राजू अपनी आंखों से,,,, अपने पिताजी को अपनी छोटी बहन की चुदाई करता देखकर थोड़ा बहुत गुस्सा तो आया था लेकिन उस नजारे को देखकर उसके मन में युक्ति भी सुझ गई थी,,,, और इसी का फायदा उठाते हुए राजू अपने पिता को विश्वास में ले लिया था और अब वह अपने पिताजी की जानकारी में अपनी मां की चुदाई करने के लिए पूरी तरह से तैयार था लेकिन हरिया को इस बात का विश्वास था कि उसकी बीवी जो की पूरी तरह से चरित्रवान है वह कभी भी अपने ही बेटे के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाएगी और इसी के चलते वह राजू से भी वादा ले चुका था कि अगर उसकी मां उसके साथ सोने के लिए तैयार नहीं हुई तो फिर वह उसके और गुलाबी के राज को अपने सीने में राज बनाकर दफन कर लेगा,,,,, और इस शर्त को राजू भी मान चुका था अपनी ही मां के साथ सोने के लिए गुलाबी भी राजू का साथ दे रही थी क्योंकि उसे मालूम था कि राजू और उसकी मां के बीच पहले से ही सारे संबंध स्थापित हो चुके हैं इसलिए आगे किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी,,,,,
खाना खाने के बाद जब हरिया बीड़ी पीने के लिए घर से बाहर गया था तब मधु बर्तन मांज रही थी और राजू अपनी मां के करीब जाकर बैठ गया और बोला,,,
मां मैं तुमसे एक बात कहना चाहता हूं,,,
क्या बात है,,,(बर्तन को पानी में डालकर धोते हुए)
वह बात ऐसी है कीमा मैं गांव की लड़की से बहुत प्यार करता हूं और उससे शादी करना चाहता हूं,,,,
(इतना सुनते ही मधु बर्तन को धोना भूल कर राजू की तरफ आज फिर से देखने लगी और मुस्कुराते हुए बोली)
कौन है वो,,,,?
अपने गांव के नुक्कड़ जिसका घर है ना झुमरी,,,
झुमरी आईईईई,,,, क्या पसंद है रे तेरी,,,,
क्या वह तुझे पसंद करती है,,,,
हां मां वह मुझे पसंद करती है शादी करने के लिए तैयार भी हैं और उसकी मां भी शादी करने के लिए तैयार है बस तुम्हारी हां मिलना जरूरी है,,,,
अगर मैं ना कह दूं तो,,,
नहीं मां मैं तुम्हें जानता हूं तुम इतनी निर्दयी नहीं हो सकती,,,
हां यह बात तो सही है कि मैं इतनी निर्दई नहीं हो सकती लेकिन जब सवाल तेरे पर आकर रुक जाए तो मुझे होना ही पड़ेगा,,,
मैं कुछ समझा नहीं,,,
तू इतनी खूबसूरत लड़की को पसंद किया है उससे शादी कर लेगा तो दिन रात उसे ही चोदता रहेगा मेरे पर तो तु ध्यान ही नहीं देगा,,,, और इसीलिए मुझे यह रिश्ता बिल्कुल भी पसंद नहीं है क्योंकि मैं तेरे से अलग नहीं होना चाहती,,,
Madhu apni peticoat utarkar nangi hoti huyi

कैसी बात कर रही हो मां दुनिया की सबसे खूबसूरत औरत तुम हो तुम्हारे बात सब है वह तो औपचारिक रूप से मुझे तो विवा तो करना ही होगा क्योंकि सी ऐसी वैसी लड़की की जगह झुमरी मुझे बहुत अच्छी लगती है इसीलिए कह रहा था बाकी तो भले ही झुमरी से शादी हो गई लेकिन शादी वाली रात को सबसे पहले मैं सुहागरात तुम्हारे साथ मनाऊंगा,,,,,,
(अपने बेटे की बात सुनकर मधु मुस्कुराने लगी अपनी मां को मुस्कुराता हुआ देखकर राजू अपनी जगह पर खड़ा हुआ और अपनी पजामे में से कान के झुमके निकालकर हथेली ले लिया और उसे अपनी मां की तरफ आगे बढ़ाते हुए बोला,,,,)
यह लो मां तुम्हारे लिए लाया था,,,।
(अपने बेटे की हथेली में कान के झुमके देखते ही वह एकदम से खुश हो गई और तुरंत अपने हाथ को अपनी साड़ी से साफ करके अपने बेटे की हथेली में से कान के झुमके ले लिया और उसे दोनों हाथ की अंगुलियों में हल्के से पकड़कर गोल गोल घुमाने लगी और मुस्कुराते हुए बोली,,,,)
क्या यह सच में मेरे लिए हैं,,,,
तो क्या मां मैं तुम्हारे लिए ही लाया था क्योंकि मैं जानता था कि तुम मेरी बात जरुर मानोगी और इसी खुशी में मैं तुम्हारे लिए झुमके बनवा कर लाया था,,,,
बहुत समझदार हो गया मेरा बेटा,,,,, मुझे कोई एतराज नहीं है आखिरकार एक ना एक दिन तो तेरी शादी करनी पड़ेगी,,,, झुमरी जैसी बहू का कर मुझे भी अच्छा लगेगा,,,,
(राजू अच्छी तरह से जानता था कि उसकी मां उसके इस प्रस्ताव को बिल्कुल भी नहीं ठुकराएगी बस थोड़ा से ही डर था कि एक औरत होने के नाते एक औरत की ईर्षया उसके मन में जरूर होगी और उसकी मन की बात मधु के होठों पर भी आ गई थी ,,, लेकिन मधु की अच्छी तरह से जानती थी कि चाहे कुछ भी हो जाए उसका बेटा उसे शादी के बाद भी संतुष्ट करता रहेगा इसलिए वह भी इस रिश्ते से मान गई थी वह साथ में राजू के हाथों कान के झुमके भी पा गई थी जो कि उसके लिए तो एक सपना ही था,,,,,,,,
हरिया बहुत परेशान नजर आ रहा था उसे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था कि वह अपने बेटे के द्वारा रंगे हाथ पकड़ा कैसे गया,,,,, उसे इस बात का डर था कि अगर उसके बेटे ने अपनी मां से उसके और गुलाबी के बीच के रिश्ते के बारे में बता दिया तो क्या होगा गजब हो जाएगा और ऐसा बाहर करना चाहता था,,,,, हरिया अपनी बीवी से बहुत प्यार करता था और उसकी बीवी मधु भी अपने पति हरिया को बहुत प्यार करती थी लेकिन इस प्यार के बीच में वासना आ चुकी है जो कि एक खूबसूरत औरत होने के बावजूद भी अपनी बहन के साथ शारीरिक संबंध बनाकर अपनी जवानी की गर्मी मिटाने की कोशिश कर रहा था वहीं दूसरी तरफ मधु का भी यही हाल था ऐसा नहीं था कि पहले वह अपने पति से संतुष्ट नहीं थी वह पहले भी अपने पति से पूरी तरह से संतुष्ट थी क्योंकि जिंदगी में वह अपने पति के अलावा किसी दूसरे के मन को अपनी बुर में जाने की इजाजत नहीं दी थी इसीलिए उसकी बुर उसके पति के लंड सांचे में ढल चुकी,,,,,
लेकिन अनजाने में और वासना के वशीभूत होकर अपने बेटे के साथ सारी संबंध बना लेने के बाद उसे इस बात का एहसास हुआ था कि उसके पति का लंड उसके बेटे के लंड के आगे कुछ भी नहीं था,,,, पहली बार अपने बेटे के लंड को अपनी बुर में लेने के बाद,,, उसे महसूस हुआ कि वाकई में मर्दाना ताकत से भरा हुआ लंड किसे कहते हैं,,,, राजू की अपनी मां के साथ अपना मर्दाना जोश दिखाते हुए अपने पिता के द्वारा खींची गई लकीर को बिना मिटाएं उससे भी बड़ी लकीर बना दिया था जो कि उसकी मां की बुर में पूरी तरह से खलबली मचा दिया था,,,,्और अब मधु की बुर भी राजू के लंड की आदी हो चुकी थी,,,,,,,
हरिया का डर बिल्कुल जायज था,,, क्योंकि वह बिल्कुल भी नहीं चाहता था कि उसकी बीवी का संबंध उसके ही बेटे के साथ हो जाए क्योंकि अगर ऐसा हो गया तो समाज में अगर किसी को पता चल गया तो किसी को मुंह दिखाने के काबिल नहीं रह जाएंगे लेकिन जिस हालात में राजू ने हरिया और गुलाबी को पकड़ा था उसे देखते हुए राजू के अपनी मां को इस बात को बता देने की जिद के आगे हरिया हथियार डाल दिया था और राजू को खुली छूट दे दिया था कि वह अपनी मां के साथ कुछ भी कर सकता है हालांकि एक शर्त भी थी कि अगर पहली बार में ही उसकी मां उसके साथ संबंध बनाने के लिए नहीं मानी तो वह सब कुछ भूल जाएगा,,,,। यही सब सोच सोच कर हरिया का दिमाग खराब हो रहा था वह अपने कमरे में गया तो देखा कि मधु गहरी नींद में सो चुकी थी और वह उसके बगल में जाकर ले लिया और फिर ना जाने क्यों अपने आप ही उसके मन में कल्पना आने लगा कि कैसे उसका ही बेटा अपनी मां को चोद रहा है वैसे भी राजू ने अपने पिता को बेशर्म बनकर अपने लंड की झलक दिखाया था और हरिया भी अपने बेटे के लंड को देखकर पूरी तरह से हासिल चकित हो गया था,,,, और उसके मन में इस बात का डर बैठ गया था कि अगर मधु अपने बेटे के लंड को देख लेगी तो एक औरत होने के नाते जरूर उसे खुद को अपनी जवानी पर गलती हुई महसूस होने लगी थी और वह मोटे तगड़े लंड को अपनी बुर में लेने के लिए तड़प उठेगी,,,,
यहीं सब ख्याल उसके मन में भी आ रहा था और उसके मन में कल्पना भी अपना संपूर्ण रूप लिए हुए थे कि किस तरह से राजू अपनी ही मां की साड़ी को अपने हाथों से उतारकर उसे नंगी करने मैं जुड़ा हुआ है कैसे वह अपनी मां के ब्लाउज का बटन खोल कर उसकी बड़ी बड़ी चूची को हाथ में लेकर मुंह में भरकर चूसना शुरू कर दिया है फिर कैसे पेटीकोट की दूरी को एक झटके से खोल कर उसकी पेटीकोट को कदमों में गिरा कर उसे पलभर में ही नंगी कर दिया है,,,, यही वह खुद के साथ करते हुए अपने कपड़ों को अपने हाथों से उतारकर पल भर में ही अपनी मां के सामने पूरी तरह से नंगा हो गया और उसके मोटे तगड़े लंड को देखकर मधु के तन बदन में आग लग गई और वह खुद आगे बढ़कर घुटनों के बल बैठकर अपने बेटे के लंड को पकड़ कर उसे मुंह में लेकर चूसने शुरू कर दी और अपनी मां की इस हरकत पर राजू पूरी तरह से मस्त हो गया और आंखों को बंद करके गहरी गहरी सांसे लेने लगा,,,,
इस तरह की कल्पना करते हुए हरिया पूरी तरह से परेशान हो गया था उसकी आंखों में नींद बिल्कुल भी नहीं थी वह सोने की कोशिश करता लेकिन आंख बंद करते ही उसकी आंखों के सामने सब कुछ नजर आने लगता था कि कैसे राजू अपनी मां को अपनी गोद में लेकर खटिया पर ले गया और खटिया पर उसकी दोनों टांगों को फैला कर उसकी बुर पर अपने होठ लगाकर उसके काम रस को चाटने शुरू कर दिया और अपने बेटे की इस हरकत पर मधु पूरी तरह से मस्त होकर गहरी गहरी सांस लेते हुए अपनी कमर को ऊपर की तरफ उछालने लगी,,,,, और फिर देखते ही देखते राजू अपनी मोटे तगड़े लंड को अपनी मां की बुर के मुहाने पर रखकर धीरे-धीरे धक्का लगाते हुए पूरा का पूरा लंड उसकी बुर में डालकर उसे चोदना शुरू कर दिया और अपने बेटे की चुदाई से मस्त होकर मधु गहरी गहरी सांस लेने के साथ साथ गरमागरम सिसकारी लेते हुए अपने बेटे से चुदवाने का मजा लूटने लगी,,,,,
यही सब कल्पना करके हरिया की हालत खराब हो चुकी थी एक तरफ उसे बुरा लग रहा था लेकिन अपने बेटे और अपनी बीवी की कल्पना करके उसका लंड तनने लगा था,,,,, और वह करवट लेकर अपने खड़े लंड को अपनी बीवी की गांड में दर्शाते हुए उसे अपनी बाहों में लेकर सोने की कोशिश करने लगा और कब उसे नींद आ गई उसे भी पता नहीं चला,,,, और दूसरी तरफ राजू अपनी बुआ के कपड़ों को उतारकर से पूरी तरह से नंगी कर दिया था और उसे गाली देते हुए बोला,,,।
तू तो पूरा एकदम छिनार हो गई है अपने भाई को भी नहीं छोड़ी उसका भी लंड अपनी बुर में ले ली,,,,
जैसा कि तू मेरी जवानी देख कर अपने आप पर काबू नहीं कर पाया और मेरे साथ संबंध बना लिया वैसे भैया भी मुझे नंगी देखकर अपने आप पर काबू नहीं कर पाए और मुझे अपनी बाहों में लेकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को तार-तार करते हुए उसे चोद डाला,,,,,
तो क्या पिताजी तेरी रोज लेते हैं,,,,
नहीं नहीं रोज तो नहीं लेते क्योंकि इतनी जल्दी मौका नहीं मिलता कल बेल को बांधने के चक्कर में मुझे थोड़ा सा लेट हो गया और भैया पीछे पहुंच गए अकेलापन एकांत देखकर उनसे रहने की और मुझे चोदना शुरू कर दिया और तुम देख लिया,,,,
तो अच्छा ही हुआ ना कि मैंने देख लिया,,,(खटिया पर गुलाबी की दोनों टांगों को चौड़ा करते हुए,,) वरना तुम दोनों की काम दिला के बारे में मुझे पता कैसे चलता मुझे तो ऐसा ही लग रहा था की तुम मुझे ही सिर्फ देती हो लेकिन भैया को भी दे रही हो मुझे पिताजी से ऐसी उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी,,,,
राजू तुझे क्या लगता है कि बुर देखकर सिर्फ तेरी ही नियत डोलती है दुनिया में ऐसा कोई भी मर्द नहीं है जो औरत की बुर देखकर फिसलना चाहता हो और फिर वह चाहे बुरा किसी की भी हो उसकी मां की बहन की चाची की भाभी की किसी की भी,,,,
हां बात तो तुम सही कह रही हो बुआ तुम्हारी बुर है इतनी खूबसूरत थी किसी का भी मन बहक जाए,,,(इतना कहने के साथ ही राजू अपनी बुआ की बुर के गुलाबी छेद पर अपना लंड सटाया और पहले धक्के में ही पूरा का पूरा लंड अपनी बुआ की बुर में डाल दिया,,, और उसे चोदना शुरू कर दिया,,,, चुदवाने का मजा लेते हुए गुलाबी बोली,,,)
बाकी तूने अपने ही पिताजी के साथ खेल खेल गया भैया को कहां मालूम है की भाभी तुझ से चुदवाती है उन्हें तो ऐसा ही लगता है कि उनकी बीवी एकदम सती सावित्री है इसीलिए तो बोल दी है कि अगर पहली बार में ही अगर वह नहीं मानी तो तो दोबारा कोशिश नहीं करेगा,,,,, सच में राजू मुझे तो भैया पर तरस आ रहा था क्योंकि वह पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरे हुए थे कि उनकी बीवी अपने ही बेटे के साथ संबंध बनाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं होगी लेकिन उन्हें थोड़ी पता है कि उनकी ही बीवी अपने ही बेटे के सामने टांगें खोलकर पसर जाती है,,,,
Raju raju ki maa or raju ki bua

तभी तो बुआ अब इस खेल में बहुत मजा आएगा अब मैं बेझिझक कभी भी जुदाई कर सकता हूं,,,,,
हारे राजू जो कुछ भी हुआ ठीक हुआ,,,,,,,, अब तो बहुत मजा आने वाला है,,,,,
(इतना कहने के साथ ही गुलाबी राजू के लंड का मजा लेने लगी और राजू जोर-जोर से हुमच हुमच कर अपनी कमर हिला ता हुआ अपनी बुआ को चोदने लगा,,,,,
दूसरे दिन हरिया का मन उदास था उसे इस बात का विश्वास जरूर था कि उसकी बीवी राजू की बात मानेगी नहीं लेकिन इस बात का डर भी था कि राजू के लंड को देखकर कहीं उसका मन डोल ना जाए,,,,, आखिरकार सुबह की दिनचर्या से निपट कर हरिया बेल गाड़ी लेकर जाने लगा तो राजू को इशारा करते हुए बोला,,,,

मां बेटे दोनों खेत में जाकर थोड़ा काम कर लेना,,,,
जी पिताजी,,,(इतना कहने के साथ ही राजू अपने पिताजी की तरफ देख कर मुस्कुराने लगा और हरिया अपने बेटे को मुस्कुराता हुआ देखकर मन ही मन में उसे गाली देता हुआ वहां से चला गया हरिया के जाने के बाद ही राजू गुलाबी की उपस्थिति में ही अपनी मां से बोला,,,,)
ओहहह मां आज तो मैं बहुत खुश हूं,,,(इतना कहने के साथ ही उसे गोद में उठाकर इधर-उधर घूमने लगा तो मधु बोली)
अरे कुछ बोलेगा भी या ऐसे ही गोद में उठाए इधर-उधर भागता रहेगा,,,,
अरे मां क्या कहूं बात ही कुछ ऐसी है,,,,
लेकिन बता तो सही हुआ क्या,,,,,?
(इतना सुनते ही राजू अपनी मां को अपनी खुद से उतार कर जमीन पर उसके पैर रखते हुए बोला,,,)

कल मैंने रात को बुआ और,,,(गुलाबी की तरफ देखते हुए) पिताजी को रंगे हाथों पकड़ लिया,,,,,
इसमें कौन सी बड़ी बात है भाभी को सब पता है,,,(गुलाबी बीच में ही बोल पड़ी)
क्या तुम्हारी और पिताजी के बीच में जो कुछ भी चल रहा है मां को सब कुछ पता है,,,,
हां मुझे सब पता है लेकिन यह बात मैंने तेरे पिताजी को इसलिए नहीं बताया कि कभी तेरे पिताजी को हम दोनों के बीच के रिश्ते के बारे में पता चले तो हमें उनके और गुलाबी के रिश्ते के बारे में बता कर उनका मुंह बंद करवा सकूं और अब तू भी यह राज जान चुका है,,,,(अपनी मां के मुंह से इस तरह की बातें सुनकर राजू एकदम हैरान था इस बात से कि उसकी मां को सब कुछ पता होने के बावजूद भी उसने आज तक इस बात की भनक उसे खुद को लगने नहीं दी थी,,,)
लेकिन भाभी राजू ने जो कारनामा कर दिखाया उसे सुनोगी तो तुम भी खुश हो जाओगी,,,
ऐसा कौन सा कारनामा कर दिया है राजू ने,,,,
अरे भाभी भैया को मेरे साथ जब राजू ने देख लिया तो जानबूझकर तुम्हें बताने का नाटक करने लगा और इसी बात पर भैया एकदम से घबरा गए और सच कहूं तो रोने लगे क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि मेरे और भैया के बीच में जो कुछ भी चल रहा है तुम्हें इस बात का जरा भी भनक लगे,,,,, और अपना मुंह बंद करवाने के लिए पता है राजू ने क्या कहा,,,
क्या कहा,,,?(उत्सुकता दिखाते हुए मधु बोली)
अपना मुंह बंद करने के एवज में राजू ने अपने ही पिताजी से अपनी मां को चोदने की शर्त रख दिया है तभी वह अपना मुंह बंद करेगा वरना तुम्हें बता देगा,,,।
(इतना सुनते ही मधु हैरान होकर अपने मुंह पर हाथ रख ली और आश्चर्य से राजु की तरफ देखते हुए बोली)
हाय दैया तुझे शर्म नहीं आई अपने ही बाप से इस तरह की बात करते हुए,,,,
अरे मां तुम्हें तो खुश होना चाहिए हम लोगों का रास्ता एकदम साफ हो गया अब जब चाहे तब चुदाई का खेल खेल सकते हैं,,,
क्या तेरी सर्त तेरे पिताजी ने मान गए,,,,
हां मा मान तो गए हैं लेकिन एक शर्त पर,,,
इसमें भी एक शर्त है,,,,
हां यही कि अगर पहली बार में तुम मुझसे चुदवाने के लिए तैयार नहीं हुई तो सब कुछ मुझे भूल जाना होगा,,,, पिताजी को तुम पर बहुत भरोसा है कि तुम अपने ही बेटे से चुदवाओगी नहीं,,,,,
हां यह बात तो सही है लेकिन जब तक तेरा लंड नहीं देखी थी तब तक अब तो तेरे लंड के बिना मुझे रहा नहीं जाता,,, सच में राजू तूने तो कमाल कर दिया अपने ही पिताजी को बेवकूफ बना दिया,,,,
तो क्या मैं इसी बात पर हो जाए,,,(इतना कहने के साथ ही राजू अपनी मां को अपनी तरफ खींच कर अपनी बाहों में ले लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उसे चुंबन करने लगा और देखते ही देखते तीनों उत्तेजित होते हुए एक दूसरे के बदन से कपड़े उतारने लगे हो और पल भर में ही घर के अंदर तीनों एकदम नंगे हो गए राजू का लंड मधु अपने मुंह में लेकर चूस रही थी और गुलाबी अपनी बुर को राजू के मुंह पर रखकर उसे जोर जोर से रगड़ रही थी और कुछ ही देर में राजू अपने मोटे तगड़े लंड से,,, दोनों औरतों की गुलाबी चूत की गर्मी बाहर निकाल दिया,,,,,
रात को जब हरिया घर पर पहुंचा तो वह बहुत उत्सुकता जानने के लिए कि आखिरकार हुआ क्या,,,?

