहता था उदय अब सीधा जोर का एक धक्का मार देता है लंड आरोही कि सील तोरते हुवे पुरा लंड आरोही कि चूत मे घुसा देता है

आरोही दर्द से चिल्ला परती है आखो से आसु निकल आते है चूत से खुन निकल बिस्तर पे गिरने लगता है आरोही उदय को देख दर्द मे – अंकल बहोत दर्द हो रहा है ( उदय – बस बेटा हो गया सेह लो
उदय मन मे – बहोत गर्म चूत है इसकी जैसे कई दिन से लंड के लिये ही तरप रहो हो
उदय अब धक्का मारने लगता है उदय का लंड अब आरोही कि चूत को फैलाते हुवे अंदर बाहर होने लगता है आरोही बिस्तर पे परी आह उहह मा करते हुवे उदय का लंड अपनी चूत मे आते जाते फिल कर मजा लेने लगती है

उदय धक्का मारते हुवे – बेटा मजा आ रहा है ना बोलो
आरोही सिसकिया लेते हुवे उदय को देख – अंकल बहोत मजा आ रहा है करते रहिये डालते रहिये मेरी चूत मे अपना लंड आह बहोत अच्छा फिल हो रहा है आह मा
उदय बेटा घोरी बन जाओ आरोही जल्दी से घोरी बन जाती है उदय एक बार मे ही जोर का धक्का मार पुरा लंड आरोही की चूत मे घुसा देता है आरोही दर्द मे चिल्ला रो परती है उदय धक्के मारने लगता है

आरोही आखो मे आसु लिये – आह मा अंकल बहोत दर्द हो रहा हो थोरा धीरे धक्का मारिये
उदय धक्के मारते हुवे – बेटा सेह लो कुछ नही होगा
उदय जोर जोर से धक्का मारते रेहता है आरोही आह मा मर गई बहोत दर्द हो रहा है आह उहह घिरे आह नही आह करती रहती है
उदय फिर आरोही को बिस्तर पे लेता के एक बार मे हि लंड घुसा देता है आरोही आह मा दर्द हो रहा है अंकल अंदर लग रहा है आह मा मेरी चूत आह घिरे आह उदय तो धक्के मारते रेहता है दर्द मे आरोही को भी बहोत मजा आ रहा था

उदय जोर जोर से तेज धक्के मारते हुवे – बेटी तेरी चूत बहोत गर्म है मजा आ रहा है तेरी चूत मारने में
आरोही – आह अंकल मुझे भी आपसे चुदवा कर मजा आ रहा है
आरोही -अंकल मेरा आने वाला है और तेज करिये ना
उदय जोर जोर से धक्का मारते हुवे – बेटी मेरा भी आने वाला है
आरोही आह मा करती हो उदय आह बेटी करती है दोनो फिर झर जाते है
उदय बिस्तर पे लेत जोर जोर से सासे लेने लगता है आरोही भी 20 मिनट चुदाई चली थी बिस्तर आरोही के खुन पानी से गिला परा था
2 मिनट बाद उदय आरोही को बाहों मे लेके – बेटा एक बार से मेरा दिल नही भरेगा
आरोही उदय को देख मुस्कुराते हुवे – मे आपकी मेरी चूत आपकी जितना डालना है दाल दीजिये
उदय मुस्कुराते हुवे – अभी चार्ज होने मे समय लगेगा तब तक हम. प्लान बना लेते है आगे किया करना है
आरोही भी सीरियस होके – जी सही कहा
फिर दोनो मे बाते होने लगती है प्लान बनने लगते है 1 घंटे बाद
आरोही मुस्कुराते हुवे उदय को देख – मान गई मे आपको अब समझ मे आया आप यहा इस पोनिजन मे कैसे आये
उदय मुस्कुराते हुवे – चिंता मत करो धीरे धीरे मेरे बारे मे सब जान जाओगी
आरोही मुस्कुराते हुवे अपनी टांगे फैलाते हुवे – बाते बहोत हो गई अब मेरी चूत आपका लंड मांग रही है दाल दीजिये मेरी चूत मे लंड

उदय आरोही के चूत को देखते हुवे – जरूर दालुगा बेटी तुम्हारी चूत है भी फूली गर्म मेरा लंड अंदर जाता है तो मजा आ जाता है
आरोही उदय को देख – तो दाल दीजिये ना अब रहा नही जा रहा
उसय आरोही के चूत मे लंड रख जोर का धक्का मारता है आरोही आखो मे आसु लिये – आह मा मर गई लेकिन मजा भी बहोत आ रहा है आह आपका लंड मेरी चूत मे मेहसूस कर सुकून मिल गया

उदय तेज तेज धक्का मारते हुवे आरोही को किस करने लगता है फिर आरोही को देख – सच केह रहा हु बेटी इतना मजा तो मुझे किसी के साथ नही आया
आरोही सिसकिया लेते हुवे – आह अंकल अब ये मजा मे आपको रोज दुगी कियुंकी मुझे भी अब ये मजा रोज चाहिये
उदय धक्के मारते हुवे – जरूर दूँगा बेटी
12 से सुबह के चार बजे तक बाते के साथ उदय 3 बार आरोही की चुदाई करता है
आरोही कमरे पेहन कर रेडी हो जाती है और उदय को किस करते हुवे – अंकल अब मे चलती हु बहोत मजा आया मुझे कल फिर मिलुगी
उदय – ठीक है बेटा जाओ
उदय बाहर आता है आरोही गारी मे बैठ उदय को मुस्कुरा के देखती है उदय भी मुस्कुरा देता है फिर गारी निकल परती है
उदय मन मे – एक बात तो है आरोही के साथ मुझे बहोत मजा आया एक अगल सुकून मिला जैसा मुझे किसी और के साथ नही मिला कियुंकी बाकी मेरे पैसे के लिये आते है मजे देके चले जाते है और मुझे भी यही चाहिये था आरोही भी मेरे पास पैसे के लिये आई मुझे सब दिया लेकिन उसने मुझे दिल से सब दिया मुझे अपना माना और ये मेने उसकी बातो आखो मे देख समझ गया वैसे मे बुरा गंदा इंसान हु लेकिन अब आरोही मेरी है मे उसे सब दूँगा और आरोही को एक बीवी की तरह रखूँगा
उदय ये सोच अंदर चला जाता है
वही गारी आरोही के घर के सामने आके रुकती है ड्राइवर आरोही को देख – वैसे अभी सुबह नही हुई है लेकिन पेहले से ही गुड मोर्निंग मैडम
ड्राइवर की बात सुन आरोही मुस्कुराते हुवे गारी से बाहर निकल ड्राइवर को देख – गुड मोर्निंग
गारी फिर चली जाती है आरोही आसमान को देख – मैडम सुनने में अच्छा लगा
आरोही लंगराते हुवे अपने कमरे मे आके बिस्तर पे टांगे फैला के लेत जाती है और आरोही छत को देखने हुवे मन मे – अदिति अभय जल्दी ही असली खेल सुरु होगा बस मुझे सही समय का इंतज़ार है
तो यही हुवा था अदिति से मिल कर आरोही जब गई थी रात से लेकर अब तक की कहानी
आज के लिये इतना ही ![]()
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