chapter 8
पास्ट – आयुस रीमा
आयुस रीमा के बीच जो हुआ उसके बाद आयुस रीमा के घर नही गया कियुंकी आयुस को डर था कही रीमा गुस्सा होके मा को बता दिया तो उसकी लग जायेगी
2 दिन बाद सुबह 11 बजे रीमा आयुस के घर आती है आयुस कमरे मे लेता रीमा के बारे मे ही सोच रहा था रीमा कमरे मे आती है आयुस रीमा को एक एकदम हैरान होता है
आयुस उठ कर रीमा के पास आके – आप यहा कही आप मा को
रीमा – ओये मे यहा दीदी से मिलने आई हु बस समझ गये
आयुस – अच्छा मुझे लगा
रीमा – दिल तो कर रहा है जाके बता दु पर छोड़ देती हु
आयुस – ठीक है आपका सुक्रिया मा नही है खेत मे गई है
रीमा – अच्छा
आयुस रीमा को देखता है रीमा इधर उधर नजरे करने लगती है आयुस एक रिस्क लेके अपना पैंट नीचे कर – लास्ट है कसम से
रीमा आयुस की बात सुनती है फिर आयुस का लंड देखती है और सर्म से घुटने पे बैठ आयुस का लंड पकर मन मे – बहोत कोसिस की खुद को रोकने की लेकिन रोक नही पाई
रीमा आयुस का लंड मजे से मुह मे लेके चूसने लगती है आयुस ये देख मजे से मुस्कुराते हुवे – उफ मजा आ गया ऑन्टी चुसो अच्छे से
रीमा लंड चुस्ती हुवे मन मे – आह ये स्वाद के लिये मे तरप् रही था अब जाके सुकून मिला उफ कितना अच्छा स्वाद है 3 मिनट बाद
रीमा लंड मुह से निकाल मन मे – इसका लंड जल्दी झरता कियु नही है मेरा मुह दर्द करने लगा
रीमा खरी होके सर्म से – अच्छा मे जाती हु
आयुस रीमा को बाहों मे भर – ऐसे कैसे आपका हो गया मेरा क्या
रीमा हैरानी से – मतलब किया है तेरा
आयुस रीमा के चुचे दबाते हुवे – मुझे आपके चुचे देखना है मुह मे लेके पीना है
रीमा हैरान शोक – लेकिन
आयुस – लेकिन कुछ नही मेने अपना देखाया आपका भी फर्ज़ बनता है वैसे मेने तो सब देख लिया है लेकिन अच्छे से देखना है चुना है
आयुस रीमा के ब्लाउस खोलने लगता है रीमा सर्म से तेज सासे लेते खरी रहती है आयुस् बटन खोल दोनो चुचे बाहर निकाल देता है रीमा के चुचे बहोत अच्छे थे काले निपल और कमाल के लग रहे थे

आयुस रीमा को देख – उफ ऑन्टी आपके चुचे तो बहोत खूबसूरत टाइट है बड़े भी आपके ही चुचे देखे है उसके अलावा कीसी का नही देता उफ चुचे ऐसे होते है आह
रीमा सर्म से लाल खरी क्या बोले समझ नही आ रहा था
आयुस रीमा को बिस्तर पे लेता के रीमा के ऊपर आके चुचे दबाते हुवे मुह मे लेके चूसने लगता है रीमा आह उफ तेज सिसकिया लेके मचलने लगती है

आयुस दोनो चुचे दबाते चुस्टे हुवे – उफ कितने मुलायम है चुचे दबाने मे चूसने मे मजा आ रहा है ऑन्टी उफ आपके चुचे तो कमाल है
रीमा – आह उफ बेटा रुक जा आह दर्द कर रहा है धीरे चूस उफ अच्छा भी लग रहा है दर्द भी हो रहा है आह मा आयुस बेटे
4 मिनट बाद
रीमा जल्दी से उठ ब्लाउस पहन आयुस को देख – बेसर्म कही का कहते चली जाती है
आयुस रीमा को जाते देख मुस्कुराते हुवे – उफ चुचे कमाल के थे दबाने चूस के पीने मे मजा आया लेकिन का रस चूस कर पीने मे उफ सोच कर मेरा लंड कर हो गया और मुह मे पानी आ गया ऑन्टी मेरी जान अब तो आप खुद लंड लेगी उफ
रीमा घर जाते हुवे – हद है मे खुद गई उसके पास कियुंकी मुझे लंड चूसना था स्वाद लेना था इस कमीने ने कैसी लत लग दी
रीमा अपने चुचे को सेहलाते हुवे – ऊपर से मेरे चुचे को कितने जोर से दबा के मुह मे लेके चूस रहा था लेकिन जो भी हो अच्छा फिल हो रहा था जैसे मेरा जिस्म मजे से झूम रहा हु उफ मे किस और जा रही हु मेने अपने बेटे के दोस्त का लंड चुसा अपनी चुचे दिखाये चुस्वाये यकीन नही होता
रीमा अपनी चुत पे हाथ रख – उफ उपर से मेरी चुत गीली होके पानी बहा रही है आह ये लरका मुझे पागल कर रहा है
जंगल – पर्जेंट
अमृता आयुसी तो सो चुके थे लेकिन बिनीता आयुस जगे हुवे थे
बिनीता अपनी चुदाई के बारे मे ही सोच रही थी की कैसे सब सुरु हुआ और अपने बेटे जैसे भतीजे से चुत गई ये सोचते ही बिनीता की चुत गीली होने लगती है
बिनीता चुत पे हाथ रख मन मे – हमने पाप किया है हमारे बीच ये सब नही होना चाहिये था लेकिन एक बात तो माननी पड़ेगी आयुस बेटे के मोटे लंड से चुदवाने मे जितना मजा सुकून मुझे मिला
आयुस भी बुआ की चुदाई के बारे मे सोच मन मे – किया किस्मत है सोचा नही था मुझे बुआ की चुत मरने को मिलेगी उफ कितनी टाइट गर्म चुत थी बुआ की
दोनो बुआ भतीजे सोचो मे गुम ने बिनीता की चुत गीली थी आयुस का लंड खरा था तो नींद कहा से आती
आयुस अपना लंड पकर – यार इस लंड ने तो मुझे परेसान कर रहा दिल कर रहा है बुआ की चुदाई करने का ले लेकिन कर नही सकता
बिनीता आयुस एक दूसरे की तरफ देखते है अंधेरा होने की वजह से दोनो एक दूसरे का चेहरा देख रही पाते
आयुस – कोसिस कर के देखता हु गुस्सा करेगी तो माफी मांग लूंगा
आयुस हिम्मत कर बिनीता की चुत पे हाथ रख देता है बिनीता फिल कर काप जाती है लेकिन चुप चाप लेती रहती है आयुस की हिम्मत बढ़ जाती है आयुस चुत सेहालने लगता है बिनीता मुह बंद कर आह उफ करने लगती है
आयुस समझ जाता है काम बन सकता है तो आयुस बिनीता के ऊपर आके बिनीता को किस करने लगता है बिनीता मन मे – मे अब रुक नही सकती
बिनीता भी आयुस को बाहों मे भर किस करने लगती है आयुस भी जोस मे आ जाता है दोनो एक दूसरे का रस पीते है उसके बाद आयुस चुचे दबाता है फिर चुचे बाहर निकाल मुह मे लेके चुस्ता हो बिनीता आह उफ करती रहती है सब होने के बाद
आयुस धीरे से – आवाज मत करना टाँगे उठा के फैलाओ लंड डालुगा
बिनीता टाँगे उठा के फैला देती है आयुस सारी ऊपर कर लंड निकाल चुत पे रख धीरे धीरे पुरा लंड चुत मे घुसा देता है बिनीता दर्द मे तरप् उठती है आखो मे आसु मुह बंद किये आह उफ मा बाहर दर्द हो रहा है

आयुस चुदाई करने लगता है आयुस मन मे – उफ कसम से बुआ की टाइट गर्म चुत मे लंड जाते ही जैसे सुकून मिल गया हो
बिनीता मन मे – उफ मा आयुस बेटे का लंड चुत मे लेते ही उफ सुकून मिल गया आह मा मुझे मजा आ रहा है
आयुस धीरे धीरे चुदाई करते रहता है बिनीता मजे से टाँगे उठा के चुदाई का मजा लेती रहती है 35 मिनट बाद
आयुस बिनीता के ऊपर लेत धीरे से – उफ बुआ मजा आ गया आपने तो 4 बार पानी छोरा लगता है बहोत गर्मी है आपकी चुत मे
बिनीता सर्म से – बेसर्म चुप कर
आयुस चुचे दबाते हुवे – बुआ आपकी चुत के बिना अब रह नही सकता तो क्या आगे भी आपकी चुत मिलेगी
बिनीता थोरि देर सोच हुवे – हु लेकिन भाभी आयुसी को पता ना चले
आयुस खुशी से बिनीता को किस करते हुवे – ठीक है लेकिन अभी मजा आया
बिनीता सर्म से – हा बहोत आया
आयुस – मुझे भी
चुदाई के बाद दोनो बाहों मे एक दूसरे के सो जाते है
सुबह होती है काजल रात की चुदाई से मस्त थी आयुस भी बहोत खुश था जंगल मे बुआ की चुत जो मिल गई थी
सभी उठ बैठे समुंदर को देख रहे थे आयुस बिनीता के पास बैठा था आयुस बिनीता के हाथ पे हाथ रख देता है बिनीता आयुस को देख सर्म से लाल होने लगती है
आयुसी – भाई और कितने दिन रही होगा रोज एक ही काम करना होगा अब तो लगने लगा है कही हम यही फस के रह ना जाये
आयुस आयुसी को देख – बिल्कुल नही हम बाहर जरूर निकलेगे
अमृता – लेकिन कब बेटा यही तो नही पता हमे कितने दिन इस जंगल मे रही होगा
आयुस – केहना मुश्किल है फिर भी 2 महीने
बिनीता – तुम्हे यकीन है 2 महीने मे कोई आयेगा
आयुस – यकीन है अगर ऐसा नही होता है तो लास्ट 1 या 2 महीने और
आयुसी – यानी मान के चलते है चार महीने तो भाई आपको यकीन है चार महीने मे कोई जरूर आयेगा
आयुस – हा पुरा यकीन है हम गलत जगह जंगल मे है इस लिये इस तरफ जायदा लोग नही आते जाते नही तो हम एक महीने मे ही यहा से निकल जाते खैर मान लो चार महीने उसके पहली भी कोई आ सकता है आज कल महीने बाद
अमृता – चलो तेरे हिसाब से चार महीने हम लेके चलते है
बिनीता – हु अब हमे इतना पता है कब तक यहा रहना होगा
आयुसी – हा लेकिन चार महीने कैसे गुजरेगे यहा
अमृता बिनीता आयुस – यही तो मुश्किल है लेकिन क्या करे
10 बज जाते है
अमृता सभी झरने के पास आते है आयुस बिनीता को इसारे से अपने साथ चलने को कहता है बिनीता सर्म से हा कहती है
बिनीता – भाभी आज भी मे आयुस बेटे के साथ जा रही हु अकेले जाता है कुछ हो गया तो
अमृता – तूने बात तो सही बोली मेने ये सोचा भी नही था ठीक है लेकिन नहायेगी कब
आयुस – अरे मा आयेगे पहले बुआ नहा लेगी मे आस पास घूम लूंगा फिर मे नहा लूंगा उसके बाद आ जायेंगे
अमृता – ठीक है जाओ
आयुस – जी
आयुस बिनीता के साथ जंगल मे जाने लगता है अमृता आयुसी नंगी होके पानी मे आके नहाने लगती है
आयुस अच्छे से अपने चुचे रगर नहाती थी अमृता भी अच्छे से साफ कर मजे से नहाने का आनंद लेने लगती है
आयुसी – मा खुले मे नहाने का मजा ही अलग है
अमृता – हा यहा देखने आने वाला भी कोई नही है
जंगल मे आयुस बिनीता अंदर तक जाते है बिनीता मन मे – उफ अब क्या होगा सच कहु तो मुझे चुदाई चाहिये वो मजा चाहिये उफ मेरी चुत गर्म हो रही है
आयुस एक जगह रुकता है यहा आस पास जायदा झारिया नही थी खुले जगह थे आयुस अपना लंड निकाल बिनीता को देख – बुआ सुरु हो जाओ
बिनीता तो अब आयुस के लंड की दीवानी हो गई थी बिनीता भी समझ चुकी थी अब आयुस के लंड के बिना रह नही पायेगी इस लिये बिनीता सब भूल आयुस को शॉप देती है
बिनीता सर्म घुटने पे बैठ आयुस का लंड पकर मुह मे लेके मजे से चूसने लगती है बिनीता मन मे – आह इतना मजा उफ
आयुस बिनीता के सर पे हाथ रख – उफ बुआ बहोत अच्छे से मजे से चूस रही है मजा आ रहा है उफ बुआ आप कमाल है
3 मिनट बाद
बिनीता जमीन पे लेट टाँगे उठा के सारी उपर कर आयुस के समानें अपनी चुत कर देती है बिनीता आयुस से नजरे नही मिला पा रही थी लेकिन आयुस समझ जाता है फिर नीचे बैठ झुक चुत को फैला के मुह मे लेके चूसने लगता है
बिनीता आयुस के सर चुत पे दबाते हुवे – आह उफ मा आयुस बेटा मजा आ रहा है चूस अपनी बुआ की चुत को पीजा रस आह करते रह बेटा आह
आयुस चुत चाटते हुवे चूस कर रस पीते हुवे मन मे – उफ बुआ के गर्म चुत का गर्म रस पीके मजा आ रहा है 3 मिनट बाद
बिनीता आह उफ मा आने वाला है कहते झर जाती है
आयुस फिर बिनीता के ऊपर आके चुत पे लंड रख धक्का मार घुसा देता है बिनीता दर्द मे मर गई बहोत दर्द हो रहा है आयुस बेटा

आयुस चुदाई करते हुवे – उफ बुआ दर्द मे तो मजा आयेगा आपको आह आपकी चुत उफ मारने मे आह क्या ही सुकून मिल रहा है
बिनीता दर्द मे आह उफ मा करती रहती है लेकिन फुल मजा चुदाई का लेती रहती है आह उफ मजा आ रहा h बेटा आह करते है चोद आह

आयुस फिर बिनीता को खरा कर झुका के पीछे से चुत मे लंड डाल चुदाई करने लगता है बिनीता झुकी चुत मे लंड आते जाते फिर कर मजे से आह उफ सिसकिया लेती रहती है 31 मिनट बाद
बिनीता तेज सासे लिये पसीने से भीगी आह उफ करते हुवे सारी बाल सही कर लेती है
आयुस मुस्कुराते हुवे – बुआ और चाहिये
बिनीता सर्म से – ना बाबा आह इतना ही काफी है फिर बाद मे लुंगी
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके – अब से आपकी चुत मे रोज मारुंगा घर जाने के बाद भी समझ गई आप
बिनीता सर्म से – ठीक है जैसा तुम कहो
आयुस खुशी से – ये हुई ना बात
तभी बिनीता – अरे हा वहा रीमा है ना तो मेरी क्या जरूरत
बिनीता जाने लगती है आयुस हैरान बिनीता को बाहों मे कस – आपको जलन हो रही है
बिनीता – मुझे कियु होगी
आयुस मुस्कुराते हुवे – रीमा ऑन्टी खूबसूरत है उनकी बॉडी अच्छी है लेकिन आपके समाने ऑन्टी कुछ भी नही और हा आपकी टाइट चुत मारने मे जितना मजा आता है उतना ऑन्टी के साथ नही आया कसम से
बिनीता – अच्छा मान लेती हु चल शिकार भी करना है
आयुस – हा ठीक है
आयुस शिकार करने लगता है बिनीता अपनी चुत पे हाथ रख मन मे – सायद किस्मत मे यही होना लिखा था तो मे जायदा सोच अपना दिमाग खराब कियु करू वैसे भी आयुस बेटे के साथ सर्म से मजा बहोत आता है
शिकार होने के बाद आयुस बिनीता नंगे होके नहाने लगते है
आयुस बिनीता को बाहों मे लेके – आप बहोत खूबसूरत है आपकी बॉडी भी लेकिन आपकी चुत उफ घोरी बनो ना बुआ
बिनीता सर्म से झुक जाती है आयुस मुस्कुराते हुवे पीछे बिनीता की गांड पकर लंड चुत पे रख एक धक्का मार घुसा देता है बिनीता दर्द मे आह मा आयुस बेटा
आयुस तेज तेज धक्का मारना सुरु करता है बिनीता पानी मे झुकी भतीजे से चुदवा कर मजे लेते हुवे – आह बेटा किसने सोचा था एक दिन मेरा भतीजा मुझे पानी मे चोदेगा आह मजा आ रहा है
आयुस धक्का मारते हुवे – आह बुआ पानी में आपकी चुदाई करने मे उफ बहोत मजा आ रहा है आह
बिनीता आह उफ बेटा आह मुझे भी बहोत उफ मजा आ रहा है
15 मिनट बाद
बिनीता चुत साफ करते हुवे उफ कितना मोटा है तेरा दर्द बहोत होता है
आयुस मुस्कुराते हुवे – मजा भी तो देता है
बिनीता सर्म से – बेसर्म
बिनीता आयुस नहाने के बाद कैप मे आते h आयुस फिर शिकार पकाता है सब खाते है उसके बाद झूले पे लेत बाते करने लगते h
बिनीता चुत पे हाथ रखे मन मे – उफ इतना सुकून चुदाई के बाद मुझे पहले नही मिला यकीन करना मुश्किल हो रहा है में भतीजे से चुद गई
उफ जो भी हो मजा बहोत आता है
आयुसी – बस यही करने को है नहाना खाना बाते करना रात को सोना फिर हद है कहा फस गये
अमृता – हद तो हो गई है लेकिन क्या करे
बिनीता – अब तो सब गाव मे हंगामा हो गया होगा
आयुस – हा आपने सही कहा बुआ
अमृता – पर फायदा क्या है किसी गाव किसी सेहर मे कही कैद होते तो उमीद होती
आयुस – किसी के कैद मे होते तो और खतरे मे होते
बिनीता – बात तो तूने सही कही किसी के कैद मे होते तो पता नही हमारे साथ क्या करता
आयुसी – बिल्कुल उससे अच्छा हम यहा आजाद तो है
अमृता – सायद तुम सभी सही हो उफ बस कैसे भी इस जगल से निकल जाये जल्दी से जल्दी बस मे यही दुवा करती हु
बाते करते करते सब सो जाते है
शाम 3 बजे आयुस समुंदर मे काटा डाल मछली करने लगता है
आयुसी आयुस के पास आके – भाई आज कोन ही मछली फसेगी
आयुस मुस्कुराते हुवे – क्या बता ये समुंदर है उसमे ना जाने कई तरह की मछली रहती जितना इंसान ने आज तक देखा भी नही होगा
आयुसी – हु आपका केहना सही है खैर कोई भी अच्छी मछली फस जाये जो खाने मे अच्छी हो
आयुस – देखते है काटा लगा तो दिया है
बिनीता आते हुवे – सुरु से मछली की सब्जी बना के खाते आये है लेकिन इस जंगल मे आने के बाद पका खाना परता है
आयुस बिनीता को देख आख मार के – बात तो सही कही बुआ
बिनीता सर्म से लाल हो जाती है
अमृता भी आके सब के साथ खरी होके – सुबह से लेकर अंधेरा होने तक तो सही है लेकिन जब अंधेरा होने लगता है तो कसम से चारों तरफ देखने मे भी डर लगता है उपर से भयानक आवाजे
आयुसी – हा मा आपने सही कहा रात होते ही ये जगह बहोत दरवानी हो जाती है मुझे तो जंगल की तरफ देखा भी नही जाता ऐसा लगता है कोई देख रहा है उफ सरीर काप गये सोच कर
बिनीता – सच है जंगल रात को भयानक ही लगता है
आयुस – बिल्कुल सुकर है तभी तक हमारा सामना कोई खतरनाक जानवर से नही हुआ
आयुस – हा ये तो हैं इस जंगल मे शेर चिता जैसे जानवर है भी या नही
आयुस – पता नही ना हो तो अच्छा है नही तो उसका सामना हुआ तो समझो हम गये
बिनीता – बिल्कुल एक बार मे ही हमारा काम तमाम कर देगा
आयुस आयुस के बाहों मे समा के – भाई मुझे डर लग रहा है
आयुस आयुसी को बाहों मे कस – डरो नही मे जब तक हु किसी को कुछ होने नही दूंगा
रात होती है एक बरी मछली काटे मे फसी थी आयुस उसे ही पका रहा था पकने के बाद आयुस सभी को खाने को देता है
आयुस – हु ये अलग स्वाद है लेकिन अच्छा है
अमृता – हु खाने मे अच्छा स्वाद मिल रहा है
खाते बाते करते टाइम होने पे सब सोने चले जाते है
आज के लिये इतना ही ![]()
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