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Update 41

शाम के समय कबाड की दूकान में एक टेबल के आगे कुर्सी लगा के बैठे फारूक का जब फ़ोन बजा तो वो उठ खड़े हुए और दूकान में टहलते हुए बात करने लगा. 

कुछ देर बात करने के बाद फारूक ने फ़ोन काट दिया और दूकान की छत पर अपनी मामू की लड़की नरगिस से आशिक़ी लड़ाते अपने बेटे आदिल को आवाज लगाई. जब आदिल आवाज सुनकर नहीं आया तो फारूक ने अपने यहां काम करने वाले रामु को ऊपर छत पर भेजते हुए आदिल को बुलाने का कहा..

फारूक – आदिल.. आदिल.. रामु जा ऊपर देख वो हरामखोर क्या कर रहा है? बुला के ला उसे..

रामु ने अपने मालिक की बात मानकर छत की तरफ रास्ता कर लिया और छत पर आ गया.. आदिल छत के एक कोने में बैठा नरगिस के साथ फ़ोन सेक्स में बिजी था तभी वहा रामु आकर बोला..

रामु – नीचे तुम्हे तूम्हारे अब्बा फारूक मिया बुला रहे है..

आदिल रामु को देखकर – क्या रामु डरा दिया तूने तो.. चल मैं आता हूँ..

रामु वापस नीचे चला जाता है और आदिल उसके पीछे पीछे नीचे आ जाता है..

फारूक – कान में तेल डालके बैठा था क्या भड़वे? कितनी आवाजे लगाई, सुनाई नहीं दिया? चल.. अब जल्दी जा और चाचू के यहां से हिसाब की डायरी ले आ.. महीने का आखिर है सबका हिसाब करना है.. और इस बार टेंडर में सरकारी कबाड की बोली कितनी भेजनी है ये भी पूछ लेना.. पर ज़रा अकेले में, जरुरी टेंडर है..

आदिल – आज तक कोई टेंडर मिला है जो अब मिलेगा… पर ठीक है.. जाता हूँ..

आदिल दूकान से थोड़ा दूर जाकर गौतम को फ़ोन करता है..

आदिल – हेलो.. रंडी..

गौतम – हाँ गांडु.. बोल?

आदिल – दुकान के पास वाली डेयरी पर मिल.. कहीं चलके आना है..

गौतम – अभी मूड नहीं है यार.. बहुत गर्मी है..

आदिल – नाटक मत कर रंडी.. आजा जल्दी.. तेल डलवा दूंगा बाइक में..

गौतम – चल आता हूँ..

गौतम आदिल को डेयरी पर से पिकअप करके चल देता है..

गौतम – बता कहा चलना है?

आदिल – चाचू के यहां..

गौतम – क्यों? अब चाचू की लड़की रज़िया पर दिल आ गया क्या तेरा? वो तो खुश हो जायेगी सुनकर..

आदिल – अबे अब्बू ने भेजा है काम से.. रजिया पे किसका दिल आएगा.. ना शकल है ना सामान.. डायरी लाना है हिसाब की.. चाचू की दूकान से क्या क्या आया है और उनको क्या क्या गया है..

गौतम – अच्छा तो अब कबाड़ीवाले भी बनियो की तरह हिसाब रखने लगे है.. अच्छा है..

आदिल – अबे ओ ठुल्ले की औलाद.. कबाड़ी की सही पर अपनी अपनी दुकान है अब्बू की और चाचू की.. दिनभर कुर्सी पर बैठके काम करते है तेरे बाप की तरह थानेदार का लोडा मुंह में लेकर चूसते हुए ज़ी सर ज़ी सर नहीं करते..

गौतम जोर से – कबाड़ीवाले… कबाड़ीवाले…

आदिल – भोस्डिके, मुंह बंद कर ले अपना.. बकचोद साला..

गौतम – बुरा क्यों मानता है गांडु.. चल टंकी फुल करवा दे..

आदिल – भाई 100 का डाल दे..

गौतम – 100 में भड़वे वापस नहीं लाऊंगा तुझे..

आदिल – ठीक है रंडी.. 200 का डालवा ले..

गौतम – वैसे एक बात बोलनी थी तुझे.

आदिल – हाँ बोल..

गौतम – यहा नहीं, किसी चाय कॉफी की दूकान पर रोक.. बहुत सीरियस है पर मुझे कन्फर्म नहीं है..

आदिल – भोस्डिके, चाय कॉफी तो वैसे ही पीला दूंगा उसके लिए क्यों नाटक कर रहा है..

गौतम – गांडु सीरियस बात है तेरे लिए.. मेरा क्या है मत सुन.. तेरी अम्मी चुदेगी बाद में..

आदिल – वो तो तू पहले ही चोद चूका है.. अब लंड बड़ा करवा रहा है क्या? आगे उस दूकान पर रोक ले..

गौतम आगे एक रेस्टोरेंट पर रोक लेता है और आदिल के साथ अंदर जाकर एक टेबल पर बैठ जाता है..

आदिल – हां बता.. क्या बात है..

गौतम – पहले कुछ मंगवा तो ले गांडु..

आदिल – भाई दो चाय ला दे..

गौतम – दो समोसे भी ले आना..

आदिल – रंडी.. अब अपना घाघरा खोलके बोल भी दे क्या बात है?

वेटर – लो भईया.. समोसे और चाय..

गौतम – भाई एक चिप्स का पैकेट भी देना..

आदिल – भोस्डिके उस दिन बड़े पैसे थे जब मुझे दो मिनट में दो हज़ार भेजे थे.. अब क्या हुआ?

गौतम – भाई पैसे तो अब भी है औऱ इतने है की तेरे बाप की दूकान खरीदकर तेरी अम्मी के भोसड़े में डाल दू मगर खर्च करने में शर्म आती है.. 

आदिल – बहन के लंड.. बात क्या है वो बता..

गौतम – सुन वो तेरे मामूवाली लड़की नहीं है जिसकी तूने फ़ोन में फोटो दिखाई थी.. जिसके इश्क़ में तू पागल है.. नरगिस..

आदिल – हाँ तो उसका क्या?

गौतम – यार उसको कल हाज़ीवाले की गली में देखा था.. किसी लड़के से बात करते हुए मैंने.. उसका पता किया है, कौशल नाम है लड़के का..

आदिल – तू क्या कह रहा है? साले बहुत लॉयल है वो मेरे साथ..

गौतम फ़ोन दिखाते हुए – तू देख ले यही है ना..

आदिल – पर वो कह रही थी कल अपने खालू के यहां गई थी..

गौतम – भाई बुरा मत मानना.. पर मुझे तो यही खालू तेरी नरगिस का लालू लगता है.. मेरा दोस्त लोकेश भी इसके बारे में बता रहा था..

आदिल – क्या..

गौतम समोसे खाते हुए – छोड़ तू रोने लग जाएगा सुनकर.. यहां के समोसे मस्त है बहनचोद..

आदिल – समोसे गांड में डाल दूंगा.. रंडी.. नरगिस के चक्कर में मेरा यहां दिमाग खराब हो रहा है और तुझे समोसे की पड़ी है.. तेरे दोस्त ने क्या बोला सच बता..

गौतम – सुनना चाहता है तो तेरी मर्ज़ी सुन.. वो कह रहा था की नरगिस को उसके शोहर ने कौशल से बात करते पकड़ लिया था इसलिए तलाक़ दे कर भेज दिया.. और अब भी दोनों छुप छुप के मिलते है..

आदिल – सच कह रहा है ना.. मज़ाक़ थोड़ी कर रहा है मेरे साथ?

गौतम – समोसे की कसम भाई.. चल अब तू तो खाने से रहा.. तेरा समोसा भी मैं खा लेता हूँ..

आदिल – वो कौशल कहा रहता है? जानता है क्या? मिलना है उससे.. बात करनी है..

गौतम – रहता तो हाज़ीवाले मोहल्ले में ही है.. ये ले.. लोकेश से नंबर ले आया था उसके.. कर ले बात..

आदिल नंबर मिलाकर..

आदिल – हेलो..

कौशल – हाँ ज़ी कौन?

आदिल – कौशल बोल रहा है?

कौशल – हाँ बोल रहा हूँ बोलो क्या चाहिए?

आदिल – नरगिस को कैसे जानता है?

कौशल – कैसे जानता है मतलब? सेटिंग है मेरी.. और तू कौन है साले?

आदिल – मै तेरा बाप हूँ साले.. समझा..

कौशल – अबे ओ लोड़ू.. जबान संभालके. नरगिस के चक्कर में कई लड़के मार खा चुके है मुझसे, तेरी भी इच्छा हो मार खाने की तो आ जाना.. कौशल ने फ़ोन काट दिया और आदिल फ़ोन कटने पर उदास होकर अपना सर पकड़ कर वही नीचे की तरफ टेबल को देखने लगा और अपने चुदे हुए इश्क़ का शोक मनाने लगा..

गौतम वेटर से – तुम्हारे यहां बियर वगेरा मिलती है?

वेटर – नहीं भाईसाब..

गौतम – ठीक है एक पानी बोतल ला दे..

वेटर पानी की बोतल दे गया और गौतम आदिल के मुंह को देखने लगा जिसपर मातम छाया हुआ था..

आदिल – अम्मी ने सही कहा था भाई, मैं ही अंधा था. मुझे ही कुछ नज़र नहीं आया.. नरगिस का फ़ोन रात रातभर बिजी आने पर भी मैं समझ नहीं पाया..

गौतम – चल अब ये नरगिस वाला क़िस्सा यही दफ़न कर.. छोटे कबाड़ी के घर चलते है..

आदिल – साले चाचू है मेरे..

गौतम – एक ही बात है भाई.. चल आजा..

आदिल – बहुत दिल दुखा है यार, इस साली नरगिस को तो बताऊंगा मैं.. ऐसा रगड़ के चोदुँगा साली को की याद रखेगी..

गौतम – भाई एक राउंड मुझे भी चाहिए..

आदिल – एक बार मेरा हो जाए फिर एक क्या दो ले लेना.. बहुत शौक है साली को रंडी बनने का.. मैं बनाऊंगा इसको रंडी..

गौतम – ले भाई.. आ गया तेरे चाचू का घर.. ले आ अंदर से जो लाना है..

आदिल अंदर चला जाता है और गौतम घर के बाहर बाइक पर बैठा उसका इंतज़ार करने लगता है की एक लड़कि उसके गाल को पीछे से आकर चुम लेती है.. 

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गौतम पीछे देखकर – क्या कर रही है? 

लड़कि मुस्कुराते हुए – किस्सी कर रही हूँ.. 

गौतम नाराज़गी से – मैंने कहा है तुझे किस्सी करने को? बेशर्म है क्या बिलकुल.. 

लड़की – इतनी भी क्या नाराज़गी.. एक किस्सी ही तो की है.. कोनसा तुम्हारा रेप कर दिया.. 

गौतम – तू करेगी साली मेरा रेप.. एक बार चोद दिया ना पकड़ के.. तो कई दिनों तो ठीक से चल भी नहीं पायेगी.. 

लड़की प्यार से – तो चोद ना गौतम.. मैंने कब मना किया है तुम्हे.. अम्मी कसम.. पूरा खुश करुँगी.. तू जैसे कहेगा वैसे.. 

गौतम – इतनी आग लगी है तेरे अंदर तो बोल दे कबाड़ी वाले को तेरा निकाह करवा देगा.. 

लड़की उदासी से – इस शकल के साथ कौन निकाह करने पसंद करेगा.. इस साल पचीस की हो जाउंगी.. 

गौतम लड़की का हाथ पकड़ कर – अरे उदास मत हो यार.. तेरा फ़ोन दे.. 

लड़की फ़ोन देते हुए – लो.. 

गौतम अपना नंबर देते हुए – आस पास में कोई जगह है सुनसान? 

लड़की मुस्कुराते हुए गोतम की बात का मतलब समझकर गौतम का हाथ पकड़ कर उसे घर के पीछे कबाड़ के ढ़ेर से होते हुए एक कोने में लेजा कर – यहां कोई नहीं आएगा.. 

गौतम लड़की को बाहों में लेते हुए उसके होंठों पर kiss करके – मुंह में लेगी? 

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लड़की शरमाते हुए नीचे बैठकर गौतम की जीन्स खोलती हुई उसके लंड को देखकर – गौतम ये.. ये.. तेरा इतना बड़ा? 

गौतम लंड लड़की के होंठों पर रगढ़ते हुए – डर गई क्या रज़िया? ले ना..

रज़िया लंड देखकर अपनी चुत मसलते हुए – ले रही हूँ गौतम.. 

रज़िया जीभ बाहर निकालकर लंड चाटने लगती है और फिर धीरे धीरे मुंह में लेकर चूसने लगती है.. 

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आदिल फ़ोन पर – अबे रंडी कहा गया तू? 

गौतम फ़ोन पर – घर के पीछे हूँ.. रज़िया को मुंह में दे रहा था.. 

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आदिल – अबे उस कालीकलूटी में तुझे क्या मज़ा आ रहा है..

गौतम रज़िया के बाल मुट्ठी में भीच के मुंह में लंड के झटके मारते हुए – चुप बहन के लंड.. इतनी प्यार से मुंह में लेकर चूस रही है बेचारी.. तू वेट कर.. 

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आदिल – जल्दी आ भाई.. मेरा दिमाग खराब है आज दारू पियूँगा.. 

गौतम फ़ोन काट कर – रुक आता हूँ.. रज़िया से.. रज़िया डार्लिग.. जाना पड़ेगा मुझे.. 

रज़िया मुंह लंड निकालकर जीरो जीरो से हिलाती हुई – फिर कब मिलेगा मुझसे? 

गौतम झड़ते हुए – बहुत जल्द.. चुत भी तो लेनी है तेरी.  

गौतम का मुठ रज़िया मुंह झड़वा लेटी है और पीते हुए गौतम से अपना छोटा सा बोबा दिखा कर कहती है – एक निशानी तो दे जाओ गौतम… 

गौतम जीन्स पहन कर रज़िया का बोबा पूरा मुंह में भरकर चूसते हुए निप्पल्स के पास दो तीन जगह love बाईट दे देता है और रज़िया से कहता है – चलता हूँ.. फ़ोन करूँगा.. 

रज़िया अपनी चूची सहलाती हुई – मैं इंतजार करूंगी गौतम.. 

आदिल गौतम के साथ वापस चल देता है…

आदिल दूकान पर डायरी रखकर गौतम से – चल भाई.. आखिरी मंज़िल ले चल..

गौतम – पैसे है तेरे पास?

आदिल उदासी से – हाँ रंडी.. अभी अभी गल्ले से निकाले है..

गौतम – अब्बू के सामने चोरी?

आदिल – अबे अब्बू का ध्यान कहीं औऱ था..

गौतम गाडी स्टार्ट करके – चल भाई आज तो मेरा भी मन है.. आखिरी मंज़िल पर जाकर जाम छलकाते है..

गौतम और आदिल बाइक स्टार्ट करके आदिल के अब्बू फारूक की दुकान से चल पड़ता है और छोटी-मोटी गलियों से होते हुए एक पुराने जमाने वाले बार में पहुंचते हैं जिसका नाम आखरी मंजिल होता है..

बार में कोने की एक टेबल पर बैठके दोनों दो बियर मंगवा लेते है औऱ पीते हुए बात करने लगते है आज आदिल उदासी से अपने दुख दर्द सुना रहा था औऱ गौतम को बता रहा था की वो नरगिस से कितना प्यार करता था औऱ उसे केसा महसूस हो रहा है..

आदिल – बहन की लोड़ी रांड.. साली.. भाई बहुत कुछ सोच रखा था मैंने उसके लिए.. मगर वो साली.. फ़ोन पर कितनी शरीफ औऱ सीधी बनती है.. असल में है छिनाल.. बहुत दर्द हो रहा है यार दिल में..

गौतम – अबे जितना दर्द तेरे दिल में है उतना उसकी चुत में देंगे ना मिलकर अपन दोनों.. तू उससे अभी कुछ मत कहना.. उसे मिलने बुला फिर साली को चोदते है दोनों जमके..

आदिल बियर पीते हुए – सही कह रहा है तू.. ऐसा चोदेग की लोग देखते रह जायेंगे..

गौतम – कबाब तो माँगा ले लोडे.. तभी तो गर्मी आएगी औऱ सारी गर्मी उस कुतिया की चुत पर निकालेंगे..

आदिल वेटर से – भाई एक प्लेट कबाब.. औऱ दो बियर औऱ.. (गौतम से) किसका फ़ोन आ रहा है?

गौतम – तेरी बहन का..

आदिल – क्या कह रही है..

गौतम – रुक पूछता हूँ.. फ़ोन उठाकर – हाँ रेशु..

रेशमा – ओ हो.. रेशमा औऱ कुतिया से सीधा रेशु.. लगता है बहुत मूंड में है मेरा कुत्ता.. क्या कर रहा है?

गौतम – तेरे भाई के साथ बार में बैठकर दारु पी रहा हूँ..

रेशमा – ज्यादा मत पीना ग़ुगु.. उस रात भी तुमने ज्यादा पी ली थी.. औऱ फिर उल्टी सीधी हरकत करने लगे थे..

गौतम – ठीक है.. क्या कर रही हो?

रेशमा – खाना बना के free हुई थी.. अब तुमसे बात कर रही हूँ.. तुमने आदिल को तो नहीं बताया ना हमारे बारे में..

गौतम – तू उसकी चिंता मत कर रेशु.. आदिल को सब पता है औऱ वो किसीसे कुछ नहीं कहेगा.. तुझे भी कुछ नहीं बोलेगा..

रेशमा हैरात से – तुमने आदिल को सब बता दिया?

गौतम – अरे दोस्त है मेरा यार.. अब उसकी बहन पटाऊंगा चोदुँगा औऱ उसे ही नहीं बताऊंगा तो बुरा लगेगा ना बेचारे को..

रेशमा – तू पागल है क्या.. कुत्ते..

गौतम – अबे कुछ नहीं बोलेगा वो.. ना तुझे ना किसी औऱ को.. अच्छा ये बता यहां कब आएगी..

रेशमा – 3-4 दिन बाद असलम को अभी फुर्सत नहीं है..

गौतम – अरे वो बहन का लंड ऐसा क्या कर रहा है जो फुर्सत नहीं है.. अपने बाप की सारी कमाई तो शराब में उड़ा दी अब साला दिनभर दूकान में गद्दे बनाकर उसपे लाठिया पीटता रहता है.. तू जल्दी से आ वरना मैं आ जाऊंगा.. याद रखना..

रेशमा – अब मैं क्या करू यार.. तुमसे सब्र नहीं होता क्या? अभी एक हफ्ता भी नहीं हुआ मिले.. औऱ तुम फिर से पीछे पड़ने लगे.. ऐसा करोगे तो फिर देख लेना..

गौतम – ठीक है.. नहीं पड़ता पीछे.. भाड़ में जा.. फ़ोन काटते हुए..

आदिल – अबे बहन है मेरी.. ऐसे क्यों बात कर रहा है उससे..

गौतम बियर पीते हुए – तेरी बहन है तो क्या सर चढ़ाउ?

आदिल – भोस्डिके प्यार से तो बात कर सकता है.. उस दिन तो कह रहा था दिल आ गया.. रेशमा सिर्फ मेरी रहेंगी..

गौतम बियर पीते हुए – हाँ तो..

आदिल – पहले फ़ोन उठा रंडी.. फिर बात करना..

गौतम फ़ोन उठाकर – बोलो?

रेशमा – बच्चे हो क्या बिलकुल? छोटी छोटी बातों पर नाराज़ हो जाते हो..

गौतम – तू बात ही ऐसी करती है मैं क्या करू?

रेशमा – अच्छा अब नहीं करती.. सॉरी.. वैसे एक चीज देखी है मैंने.. जब से तुमने मेरी ली है ना.. तुम्हारा एडिटूड बदल गया.. पहले मेरी किसी भी बात का गुस्सा नहीं करते थे अब मुझपर हुकुम चलाने लगे हो..

गौतम – तो? मेरी चीज है.. हुकुम नहीं चलाऊंगा?

रेशमा – चलाओ ना.. मैंने कब मना किया.. पर मेरी बात भो तो समझो.. अभी नहीं आ सकती.. मेरा बस चलता तो तुमसे दूर थोड़ी होती..

गौतम बियर पीते हुए – ठीक है रेशु..

रेशमा – शमा कैसी है?

गौतम – कौन शमा?

रेशमा – अरे वही दुल्हन.. जो भागी थी नीरज के साथ.. सुना उसकी बहुत खोज रही है.. उसका बाप तो बंदुक लेकर फिर रहा है.. देखते ही गोली मार देगा..

गौतम – देखता हूँ यार.. अभी तक तो नहीं मिला मैं उससे..

रेशमा – मिले तो कहना संभल कर रहे..

गौतम – ठीक है.. आज पता करता हूँ.. वैसे किसी कुछ पता चला..

रेशमा – नहीं.. असलम कह रहा था अभी कोई खबर नहीं मिली.. जो खत शमा छोडके गई थी उसे पढ़कर सब दिल्ली जाकर उसे ढूंढ़ रहे है..

गौतम – क्या लिखा था खत में?

रेशमा – जो तुमने उसे बताया था लिखने को.. कि वो शादी नहीं करना चाहती. अपने सपने पुरे करना चाहती है.. औऱ दिल्ली मुंबई जैसे शहर में बड़ी औरत बनना चाहती है..

गौतम – सही है.. उसका फ़ोन भी उस रात मैंने एक ट्रक में रख दिया था जो मुंबई जा रहा था.. औऱ नीरज के बारे में कोई नहीं जानता.. तो उसपर कोई शक नहीं करेगा..

रेशमा – पर तुम एक बार शमा से मिल लेना.. वो ठीक है या नहीं..

गौतम – ठीक है रेशु.. चल अब दारु पिने दे..

रेशमा – ज्यादा मत पीना.. समझा… मैं सुबह फ़ोन करुँगी..

गौतम – बाय कुतिया..

रेशमा – बाय मेरे कुत्ते.. दुबारा मेरा फ़ोन मत काटना.. समझा..

गौतम – ठीक है.. फ़ोन काटते हुए..

आदिल – तू पसंद करने लगा है.. रेशमा आपा को..

गौतम – मुझे भी ऐसा लगता है पर एक औऱ है जिसके बारे में भी मुझे यही फीलिंग आती है..

आदिल – कौन है वो?

गौतम – है कोई.. शादी में मिली थी..

आदिल बियर पीते हुए – भूल जा उसको.. रेशमा आपा जैसी नहीं मिलेगी.. 

गौतम – दिल टूट जाएगा यार उसका..

आदिल – बहन के लंड तो क्या मेरी बहन का दिल तोड़ेगा तू? साले इसलिए तुझे इतनी ऐश कराता हूँ रंडी.. मादरचोद दिल तोड़ेगा मेरी बहन का.. ठुल्ले का मूत..

गौतम बियर पीते हुए – तेरी बहन का दिल तोड़ू या ना तोड़ू.. तेरी गांड जरुर तोड़ दूंगा कबाड़ी की औलाद अगर तू ज्यादा बोला तो..

आदिल बियर पीते हुए – भावनाओं में बहुत गया था यार.. चल छोड़.. एक एक बियर औऱ मगाते है..

गौतम – रहने दे.. कहीं चलके आना है..

आदिल – कहाँ..

गौतम – दुल्हन से मिलके आते है.. जो भागी थी..

आदिल – कहा?

गौतम – यही पास में..

आदिल – किसी को पता चल गया तो गांड पर लठ पड़ेगी तेरे साथ मेरे भी..

गौतम – तो फिर चुप रह.. किसी को बताना मत.. अब चल..

आदिल बिल देकर गौतम के साथ चल देता है और गौतम एक बियर और हाथ में लेकर पीते हुए आदिल के पीछे बाइक पर बैठ जाता है..

आदिल बाइक चलाते हुए – बहनचोद आज बियर भी कोई असर नहीं कर रही.. नरगिस का कुछ करना पड़ेगा..

गौतम पीछे से आदिल को पकड़ते हुए उसके कंधे पर सर रखकर – शनिवार को बुला ले रात में.. बरंगीन सिनेमा दिखाते है उसको..

आदिल – अबे ज्यादा हो गई क्या रंडी? क्या रंडियो की तरह बैठा है.. औऱ रंगीन सिनेमा तो कब का बंद हो गया.. बचपन में ही सुना था उसके बारे में..

गौतम अपना हाथ आदिल के सीने पर फिराते उसे छेड़कर – अबे गवर्नमेंट औऱ पब्लिक की नज़र में बेन है.. मेरा एक कॉलेज फ्रेंड्स है वो जाता है अपनी gf के साथ.. सीक्रेट जगह चलता है औऱ अब सर्फ़ कपल एंट्री मिलती है वहा.. सब हॉल में मास्क लगा के चुदाई करते है खुलम खुला औऱ सामने ब्लू मूवी चलती है फूल आवाज में.. मगर पैसे ज्यादा लेते है सिनेमा वाले..

आदिल हाथ पकड़कर – अबे मेरी इज़्ज़त लूटेगा क्या भोस्डिके.. औऱ कितने पैसे लगते है?

गौतम – वो बता रहा था 3 हज़ार पर कपल एंट्री है..

आदिल – भाई ज्यादा हो गई क्या ठीक से बैठ ना.. और मत पी.. 3 के हिसाब से अपने हो गए 6 हज़ार.. पैसे का भी जुगाड़ कर ले तो एक लड़की औऱ कहा से लाएंगे कपल एंट्री के लिए..

गौतम आदिल की गांड पर हाथ लगाते हुए – ये भी है..

आदिल – मादरचोद हाथ काबू में रख वापस हरकते मत करें.. औऱ तू जानता है किसी को? जो चल सके..

गौतम नशे में – हाँ..

आदिल – कौन?

गौतम जोर से चिल्लाते हुए – शबाना रंडी…

आदिल स्पीड बढ़ा कर बाइक चलाते हुए – चिल्ला मत रंडी.. अम्मी घर का माल है.. घर से बाहर नहीं ले जा सकते औऱ वो जायेगी भी नहीं.. उनके साथ सीक्रेट रखना है सब..

गौतम नशे में आदिल के मज़े लेते हुए – तू अपनी गांड मुझसे मरवा ले तो मैं फ्रेंड् से बात करता हूँ लड़की के लिए.. तू बस पैसे जुगाड़..

आदिल गुस्से से – चुदाईखाने तू आदमी है या हिजड़ा है?

गौतम हसते हुए – अबे मज़ाक़ कर रहा हूँ..

आदिल – भोस्डिके.. कभी मज़ाक़ मज़ाक़ में मेरी गांड मत मार लेना.. फिर बोले मज़ाक़ में मार दी..

गौतम बियर पीके फेंकते हुए – फ़िक्र मत कर साले.. नवाबी शोक नहीं रखता.. बस तेरी गांड में उंगलि करना अच्छा लगता है..

आदिल गांड उठा कर – ले कर ले बहनचोद.. औऱ फिर उस ऊँगली को चूस भी लेना..

गौतम सच में गांड में ऊँगली कर देता है औऱ बाइक स्लीप हो जाती मगर सडक के किनारे घास में गिरती है औऱ स्पीड कम होने से किसी को चोट भी नहीं आती…

गौतम हसते हुए – गांड का छेद तो बहुत बड़ा है.. कोठे पर मरवाता है क्या?

आदिल बाइक उठाते हुए – तेरे साथ गलत दारु पी ली झांट के बाल.. तू किसी दिन मार के छोड़ेगा..

गौतम – चल अब नहीं करू कुछ भी.. पास में ही है.. उसका घर..

आदिल – साले तेरे साथ तो अब दारु नहीं पिऊंगा..

गौतम – छोटी छोटी बातों में क्या नाराज़ होता है यार अपने जीजाजी से..

आदिल – यहां से राइट या लेफ्ट?

गौतम – लेफ्ट.. अच्छा पैसे का जुगाड़ कर लेगा तू?

आदिल – मामू की अम्मी चोदनी पड़ेगी.. उसके गल्ले से पैसे निकल कर उसकी लड़की को ही चोदेगे..

गौतम हसते हुए – कितना घटिया आदमी है तू साले..अच्छा तमीज से रहना.. ऐसा ना लगे हम दारु पी रखे है..

आदिल – मेरा तो नहीं लगेगा तू खुदको संभाल पहले.

गौतम – उस पिले घर के आगे रोक..

आदिल बाइक रोककर लगा देता है औऱ आदिल औऱ गौतम एक दुसरे को देखकर वापस कहते है कोई हरकत मत करना..

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