भाग 7
फिर राजनाथ बोलता है की नर्स को नहीं लेकिन डॉक्टर को तो बता सकती थी कि हम दोनों पति-पत्नी नहीं बाप बेटी हैं।
तो आरती जवाब देती है कि मुझे क्या पता था कि वह हम दोनों को बाप बेटी नहीं बल्कि पति पत्नी समझ रही है उसने हमसे पूछा ही नहीं आपके बारे में तो मैं कैसे बताती आपने क्यों नहीं बताया उसको कि हम बाप बेटी हैं।
राजनाथ -मैं कैसे बताता वह तो तुमसे बात कर रहा था।
आरती _ हां लेकिन आप अंदर बैठकर हमारी बात तो सुन रहे थे ना उसी टाइम आपको बाहर आकर बताना चाहिए कि मैं इसका पति नहीं बाप हूं।
राजनाथ– मेरा उस टाइम दिमागी काम नहीं कर रहा था कि मैं क्या करूं और मेरे भी दिमाग में यह बात नहीं आई कि वह हम दोनों को बाप बेटी नहीं बल्कि पति-पत्नी समझ रही है फिर कुछ देर के बाद मेरे दिमाग में आया कि शायद वह हम दोनों को पति-पत्नी समझ रही है इसलिए तुम्हारी बात मुझे सुना रही है फिर मुझे लगा कि बाहर जाकर उसको बता देता हूं कि हम दोनों पति-पत्नी नहीं बाप बेटी हैं तभी मेरे दिमाग में एक और ख्याल आया कि इतनी देर हो गई है और अभी जाकर बताऊंगा तो वह हम दोनों पर गुस्सा होगी इसी डर की वजह से फिर मैंने कुछ नहीं बताया और मैं वही चुपचाप बैठा रह गया।
आरती- थोड़ा गुस्सा दिखाते हुए और हम दोनों की बातें चुपचाप सुनते रहे।
राजनाथ– सॉरी बेटा मुझे माफ कर दे मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था लेकिन मैं क्या करता मैं मजबूर था इसलिए मैं तुमसे माफी मांगता हूं मुझे माफ कर दे।
आरती- अपने बाप को माफी मांगते हुए देखकर उसे उसे पर तरस आ जाती है फिर वह अंदर ही अंदर मुस्कुराते हुए कहती है ठीक है आज के लिए माफ करती हूँ ही
फिर आरती बोलती है कि एक तरह से अच्छा भी हुआ कि आपने हमारी बातें सुन ली।
राजनाथ– चौंकते हुए क्या इसमें अच्छा क्या हुआ।
आरती- अच्छा यह हुआ कि आज आपको पता चल गया की जिस लाडले दामाद की आप इतनी तारीफ करते हैं और मुझे डांटते रहते हैं कि तुम ऐसे हीं उसके बारे में गलत बोलती हो वह तो बहुत अच्छा है आज आपको पता चल गया होगा कि वह कितना अच्छा और कितना काम का है
राजनाथ– राजनाथ समझ जाता है उसकी बेटी किस बारे में बात कर रही है तो वह बोलता है की अरे इसमें उस बेचारे की क्या गलती है यह तो ऊपर वाले के हाथ में है कि वह किसको कितना काम करने की ताकत देता है अब इसमें उस बेचारे की क्या गलती है जो तुम उसको दोस्त दे रही है।
आरती- गुस्सा होते हुए नहीं नहीं उसकी तो कोई गलती ही नहीं है सारी गलती तो मेरी है कि आज तक मैं आपको नाना नहीं बना पाई।
राजनाथ – समझ जाता है कि आरती गुस्सा हो गई है तो वह बात को संभालते हुए बोलता है कि तू टेंशन मत ले वह दवा खाएगा तो ठीक हो जाएगा हम लोग 2 दिन के बाद डॉक्टर के पास जाएंगे तो डॉक्टर को बोल के अलग से दवा ले लेंगे ताकत बढ़ाने वाला ताकी वह अच्छा से कम कर सके।
तो आरती बोलती है कि हां हां बुखार की बीमारी है जो दवा खाएगा और दूसरे दिन से काम करने लग जाएगा।
फिर राजनाथ उसको दिलासा देता है कि तू टेंशन मत ले सब ठीक हो जाएगा।
आरती फिर कुछ नहीं बोलती वो चुपचाप तेल मालिश करने लगी राजनाथ भी चुप हो गया फिर वो आरती को उपर से निचे तक देखता है और अपने मन में सोचता है और कहता है कि इसका गुस्सा करना जायज है अभी इसकी चढ़ती जवानी है और इस उम्र में इसको शारीरिक सुख नहीं मिलेगा तो गुस्सा तो करेगी ही अभी इसको हर दिन एक या दो बार इसकी भूख मिटनी चाहिए लेकिन अफसोस कि इसको हफ्तों तक भूखा रहना पड़ता है और हफ्ते में एक बार मिलता भी है तो सिर्फ दो-तीन मिनट के लिए और ऐसी कौन सी औरत होगी जिसकी शारीरिक भूख दो-तीन मिनट में मिट जाएगी भूख मिटना तो दूर उसकी भूख और बढ़ जाती होगी मुझे तो आश्चर्य हो रहा है कि मेरी बेटी इतने सालों से कैसे बर्दाश्त कर रही है इसकी जगह दूसरी औरत होती तो वो कब का किसी के साथ भाग गई होती लेकिन मेरी बेटी ने ऐसा नहीं किया इसने मेरा और मेरे खानदान की इज्जत अभी तक बच्चा रखी है इससे पहले कि इसके बर्दाश्त से बाहर हो जाए मुझे कुछ करना पड़ेगा दामाद जी को कहीं अच्छी जगह इलाज करवाना पड़ेगा ताकि वो ठीक हो सके और इसकी भूख मिटा सके और इसको खुश रख सके।
अब आरती पैर का मालिश खत्म करने के बाद हाथ का मालिश करने लगती है और वह झुक कर मालिश कर रही होती है तभी उसकी साड़ी कंधे से फिसल के नीचे हो जाती है और उसको ख्याल नहीं रहता कि उसकी साड़ी कंधे से नीचे हो गई है और उसकी छाती और दूध दिख रही है क्योंकि वह किसी और ख्याल में खोई हुई थी और मालिश कर रही थी।
और इधर राजनाथ उसकी छाती और दूध को अपनी नज़रें छुपा के देखने लगता है आरती की दूध उसके ब्लाउज के गले के ऊपर से साफ-साफ राजनाथ को दिखाई दे रहा था और वह अपने मन मे सोचने लगता है की शादी के इतने सालों बाद भी इसकी दूध का साइज नहीं बढ़ा क्योंकि शादी होने के बाद लड़कियों की दूध की साइज बढ़ जाती है थोड़ा बहुत लटकने भी लगता है लेकिन आरती की दूध अभी भी उसी तरह गोल और छाती से लगा हुआ था क्योंकि उसने अंदर में ब्रा नहीं पहनी थी फिर भी इसकी दूध एकदम गोल और टाइट नजर आ रही इसको देखकर ऐसा लग रहा है कि इसको किसी ने अभी तक हाथ भी नहीं लगाया लगता है दामाद जी ने इसको अभी तक छुआ भी नहीं लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है एक मर्द इतना बेवकूफ कैसे हो सकता हैं जिसकी इतनी खूबसूरत और जवान बीवी हो और वह उसका सही से मजा भी ना ले सके मुझे तो ताजुब हो रहा है तभी आरती हाथ का मालिश खत्म करने के बाद बोलती है बाबूजी पेट के बल लेट जाइए पीठ में मालिश कर देती हूं।
तो राजनाथ बोलता हैं कि नहीं बेटा रहने दे बहुत देर हो गई है और तू भी थक गई है इसलिए अब रहने दे और जा जाकर सो जा।
तो आरती बोलती है की ज्यादा देर नहीं लगेगी आप जल्दी से उल्टी होकर सो जाइए ना।
तो फिर राजनाथ बोलता है अगर तुमको मालिश ही करना है तो कल कर देना आज रहने दे तो आरती बोलती है ठीक है जब आप नहीं चाहते हैं तो मैं जा रही हूं और वह चली जाती है।
आगे की कहानी अगले भाग में

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