हलाला बेटे के साथ – Update 2
फिर अगले दिन सुबह सुबह मै अम्मी और डेड के कमरे मे गया
मै- शादी की सालगिरह मुबारक हो आप दोनों आप हमेशा इसी तरह खुश रहो
जन्नत आपा – मुबारक हो सालगिरह की
डेड – थैंक्स बच्चो
अम्मी – थैंक्स चलो अब नाश्ता कर लो फिर टिफ़िन लगा देती हू
मै – अम्मी आज मै कालेज नही जा रहा शाम की पार्टी की तैयारी करनी है न
फिजा- मै भी स्कूल नही जाऊं
अम्मी- चल तू स्कूल जा थोड़ी देर मे तो आ ही जाएगी
जन्नत आपा- अम्मी चाहती तो मै भी हू की छुट्टी ले लू पर काम है आफिस हे सारी
अम्मी- कोई बात नही तू काम पर ध्यान दे यहा शाहिद सब देख लेगा
डेड – हमे तो हॉस्पिटल जाना ही पडेगा मगर तुम्हारी अम्मी जल्दी आ जाएगी और मै थोडा लेट आऊँगा
फिर वो दोनो हॉस्पिटल चले गए और मै पार्टी की तैयारियों में लग गया
दोपहर में अम्मी भी हॉस्पिटल से आ गई और मेरे साथ काम मे हाथ बटाने लगी
अम्मी- कितनी लगन से काम कर रहा है मेरा बेटा
मै- अम्मी आखिर आप दोनों की शादी की सालगिरह है और मै आप दोनों से बहुत प्यार करता हूँ
अम्मी- अरे मेरा बच्चा सबको तेरे जैसा आज्ञाकारी और प्यार करने वाला बेटा मिले
मै – आप भी तो मुझे कितना प्यार करती हो अम्मी
फिर फिजा भी आ गई और काम चरने लगी
दादी- अरे लगता है तैयारी जोर शोर से चल रही है
अम्मी – जी अम्मीजान
दादी- फरहान कहा है
अम्मी- वो शाम को आएंगे
दादी- ये भी न सालगिरह के दिन भी छुट्टी नही ले सकता चलो तुम लोग तैयारी करो और हा मुस्कान शाम को मौलवी साहब और समाज के भी कई लोग आएंगे देखना कोई गलती न हो
मै- अरे दादी उन लोगों को बुलाने की क्या जरूरत थी वो धर्म वाले लोग है उनको हर बात पर ऐतराज होता है गाना बजाना नही करो ये वो
दादी- सही तो कहते है जो लिखा है वही कहते है और तू भी थोडा सीख ले
मै – मै डाक्टर बनने वाला हू और ये दकियानूसी बाते नही मानता
दादी- देख मुस्कान क्या कह रहा है ये तो बिरादरी मे अलग ही सोच रखता है
अम्मी- रहने दो न अम्मी अभी बच्चा है सीख जाएगा बाद मे
फिर दादी अपने कमरे मे जाकर इबादत मे लग गई
मै- अम्मी आप भी न उनको कुछ नही कहती हो
अम्मी- बेटा थोडा मजहब मे भी रहना पडता है बरना तेरी बहनों के रिश्ते नही होगे और तेरी शादी मे भी परेशानी होगी
मै – ठीक है ठीक है मगर मै ये सब नही मानता पर आप लोगो के लिए कर लूगा
फिर हम तैयारी मे लग गए और शाम हो गई और पार्टी शुरू हो गई

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