मासी का घर (सेक्सी मासी और मासी की बेटी) – Update 12.5

Reading Mode

मासी का घर

अध्याय 12.5 – काम अग्नि 2

पिछले update में, मैं हवस में अंधा होकर मासी के कमरे में झांक रहा था, जहां वासना से भरी हुई मासी अपने ही गदराए शरीर को देख कर उत्तेजित हो रही थी। उन्हें ऐसी अवस्था में देख मैने उनकी चौखट पर मुठ्ठी मर दी और मेरा सारा चिपचिपा माल छोड़ दिया बिना इस बात के बारे में सोच कर कि अगर किसी ने देखा था तो क्या परिणाम होगा।

अब आगे; मेरा इतना वीर्य पतन हो चुका था कि मुझे आराम की जरूरत थी। एक ही बार में इतना पानी निकलने से मुझे कमजोरी से महसूस हो रही थी।

मैं मेरे कमरे की ओर चल रहा था, तभी मुझे काफी चक्कर भी आए। मैंने इससे पहले काफी बार हिलाया है, लेकिन इतनी थकान कभी नहीं हुई, प्रचंड थकवा।

जैसी है मैं बिस्तर पर गिरा, मुझे नींद आ गई। वहीं जब मैं सो रहा था, मासी अपने काम में मगन थी। वह बिस्तर पर लेट कर अपनी कोमल चुत में अपनी नोकदार उंगली घुसा रही थी। उनकी चुत से गाढ़े प्रेम रस की धारा बह रही थी। अपनी आवाज को मासी दबाने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसकी सिसकारियां ऐसी थी जो रोकी नहीं जा सकती, क्योंकि ये परम आनंद का एहसास था।

ये तो सिर्फ परम आनंद का एहसास था जिसमें मासी इतनी moan के रही है, अगर मेरा बांस उनके छेद में घुस गया तो शायद उनकी आवाज पूरे शहर को सुनाई देगी। हमारे पड़ोसी भी उनकी मधुर आहें, तीखी करहिं, और ऊंचे विलाप को सुनकर अपने केले हिलाने लग जाएंगे।

अंततः, उनकी उंगलियां करने का परिणाम उनके बेड का गीला होना था। मासी ने बिस्तर पर ही सारा पानी छोड़ दिया। इसमें उनका भी कोई दोष नहीं था, बेचारी के पास सुख पाने का एक ही उपाय था, हस्तमैथुन।

सुख की प्राप्ति होने पर उसका गला पूरी तरह सुख गया। उन्हें प्यास लगी और वे अपने साधारण कपड़े पहन कर (gown) कमरे से निकलने लगी। निकलते वक्त उन्होंने उनके दरवाजे की चौखट पे कुछ चमकता हुआ देखा, उसमें से काफी अजीब सी गंध आ रही थी।

1760771571645

मासी ने उसे अपनी उंगली से check किया, वह उन्हें काफी गाढ़ा मालूम पड़ा। उसे देख कर वह समझ गई ये चीज क्या है। उन्हें उसे identify करने में समय नहीं लगा।

घर में मौसा जी थे नहीं, और होते भी तो उनकी मशीन इतना माल produce नहीं कर सकती यह बात मासी को अच्छे से पता थी। साफ साफ उंगलियां मेरी और इशारा कर रही थी। मैं ही इस चीज का दोषी हूं यह मासी को पता चल ही गया।

उन्हें अब यह साफ करना था, लेकिन पास में कोई कपड़ा, पेपर या कुछ ऐसी चीज नहीं थी जिससे वह साफ हो पाए। यह सुनने में काफी अजीब और disgusting लगेगा लेकिन मासी ने उसे अपनी जिम्बा से चाट चाट के साफ किया।

जब यह सब हुआ तो मैं सपने देख रहा था। Lucid dream, विशाखा और मेरी शादी का। 

मेरी नींद श्याम को खुली, मेरे मुंह पर सूरज की तेज रोशनी थी। उठ कर मुझे याद आया कि मैं मासी की चौखट पर मेरा माल छोड़ कर भाग आया था। इससे पहले कि कोई और उसे देखे मुझे उसे साफ करना था।

जब मैं नीचे, घटनास्थल पर पहुंचा तो वह मेरा वीर्य नहीं था। किसी और ने उसे साफ कर दिया था। मैं फर्श की तरफ देखते हुए सोच ही रहा था तभी मेरे कंधों पर किसी का हाथ आया।

मैं पीछे मुड़ तो ये मासी थी। मैंने जो कारनामा किया था, उसके लिए मैं शर्मिंदा था। मेरा पसीना छूट रहा था यह सोच कर कि मेरी इस हरकत से मासी को बुरा न लगा हो।

मासी ने मेरे चेहरे को देख कर मेरे डर का अनुमान लगाया था। वे जानती थी कि मेरा ये डर जायज है, क्योंकि ऐसी हरकत करना जब शक़ आप पर ही होने वाला है तो ऐसा पसीना आता ही है। मासी ने एक बड़ी सी मुस्कान के साथ मुझे पूछा,

मासी: “विशाल, क्या हुआ?”

मेरी जुबान ठंडी पड़ चुकी थी, उस जगह को साफ देख कर मैं समझ चुका था कि किसी ने उसे देखा ही होगा। मेरे मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा था।

मासी ने फिर से कहा,

मासी: “जूस के बारे में सोच रहे हो ना? वो तो मैंने पी लिया।”

ऐसे तो मेरा दिमाग काफी चलता है लेकिन जब से मैंने मुठ्ठी मारी है मेरा दिमाग भी हैंग हो चुका था। मैं समझा नहीं कि मासी किस जूस के बारे में बात कर रही है।

मासी आगे बढ़ी और अपने कमरे में चली गई। मैं हॉल में जाकर सोफे पर बैठ गया और सोचने लगा, मगर मेरा दिमाग सोचने में मेरा साथ नहीं दे पा रहा था। यही होता है जब आपकी सारी energy एक ही बार में निकल जाए।

मैं अब के समय में सोचता हु कि मासी की चुत प्राप्त करने के लिए मुझे उन्हें प्यार करने की कोई जरूरत नहीं थी। वे अंदर से नाखुश और प्यासी थी, अगर वो मेरा लंड न लेती तो किसका लेती। अगर वे बाहर किसी अन्य मर्द के समान से अपने सुख को प्राप्त करती तो शायद उनकी काफी बरबादी होती।

मासी के पास सिर्फ एक ही उपाय था, और वो मैं था। खैर, मैं सोफे पर बैठा ही था तभी कोई घर के अंदर घुसता है। वह मौसा जी थे, आज दुकान को जल्दी बन करके घर आए थे क्योंकि उन्हें अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर जाना था।

बाहर जाने से पहले वे घर पर दुकान की चाबियां रखने आए थे। मुझे सोफे पर बैठा देख मौसी जी भी मेरे पास आकर बैठ गए।

मौसा जी: “अरे विशाल बेटा। मैं ना अभी थोड़ा बाहर जा रहा हूं अपने दोस्तों के साथ, तुम्हारी मासी कहां है?”

मैं: “मासी तो अपने कमरे में ही है।”

मौसा जी फिर अपने कमरे में घुस गए। मासी वहा बेड पर काफी seductive pose में लेटी हुई थी। मौसा जी को देख कर वे उन्हें seduce करने लगी।

मौसा जी इस समय sex के लिए मना कर रहे थे, लेकिन मासी मानने वालों में से नहीं थी। उन्होंने मौसा जी की पैंट उतारी और उनका लंड पकड़ा। जैसे ही मासी ने मौसा का लंड पकड़ा, मौसा ने अपना पानी झाड़ दिया।

शीघ्रपतन, मासी यही चीज से नराज थी। यही वजह थी कि वह अपने sex life में संतुष्ट नहीं थी।

मौसा जी रेडी को होकर अपने दोस्तों के साथ निकल गए। मासी वह अपने कमरे में बैठी रही। इसके बाद क्या हुआ क्या पता वे फिर से नॉर्मल होगी। शायद मौसा ने उनका horny मूड की मां बहन एक कर दी होगी।

वे बाकी का समय उदास ही रही। दिन ढाला और वही सब चला जो रोजाना जिंदगी में होता है। खाना पीना, और सो जाना।

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply