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chapter 19

जीत जीतू फोन पे बाते कर रहे होते है..

जीतू – यार आज बॉस के शादी फिक्स हो रही है मेरा दिल बहोत कर रहा था जाने का लेकिन बॉस ने रोक दिया

जीत – दिल तो मेरा भी कर रहा था जाने का ले लेकिन बॉस चाहते हो हम अपने लोगो के साथ वक़्त बिताये

जीत – बॉस बहोत अच्छे है सब के बारे मे सोचते है

जीतू -तुमने सही कहा मे तो जब सोचता हु बॉस नही आये होते तो हमारा क्या होता

जीत – मे भी सोचता हु लेकिन 4 साल जो हमने जुगारे साथ मे वो पल खतरनाक के साथ बहोत अच्छे पल भी थे जो मुझे bah याद आते है

जीतू – मे तो याद भी नही करना चाहता जहा हम रहे वो किया लेकिन बॉस के साथ बिताये पल याद आ जाते है

जीत – हा सही कहा खैर मे बहोत खुश हु भले ही हम बॉस की शादी तय नही देख पाये लेकिन बॉस ने कहा है शादी के कार्ड लेकर खुद हमारे घर आयेगे उस दिन का मुझे बेसबरी से इंतज़ार रहेगा

जीतू – सही कहा वैसे भी हमारे घर वाले उन से मिलना चाहते है muj तो कई बार केहते रेहते है कब आयेगा अभय

जीत – सेब भाई वही मेरे घर वाले भी बोलते रेहते है

जीतू – वैसे बॉस ने जो कहा वो सब काम चल रहा है ना

जीत – बॉस ने जो कहा वो मे कर रहा हु लेकिन तेरा क्या

जीतू – मेरा भी चल रहा है मुझे लगता है बॉस जल्दी हि फॉर्म मे आयेगे

जीत मुस्कुराते हुवे – सही कहा

जीत जीतू दोनो बाते करते रहेगे हम चलते है अभय के पास

आँगन मे सभी बैठे बाते करते हुवे पंडित जी का इंतज़ार कर रहे थे

तभी पंडित जी आ जाते है पंडित जी घर के अंदर कदम रखते है तो उन्होंने बहोत बुरी फिलिग आती है

पंडित जी मन मे – इस घर मे बुरी साया है

पंडित जी का नाम है रामा – उमर 35 साल बहोत हि ज्ञानी है

सभी की नजर पंडित जी पे जाती है तो सभी एकदम सांत हो जाते है

पंडित जी सभी को देख मुस्कुराते हुवे – किया बात है लगता है सभी मेरा ही इंतज़ार कर रहे थे

काजल – पंडित जि ये भी पूछने कि बात है

पंडित जी के लिये बैठते का इंतजाम कर दिया गया था पंडित जी जाके पल्थी मार बैठ जाते है बाकी सभी पंडित के आगे चारो तरफ घेर बैठ जाते है

पंडित जी एक नजर सभी को देखते है फिर अपने थैले से कुंडली मिलान निकाल लेते है

पंडित जी – ठीक है लरका लरकी आके मेरे पास बैठ जाये

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पंडित जी की बात सुन अभय दिशा आके पंडित जी के सामने बैठे जाते है पंडित जी एक नजर अभय दिशा को देखते है

पंडित जी – ठीक है लरका लरकी के जन्म समय कब किस महीने साल मे हुवा बताये

सिला अभय के जन्म जिस दिन समय महीने साल मे हुवा बता देती है

तारा भी दिशा के जन्म दिन समय महीने साल बता देती है

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पंडित जी दोनो की बात सुनते है फिर जन्म कुंडली मिलान करने लगते है सभी की नजर पंडित जि पे टिकी हुई थी

अभय दिशा भी एक दूसरे को देख है और फिर पंडित जि को देखते है

आसा मन मे – उपर वाले मेरे बेटे बहु की जारी बना देना प्लेस ताकि दोनो पूरी जिंदगी एक साथ हसी खुशी बिताये

तारा मन मे – एक लास्ट हॉप दामाद जी हि है मे बस अपनी बेटी का घर बस्ता देखना चाहती हु उसे फिर से सुहागन देखना चाहती हु उपर वाले प्लेस सब अच्छे से हो जाये

10 मिनट तक पंडित जी अच्छे से दोनो की कुंडली मिलान करते है फिर दिशा को देख – बेटी अपना हाथ आगे करो

दिशा अपना हाथ आगे करती है पंडित जी दिशा के हाथ पकर दिशा के हाथो की लकीर देखते है फिर आखे बंद कर देते है 2 मिनट बाद पंडित जी दिशा के हाथ छोर देते है

पंडित अभय को देख – बेटा तुम अपना हाथ आगे करो

अभय अपना हाथ आगे करता है पंडित जि अभय के हाथो कि लकीर देख आखे बंद कर लेते है 4 मिनट बाद पंडित जी अभय का हाथ छोर देते है और एक गहरी सास लेते है

पंडित जी अभय दिशा को देख मन मे – बहोत कम ऐसा होता है की किसी की कुंडली इतनी आसानी अच्छे से मैच कर जाये ये केहना गलत नही होगा ये दोनो एक दूसरे के लिये हि बने है

पंडित जी दिशा को देख मन मे – उसके अंदर कोई बुराई ना किसी के लिये जलन गुस्सा भरा है यानी दिल कि बहोत साफ है

पंडित जी अभय को देख – इस लरके के अंदर सिर्फ अपने लोगो के लिये प्यार ही प्यार भरा है दिल का साफ मिलन सार मस्ती से जीने वाला लेकिन गलती से भी इस लरके के अपनो को कोई चोट पहुचाने कि कोसिस करेगा तो उसका हाल क्या होगा मुझे भी नही पता मुझे लगता है ये लरका उनका क्या हाल करेगा उसे खुद नही पता होगा

आसा पंडित जी को सोचो मे गुम देख – पंडित जी किया हुआ कुछ गर्बर् है क्या

पंडित जी होस मे आते हुवे आसा सभी को देख मुस्कुराते हुवे – नही कोई गर्बर नही बल्कि मे हैरान हु लरका लरकी के 36 के 36 गुण मिल रहे हो सच कहु तो दोनो एक दूसरे की लिये ही बने है

पंडित जी कि बात सुन सही को राहत मिलती है और बहोत खुश भी हो जाते है

पंडित जी आसा तारा को देख – तो बताइये शादी कब का फिक्स करू

तारा आसा को देख – बताइये ना

आसा मुस्कुराते हुवे अभय दिशा को देख – पंडित जी जो पेहला शुभ मुहूरत है वही दिन फिक्स कर दीजिये

पंडित जी – जैसा आप कहे

अभय दिशा के कान मे धीरे से – लगता है मेरी भाभी मेरी रानी जल्दी से बनने वाली है

दिशा अभय कि बात सुन शर्म से लाल हो जाती है

पंडित जी थोरि देर बाद सभी को देख – हा तो पेहला शुभ मुहूरत आज से 26 वे दिन का है बोलिये क्या केहते है

आसा मुस्कुराते हुवे – पंडित जि फिस्क कर दीजिये

पंडित जी मुस्कुराते हुवे – ठीक है आज से 26 दिन लरका लरकी कि शादी फिक्स होती है

पंडित जी कि बात सुन सभी खुशी से तालियां बजाने लगते है

पंडित जी आसा को देख – लेकिन एक जरूरी बात कहनी है

आसा हैरानी से – वो क्या है पंडित जी

पंडित जी – मे जब इस घर मे आया तो मुझे बुरी साया फिल हुवा यानी ये घर रेहने लायक नही है अगर आप इस घर मे रहती है तो कोई ना कोई घटना होती रहेगी

पंडित जी कि बात सुन सभी बहोत हैरान हो जाते है खास कर आसा

पंडित जी – मुझे लगता है इस घर मे पेहले हि कई घटना हो चुकी है

आसा को सुरु सी लेकर सब घटना याद आने लगता अपनी बेहन से लराइ रिस्ता टूट गया,पति छोर चला गया,देवर इज़त लूटने की कोसिस, अभय का किडनैप, विनय के साप् काटने से मौत, कुछ ना कुछ होता आया है सुरु से इस घर मे

आसा घबराते हुवे – पंडित जि आपका केहना बिल्कुल सही है लेकिन अब हम किया करे

पंडित जी – दो रास्ते है पेहला आपका बेटा नई लाइफ सुरु करने वाला है तो आप नये घर में करिये दूसरा मे इस घर को सुध कर दुगा बस कुछ दिन का समय लगेगा

आसा कुछ बोलने वाली होती है तभी अभय – पंडित जी सच ये है मेने पेहले से नये घर मे जाने का सोच रखा था बस समय का इंतज़ार कर राहा लेकिन जब आपने ये केह दिया हो तो हम नये घर में ही सिफ्ट हो जायेंगे

आसा अभय को देख – लेकिन बेटा

अभय बीच मे आसा को रोक – मे सब देख लुगा

अभय मन मे – मेने घर ले लिया है और वहा काम चालू है सभी आने वाले खतरों से लरने के लिये शादी तक सब काम पुरा हो जायेगा

पंडित जी – ये तो और अच्छी बात है

अभय दिशा की शादी फिक्स हो चुकी थी आज से 26 दिन

आसा तारा को देख मुस्कुराते हुवे दोनो गले मिलते है बाकी सभी दिशा अभय को बधाई देते है

अभय विजय पेहले नास्ता कराते है पंडित जी को फिर पैसे दे दिये जाते है उसके बाद बाकी सभी को नास्ता कराया जाता है

एक कमरे मे दिशा अदिति पूजा कोमल मधु के बीच बाते चल रही होती है

अदिति कोमल को देख – भइया भाभी का तो शादी तय हो गया आप कब कर रही है

कोमल अदिति को देख – एक बात बताओ तुम दोनो भाई मेरी शादी के पीछे कियु परे हो ये बताओ पेहले

दिशा हैरान से कोमल को देख – तुमहारे केहने का किया मतलब है कोमल

कोमल दिशा को देख मुस्कुराते हुवे – आया था आज सुबह आपका होने वाला पति और मेरी मा बुआ से मेरी शादी के बारे मे बात कर के गया है

मधु – लेकिन भाई के नजर मे कोई होगा आपके लायक तभी तो भाई ने बात सुरु की होगी

कोमल – हा तुमने सही कहा अभय का दोस्त है शादी मे आयेगा

अदिति मुस्कुराते हुवे – अब तो खुद मिल कर देख लेना वैसे मुझे यकीन है भाई मे आपके लिये कोई लरका चुना है तो अच्छा हि होगा

दिशा – मुझे लगता है जीत या जीतू ही होगे

पूजा – लेकिन दीदी आपको कैसे पता

दिशा मुस्कुराते हुवे – अरे पागल उन्होंने बताया था ना जब कैद मे थे तो उसके साथ जीत जीतू भी थे और उन्होंने मुझे दोनो के बारे मे बताया भी था

मधु – याद आया हा उन्होंने कहा था इसका मतलब दोनो में से एक ( कोमल को देख मुस्कुराते हुवे) दीदी का सइया बनेगा

कोमल मधु के कान पकर – अच्छा तो एक एक मेरा सइया बनेगा तो दूसरे को तुम बना लेना

मधु दर्द मे – दीदी छोरो दर्द हो रहा है

कोमल मधु का कान छोर देती है

मधु कान सेहलाते हुवे – मे तो अभी बच्ची हु आप लोग ही बना लेना सइया 1

मधु कि बात सुन सभी मधु के बरे बरे चुचे को देखने लगते है घूर घूर के मधु को जब एहसास होता है तो शर्म से चिल्लाते हुवे – छी आप सब कहा देख रही है

मधु की बात सुन सभी हसने लगते है

एक कमरे मे आसा काजल मिनिता तारा सिला बैठे थे

आसा तारा से – बात ये है शादी मन्दिर मे नही होगी बलकी मेरा लाल बारात लेकर जायेगा बहु को लाने लाला चाहता है घूम घाम से शादी करना

आसा की बात सुन तारा बहोत हैरान और घबरा भी जाती है

तारा घबराते हुवे – मे भी चाहती हु मेरी बेटी की शादी धूम धाम से करना लेकिन आप जानती है ना

आसा तारा को देख – मुझे पता है आप उसकी चिंता मत कीजिये मेरा लाला सब देख लेगा बस आप अपनी मा का फर्ज़ निभाइये

तारा – लेकिन मुझे अच्छा नही लग रहा दामाद जी सब सर्च उठा रहे है

सिला – मेरा बेटा जिसको अपना मान लेता है उसे दिल मे बसा कर रखता है और आप तो उसकी सासु मा है

मिनिता हस्ते हुवे – अरे हॉट सासु मा कहो

मिनिता कि बात सुन सिला शर्मा के – शर्म कीजिये कुछ भी बोलती है

काजल हस्ते हुवे – भाभी ने गलत नही कहा अभय तो हमे भी हॉट बोलता है कियु भाभी

मिनिता मुस्कुराते हुवे – सही कहा

सिला – तो किया गलत कहा तुम सब हॉट और क्या बोलते है हा सेक्सी हो तो कहेगा हि

सिला की बात सुन सब शर्मा जाते है और जोर जोर से हसने लगते है

आसा तारा से – अच्छा तो सब समझ गई है दिन भी तय हो गया है तो अब आपको दिशा को लेकर जाना होगा

तारा – जी समझ गई

30 मिनट बाते करने के बाद : मिनिता काजल विजय कोमल भोला अपने घर चले जाते है

दिशा अपने कमरे मे समान पैक करने मे लग जाती है तभी अभय कमरे मे आता है और दिशा को पीछे से कमर मे हाथ दा पकर अपने से सता लेता है दिशा घबरा जाती है अचानक अभय के पकरने से लेकिन फिर अभय को देख सांत हो जाती है

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दिशा शर्मा के आपने तो मुझे डरा ही दिया था ( अभय – वो छोरो आपके बिना मे अब कैसे इतने दिन रहुंगा मेने तो सोचा था दुबारा आपकी ( तभी दिशा बीच मे – छी गंदे वैसे ही 26 दिन कोई जायदा नही है

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अभय दिशा के गर्दन मे किस करते हुवे – लेकिन मेरे लिये बहोत जायदा है

दिशा अभय के किस करने से सिसकिया लेते हुवे – ऐसा कियु

अभय – कियुंकी मेरा पेहली बार था दुबारा के लिये अब मुझे इंतज़ार करना परेगा

अभय दिशा को अपनी तरफ घुमा के दिशा के कमर को कस के पकर अपने से पूरा सता के दिशा के आखो मे देख – आपको देखता हु तो रुकना मुश्किल हो जाता है मेरा

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दिशा शर्म से नजरे नीचे कर – बस शादी तक इंतज़ार कीजिये फिर

अभय दिशा के होठो के पास अपने होठ ले जाते हुवे – फिर किया

दिशा की सासे तेज होने लगती है दिशा – फिर आपको अपने आप का रोकने की जरूरत नही परेगी

अभय दिशा की आखो मे देख – शादी के बाद मे अपने आप का रोकुगा भी नही ( ये केहते हुवे अभय दिशा को किस करने लगता है

दिशा भी अभय को पकर किस करने लगती है

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दोनो एक दूसरे से चिपके एक दूसरे को बाहों में पकर एक दूसरे के जीब को मुह मे लेने चूस कर रस पीने लगते है 2 मिनट बाद दिशा सर्म से अभय को धक्का देखे कमरे से बाहर निकालते हुवे – अब जाइये

अभय को बाहर निकालने के बाद दिशा दरवाजा बंद कर लेती है और जोर जोर से सासे लेते हुवे शर्म से लाल – मेरे लिये भी ये 26 दिन बहोत बरा होने वाला है मेरे पति देव

अभय हैरान बाहर करे दरवाजे कि तरफ देख – अरे यार धक्के मार कर निकाल दिया ऐसा कोन करता है

      ( साम 4 बजे )

तारा पूजा दिशा जाने के लिये तैयार थे

तारा आसा को देख – तो अब हम चलते है

आसा तारा को गले लगाते हुवे – हम एक फैमली है और रहेगे ये मत भूलियेगा हम सब आपके साथ है आप चिंता मत करना आप अकेली नही है

तारा इमोसनल होते हुवे – मुझे पता है और ना मे भुलुगी

दोनो अलग होते है

आसा दिशा के पास जाके दिशा के गाल सेहलाते हुवे – मेरी बहु कुछ दिनों के लिये आपकी है लेकिन फिर मेरी हो जायेगी

तारा मुस्कुराते हुवे – जी बिल्कुल

दिशा आसा को गले लगाते हुवे – मम्मी जी मेरे ना रहने मे अपना ख्याल रखियेगा

दिशा अगल होके अदिति को देख – ननद रानी जब तक मे वापस आपकी भाभी बन कर नही आती आप को हि घर का काम करना है मम्मी जी को आराम करने देना

अदिति दिशा को गले लगते हुवे – आप चिंता मत कीजिये आपने जैसा कहा वैसा हि मे करुगी

अदिति फिर पूजा के गले लगते हुवे – मेरी भाभी का ख्याल रखना नही तो बहोत मारुगी तुझे

पूजा हस्ते हुवे – तुम भी मेरे जीजा जी का ख्याल रखना

अदिति हस्ते हुवे – वो खुद सब का ख्याल रखते है

दिशा मधु से – ननद रानी भाई का ख्याल रखना अच्छे से

मधु दिशा को देख मुस्कुराते हुवे – जरूर रखुंगी जब आप आ जायेगी तो आप खुद रख लेना

दिशा मुस्कुराते हुवे – अच्छा जी

मधु हस्ते हुवे – हा जी

दिशा मधु गले मिलते है

सिला दिशा के पास जाके दिशा को देख – सच मे मेरी बहू बहोत हि खूबसूरत है

दिशा सर्माते हुवे – मम्मी जी आप भी अपना ख्याल रखियेगा

सिला मुस्कुराते हुवे – मेरा ख्याल रखने के लिये मेरा बेटा है तुम अपना ख्याल रखना

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बाते हो जाती है अभय सभी बाहर आते है पूजा तारा पीछे बैठ जाते है और आगे दिशा अभय कार चालू करता है

आसा अदिति सिला मधु दिशा पूजा तारा सब एक दूसरे को देखते है और बाय बोल अभय कार लेकर निकल परता है 15 मिनट बाद अभय अपने ससुराल पहुँच जाता है

सारा समान अभय अंदर रख देता है दिशा का फिर सभी बाहर आ जाते है

तारा अभय के पास जाके अभय को देख इमोसनल होते हुवे

तारा – दामाद जी आपका सुक्रिया कैसे करू सब के लिये मेरी बेटी को अपनाने के लिये

अभय – सासु मा हम सब एक परिवार है और दिशा जैसी बीवी पाके मे बहोत खुश हु आप सब अपना ख्याल रखना और हा शादी की सब तैयारी मे देख लूंगा बाकी फोन पर बाते होती रहेगी

पूजा – जीजा जी ने केह दिया हमे अब कोई चिंता नही है

अभय पूजा को देख मुस्कुराते हुवे – हा जरूर

तारा पूजा को देख – चलो पूजा बेटी अंदर कुछ काम करने है

पूजा अभय दिशा को देख मुस्कुराते हुवे – समझ गई मा चलो

तारा पूजा अंदर चले जाते है तो दिशा नजरे नीचे किये खरी रहती है

अभय गारी से सता हुवा खरा था

अभय दिशा को देख – मेरी रानी अब आ भी जाओ बाहों मे

दिशा अभय की बात सुन जाके समाते हुवे अभय के बाहों मे समा जाती है और अभय को कस के पकर लेती है

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अभय दिशा को बाहों मे लिये – मेरी रानी फोन मे बाते करते रहेगे और मे छुपके छुपके मिलने आता रहुंगा ठीक है ना

दिशा शर्मा के धीरे से – ठीक है जी लेकिन

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अभय दिशा के चेहरे को पकर आखो मे देखता है दिशा अभय को देखती है फिर दोनो किस करते है

दिशा शर्मा के – अब जाइये

अभय – आई लोव यू मेरी रानी

दिशा अभय को देख – आई लोव यू मेरे राजा

अभय फिर गारी मे बैठ निकल परता है घर वही दिशा अभय को जाते हुवे देखने लगती है वही पूजा दरवाजे पे खरी दिशा को देख हस्ते हुवे – दीदी चले गये हो जीजा जी अंदर आ जाइये

पूजा कि आवाज बात सुन हैरानी से दिशा पीछे मूर पूजा को देख – किया तुम सब देख रही थी

पूजा मुस्कुराते हुवे – हा

दिशा गुस्से से – रुक अभी बताती हु बेशर्म ( दिशा केहते हुवे पूजा को पकरने भागती है पूजा डर के घर में चली जाती है

    ( अभय के घर )

कमरे मे अब सिर्फ सिला आसा हि थे

सिला आसा को देख – दीदी मे आपसे अभय के बारे मे कुछ पूछना चाहती हु

आसा सिला को देख – पूछो ना

सिला – दीदी आज मे रेडी हो रही थी तब अभय बेटा अंदर आ गया मेरी ढोरी

सिला बीच मे रोकते हुवे मुस्कुराते हुवे – आगे मे बताता हु फिर लाला तुम्हारी ढोरी को घूर कर देखने लगा होगा

सिला हैरानी से – हा ऐसा हि हुवा था

आसा – ठीक है बताती हु असल मे विनय अदिति से अभय बहोत मस्ती करने वाला बच्चा सुरु से रहा है जब मे सोई रहती थी तब कभी कभी मेरी सारी नीचे गिर जाती थी तो लाला आके मेरी ढोरी पे किस करता था चाटता था और पर पर की आवाजे मुह से निकालता था मुझे बहोत गुदगुदी होती थी लेकिन लाला को मजा आता था लाला की दूसरी आदत है मुझे खुद उसे जगाने जाना परता है तभी वो उठता है तीसरी उसे किस्सी भी चाहिये होता है ये सब लाला छोटा था तब से अब तक चलता आ रहा है

सिला हैरानी से – अच्छा ये बात है तभी अभय बेटा इतना मस्ती करता है मुझे हॉट भी बोलता है

आसा मुस्कुराते हुवे – हा लाला जिसे अपना मान लेता है दिल से उसे ही ऐसा बोलता है

सिला – दीदी मे देख सकती हु आप का अभय बेटा का रिस्ता इतना कियु प्यारा है सच मे अभय बेटा आपका लाला है

आसा मुस्कुराते हुवे – हा लेकिन अब तेरा भी बेटा है उसने तुझे भी तो मा माना है

सिला – हा और अभय बेटे को पाके बहोत खुश हु

       अभय भी घर आ जाता है

अब बारी थी सिला जोगिनाथ के जाने की सभी आँगन मे खरे थे

जोगिनाथ आसा को देख – भाभी तो अब हमे जाना चाहिये

आसा – जी लेकिन शादी कुछ दिन पेहले ही सब को फिर आ जाना है

जोगिनाथ – ये भी केहने की बात है जरूर आऊगा अभय बेटे कि जो शादी है

आसा मधु से – गुरिया अपना ख्याल रखना वैसे तेरा भाई तो रोज मिलने जाता रहेगा

मधु – जी बरी मा भाई तो आते रहेगे नही आयेगे तो मे खुद आ जाउंगी

मधु कि बात सुन सब हसने लगते है

अदिति – आ जाना बना किसने किया है

बाते होती है और अभय सिला मधु जोगिनाथ को घर आ जाता है ठोरी देर रुकता है बाते करता है और घर आ जाता है

     ( रात 9 बजे )

खाना पीना होने के बाद अभय अपनी मा के कमरे मे जाता है दिशा सारी पेहले बिस्तर पे लेती हुई थी

अभय दिशा को देख – मा मुझे लगा आप बुल्लू नाइटी मे होगी

आसा हस्ते हुवे – कियु तुम्हे मुझे बुल्लू नाइटी मे देखना है

अभय आसा के पास बिस्तर पे लेट आसा को कस के बाहों मे भर आसा के आखो मे देख – मा मुझे तो आपको जीन्स लेहगा लेगिंस सूट सलवार सब मे देखना है

आसा हैरान से अभय को देख – किया लाला मे इस उमर मे ये सब पेहनुगी

अभय आसा को देख – मेने कहा था ना आप अभी बहोत जवान और खूबसूरत हॉट है आप जो पेहनोगी आपके उपर अच्छा हि लगेगा

आसा शर्म से लाल हो जाती है

दोनो मा बेटा एक दूसरे से पूरा चिपके हुवे एक दूसरे के आखो मे देख बाते कर रहे थे अभय को अपनी मा के करक टाइट बरे चुचे निपल अपने सीने मे दबे साफ मेहसूस हो रहे थे और अपनी मा के शरीर की गर्मी भी लेकिन अभय गलत नजर से मा को नही देख रहा था ना

आसा अभय को देख – लेकिन बेटा बाहर वाले देखेंगे तो किया चोगेगे

अभय मुस्कुराते हुवे – आपको सिर्फ मुझे पेहन कर दिखाना है बाहर नही जाना है बाहर आप सारी पेहन कर हि जाना मे नही चाहता कोई मेरी मा को देखे जीन्स सब मे

आसा हस्ते हुवे – अच्छा ये बात है तुम तो मुझे मॉडल बनाना चाहते हो

अभय हस्ते हुवे – मा मॉडल को सभी देखते है लेकिन आप को मे ही सिर्फ देखुंगा मेरी हॉट मा

आसा मुस्कुराते हुवे – ठीक है बाबा लाला की इक्छा मे जरूर पूरी करुगी

अभय – मेरी प्यारी बेस्ट मा है

आसा हस्ते हुवे – मस्का मत मार

अभय- मा नाइटी पेहनो ना देखता है मुझे वैसे मुझे पता है आप बहोत सेक्सी लगेगी नाइटी मे

आसा शर्मा के – मुझे पता था लाला तु इसी लिये रेड बुल्लु नाइटी लेने के लिये कहा था ना ताकि तुम मुझे रेड बुल्लू नाइटी मे देख सको

अभय मुस्कुराते हुवे – हा आगे तो और रंग बिरंगे नाइटी लाउगा आपके लिये

आसा शर्मा के अभय को मारते हुवे – शैतान कही का

आसा – चल ठीक है मे नाइटी पेहन लेती हु

अभय आसा को छोर देता है और खरा होते हुवे – ठीक है आप चेंज कर दीजिये मे बाहर खरा रेहता हु

आसा – कोई जरूरत नही है यही खरा रेह

अभय मुस्कुराते हुवे – समझ गया सेक्सी मा

अभय आगे थोरा जाके एक जगह आखे बंद कर खरा हो जाता है अभय की नजर आगे थी आखे भी बंद थी

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आसा अभय को देख मुस्कुराते हुवे अपनी सारी निकालने लगती है और थोरि देर मे पूरी नंगी हो जाती आसा फिर बुल्लू नाइटी निकाल पेहन लेती है अंदर कोई बिकनी चड्डी नही पेहनी थी आसा मे रात को आसा ऐसे ही सोती है लेकिन दिन मे चड्डी बिकनी सब पहनती है

अभय सब बहोत छोटा था किसी चीज की समझ नही थी तब आसा अभय के सामने ही नंगी होकर कपड़े बदल लेती थी लेकिन जब अभय समझदार हुवा चीजे समझने लगा तक भी आसा अभय को बाहर जाने के लिये नही केहती थी बल्कि आगे जाके खरा होकर आखे बंद करने के लिये केहती थी वही आज आसा ने किया इसी लिये अभय हैरान नही हुवा और सीधा जाके आखे बंदकर खरा हो गया

आसा नाइटी पेहन चुकी थी

आसा अभय को देख मुस्कुराते हुवे – लाला अबदे देख सकता है

आसा के केहने पे अभय पीछे मूर आखे खोल आसा को देखता है

आसा बुल्लू नाइटी मे बहोत ही हॉट सेक्सी लग रही थी आसा शर्मा भी रही थी

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अभय आसा के पास जाके उपर से नीचे तक अच्छे से देखता है फिर आसा की आखो मे देख – जैसा मेने कहा था आप बहोत हॉट सेक्सी लग रही है इस बुल्लू नाइटी मे

आसा शर्मा के – सच केह रहा है लाला

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अभय आसा के कमर मे दोनो हाथ डाल जोर से पकर अपने सीने से सता लेता है जिसके वजह से आसा के मुह से आह निकल जाती है

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अभय आसा के आखो मे देख – किया हुआ मा

आसा शर्मा के – कुछ नही

अभय आसा के लाल रसीले होठो को देख – मुझे किस्सी चाहिये

आसा अभय की आखो मे देख – पूछता कियु है जब दिल करे कर लेना

अभय मुस्कुराते हुवे अपना होठ अपनी मा के होठो के नजदिक ले जाने लगता है आसा अभय को देख शर्मा रही होती है फिर अभय अपना होठ अपनी मा के होठ से सता के हटा लेता है

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अभय आसा को देखता है आसा अभय को

अभय आसा को देख – गुड नाइट सेक्सी मा

आसा अभय को देख मुस्कुराते हुवे – गुड नाइट लाला

2 मिनट बाद

आसा अभय को देख प्यार से – छोरेगा मुझे या ऐसे ही पकरे रहेगा

अभय मुस्कुराते हुवे – आपको बाहों मे लेके मुझे सुकून मिलता है

अभय आसा को छोर – लेकर छोरना परेगा

आसा -अगर मेरा लाला चाहता है तो पकर ले फिर मुझे अपने बाहों मे

अभय आसा के गाल पे किस करते हुवे – आप मेरी मा है जब दिल करेगा बाहों मे भर लुगा

आसा मुस्कुराते हुवे – हा ये भी है

अभय – ठीक है मा सो जाइये गुड नाइट

आसा मुस्कुराते हुवे – गुड नाइट लाला

अभय बाहर आ जाता है और आसा बिस्तर पे लेत जाती है और मुस्कुराते हुवे मन मे – मेरे लाला का डिमांड बढ़ते जा रहा है इस उमर मे भी मुझे जीन्स सब पहनाने मे लगा हुवा है

अदिति कमरा

अभय अंदर जाता है अदिति नाइट गाउन मे बिस्तर पे लेती आखे बंद किये सो रही थी अदिति बहोत सेक्सी लग रही थी सोते हुवे

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अभय अदिति को सोता देख मुस्कुराते हुवे – लगता है आज गुरिया जल्दी सो गई है मुझे जाना चाहिये

अभय जाने लगता है तभी अदिति जल्दी से उठ कर अभय के पीछे से पकर लेती है अभय भी मुस्कुराते हुवे अदिति को अपनी तरफ घुमा बाहों मे भर लेता है

अदिति अभय के बाहों मे समाये – आपको पता था ना मे सोने का नाटक कर रही हु

अभय मुस्कुराते हुवे – हा पता

अभय अदिति को गोद मे उठा कर अदिति के आखो मे देख – मेरी प्यारी खूबसूरत गुरिया

अदिति अभय के आखो मे देख – मेरा हैंडसम भाई

अभय अदिति को बिस्तर पे लेता देता है और खुद लेत जाता है अदिति अभय के सीने पे सर रख लेती है

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अदिति – भाई पंडित जी ने कहा है इस घर मे बुरी साया है और आपके कहा हम नये घर मे जायेंगे

अभय अदिति को बाहों मे लेते हुवे – हा गुरिया मेने घर खरीद रखा है बस कुछ दिनों बाद हम नये घर मे रेहने चलेंगे

अदिति बहोत खुश होते हुवे अभय को देख – अच्छी लेकिन आपने कैसा घर लिया है मुझे भी बताइये ना भाई

अभय मुस्कुराते हुवे – ना हम जब जायेंगे तब खुद देख लेना

अदिति – तो आप नही बतायेगे ठीक है इंतज़ार कर लुगी

अभय मुस्कुराते हुवे – करना ही परेगा लेकिन तुम्हे घर बहोत पसंद आयेगा पक्का

अदिति मुह फुलाते हुवे -बता तो रहे नही और घर पसंद आयेगा केह रहे है

अभय हस्ते हुवे अदिति के गाल पे किस करते हुवे – सच्ची केह रहा हु

अभय मन मे – मेने तुमहरा कमरा मा अपना अच्छे से सजाने मे लगा हु जब तुम अपना कमरा देखोगी तो खुशी से नाच उठोगी

अभय – अच्छा गुरिया तुम सो जाओ मे जाता हु

अदिति अभय को देख – ठीक है भाई गुड नाइट

अभय खरा होकर अदिति को देख – गुड नाइट गुरिया

अभय कमरे से निकल अपने कमरे मे आ जाता है वही अदिति बिस्तर पे लेती मन मे – आपके बाहों मे जल्दी नींद आ जाती है लेकिन आपके बाहों बिना जल्दी नींद नही आती लेकिन मुझे भी समझना होगा

अदिति मुस्कुराते हुवे – पक्का भाभी से बात करेगे अकेले मे लेकिन मे आरोही से बात कर लेती हु

अदिति आरोही को फोन लगा देती है आरोही बिस्तर पे लेती हुई थी अदिति का फोन देख उठा के

आरोही – याद आ गई अपने दोस्त की मुझे लगा भूल जाओगी फिर

अदिति – अरे नही यार ये बताओ क्या हो रहा है

आरोही – खाना खाने के बाद अभी पढाई कर सोने जा रही थी

अदिति – अच्छा सुन मेरे भाई की शादी तय हो गई है इस 29 तारीख को कार्ड तो मे खुद दुगी लेकिन मेने सोचा पता दु

आरोही – ये तो अच्छी बात है दिशा भाभी से तय हुई है ना

अदिति – तुम्हे बता तो है

आरोही – तुम ने हि तो बताया था अच्छा अदिति सच बता मेरे भाई से शादी करेगे या नही

अदिति – अरे यार बताया तो था फिर पीछे पर गई मेने कहा ना मे तुम्हारे भाई से प्यार नही करती अब चीजे बदल गई है

आरोही – सीधा बोल नही करनी है

अदिति – हा नही करनी मुझे गलत मत समझना

आरोही – कोई बात नही अच्छा मे रखती हु

अदिति – ठीक है

फोन कट

आरोही मन मे – तूने अच्छा नही क्या अदिति भाई आ गया तो क्या हुवा लेकिन इसकी किमत तुझे चुकानी परेगी

आरोही किसी को फोन करती है

आरोही – मे रेडी हु आपने जैसा कहा लेकिन मेरी एक सर्ट है

अंजान – हा बोलो

आरोही – अदिति के साथ पेहले मेरा भाई जी भर के मजे करेगा

अंजान – मंजूर है

आरोही – और एक बात आपने जितना वादा किया है याद रखना और हा उस कमीनी के भाई की शादी तय हो गई है

अंजान – कब है शादी

आरोही – इस 29 को

अंजान जोर जोर से हस्ते हुवे – तब तो मुझे उसकी शादी मे फटाका फोरना ही परेगा अभय यही नाम है ना उसका

आरोही – जी

अंजान हस्ते हुवे – उसकी जिंदगी मे जो भी प्यारा है उसे एक एक कर उससे छीन लुगा और सुरुवात उसकी शादी के दिन से करुगा

आरोही – आप किया करते है मुझे उससे कोई मतलब नही है अब वो मेरी दोस्त नही रही बस मुझे अब अमीरी की लाइफ जीनी है

अंजान – जरूर मेरी बात मानते जाओ बस लेकिन एक बात अभी उससे बात करती रेहना समझ गई

आरोही – मुस्कुराते हुवे समझ गई

अंजान – ठीक है रात को रेडी रेहना

आरोही – धीरे से ठीक है

फोन कट

अदिति कमरा

अदिति मन मे – प्यार होता तो करती उस समय मा भाभी तेरे केहने पे मेने तेरे भाई को सुना ना की प्यार की वजह से

अभय कमरा

आज अभय के आने के बाद पेहले बार अभय अकेले अपने कमरे मे बिस्तर पे लेता था

अभय – मा गुरिया के साथ मस्त नींद आती है लेकिन खैर मेरी रानी से बात कर लेता हु 

अभय दिशा को फोन लगा देता है दिशा बिस्तर पे लेती फोन देखते हुवे – अब याद आई उनको मेरी

दिशा – मुझे लगा भूल गये मुझे

अभय – मेरी रानी ऐसा कियु बोल रही हो

दिशा – कियु ना बोलू कितने बज रहे है आपको पता भी है

अभय टाइम देख कर – हा 11 बज रहे है

दिशा गुस्से से – तो इतनी देरी कियु हुई

अभय – मेरी रानी गुस्सा कियु कर रही हो तुम्हे पता तो है मे मा गुरिया से बात करके ही सोने जाता हु तो समय लग जाता है

दिशा – ठीक ठीक है

अभय – मेरी रानी तुम चली गई रात को करने वाले थे लेकिन मा आ गई अब मे अकेले तरप् रहा हु

दिशा शर्मा के – छि गंदे इंतज़ार भी नही होता आपको

अभय – मेरी हालत तुम नही समझोगी मेरी रानी

दिशा शर्मा के मन मे – अच्छे से समझ रही हु सच ये है आपके साथ सब करने के बाद मुझे भी आपका वो छी छी

अभय – कुछ बोलो भी

दिशा – हा तो कुछ दिन की ही तो बात है

अभय – तुम ना जाने दो मुझे उसकी फोटो भेजो हिला कर सो जाउंगा

दिशा हैरानी से सर्म से लाल थोरा जोर से – गंदे गंदे गंदे सोचना भी मत

अभय उदास होते हुवे – लेकिन कियु

दिशा शर्मा के – बाबा आप जो केह रहे है मुझे अपने पति को भेजने मे कोई परोबलम नही है लेकिन मे नही चाहती आप वो करे कमजोर हो जायेंगे

अभय – हद हो गई ठीक है मत भेजो सेह लुगा रेह लुगा रोक लुगा

दिशा अपना सर पकर – प्लेस नाराज मत होइये आप चाहते है तो भेज देती हु लेकिन आप वो मत करना

अभय मजे लेते हुवे – पताओ कियु ना करू

दिशा सर्म से लाल होते हुवे – पेहला वो करने से कमजोरी होती हो दूसरा मे नही चाहती आप वो ऐसे

दिशा सर्म से मन मे – हाय ये किया बोल रही हुई कैसे बोलू मे इनको

अभय मुस्कुराते हुवे – जैसा तुम कहो मुझे मेरी रानी की बात माननी तो परेगी गी

दिशा ये सुन हैरानी से – आप मान गये

अभय हस्ते हुवे – तुम मेरी बीवी हो तो कैसे मे तुम्हारी बात ना मानु

अभय की बात सुन दिशा को बहोत अच्छा लगता है खुश हो जाती है

दिशा शर्मा के धीरे से – किया आपको फोटो भेज दु

अभय मुस्कुराते हुवे – नही मेरी रानी हा ये सच हो दिल बहोत कर रहा हो लेकिन मे ऐसे हि हिला कर नही गिराना चाहता गिराउंगा तो तुम्हारे अंदर

दिशा सर्म से पानी पानी होते हुवे – आप बहोत गंदे है कितना गंदा बाते कर रहे है छी बेसर्म

   दोनो के बीच 20 मिनट बाते होती है उसके बाद सो जाते है

    ( रात 12 बजे )

एक गारी आरोही के घर के सामने रोकती है आरोही आती है और अंदर गारी मे बैठ जाती है

      ( सुबह के 4 बजे )

वही गारी आरोही को छोरने आती है आरोही गारी सी उतर जाती है गारी तेजी से चली जाती है आरोही लंगराते हुवे टांगे फैला के घर के अंदर जाने लगती है चेहरे पे दर्द साफ दिख रहा था आरोही धीरे से अपने कमरे मे जाके दरवाजा बंद कर बिस्तर पे टांगे फैला के आखे बंद कर अदिति के घर से जाने के बाद तभी तक जो हुवा सोचने लगती है

आरोही दर्द भरी चेहरे के साथ अपनी मुठी कस मन मे – आरोही अगर तुम मेरे भाई के साथ शादी करने के लिये तैयार हो जाती तो सायद मे ऐसा नही करती (आरोही सैतानी चेहरा बनाते हुवे ) जब मेने अपना रास्ता चुन उसके उपर चल चुकी हु तो अपना सपना भी पुरा करुगी और तेरी नींद चैन छीन लुगी

              आज के लिये इतना ही 🙏🙏🙏🙏

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