चाचा ने चोदा – Incest Sex Story

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चाचा ने चोदा

मेरा नाम रतनप्रिया है, मैं अपनी एडल्ट स्टोरी बता रही हूँ. मैं लखनऊ की रहने वाली हूं मेरी उम्र 22 वर्ष है मैं बी एस सी की पढ़ाई कर रही हूं.
सब कहते हैं कि मैं बहुत खूबसूरत हूं मेरी साईज 26 कमर, 34 बूब्स, 36 हिप्स है। सभी मुझे देख कर बस मेरे साथ सेक्स करना चाहते हैं, सभी मोहल्ले के लोग, बाहर के लोग, रिश्तेदार सभी यहां तक कि मेरे पापा के सभी दोस्त और मेरे रियल चाचा भी!

मैंने अभी कुछ दिन पहले देखा कि मेरे चाचा मुझे नहाते हुए देख रहे थे, मैं सब समझ गई।
एक दिन चाचा मेरे रूम में छुप कर मुझे कपड़े बदलने पर देख रहे थे कि अचानक मैंने परदा हटा दिया तो पीछे चाचा मुठ मार रहे थे उनका लंड बहुत बड़ा मोटा उनके हाथ में और मैं पूरी नंगी खड़ी थी, मैं घबरा गयी और वो भी घबरा गये.
तभी चाचा मुझसे बोले कि प्लीज रतनप्रिया किसी से मत बताना!
और रूम से भाग गये. अगले दस दिन मुझे दिखे नहीं।

इसी बीच मुझे दो बार मेरे सपनों में चाचा ने बहुत चोदा. अब मैं जब भी सोचती. सिर्फ चाचा के बारे में… नेट में ब्लू फिल्म देखती तो चाचा का वो लंड आंखों के सामने आ जाता और मेरी चूत गीली हो जाती।

मेरी बुआ की लड़की की शादी में पूरा परिवार जा रहा था, दो गाड़ियां थी दोनों बड़ी थी, एक में सब लोग आ गये.
मैं और मेरे चाचा का छोटा पांच साल का बेटा रोहित रह गया था, वो मेरे साथ ही रहता था, मम्मी ने मुझे बोला- तुम उस गाड़ी में जाकर बैठ जाओ, तुम्हारे चाचा उस गाड़ी से आयेंगे.
वो गाड़ी सफ़ारी थी, मैं बैठ गई.

पापा मम्मी वाली गाड़ी आगे निकल गयी. जिस गाड़ी में मैं चाचा के बेटे को लेकर बैठी थी, पांच मिनट में चार लोग आकर उस में बैठ गये. वे चारों चाचा और पापा के दोस्त थे.
तभी चाचा भी आए, मैं बीच वाली सीट में किनारे में बैठी थी चाचा मेरी तरफ आकर बैठ गए मुझे बोले- रतनप्रिया थोड़ा खिसको!
अब बीच वाली सीट में 4 लोग हो गए, दो लोग चाचा के दोस्त, मैं और चाचा… सभी सटे हुए बैठे थे. मुझे थोड़ा अजीब लग रहा था. मैं चाचा और उनके एक दोस्त के बीच में थी.

शाम को 6:00 बज रहे थे. जैसे ही कार चली, चाचा का हाथ मेरे मेरे कंधे से टच होने लगा, 20 मिनट बाद चाचा का हाथ धीरे से मेरी जांघों में आ गया, मैं कुछ ना बोली कि उनके दोस्त लोग क्या कहेंगे.
थोड़ी देर बाद चाचा और उनके दोस्त चुटकुले सुनाने लगे और सब हंसने लगे इधर चाचा अपना हाथ मेरी जाघों में चलाने लगे, मैं ब्लैक कलर का सूट पहने थी, सलवार के उपर से ही चाचा मेरी जांघों के बीच में मेरी चूत में कपड़े के ऊपर से ही उंगली करने लगे. मेरा चेहरा लाल पड़ने लगा पर पर मैं कुछ नहीं बोल पाई, मेरी हालत तेजी से खराब होने लगी.

चाचा को लगा कि रतनप्रिया का भी मन है, सच में मुझे कुछ होने लगा था. दूसरे बगल में जो एक अंकल मतलब चाचा के दोस्त बैठे थे, वे भी मुझ से सटे थे, उनको भी थोड़ी थोड़ी हरकत होने लगी थी, मुझसे पूछने लगे- रतनप्रिया, कुछ परेशानी तो नहीं हो रही?
मैं बोली- नहीं!
अंकल बोले- तुम बहुत खूबसूरत दिख रही हो!
मैंने बोला- थैंक्स!

इधर मेरे रियल चाचा मेरी सलवार का नाड़ा खोलने लगे, मैं हाथ पकड़ने की कोशिश की पर मुंह से कुछ ना बोल पाई. पर अब चाचा कहां मानने वाले थे, उन्होंने नाड़ा खोल दिया और अपना हाथ मेरी पैंटी के ऊपर ले जाकर बिल्कुल चूत में रख दिया और जोर से दबाने लगे मुंह से मेरे सिसकी निकल गई.
तभी बगल वाले अंकल बोले- क्या हुआ रतनप्रिया?
मैं बोली- कुछ नहीं!

इतने में चाचा अब पैंटी के अन्दर हाथ डाल के मेरे चूत के बाल सहलाने लगे, इधर मैं अपना होश खोने लगी कि तभी चाचा अपने हाथ से मेरी चूत खोल कर उसमें अपनी उंगली चलाने लगे मैं एकदम से मदहोश सी होने लगी. लगभग दस मिनट में मेरी चूत बहुत गीली हो गई और अब मुझे कुछ नहीं याद कि क्या मैं करूं, क्या नहीं! कौन मेरी बगल से बैठा है और क्या ठीक है.

तभी चाचा ने अपनी उंगली मेरी चूत में जोर से घुसा दी, अपने आप मेरे मुंह से ‘ओहह…’ निकल गया.
तभी चाचा के दोस्त जो बगल में बैठे थे, उनकी तरफ मेरा हाथ अपने आप चला गया और सहारे के लिए पकड़ा पर हाथ उनके पैंट की जिप में रखा गया और दब भी गया मुझसे!
फिर क्या, वो अंकल मेरी तरफ देखने लगे और धीरे से कान में बोले- रतनप्रिया बहुत मन है लगता है? तुम्हारी हालत बहुत खराब लग रही है, रुको मैं सब इतंजाम कर दूंगा, अपनी जिप खोल कर देता हूं शर्ट ऊपर कर देता हूं.
और उन्होंने वैसा ही किया और मेरा हाथ पकड़ के अपने लन्ड को पकड़ा दिया, उसे उपर नीचे कराने लगे.

ओहह… अब उनका लन्ड बड़ा होने लगा और गर्म भी, मैं एकदम उत्तेजित हो गई. तभी वो अंकल अपना हाथ मेरी जांघों में ले आये, उनका हाथ चाचा के हाथ से टकरा गया क्योंकि चाचा पहले से चूत में उंगली डाल के अन्दर बाहर कर रहे थे.
तभी अंकल बोले मेरे चाचा को- साले कमीने, पहले से कब्जा किया हुआ है।
चाचा बोले- ग्राउंड मैंने ही तैयार किया है, सब मिल बांट कर खा लेंगे.

बाकी जो दो अंकल एक ड्राइवर के बगल से और एक हमारी सीट में ही किनारे में बैठे थे, दोनों बोले- कहां कब्जा कर लिया यारो? कुछ बताओ?
तभी चाचा बोले- सिन्धु, रोहित सो गया या जग रहा है?
रोहित आगे वाले अंकल की गोद में बैठा था!
अंकल बोले- ये तो गाड़ी चलने के थोड़ी देर में ही सो गया था.

तब चाचा बोले- फिर तुम बचे हुए दोनों भी देख लो!
और गाड़ी के अंदर की लाइट जला दी, मेरा कुर्ता हटा दिया. मेरा हाथ बगल वाले अंकल के लंड पर था, चाचा का हाथ मेरी चूत में उंगली डाली हुई थी.
तभी वे दोनों अंकल बोले- तुम लोग बहुत पागल हो! बेचारी की हालत देखो, इसके नीचे चूत से रस बह रहा है और तुम लोग उसे तड़पा रहे हो? ये रस अनमोल है.

मैंने शर्म के मारे आंखें बंद कर ली थी.

तभी आगे वाले अंकल रोहित को आगे सीट में लिटा कर उठ आ गये और ड्राईवर को बोले- जो गाड़ी में हो रहा है, उसे भूल जाना और गाड़ी में ध्यान दो, एक्सीडेंट मत कर देना.
उसने बोला- जी साहब!
तभी अंकल ने बोला- बाद में तुम्हें भी कुछ ईनाम में मिल जाएगा.
ड्राइवर बोला- धन्यवाद साहब!

इतने में आगे वाले अंकल पीछे को झुक कर सीधे मेरे होंठों को चूमने चाटने और चूसने लगे और किनारे वाले अंकल मेरे दोनों बूब्स को अपने हाथ से दबाने लगे.
मेरी हालत अब खराब होने लगी पर मुझे लगा कि कुछ हो न जाए इसलिए बोली- अंकल, ये सब ठीक नहीं, आप लोग बहुत बड़े हैं, मैं आप लोगों से बहुत छोटी हूं, प्लीज छोड़ दीजिए।
अंकल ने कहा- तुम बेवजह परेशान हो रही हो रतानप्रिया, शायद तुम्हें डर लग रहा है कि हम चार लोग हैं, तुम्हारा डर अभी दूर करता हूं और अपना बड़ा सा स्मार्टफोन निकाला और तुरंत उसमें कुछ चालू किया और मुझे दिखाने लगे.

मैं शरमा रही थी पर अंकल ने बोला- रतानप्रिया देखो!
और फोन मेरे सामने कर दिया. उसमें एक फिल्म चल रही थी, एक लड़की थी जिसे करीब 6 लोग चोद रहे थे और वह बहुत इन्जवाय कर रही थी, मैं ऐसी कई फिल्में पहले भी देख चुकी थी पर आज देखते हुए मन में आग सी लग रही थी और बहुत ही ज्यादा मन करने लगा कि सब जल्दी मुझे भी ऐसे चोदें पर दिखाने को मना कर रही थी.

फिर मैं बोली- प्लीज मुझे छोड़ दो!
तभी चाचा ने कहा- ज्यादा नाटक मत करो अब! इसकी यारो मत सुनो, साली को जम कर चोदो! ना जाने दूसरों के कितने लंड घुसवाये होंगे इसने!

“यार बोतल देना पीछे से!” उन्होंने दारू निकाली और पीने लगे दस मिनट के अंदर चारों ने दो दो पेग पी डाले. मुझे भी बोले- पी लो, बहुत मज़ा आयेगा!
मैंने मना किया तो एक कोकाकोला की बोतल दी और बोले- इसे पीना पड़ेगा, लो ये कोल्ड ड्रिंक है पी लो!
मैंने फिर भी मना किया तो बोतल मेरे मुंह में लगा दी.

मैं जब पीने लगी मुझे बहुत हार्ड लगा, मैं समझ गई कि इसमें भी कुछ है, फिर भी पीने लगी. करीब आधी बोतल खत्म हो गई, मुझे अब नशा चढ़ने लगा.
तभी अंकल बोले- रतानप्रिया, तुम बीच वाली सीट में लेट जाओ, बस पांच मिनट में जो करें करने देना, उसके बाद फिर अगर तुम कहोगी तो बिल्कुल छोड़ देंगे।
मैंने हां में सर हिलाया तभी अंकल लोग मेरे सारे कपड़े एक एक करके उतारने लगे.

जैसे ही मेरा कुर्ता उतरा, सब पागल की तरह देखने लगे और बहुत गंदी बात बोलने लगे. नीचे का सलवार भी उतार दी अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में हो गई.
चाचा बोले- रतानप्रिया, तू तो पागल पन की हद तक सेक्सी है, मैं रोज तेरे नाम से तेरी पैंटी ब्रा को चूमने के बाद मुट्ठ मारता हूं, तेरा कपड़े बदलते और नहाते का चुपके से वीडियो बनाया, उसी को इन दोस्तों को दिया, सभी उसी को देख देख कर मुठ मारते और तुझे चोदने के लिए आज तक तड़पते रहे. सच बता कितने लोगों से चूत चुदवाई हो? ऐसे मस्त बूब्स और फूली चूत हम लोगों ने नहीं देखी.

तभी मेरे दोनों बूब्स जोर जोर से दो अंकल दबाने लगे और मेरे बूब्स को ब्रा से आजाद करके फिर और जम कर दबाने लगे और पेट चाटते हुए मेरी नाभि को चूम कर चाटने लगे.

तभी चाचा ने मेरी पैंटी खींच कर उतार दी और मेरी टांगें खोल कर अपना मुंह रख दिया मेरी चूत में और नाक से सूंघने लगे और बोले- क्या खुशबू है रतानप्रिया तेरी चूत की! तुझे आज फुल रंडी बना कर जम के चोदूंगा. ओहह रतानप्रिया हम लोगों की रखैल बन गई आज से!
और मेरी चूत फैला कर चूसने लगे, चाटने लगे.

अब मुझसे रहा नहीं गया और मैं जोर जोर से ऊंह ऊंह आह आह आह करने लगी, मुझे नशा सा भी छाने लगा, मैं भी कुछ न कुछ बकने लगी.
तभी दो अंकल ने नंगे हो कर मेरे सामने अपना अपना लंड कर दिया, मैंने बिना झिझके उनके लंड पकड़ लिए और बोली- कमीनो, इसी से मुझे चोदोगे? तुम्हारे लौड़े बहुत मस्त हैं, आज तुम्हारी रंडी बन जाती हूं. मैं रतानप्रिया तुम्हारी रखैल बन गई और तुम सबकी बीवी भी, चोदना जम कर मुझे!
मैं बोली- सच बताओ, मुझे क्या पिलाया है कोल्ड ड्रिंक में? दारू पिला दिया है क्या?

तभी अंकल बोले- हां सेक्सी… उसमें दारु मिला दी थी, अब तुम्हें चारों तरफ से जम कर चोदेंगे तुम्हारी बड़ी मस्त गांड मारेंगे, तुम्हें अपनी रखैल बना कर रखेंगे हमेशा रतानप्रिया!
और ये कहते हुए दोनों अंकल ने कहा- ले लन्ड चूस!
और मेरे मुंह में डाल दिया, मैं लंड को मैं चूसने लगी और जोर जोर से ऊंह आह करती रही और चाटना शुरू रखी.

उधर मेरे चाचा मेरी चूत को ऐसे चाट और चूस रहे थे जैसे कभी छोड़ेंगे ही नहीं, और उधर दो अंकल मेरे एक एक बूब को मुंह में भर कर चूसने में मस्त थे, पर अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था बस लग रहा था कि जल्दी से जल्दी मेरे चूत में अपना लंड सब घुसा दे, पर वो लोग डाल ही नहीं रहे थे.
तब मैंने कहा- प्लीज चाचा, अब अपना लंड मेरी चूत में डाल दो, मुझसे रहा नहीं जा रहा, प्लीज जल्दी चोदो, मैं तुम्हारी रंडी रतानप्रिया तुम से चुदवाने को मरी जा रही हूं, पूरा लन्ड डाल दो मुझे पागल कर दो चाचा, फाड़ दो मेरी चूत, नहीं मैं मर जाऊंगी, मुझे चोदो जम के चोदो, अंकल लोग आप में से कोई भी जल्दी से अपना लौड़ा डालो. आप की रतानप्रिया आज से जो बोलोगे करेगी, पर प्लीज मुझे अब मत तड़पाओ, डालो कुत्तों चोदो मुझे जल्दी चोदो हरामियो!

तभी चाचा बोले- रतानप्रिया तो पागल हो रही है, अब इसे जल्दी से चोदो!
तभी अंकल ने बोला- यार गाड़ी में सब को एक साथ नहीं बनेगा इसलिए किसी ढाबे में या कहीं एकांत में ले चलो, नीचे उतार के चोदना पड़ेगा!
चाचा बोले- अभी एक एक करके इसकी चूत में डाल दो आप लोग, फिर कहीं जगह देखकर एकांत में ले चल कर इसे जम के चोदेंगे, सब लोग मि लकर चोदेंगे.
तब अंकल बोले- ठीक है, तू अपना लंड डाल दे निकाल कर… तेरी भतीजी है इसलिए पहले तू ही चोद!

चाचा ने सीधे अपना लंड निकाला और मेरे दूध और होंट चूम कर बोले- रतानप्रिया, मेरी रखैल, मेरी रंडी, ले अब तेरी चूत में मेरा लन्ड जा रहा है!
और कहते हुए चाचा ने सीधे अपना लंड मेरी चूत में रख दिया.
मैंने कहा- थैंक्यू चाचा… बहुत कमीने हो, डाल दो पूरा!

चाचा ने मुझे अपनी बांहों में भर कर जोर से अपना मस्त लौड़ा मेरी मेरी चूत में डाल दिया और जोर से पूरी ताकत से एक झटका लगाया.
चाचा का लंड फटाक से अंदर हो गया, मैं चिल्ला उठी, जोर से रोने लगी.
तभी अंकल ने बोला- यार, यह तो सच माल है, रियल में रो रही है, हम लोग सोचे थे कि यह रतानप्रिया बहुत चुदवाई हुई है, पर हम लोग गलत हैं यार, इसकी चूत तो बहुत टाइट है, सच में रो रही है, ऐसा करो गाड़ी किसी होटल रिसोर्ट या ढाबे पर लगाओ, इसको सब लोग एक साथ चोदेंगे. बहुत प्यासी है, इसकी गांड चूत और मुंह में एक साथ लन्ड डालेंगे, इसको भी लाइफ में मजा आ जाए!

तभी अंकल मेरे मुंह में अपना डाल दिया, बोले- रतानप्रिया ले चूस और जम के चूस ताकि दर्द से तुझे छुटकारा मिले! अब मजा आया है, साली एक नंबर की मस्त माल है. हम लोगों ने सोचा कि तू चुदी हुई है पर तू तो अनटच है, तेरी चूत आज बहुत चोदेंगे, तुझे जन्नत का सैर कराएंगे, यह दर्द सह ले, तेरे चाचा का लंड है. आज तुझे चोद चोद के हम लोग रंडी बना देंगे!

चाचा लगातार धक्के मार रहे थे, मेरी चूत से फच फच की आवाज आ रही थी, मेरी चूत गीली हो रही थी, पर मैं बिल्कुल घबरायी नहीं क्योंकि अब मुझे दर्द कम हो रहा था.
तभी चाचा बोले- साली रतानप्रिया, तेरी चूत बहुत टाइट है रे, ज्यादा नहीं चुदवाई है क्या?
मैंने अंकल का लंड मुंह से निकाल कर बोली- नहीं चाचा, सिर्फ आज तक मैंने सिर्फ एक बार लंड चूत में लिया था वह भी अपने ट्यूशन वाले सर का… पर उन्होंने पूरा नहीं चोदा था, मेरी चूत में वो लंड सिर्फ टच कराया था, डाला नहीं था, मेरी गांड में जरूर डाला था और जम के चोदा था मेरी गांड को… वो गांड का शौकीन था. पर मेरी चूत मारी नहीं थी, आज आप पहले व्यक्ति हो जिसने मेरी चूत का सील तोड़ा, देखो खून निकल आया होगा!

चाचा ने देखा तो मेरी चूत से खून निकल रहा था, चाचा बोले- रतनप्रिया मेरी रखैल, मेरी रंडी आज मैंने सच में तेरी चूत की सील तोड़ी, आज से तू मेरी बीवी और रखैल हो गई, मैं तुझे बहुत चोदूंगा और सबसे चुदवाऊंगा, तुम बहुत सेक्सी हो! अब बता दर्द हो रहा है क्या?

मैं बोली- नहीं चाचा, जम के डालो, खूब चोदो मुझे और इन लोगों से भी बोलो कि सब चोदें!

तभी चाचा जोश में आकर मुझे जोर जोर से धक्के मारने लगे और 5 मिनट बाद खाली हो गए.

तभी चाचा ने बोला- यार बृजेश, तू आ जा और रतनप्रिया की चूत में डाल दे लंड… मैं तो झड़ गया, यह बहुत प्यासी है, अभी इसका पानी नहीं निकला!

तब जो अंकल मेरे मुंह में लंड डाले थे, वह आ गए और मेरी टांग ऊपर कर के मेरी चूत में लंड फंसा कर जोर से धक्का दिया. मैं होश में नहीं थी, मैंने बोला- आप सब लोग अपनी बीवी बना लो मुझे या रखैल बना लो, मैं रंडी भी बन जाऊंगी तुम्हारी!

अंकल ने जोर से लंड डाला और पूरा घुसा दिया. मुझे दर्द नहीं हो रहा था, अब मैं जम के चुदवा रही थी.

तभी एक अंकल बोले- यार, रतनप्रिया के नीचे मैं हो जाता हूं और इसकी मस्त गांड में मैं अपना लंड डाल देता हूं, रतनप्रिया तुझे बहुत मजा आयेगा अगर एक साथ चूत और गांड चुदवाओगी. बोलो रतनप्रिया, घुसाऊं लंड तेरी गांड में?

मैं बोली- हां अंकल चोद दो मेरी गांड! और जहां जहां मन हो, सब जगह लंड डालो न!

अंकल बोले- चल उठ रतनप्रिया, मैं नीचे होकर तेरी गांड में घुसा दूं!

जो अंकल चूत में डाले थे, बोले- ठीक है, तू आ जा और इसकी गांड में डाल दे, और मैं इसकी चूत में डाल कर चोदता रहूंगा.

मैं उठ गई और अंकल ऊपर आ गए. फिर अंकल ने मेरी गांड को चाटा, थूक लगाया और अपना लंड मेरी गांड में घुसा दिया, बोले- रतनप्रिया, तेरी गांड आज के पहले कभी किसी ने चोदी है?

मैंने कहा- सच बात बताऊं, अब तक दो तीन बार मेरे ट्यूशन वाले सर ने सिर्फ गांड ही चोदी, आज तुम लोग मेरी गांड चोदो!

और अंकल ने जैसे ही पूरा लंड अन्दर गांड में घुसेड़ दिया, बहुत दर्द हुआ, मेरी आंख से आंसू आने लगे, मैं बोली- निकालो लंड… बहुत मोटा है अंकल आपका.. मैं मर जाऊंगी.

पर मेरी एक नहीं सुनी और मेरी गांड पर लंड पूरा का पूरा डाल दिया, अब गांड में उनका पूरा लंड फंस गया, धीरे धीरे मुझे चोदने लगे, तभी अंकल ने मेरी गांड पर जोरदार धक्का लगाया, मैं रोने लगी, चिल्लाने लगी पर किसी ने मेरी आवाज नहीं सुनी और मेरी गांड जम कर चोदने लगे.

तभी सामने वाले अंकल ने चूत में डाल दिया, और एक अंकल ने मेरे मुंह में दाल कर मेरा मुख चोदन करने लगे!

अन तीन तीन लोग मुझे चोदने लगे.

“रतनप्रिया तू एक नंबर की रांड है. साली कुतिया छिनाल, ऐसा सिर्फ ब्लू फिल्मों में होता है जैसे आज तुझे हम लोग चोद रहे हैं, आज हमारी लाइफ बना दी तुमने रतनप्रिया!” वे सन जाने क्या क्या बोल रहे थे.

अब मेरी गांड का दर्द कम हो गया, मुझे गांड में भी जम कर मजा आने लगा, मैं अंकल से बोली- रोज मुझे ऐसे ही कुतिया बना कर चोदना अंकल… आप लोग बहुत अच्छे हैं, ऐसे ही मुझे दारु पिला दिया करना और फिर जम के चोदा करना!

अंकल बोले- रतनप्रिया, तू लखनऊ की सबसे बड़ी रंडी कहलाएगी एक दिन! हम तेरे लिए कई मर्द लाएंगे, बोल कितने लोगों से एक साथ चुदाई करा लिया करेगी?

मैं बोली- अंकल चाहे जितने लोगों से चुदवाना, बस मेरी चूत में हमेशा लंड घुसा रहे! 24 घंटे चोदते रहे कोई ना कोई… चुदाई मेरी कभी बंद ना हो!

मैं फुल जोश में थी, मुझे अभी कुछ होश नहीं था कि मैं क्या बोले जा रही थी?

अंकल बोले- रतनप्रिया तू एक काम कर, अभी बोल और कितनों से चुदेगी?
मैं बोली- तुम सोचो?
तभी जिनकी गाड़ी थी, वह अंकल बोले- रतनप्रिया को किसी ढाबे पर ले चलो, खड़ी करना और वहीं इस पर तीन चार लंड एक साथ डालेंगे.

वो लोग लगभग 20 मिनट मेरी गांड और चूत को चोदते रहे, तभी ड्राइवर को बोले- गाड़ी खड़ी कर दे, आगे ढाबा है.
और ड्राइवर को बोले- ढाबा मालिक को बुलाओ!
ढाबा मालिक आया, उससे सीधे बोले- एक छिनाल है, मस्त माल है यह, हम लोग इसे चोदेंगे, तुम भी चोद लेना या पैसा ले लेना, हम एक जगह दे दो अलग!
ढाबा मालिक बोला- पर यहां थाने के कुछ लोग बैठे हैं, उनको लड़की चाहिए, वे लोग भी चोदेंगे पहले… फिर तुम लोग आराम से रात भर रुकना और जम के चुदाई करते रहना!
चाचा बोले- मंजूर है.

तब ढाबा मालिक बोला- पहले आइटम तो दिखाओ?
अंकल ने अंदर गाड़ी की लाइट जला दी और मुझे दिखाया.
चाचा ने बोला- रतनप्रिया नाम है इसका, मेरी भतीजी है, इसको कोई दिक्कत नहीं चाहे जितने लोग इसके साथ सेक्स करें, बहुत ज्यादा प्यासी है ये बहुत चुदासी है.
चाचा ने मुझे उठाया, एक तौलिया दिया, बोले- इसे थोड़ा ओढ़ लो!

मैं सिर्फ टावल में अंदर गई, अंदर ले गए एक रूम में… तीन लोग आए और मुझे देख कर एक सिपाही मेरे टावल के अंदर हाथ डाल कर मेरी चूत में हाथ डाला और निकाला बोला- नाम क्या है इसका? कहां से आई है?
मेरे चाचा बोले- सतना की है, मेरी भतीजी है, रतनप्रिया नाम है इसका!
वो बोला- इसकी चूत बहुत गीली है, अभी चुद रही थी कि इतनी चुदासी है?
चाचा बोले- चुदाई चल रही थी और चुदासी भी बहुत है।

वो तीनों मुझे बस घूरते रहे. तभी एक जो करीब 25 साल का लड़का था, बोला- अंकल आप अपनी भतीजी को?
चाचा बोले- पहले थी… पर इसके हुस्न ने मुझे पागल बना दिया, आज से ये मेरी बीवी है, मेरी रखैल है.
वो लड़का बोला- बहुत सही जा रहे हो अंकल! तो अब आप इस कमरे से जाइये ताकि आपकी बीवी रतनप्रिया को हम लोग भी चोद लें!
चाचा बोले- क्यूं नहीं, जम के चोदिये. लेकिन बुरा न मानें तो मैं देखना चाहता हूं रतनप्रिया को दूसरों से चुदाई कराते हुए!

वो तीनों एक दूसरे की ओर देखे, फिर बोले- शौक से देखिए, तुम्हारी भतीजी है, तुम्हारी रखैल है, हम लोग वैसे भी जल्दी जायेंगे, ड्यूटी पर हैं, जाने वाले थे पर इस रतनप्रिया की किस्मत अच्छी थी जो हम लोगों से चुदेगी और हमेशा याद करेगी इस चुदाई को!

तभी तीनों मेरी तरफ बढ़े, मैं पहले से बहुत गर्म थी, जैसे ही तीनों मेरे पास आये, मैं एकदम एक्साइटेड हो गई. जो जवान लड़का था, उसने मेरे तौलिये के नीचे से हाथ डाल दिया और मेरी चूत में अपने हाथ लगाया देखा कि उंगली में थोड़ा खून लगा है. तो बोला- रतनप्रिया, तुम आज ही अपनी सील को तुड़वाई हो?
मैंने कहा- हां जी, मेरे चाचा ने ही आज मेरी सील तोड़ी है, अभी अभी 1 घंटे पहले!

तीनों खुश हो गए और मेरा तौलिया उतार फेंका, देखते ही बोले- तेरे चाचा बहुत लकी हैं पर अभी हम तीनों तुम्हें चोद चोद कर बहुत मस्त कर देंगे, तुम हमें ढूंढते फिरोगी कि कैसे भी वे तीनों मिल जाएं और फिर से जम के चोदें!
ऐसा कहते ही जो बड़े वाले अधिकारी लग रहे थे, उसने मुझे गोद में उठा लिया. मैं पूरी नंगी थी, मेरे दूध अपने होठों में भर लिए। वहां एक ही बिस्तर लगा था, उसी बिस्तर में ले जाकर लिटा दिए.

मेरे चाचा ने अपनी पैन्ट खोल कर उतार दी, उनका लंड एकदम खड़ा था, वो मेरे सामने खड़े हो गए और बोले- बहुत चुदासी है मेरी भतीजी!
उनका लंड पहले से ज्यादा खड़ा हो गया, लगता है मुझे दूसरों से चुदते हुए देखना उन्हें बहुत पसंद है. वो उन लोगों को बोले कि मेरी रतनप्रिया को जम के चोदो, संकोच मत करना!
मुझसे बोले- रतनप्रिया मेरी रंडी, ये तीनों जम के तुझे चोदेंगे, अधिकारी हैं तीनों, फुल इंजवाय कर!
मैंने कहा- जी चाचा!

तभी उन तीनों ने अपना पैन्ट उतार दी, तीनों मेरे सामने नंगे हो गए, एक मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया, दूसरा बोला- मैं तो इसकी खून भरी चूत चाटूंगा, रतनप्रिया अपनी टांग फैला!
और मेरी टांग पकड़ कर फैला दिया, मेरी खुली चूत उसके सामने थी, वो बोला- ओहहह माई गॉड रतनप्रिया, क्या गजब की पिंक चूत है तेरी… लाखों में किसी एक की ऐसी चूत होती है, तू बहुत हाट लड़की है!
और अपनी जीभ निकाल कर चाटने लगा, मेरी चूत चाट चाट के पूरी तरह से साफ कर दी. मेरी चूत में लंड का रस भी था, उसको भी चाट गया.

मैं चिल्लाने लगी, बोलने लगी- तीनों चोदो जम के… मैं बहुत चुदासी हूं.
मैंने कहा- सुनो अभी मुझे जम के चोदो, मुझे पागल कर दो! ऊं हहह आहह!

तभी जो बड़े अधिकारी थे, बोले- तीनों एक साथ लंड डालेंगे, सोच ले रतनप्रिया!
मैंने कहा- कुछ भी करो, बस घुसा दो सर!
तभी जवान लड़के को बोले- बलवीर, तू रतनप्रिया की चूत में डाल, मुझे इसकी गांड पसंद है, मैं इसकी गांड को चोदूंगा.
और जो तीसरा था, उसे बोले- तू मुंह में लंड डाल.

मुझे अब टेढ़ा कर दिया और सामने मेरे चूत में वो यंग लड़का आकर चिपक गया, बहुत मस्त था वो… मैंने अपने हाथ से उसका लौड़ा पकड़ लिया- अरे बाप रे, यह तो बहुत बड़ा है!
तो बोला- लड़कियां तरसती हैं ऐसे लंड को!
मैं बोली- सच में मुझे बहुत मजा आया तुम्हारा लंड पकड़ कर!

लंड को मैंने ऊपर नीचे हाथ से करना शुरू किया और फिर अपनी चूत में डालने के लिए फिट कर लिया और उसके सीने से चिपक गई, बोली- घुसा दो अपनी रतनप्रिया की चूत में मेरे हीरो!
उसने बोला- अभी मेरी डार्लिंग!
और मेरे बूब्स मुंह में भर कर चूसने लगा. मुझे सच में जन्नत की सैर करा दी.

तभी बड़े वाले अधिकारी मेरे चूतड़ों को फैला कर मेरी गांड चाटने लगे, मुझे अजीब सी गुदगुदी होने लगी, मैं होशो हवास खोने लगी, तभी वो बोला- रतनप्रिया मेरी जान आज तक मैंने बहुत गांड मारी पर तेरे जैसी चिकनी लाल मस्त गांड नहीं मारी!
और फिर अपनी जीभ को मेरी गांड में डाल दिया और उसे चूमने चाटने लगे. मैं और मदमस्त हुई जा रही थी कि तभी उसने मेरी गांड में बहुत सारा अपना थूक लगाया और कहा- रतनप्रिया, मुझसे शादी कर ले, तेरी गांड का मैं दीवाना हो गया!
कहते हुए अपना मस्त लंड मेरी गांड में घुसेड़ दिया. मैं चिल्ला उठी!

इतने में तीसरे अधिकारी जो थे, वो सामने आकर मेरे होंठों को चूसने लगे, चाटने लगे और फिर अपने लंड को मुंह में मेरे डाल दिया और अंदर बाहर करने लगे.

तभी सामने वाले यंग लड़का भी जोर से अपना मस्त लंड मेरी चूत में एक ही झटके में पूरा डाल दिया, मुझे लगा कि मर जाऊंगी, मेरी आँखों से आंसू निकलने लगे, बहुत दर्द हो रहा था, मुंह में लंड घुसा था इसलिए चिल्ला भी नहीं पा रही थी।
अब मेरी चूत में गांड में और मुंह में तीनों जगह एक साथ लंड अन्दर बाहर हो रहे थे, बहुत तेज दर्द हो रहा था, सबके लंड बहुत बड़े और मोटे थे। जोर जोर से मुझे तीनों एक साथ चोदने लगे.

तभी चाचा मेरे सामने आकर खड़े हो गए और बोलने लगे- चोदो… क्या मस्त चूत है, 3 – 3 लंड ले रही है. रतनप्रिया तू बहुत लकी है, मस्त चोदो आप तीनों! इसे रंडी बनना है, रतनप्रिया बहुत बड़ी माल है, और चोदो, तीनों एक साथ जोर से डालो इसकी चूत में… बहुत चोदो!
और अपना लंड हाथ में लिए ऊपर नीचे करने लगे.

चाचा मुझे बोले- तुझे चुदते हुए देख कर मुझे बहुत मजा आ रहा है रतनप्रिया, लग रहा है कि क्या कर डालूं!
तीनों लंड से जम के हो रही चुदाई और उन सब की गन्दी गन्दी बातें और गालियां सुन कर मैं फुल एक्साइटेड होने लगी और मेरा पूरा दर्द खत्म हो गया, अब मुझे बहुत मजा आने लगा. तभी जो अंकल मुंह में डाले थे, उन्होंने अपने लंड का रस मेरे मुंह में भर दिया और मैं गट से पी भी गई और लंड को पूरा चाट चाट के उनका लंड साफ कर दिया.

पहली बार लंड रस पिया था, ऐसे लगा जैसे इससे टेस्टी दुनिया की कोई चीज नहीं, वो साहब जिनका मुंह में लंड था वो चले गए.
जैसे मुंह खाली हुआ, मैं चिल्लाने लगी जोश में- और मेरी गांड में डालो सर, मेरी गांड में पूरा लौड़ा डालो! बहुत जोर से डालो यार!
चाचा को बोली- तुम भी अंदर डाल दो चाचा, हाथ से क्यों लंड रगड़ रहे हो, तुम्हारी रंडी रतनप्रिया तुम्हारा भी लंड चूस के खाली कर देगी. मेरे अंदर डालो आज!
और फिर चाचा को बोली- आज तुम भी डाल दो चूत में या गांड में… दो दो लंड एक साथ डाल दो, बहुत मन कर रहा है, अब आ जाओ।

चाचा बोले- तुझे चुदते देखने में ज्यादा मजा आ रहा है रतनप्रिया, तू क्या स्टाइल से चुदवा रही है, ऐसा सीन किसी ब्लू फिल्म में आज तक नहीं देखा! एक दम कयामत लग रही है चुदवाते हुए तू, मैं सबको लाया करूंगा तेरे लिए और मेरे सामने तू ऐसे चुदवाना कभी 3 कभी 4 कभी 5 लंडों से… बहुत मजा आ रहा है. क्या मस्त चूत है तेरी… और क्या लंड ले रही है. रतनप्रिया बहुत मज़ा आ रहा है तुम पागलपन की हद तक चुदाई करवाती हो, अभी इन लोगों से तू चुदवा, मैं तुझे बाद में चोदूंगा, अभी देखने में बहुत मजा आ रहा है.

तभी वो यंग वाला लड़का, जिसका लंड चूत में था, जोर से रगड़ने लगा और बोला- रतनप्रिया सम्हाल खुद को!
और बहुत जोर जोर से धक्का लगाने लगा और वोहहहह आहहहह करते हुए अपना लंड रस मेरी चूत में भर दिया और मेरे होंठों को चूमने लगा.

फिर वो उठ गया खाली होकर!
अब जो बड़े साहब थे, जिनका लंड गांड में घुसा था, वो चोदे जा रहे थे, बोले- क्या मस्त माल है तू रतनप्रिया! आज तक ऐसे गांड किसी ने नहीं चुदवाई!

मैंने गांड और उठा दी और बोली- फुल स्पीड से चोदो सर, बहुत मजा आ रहा है. फाड़ दो मेरी गांड को! आज मेरी सुहागरात है, आज फर्स्ट चुदाई की रात है.
वो सर बोले- रतनप्रिया, तेरी बातें सुन कर सब चोदने वाले दुगना इकसाईटेड हो जाते हैं और पागल कर देती है तू! मैं अब गया!
और वो पूरा घुसेड़ कर गांड में लंड का वीर्य गर्म गर्म गिराने लगे और ‘ऊं हहह वोहह हहह रतनप्रिया… तू बेस्ट है!’ उठ गये।

ऐसे चुदाई हुई मेरी पहली ही बार में!

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