मगर मेरे दिल की हालत तो और खराब होती जा रही थी। मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, एक नौजवान लड़के के सामने मेरी खुद की बीवी का नंगी हो कर बैठना ही मुझे बहुत रोमांचित कर रहा था। मेरा बार बार दिल कर रहा था कि मैं उस से पूछूँ, क्या वो मेरी बीवी को चोदेगा। मेरा दिल बार बार मुझे मजबूर कर रहा था उस से यही सवाल पूछने को।
कुसुम को तो उस अनजान टैटू आर्टिस्ट में रत्ती भर भी इंटरेस्ट नहीं था, लेकिन जब उसकी जाँघों पर झुके हुए उसकी चूत पर टैटू बनाते उस लड़के का मुँह उसकी चूत से बस कुछेक इंच कि ही दूरी पर था, तो उसके पेट में एक अजीब सी हलचल, एक अजीब सी बेचैनी हो रही थी ! उस टैटू आर्टिस्ट के प्रति किसी भी प्रकार कि भावना अपने मन में रखे बिना उसे ये सोचना बहुत ही रोमांचक लग रहा था कि उसकी चूत के इतने करीब होने पर उस लड़के के मन में अभी क्या चल रहा होगा, और क्या उसकी नाक में उसकी चूत कि गंध जा रही होगी !!! और शायद इसी वजह से कुसुम कि चूत बार बार गीली हो रही थी !
मैं अपने एडवेंचर से बहुत खुश था है ये मेरे लिए किसी एडवेंचर से कम भी नही था कि मेरी अपनी ही बीवी वो भी ये जानते हुए की वो किसी और के साथ अपने जिस्म का मजा ले रही है या लेने वाली है ये अजीब सी चुभन थी और अजीब सा नशा मेरे अंदर भर रहा था मुझे नही पता कि मैं क्या और क्यो कर रहा हु पर ये तो बात पक्की थी कि मुझे इसमें बहुत ही मजा आ रहा था ,
अभी तक जो बात मुझे जल रही थी अब वही बात में मैंने खुशी और खुशी से बढ़कर मजा खोज लिया था , मैने पैंट की जेब से मोबाइल निकालकर कुसुम के जिस्म पर हो रही कारीगरी का वीडियो बनाने लगा।
” कोई दिक्कत तो नहीं है भाई साहब ??? “. मैने मोबाइल का एंगल ठीक करते हुये बस औपचारिकता के नाते पूछा, जैसे कि मुझे अपने इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए हो !
टैटू आर्टिस्ट हल्के से मुस्कुराया, जैसे कि अपने क्लाइंट्स कि ऐसी उलजलूल हरकतों से वो रोज़ ही मुख़ातिब होता हो, और कुसुम कि चूत को बिना छुए उस पर Tube से जेल कि पतली धार गिराते हुये मेरी ओर बिना देखे हुये ही बोला.
सारे Couples करते हैं सर जी… हमें आदत है ! “. फिर थोड़ा सा रुककर कहा. ” बस देखिये कि वीडियो में मेरा चेहरा ना आये तो अच्छा रहेगा ! “.
” फ़िक्र क्यूँ करते हो यार… “. मैने वीडियो बनाना चालू करते हुये कहा. ” ये हमारी Private Viewing के लिए है. हमें कौन सा इसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डालना है ! “.
” अपनी प्राइवेट वीडियो इंटरनेट पर डालता कोई नहीं सर जी… “. टैटू आर्टिस्ट धीरे से हँसकर बोला. ” लीक हो जाता है ! “.
मुझ को टैटू आर्टिस्ट कि बकवास में कोई दिलचस्पी नहीं थी, मै उसकी बात अनसुनी कर खड़े खड़े पूरे कमरे में घूम घूम कर अलग अलग एंगल से वीडियो बनाने लगा.
कुसुम को कोई अचंभा नहीं हुआ, उसे पता था कि उसका ठरकी पति इस Erotic Art का वीडियो बनाएगा ही बनाएगा, इनफैक्ट, ऐसा गैरों के साथ मजे लेने की बात मज़ाक मज़ाक में बोलकर ठरकी पति ने टालमटोल करने कि भरसक कोशिश पहले भी की है, पर वो खुद ही नही मानी ! और अब जब ठरकी पति उसकी कामुक कला कृति की रचाई की वीडियो बना रहा था, तो वो एकदम ही सहज़ और नार्मल थी. टैटू भले ही वो खुद के मन से बनवा रही थी, पर ना जाने क्यूँ उसकी वीडियो देखने के लिए वो मन ही मन अभी से ही उतावली हुई जा रही थी !
अपने पति को एक अच्छा सा वीडियो देने के लिए खुलकर हँसती, मुस्कुराती, आँख मारती, लिप किस देती, कुसुम बीच बीच में तकिये पर से अपना सिर उठा उठाकर अपनी चूचियों पर की गयी कारीगरी भी देखती रही. उसे एक बात बढियाँ लगी कि टैटू बनाने के दौरान उस लड़के ने उसके बदन को छुआ तक नहीं था, और तो और, वो अपने काम में इतना मसगुल था कि ऐसा लग रहा था कि उसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा हो कि उसके सामने एक सुंदर विवाहिता लड़की नंगी लेटी पड़ी है ! इतना तो तय था कि उसे इन सबकी आदत हो रखी थी, यही उसका काम, उसकी रोज़ी रोटी जो थी, और कुसुम के लिए भले ही ये पहला अनुभव हो, लेकिन वो टैटू आर्टिस्ट तो ना जाने कितनी फीमेल क्लायंट्स के साथ ऐसे प्रोफेशनल सेशन्स से रोज़ाना गुजरता होगा !
पर मेरे साथ ऐसा नहीं था, अपनी पत्नि कि वीडियो बनाते बनाते मै अब आहिस्ते आहिस्ते उत्तेजित होने लगा था !!!
अपने होंठों को अपने दाँतों के बीच दबाकर कुसुम अपनी हँसी रोकने में कामयाब हुई, जब उसने देखा कि टैटू आर्टिस्ट के पीठ पीछे खड़े प्रोफेसर साहब के पैंट में उनका लण्ड ठनका हुआ साफ पता चल रहा है. टैटू आर्टिस्ट पूरी तरह से अपने काम में डूबा, ध्यान लगाए, बारीक़ी के साथ कुसुम के संगमर्मर बदन को सजाने में व्यस्त था, और इस बात का मैने पूरा फायदा उठाया !
एक हाथ में मोबाइल में थामे दूसरे हाथ से मैने अपना खड़ा लण्ड पैंट के ऊपर ऊपर से रगड़ने लगा, और फिर पैंट थोड़ा सा नीचे सरका कर आधा लण्ड बाहर निकालकर धीरे धीरे मसलने लगा. कुसुम को तो विश्वास ही नहीं हुआ कि वो क्या देख रही है !!! मुँह में हँसी दबाये अपनी बड़ी बड़ी आँखें नचाते हुये उसने मुझ को इशारा करके रोकने कि कोशिश कि, ताकि वो टैटू आर्टिस्ट कहीं मुझे ये घिनौनी हरकत करते देख ना ले, मतलब कि घिनौनी हरकत उस टैटू आर्टिस्ट के लिए… मेरे लिए तो ये एक स्वाभाविक सी बात थी, और कुछ हद तक कुसुम के लिए भी !!!
मैने ने कुसुम का संकेत तो समझा, पर उसकी बात मानी नहीं, मोबाइल से कभी मै अपना पैंट से बाहर झाँकता खड़ा लण्ड रिकॉर्ड करता तो कभी काउच पर लेटी अपनी पत्नि का नंगा बदन ! कुसुम को पता था कि ये शायद अब तक का सबसे ज़्यादा गरम वीडियो बनने वाला था , लेकिन उसे डर भी लग रहा था कि कहीं इस बोल्ड हरकत के लिए उस अनजान टैटू वाले लड़के के सामने शर्मिंदगी ना उठानी पड़ जाये !
कुसुम को देखकर मै मुस्कुराया, और अब लण्ड अपने पैंट से थोड़ा और बाहर खींचकर निकाल लिया और अच्छे से मूठ मारने लगा. अपने ठरकी पति के खड़े लण्ड कि हालत देखकर कुसुम को डर था कि अगर उसने अपने लण्ड के साथ अभी के अभी खेलना नहीं छोड़ा, तो जल्दी ही वहीँ खड़े खड़े उसका वीर्य निकल जायेगा ! उसने फिर से मुझे इशारे करके ये सब बंद करने को कहा, लेकिन जब मै अपना मूठ मारना मोबाइल से रिकॉर्ड करने लगा, तो कुसुम समझ गई कि मै रुकना चाहता ही नहीं था – मै अब झड़ना चाहता था !
एक गैर मर्द के सामने नग्नावस्था में पड़े पड़े सामने अपने पति को इस बात से उत्तेजित होकर माल गिराते हुये देखने से ज़्यादा रोमांचक कुसुम के लिए और क्या हो सकता था !!! कुसुम को अपने पति को झड़ते हुये भी देखना था और वो डर भी रही थी. असमंजस में पड़ी कुसुम अपने दोनों पैरों कि उंगलियों को आपस में उलझाकर कुरेदने लगी. उसकी चाहत पर आखिरकार उसका डर हावी हो ही गया, उसे जैसे अभी अभी होश आया हो – अरुण ये अच्छा नहीं कर रहा है , इतना रिस्क लेना दोनों इज़्ज़तदार पति पत्नि के लिए ठीक नहीं है !
उसने इस बार सख़्ती के साथ गुस्से से मुझ को आँखे दिखाकर रुकने का इशारा किया !!!
और ठीक तभी टैटू आर्टिस्ट अपनी गर्दन पीछे घुमाकर मुझ से बोला.
” नीचे का हो गया… भाभी जी कि नाभी का डिज़ाइन भी बता दीजिये सर जी !!! “.
इससे पहले कि टैटू आर्टिस्ट कुछ देख पाता, ठीक ऐन वक़्त पर मैने अपना खड़ा लण्ड वापस से अपनी पैंट में ठूस लिया ! बस दिक्कत ये हो गई थी कि मैने जोश में आकर अपने लण्ड को कुछ ज़्यादा ही रगड़ मसल दिया था – नतीजन, मेरा लण्ड पैंट में ही पिचकारी पर पिचकारी छोड़ने लगा !!!
बड़ी ही चालाकी के साथ मै थोड़ा सा पीछे घूम गया ताकि गीला हो रहा पैंट वो टैटू आर्टिस्ट देख ना सके, और झूठमूठ का मोबाइल इधर उधर करते हुये ज़ोर से बोला.
” अरे यार… बैटरी ख़त्म हो गई ! “.
कुसुम खुद को अब और रोक नहीं पाई, और खिलखिलाकर हँस पड़ी. अपने पति के हावभाव देखकर वो समझ गई थी कि प्रोफेसर साहब का पैंट में “शीघ्रपतन” हो चुका है. टैटू आर्टिस्ट को कोई शक नहीं हुआ, कुसुम के अचानक से हँस पड़ने से उसे लगा कि मोबाइल कि बैटरी ख़त्म हो जाने वाली बात पर ही वो हँस रही होगी. वो चुपचाप एल्बम में अगली डिज़ाइन खोजने लगा.
मेरे पैंट से चू कर थोड़ा सा वीर्य नीचे ज़मीन पर गिर गया था, मैने चुपचाप से अपने पैर से घिस घिस कर चिपचिपा वीर्य ज़मीन पर फ़ैला फ़ैला कर पोछ दिया ! पैंट से रिस रिस कर और वीर्य नीचे ना टपके, इसलिए मैने अपने झड़ते हुये लण्ड को पैंट के ऊपर से ही अपनी मुट्ठी में दबा लिया, और टैटू आर्टिस्ट से नज़र बचाते हुये कमरे से बाहर चला गया, और जाते जाते पीछे झूठमूठ का बोल गया.
” मैं बैटरी चार्ज कर अभी आया भाई… ज़रा रुको ! “.
कुछ देर बाद वापस से कमरे में आया तो कुसुम फिर से हँसने लगी.
” Come on यार… इसमें हँसने कि क्या बात है ? “. मैने चिढ़ते हुये कहा. ” बैटरी ख़त्म हो ही सकती है… मैंने चेक नहीं किया था कि कितनी परसेंट बची हुई है ! “.
” Yeah yeah I know… “. कुसुम अपनी हँसी दबाकर आँख मारते हुये बोली.
बहरहाल, हम दोनों पति पत्नि बहुत खुश थें कि टैटू आर्टिस्ट कुछ समझ नहीं पाया था !
कुसुम कि नाभी के लिए एक अच्छी सी डिज़ाइन का चयन करके मै फिर से वीडियो बनाने में व्यस्त हो गया. एक बार वीर्यपात हो जाने के कारण मेरी उत्तेजना एकदम से जाती रही, मै काफ़ी हल्का महसूस कर रहा था, जिसकी वजह से अब मै वीडियो बनाने में पूरी तरह से मन लगा सकता था, ये ज़रूरी भी था, क्यूंकि ये वीडियो आने वाले दिनों और महीनों में कारगर साबित होने वाला था, इसलिए इस प्राइवेट वीडियो का शूट बेहतर से बेहतरीन होना आवश्यक था, इस बात से मै वाकिफ़ था !
नाभी का डिज़ाइन पूरा होते होते अच्छा खासा समय बीत चुका था. एक ही जगह पीठ के बल लेटे लेटे कुसुम का पूरा बदन अकड़ गया था और पैरों में झुनझुनी होने लगी थी.
अरुण … मुझे बाथरूम जाना है ! “. कुसुम ने मुझ से कहा और उठकर बैठने लगी.
” संभाल कर भाभी जी… डिजाइन अभी गीली है, ख़राब ना हो जाये. “. टैटू आर्टिस्ट बोला.
” वेट वेट… तुम यहीं रहो ! “. अपनी पत्नि को हिदायत देकर मै कमरे से बाहर चला गया.
चंद मिनटों बाद मै वापस आया तो मेरे हाथ में नहाने वाली प्लास्टिक कि एक बाल्टी थी, मै बाथरूम से ये बाल्टी उठा ले आया था. बाल्टी देखते ही टैटू आर्टिस्ट सारा माजरा समझ गया और चुपचाप अपना मुँह फेरकर दूसरी ओर कर लिया.
” छी… ऐसे कैसे करुँगी… मुझे बाथरूम ले चलो… धत्त !!! “. कुसुम शर्म से लाल पड़ गई.
” इसमें शर्माने वाली क्या बात है बेबी…… बेकार में डिजाइन ख़राब हो गई तो ? भाई साहब कि सारी मेहनत बेकार चली जाएगी ! आओ… उठो… I will help you… चलो चलो ! “.
कुसुम कि जाँघों पर पड़े तौलिये को हटाकर मैने उसे अपने हाथों का सहारा देकर काउच् पर से उठने में मदद कि, ताकि उसकी चूचियों और नाभी में अभी अभी लगा टैटू का डिज़ाइन लीपा पुती होकर बिगड़ ना जाये. अपने पति के बाहों का सहारा लिए कुसुम उठकर काउच के किनारे तक आई और अपने दोनों पैर नीचे ज़मीन पर रखकर अपनी गांड़ काउच के किनारे टिकाकर अपनी टांगें खोले बैठ गई.
मैने बाल्टी ठीक उसकी टांगों के बीच नीचे ज़मीन पर रख दिया. कुसुम ने एक बार मुड़कर टैटू आर्टिस्ट को देखा, वो उसकी ओर पीठ किये कुर्सी पर बैठा हुआ अपने एल्बम और सामान के साथ बिज़ी था. वो नहीं देख रहा है, इस बात से निश्चिन्त होते ही कुसुम ने अपनी नज़रें उठाकर एक बार मुझ को देखा और मुस्कुराई.
” रिलैक्स बेबी… करो ! “. कुसुम को काउच पर छोड़ मै उसके सामने खड़ा हो गया और अपने मोबाइल को उसकी चूत कि ओर झुका दिया.
” What you doing ??? “. कुसुम एकदम धीमे आवाज़ में बोली ताकि टैटू आर्टिस्ट सुन ना ले. ” अब कम से कम इसकी वीडियो तो मत बनाओ ! “
” क्यूँ बेबी ? कितना हॉट मोमेंट है ये कुछ अंदाज़ा है तुमको ? “. मैने कहा. ” जब बाद में वीडियो देखोगी तो मुझे थैंक्स बोलोगी… चलो करो ! “.
कुसुम कि चूत में लबालब पेशाब भरा पड़ा था, जो कि कब से बाहर उमड़ने को बेताब था, जिसकी वजह से कुसुम का पेट भी दुख रहा था, उसने अपने ज़िद्दी पति से बेकार में आगे और तर्क किये बिना अपनी मूत को निकल जाने दिया. चूत से निकलते मूत और फिर बाल्टी में गिरते पेशाब से ज़्यादा आवाज़ ना हो, इसलिए शुरू में कुसुम ने शर्म से पेशाब को धीरे धीरे बाहर आने दिया, पर जल्दी ही उसका अपने शरीर पर ये कण्ट्रोल जाता रहा, उसने अपनी जाँघे ढीली छोड़ दी तो उसका पेशाब छरछराकर उसकी चूत से निकलने लगा !!!
साफ पीले पेशाब के झरने को मै वीडियो में ज़ूम करके कैद करता रहा. पेशाब के कुछ छींटे मेरे पैरों और मोबाइल के लेंस पर पड़े, तो थोड़ा बहुत पेशाब बाल्टी से छलककर बाहर नीचे ज़मीन पर भी गिरा, और काउच् के किनारे से झूलते चादर पर भी !
मन भरकर मूतने के बाद कुसुम ने इशारा किया तो मै अपनी पत्नि कि पेशाब से भरी बाल्टी उठाकर ले गया और बाथरूम में पेशाब गिराकर वापस कमरे में आ गया. कुसुम के गाल अभी तक शर्म से लाल पड़े हुये थें, उसे यकीन नहीं हो रहा था कि अपने ठरकी पति कि बातों में आकर उसने अभी अभी ये क्या किया था, वो भी एक अनजान आदमी के सामने, भले ही वो देख ना रहा हो पर कमरे में मौजूद तो था और सब कुछ जान समझ तो रहा ही था ना ! पता नहीं उसके पति को उससे ये बेशरम हरकत करवाकर क्या Excitement मिल रहा था !!!
मैने बिस्तर पर से तौलिया लेकर पहले अपनी पत्नि कि चूत को अच्छे से पोछ कर साफ किया , फिर उसकी जाँघे, अपना खुद का पैर, मोबाइल का लेंस, और फिर तौलिया वहीँ ज़मीन पर फेंक दिया ताकि नीचे गिरा हुआ थोड़ा बहुत पेशाब भी तौलिया सोख ले.
कुसुम वापस से काउच् पर लेट गई. इतना सब कुछ हो जाने के बाद अब वो पहले के मुकाबले काफ़ी सहज हो चुकी थी. उसने अपनी चूत नंगी खुली छोड़ दी, अगला डिज़ाइन नितंब के ऊपर कमर पर होने वाला था. हर बार कि तरह इस दफा भी मैने अपनी पत्नि के लिए एक अच्छा सा डिज़ाइन चूज़ कर लिया !
कुसुम कि चूचियों, नाभी, और चूत पर सौंदर्यकरण का काम खत्म हो चुका था, अब उसकी पीठ और गांड़ कि बारी थी.
” अब उठ जाइये भाभी जी… “. टैटू आर्टिस्ट ने कहा.
सावधानी के साथ कुसुम को मैने काउच पर से नीचे उतारा, और कुसुम अब नीचे ज़मीन पर खड़ी हो गई. आर्टिस्ट कुसुम के पीछे अपने घुटनो के बल बैठा उसके मटके जैसे नितंबो को थामे उसकी कमर पर कलाकारी करने लगा,
गाढ़ी जेली का ठंडा पेस्ट जब पहली बार Tube से निकलकर कुसुम कि नंगे नितंबो कि त्वचा पर गिरा, तो उसके ठंडेपन से उसने अपनी आँखें भींच ली और हँसने लगी. उसकी हरेक छोटी से छोटी हरकत कि तरह मैने उसकी इस क्यूट सी हरकत कि बारीक़ीयों को भी बड़ी ही निपुणता के साथ अपनी वीडियो में कैप्चर किया. यही सारे हॉट और सेक्सी मोमेंट तो मुझे उत्तेजित कर रहे थें, और शायद कुसुम को भी ! और फिर खड़े खड़े उसके शरीर के बाकि हिस्सों पीठ पर अपना काम करने लगा.
आज कुसुम ने अपनी पूरी ज़िन्दगी में पहली बार अपने पति के सिवाय किसी और को अपनी चूत दिखाई थी, हालांकि ये अवसर सेक्सुअल तो कतई नहीं था. वैसे भी किसी अनजान आदमी, को अपनी नंगी चूत के दर्शन कराने और इस टैटू आर्टिस्ट के सामने कपड़े उतारने में काफ़ी फर्क था. टैटू आर्टिस्ट के लिए तो काम कि ये मांग थी, ना कि कोई जबरदस्ती ! “जिस तरह डॉक्टर के सामने हर कोई तो नँगा होता ही है लेकिन डॉक्टर सिर्फ अपने काम से काम रखता है।” ठीक उसी तरह फिर कुसुम को बिना कपड़ो के देखने में उस टैटू आर्टिस्ट को कोई दिलचस्पी नहीं थी, ये अब तक के उसके हाव भाव तौर तरीको से साफ ज़ाहिर हो गया था, उसे तो बस अपने काम, कलाकारी, और कारीगरी से मतलब था !
मै अब खड़े खड़े थक गया था, सो मै कुर्सी पर ही बैठकर वीडियो बनाने लगा. किसी गैर मर्द के हाथों अपनी बीवी के नितंबो कि सजावट होते देख मेरे लण्ड में फिर से तनाव आने लगा था, पर इस बार मै जल्दबाज़ी में कोई गन्दी बेवकूफ़ी भरी हरकत नहीं करना चाहता था, मै अपने लण्ड कि इस उत्तेजना को रात के समय वीडियो देखते हुये अपनी पत्नि को चोदने के लिए बचाकर रखना चाहता था !
काफ़ी देर तक बुत बनी नंगी खड़ी रहने के बाद आखिरकार जब कुसुम कि पीठ, गांड़, गर्दन, पैर, और हाथों पर कारीगरी ख़त्म हुई, तो उसने राहत कि साँस ली.
मेरा वीडियो भी कम्पलीट हो चुका था, मैने मोबाइल जेब में रख दिया. बेचारी कुसुम का पूरा शरीर अकड़ कर दर्द करने लगा था, लेकिन उसकी असली परेशानी तो अभी शुरू होने वाली थी !
” भाभी जी… अभी कम से कम दस मिनिट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दीजिये… और भूल कर बैठ मत जाइएगा. “. अपना काम खत्म कर टैटू आर्टिस्ट ने अपना सारा बिखरा पड़ा सामान समेटते हुये कहा. ” आधे घंटे रुक सकें तो ज़्यादा सही रहेगा, बहुत उम्दा स्याही है ये, जितनी देर बाद धोईयेगा उतना अच्छा है, रंग ज़्यादा निखरेगा और अधिक दिनों तक टिकेगा ! “.
” Oh no !!! “. आधे घंटे खड़े रहने कि शर्त सुनकर कुसुम ने मुँह बनाते हुये मुझ को देखा, तो मैने उसके पास आकर उसके गाल चूम लियें और बोला.
” हो जायेगा बेबी… बस थोड़ा कष्ट कर लो ! “.
कुसुम मुझ को शिकायत भरी नज़रों से देखती रही, फिर टैटू आर्टिस्ट से बोली.
” थैंक यू भाई साहब… “.
और वाशरूम में कपड़े लेकर चली गई.
” जी भाभी जी… “. टैटू आर्टिस्ट ने अपना झोला उठाते हुये पीछे मुड़कर कुसुम को देखते हुये कहा.
वाशरूम की ओर जाती कुसुम के नंगे मटकते कूल्हे लालसा भरी ललचाई आँखों से घूरते हुये मै पीछे से चिल्लाया.
” Be careful बेबी… टैटू मिट ना जाये ! “.
मै अपनी पत्नि को तब तक निहारता रहा जब तक कि वो कमरे के दरवाज़े से वाशरूम में घुस नही गई.
” लगता है भाभी जी को डिज़ाइन पसंद नहीं आये… “. टैटू आर्टिस्ट ने मुस्कुराकर मुझ से कहा.
” अरे नहीं भाई… क्या बोल रहे हो ? “. मै झट से बोला. ” असल में उतनी मॉडर्न नहीं है वो, किसी और के सामने ऐसे बिना कपड़ो के… समझ रहे हो ना ? पहली बार है ! बहुत शर्मीली है… और कोई बात नहीं ! मस्त डिज़ाइन बनाया है आपने… जादू है आपके हाथ में भाई साहब…कलाकार हो यार… रियली ! ‘
” शुक्रिया सर जी… “.
मै अचानक से टैटू आर्टिस्ट के एकदम पास आ गया और उसके कंधे पर हाथ रखकर बोला.
” वैसे बुरा ना मानना, एक बात पूछूं ? आप मसाज वगैरह भी करते हो क्या ? “.
” नहीं सर जी… क्यूँ ??? “.
” नहीं… वो आपकी भाभी जी काफ़ी थक गई हैं, उन्हें थोड़ी Relaxation कि ज़रूरत पड़ेगी, तो… “.
” नहीं सर जी… मैं मसाज नहीं करता ! “. टैटू आर्टिस्ट ने मेरी बात बीच में ही काटते हुये कहा.
” Erotic मसाज ??? “. मैने धीरे से इशारों भरी आवाज़ में पूछा.
” नहीं सर… बस टैटू आर्ट करता हूँ ! “.
” यार मैंने तो सुना है कि Erotic टैटू Art वाले साथ में Erotic Massage वगैरह भी करतें हैं ! “
” आप जो बोल रहें हैं मैं वो सब नहीं करता सर जी !!! “. मेरे मन कि बात भाप कर टैटू आर्टिस्ट ने मुस्कुराते हुये कहा.
” अलग से पैसे ले लो यार ! “.
” सॉरी सर जी… मैं वो सब नहीं करता ! “. टैटू आर्टिस्ट ने फिर से दोहराया, और फिर काफ़ी विनम्रता के साथ बोला. ” आप बस टैटू Art के पैसे दे दीजिये… शादियों का सीजन है, बाहर स्टूडियो में दूसरे क्लाइंट भी इंतजार कर रहे है ! “.
” Sure… sure ! “. टैटू आर्टिस्ट कि अनिच्छा और लगातार इंकार को देखकर मै तपाक से बोला और उसके कंधे से अपना हाथ हटा लिया.
टैटू आर्टिस्ट को उसकी फीस देने के बाद मै वापस वाशरूम के दरवाजे पर आया, वॉशरूम के दरवाज़े पर टिककर खड़ा हुआ मै कुसुम को चुपचाप देखने लगा, जो कि आईने के सामने आगे पीछे घूम फिरकर अपना टैटू से सजा नंगा बदन निहार रही थी.
वो काफ़ी खुश नज़र आ रही थी.
लेकिन मै खुश नहीं था, मेरे मन में कुछ खटक रहा था !
मेरी ख्वाहिश अभी भी पूरी नहीं हुई थी… अपनी पत्नि को किसी और मर्द के साथ हमबिस्तर होते देखने कि अजीबोगरीब ख्वाहिश !!!
मेरे दिल में ये अजीबोगरीब ख्वाहिश और ये बदलाव एक दिन में नही आया था इसके लिए कई दिन, कई साल लगे थे और खासकर अपनी किशोरावस्था से ढलती हुई युवावस्था तक जो आश्लील कहानिया, चित्र कथाएँ, पोर्न फ़िल्मों को देखकर मेरे खुद के अंदर एक पोर्न फ़िल्मों का जो निर्देशक छिपा हुआ था, वो आज इस वक्त बाहर आ गया था। मेरी दिली ख्वाइश थी कि मै भी एक कामुक् फिल्म बनाउ जिसके लिए मेरे पास हीरोइन के रोल के लिए अपनी खूबसूरत पत्नी बेस्ट चॉइस थी।
और ऐसा भी नही है ये अकेली मेरी चाहत हो। ये हर लड़का लड़की की दिली ख्वाइश होती जो किशोरावस्था से प्रोणअवस्था तक आश्लील कहानिया, चित्र कथाएँ, पोर्न फ़िल्मों को देखते है उन सभी के दिल दिमाग में हमेशा दो दृश्य घूमते रहते है एक खुद किसी के साथ सेक्स करने का और दूसरा एक voyeurism छिपा रहता है। ” (“किसी दुसरे को सेक्स करते देखकर मजे लेना “) बस तलाश रहती है एक हीरोइन की जो बिना किसी झिझक शर्म के उनकी फैंटसी को पूरा करे। और वो हीरोइन रिश्ते में चाहे प्रेमिका हो या पत्नी…….!!
कुसुम की वो प्यार भरी बातें, उसकी टैटू बनवाने की फरमाइश और उसका खुलापन ये सभी, अभी एक साथ मिलकर मुझे मजबूर कर दिए कि मैं ऐसा ही बन जाऊ और अपने प्यार को दूसरों के साथ मजे लेते देखु, कुसुम का मेरे लिए प्यार और सम्मान भी एक कारण था ,अगर वो ये सब ना भी करे तो भी क्या फर्क पड़ता अगर वो मुझे, वो प्यार और सम्मान नही देती,
मैने अपने कई दोस्तो के मुह से सुना था कि शादी के बाद जिंदगी झंड हो जाती है,पत्नियां प्यार की जगह बात बात पर झगड़े करतीं है,कई तरीकों से मर्द को बांधने की कोसिस करती है और मर्दो का भी इंटरेस्ट अपनी पत्नी पर से उठना शुरू हो जाता है,और वो दोनो बाहर मुह मारते है, शायद समाज के बंधनों की फिक्र के कारण वो एक दूसरे से जुड़े रह भी जाय तो क्या ,,जिंदगी तो उनकी नरक की तरह हो जाती है,
लेकिन मेरे साथ ऐसा नही था ,बड़ी अजीब बात थी कि जिसे समाज शायद रंडी का दर्जा देता वो मेरी पत्नी थी,जिसे बदचलन कहता वो मुझे इतना प्यार और सम्मान देती हैं जो मैंने कभी भी किसी औरत को अपने पति को देते नही देखा,वो फूल सी खिली हुई और अपनी खुसबू सब तरफ फैला रही थी,मेरे पास दो ही ऑप्शन थे या तो उस फूल को कुचल कर बस अपना बना कर रखु और उसकी खुसबू को खो जाने दु या उसे युही महकने दु,,, हा उसकी खुसबू सिर्फ मेरी नहीं रह जायेगी पर वो सदा ही महकेगी,,,, मैंने तो चुन लिया मैं उसे सदा महकता देखना चाहता हु…
ये सब आत्म मंथन करते हुए पता ही नही चला कि हम कब घर पहुँच गए। थोड़ी देर बाद डोर बेल बजी। ससुर (मेरे पापा) ने जाकर दरवाजा खोला तो कुसुम को देखकर एकटक निहारते ही रह गये। हरी बंधेज की साड़ी, उस पर मैचिंग ब्लाउज, ब्लाउज में बाहर निकलते हुए बाहों, उभारो, नाभि, कमर पर दिल शेप लिए गुलाबी रंग का टैटू, साथ ही बालों का सुंदर सा जुड़ा बना रखा था और ब्यूटी पालर का डार्क मेकअप। वाकई कुसुम कहर ढा रही थी। पापा जी तो कुसुम को निहारते ही रह गए।

सासु मा (मेरी मम्मी),” वाह! क्या बात है बहू, आज तो बहुत सुंदर लग रही हो”
सासु की बात सुनकर कुसुम मुस्कुरा दी।
इतने में ” बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम”
शायद यही कहा रिंकी ने। सुनते ही कुसुम ठिठक गई। और पलट कर बोली
” कुछ कहा तुमने रिंकी “
” नहीं नहीं, मैंने तो कुछ भी नहीं कहा मम्मी”
” हां हां सच में” रिंकी ने झिझकते हुए कहा।
” अच्छा है कि तुमने कुछ नहीं कहा। अगर कुछ कहा होता तो शायद जवाब भी मिल जाता” रिंकी नज़रें नीची कर खड़ी हो गई और कुसुम उसे घूरती हुई वहां से अपने कमरे में निकल गई। कुसुम के जाते ही उसने ने बड़बड़ाना शुरू कर दिया,
” क्या गलत कहती हूं मैं? मुझे तो रोक लेंगी, पर बाहर और भी तो लोग हैं, जो बातें करते हैं। उनका क्या? उनकी जबान पकड़ो तो माने ” ” सही कहा ना दादी, क्या जरूरत है मम्मी को टैटू बनवाने की? बदन का कोई भी ऐसा हिस्सा नहीं बचा जहाँ रंगाई पुताई बची हो….. इस उम्र में यह सब शोभा देता है क्या?”
” अरे बुढ़ापे में सठिया गई है। कौन समझाएं इन्हें? जब कोई बाहर वाला मजाक उड़ाएगा, तब समझ में आएगा। फिर रोती हुई आएगी घर पर”
” हां हमें क्या? इन्हें खुद का मजाक उड़ाने की लगी है तो शौक से उड़ाए। हम तो खुश है अपनी जिंदगी में”
” वैसे भी किसे फर्क पड़ता है? पापा तो कुछ कहते नहीं। वो तो जोरू के गुलाम बने है….. ” यह क्या शोभा देता है मम्मी को? इस उमर में बदन पे टैटू दिखाना। लेकिन पापा और मम्मी को ऐसी टैटू की क्या जरूरत ? क्या वो दोनो इस टैटू की प्रदर्शनी करने वाले है ? क्या ऐसी टैटू पर कोई एकाध करोड़ का इनाम रखा हुआ है ?
“और देखा नहीं, कैसे ब्यूटी पालर में डार्क मेक अप करवा कर तैयार होकर आ रही हैं। इनकी बेटी की शादी की उम्र होने को आई और इन्हें इस उम्र में देखो, इनका शृंगार देखो वो खुद “हेमा मालनी” बनी घूम रही है। कम से कम पूछ तो लेना चाहिए था दादी आप से “शादी के फंक्शन में कौन सा पापा निहार रहे हैं उन्हें, जो इतना सज धज कर तैयार हो रही है”
” यह तो है दादी। ‘जिसने ना देखी हो कान की बाली उसके हाथ लग जाए खजाने की चाबी’ वाली कहावत है ना। मम्मी का भी यही हाल है। अब वह पैसे के रंग में रंग चुकी है।” और आप दोनों दादा दादी कुछ कहते भी नहीं”
इतने में मेरी मम्मी (दादी) बोली, ” क्यों इसमें गलत क्या है? मम्मी और पापा दोनों पति-पत्नी है। एक दूसरे के साथ समय बिताना उनका हक है। इसके लिए भला किसी की इजाजत की क्या जरूरत है”
” और रही बात उम्र की, तो उम्र का क्या है? वह तो सिर्फ एक अंक है। उम्र के साथ क्या भावनाएं बदल जाती है। बिटिया तेरे हिसाब से तो कल को वो लोग पति पत्नी ही नहीं रहेंगे। और अब बच्चे डिसाइड करेंगे कि मम्मी पापा को क्या करना है और क्या नहीं” आखिर पति पत्नी का रिश्ता तो उम्र के साथ प्रगाढ़ होता है, तो उसे उम्र के बंधन में बांधने की क्या जरूरत है।
अरुण की मम्मी नातिन को तो उम्र का अंक गणित बता दिया…. लेकिन अपनी बहू को मर्यादा और संस्कार का गणित भी थोड़ा सा सिखा दो…… पापा (दादा) रिंकी का पक्ष लेते हुए मम्मी (दादी) से बोले।
ऐसी कोनसी मर्यादा और संस्कार तोड़ दिये आपकी बहू कुसुम ने…. मैने मम्मी के सुर में सुर मिलाते हुए कुसुम की तरफदारी करते हुए पापा से कहा।
पापा को मुझे इस तरह बीच में बोलना खटका और मुझसे व्यंग की शैली में बोले
“प्रोफेसर अरुण साहब मर्यादा और संस्कार विरासत में नही मिलते इन्हे कमाना पड़ता है……..! जिस प्रकार किसी को मनचाही स्पीड में गाड़ी चलाने का अधिकार नहीं है, क्योंकि रोड सार्वजनिक है। ठीक उसी प्रकार किसी भी लड़की को मनचाही जिस्म की नुमाइश दिखाने का अधिकार नहीं है क्योंकि जीवन सार्वजनिक है। एकांत रोड में स्पीड चलाओ, एकांत जगह में अर्द्धनग्न रहो। मगर सार्वजनिक जीवन में नियम मानने पड़ते हैं। दोनों में एक्सीडेंट होगा ही।
भोजन जब स्वयं के पेट मे जा रहा हो तो केवल स्वयं की रुचि अनुसार बनेगा, लेकिन जब वह भोजन परिवार खायेगा तो सबकी रुचि व मान्यता देखनी पड़ेगी। अपनी इच्छा केवल घर की चारदीवारी में ही उचित है। घर से बाहर सार्वजनिक जीवन मे कदम रखते ही सामाजिक मर्यादा लड़का हो या लड़की उसे रखनी ही होगी। घूंघट और बुर्का जितना गलत है, उतना ही गलत अर्धनग्न होकर इस तरह जिस्म को रंगवा कर नुमाइश करना है।
पापा आज के आधुनिक युग में आप सन् 1947 की सोच वाली बातें कर रहे है, ये मॉडर्न युग है, यहाँ हर घर में लड़के लड़किया, बहू बेटी इसी तरह खुलकर अपनी जिंदगी जी रही है…. आपनी आँखों से ये पुरानी दकियानोओसी सोच का चश्मा उतारो…. और जरा मॉडर्न बनिये….!! मैने पापा के श्लोक बीच में काटते हुए अपनी बात कही।
नग्नता यदि मॉडर्न होने की निशानी है, तो सबसे मॉडर्न जानवर है जिनकी संस्कृति में कपड़े ही नही है। कुत्ते को अधिकार है कि वह कहीं भी मूत सकता है, सभ्य स्त्री पुरुष को यह अधिकार नहीं है, उसे मर्यादा में रहकर बन्द टॉयलेट का उपयोग करना होगा। अतः प्रोफेसर अरुण साहब आप से विनम्र अनुरोध है, अपनी और अपनी लुगाई कुसुम को रंगवा पुतवा कर जिस्म दिखाने की नुमाइश की चुल्ल मेरे घर के बाहर मिटाये कृपा कर मेरे गांड में उंगली ना करे।![]()
जारी है…….

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