दीदी मुझे प्यार करो ना – Update 8

दीदी मुझे प्यार करो ना - Erotic Pariwarik Chudai Ki Kahani
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राहुल: बहुत प्यार करते हो आप दीदी से न।
सुनील: (भाभी के स्तनों को पूरा नंगा करके हाथों से मसलते हुए) हाँ, भाभी से मैं बहुत प्यार करता हूँ, पर ये देखो बड़ी शरमातीं हैं। (फिर मैंने भाभी के नंगे जाँघों पे हाथ फेरते हुए कहा- मेरी भाभी अभी भी मुझसे शर्माती हैं)

राहुल: दीदी बचपन से ही थोड़ी शर्मीली हैं, धीरे धीरे ठीक हो जाएंगी
सुनील: (टॉप को खोल के उतारते हुए भाभी के नंगे स्तनों को मसलता हुए उनके गालों को चाटने लगा- ठीक तो इन्हे मैं दो दिन मैं कर दूँ) भाभी हैं इसलिए जिद नहीं करता।

थोड़ी देर राहुल रुका रहा पर फिर शायद उसे शर्म आ गयी और वो चला गया फिर मैं अधनंगी भाभी को गोदी में उठाये उन्हें अपने कमरे में ले आया। मैंने ध्यान नहीं दिया पर उनके आँखों में आंसू आ गए थे और उन्होंने रोते हुए बोला- सुनील, क्यों कर रहे हो ऐसा? ऐसे जीने से तो अच्छा मर जाना ही है।

सुनील- मैंने भाभी के आँखों के आंसू होठों से चूमा और बोला- क्यों भाभी आप खुद ही तो आयीं थीं मेरे पास बाहर।
भाभी- अकेले में मैंने कभी रोका है तुम्हे कुछ भी बोलने या करने से। दूसरों के सामने क्यों करते हो ऐसा?
सुनील- भाभी, वो दूसरा थोड़े ही न है, तुम्हारा अपना भाई है। चलो ठीक है अब नहीं करूँगा।

भाभी पर पूरे गुस्से में थी और एकदम असहाय लग रहीं थीं। मुझे भी दया आ गयी और मैंने भाभी से सॉरी बोला और उनके कपड़े बाहर कर दिए और बोला अब आपसे पूछ के ही कुछ भी करूँगा।

भाभी पर पूरे गुस्से में थी और एकदम असहाय लग रहीं थीं। मुझे भी दया आ गयी और मैंने भाभी से सॉरी बोला और उनके कपड़े बाहर कर दिए और बोला अब आपसे पूछ के ही कुछ भी करूँगा।

अगले दिन सुबह जब मैं ऑफिस चला गया तो राहुल भाभी को अपनी बाहों में करके चूमता हुआ बोला- दीदी सुनील तुम्हे कितना तंग करता है, तुम्हे बुरा नहीं लगता है।
भाभी: क्या करूँ, तुम लोगों ने ही शादी की है, निभा रही हूँ।
राहुल: (भाभी के नंगे जाँघों पे हाथ फेरता हुआ)- छोड़ दो न उसे। तुम्हे तो कोई दूसरा लड़का भी मिल जाएगा दीदी।
भाभी: क्या बोल रहे हो राहुल तुम?

राहुल: (भाभी के गालों को चूमता हुआ) और नहीं तो क्या वो इतना तंग करता है, उसे छोड़ दो, चलो हमारे घर। हम तुम्हारे लिए एक दूसरा लड़का खोज देंगे।

दरअसल राहुल भाभी के बदन के उतेजना में इतना चढ़ गया था की वो छोड़ना नहीं चाह रहा था। हवस के चरम पे पहुंच गया था वो।

भाभी: मुझे पता है तुम मेरी शादी-वादी नहीं करोगे, मुझे खुद की रखैल बना कर रखोगे। तुम्हे भी बस मेरे बदन का नशा है।

राहुल की शादी हो चुकी थी पर भाभी (उसकी दीदी) को नंगे अपनी बाहों में भरकर बड़े प्यार से उन्हें चूम रहा था। भाभी के नंगे बदन को देखते ही किसी की भी उत्तेजना चरम पे पहुंच जाए, राहुल तो उन्हें अपने आलिंगन में किये हुए मदहोश हुआ जा रहा था। भाभी की रखैल वाली बात पे उसने भाभी के होठों को चूमते हुए कहा।

राहुल: ऐसा क्यों सोचती हो तुम मधु दी, तुम इतनी सुन्दर हो, अगर मेरी दीदी नहीं होती तो तुमसे शादी करके तुम्हे अपनी बीवी बनता।
भाभी: दीदी को नंगी करके चोदने में तुम्हे शर्म नहीं आती।

भाभी आज राहुल से गुस्सा नहीं थीं और बेबस से उसकी बाहों में पड़ी हुईं थीं। भाभी ने अभी तक राहुल का साथ नहीं दिया था पर राहुल उनके मांसल जिस्म से लगातार खेल रहा था।
राहुल: (भाभी के स्तनों को मसलते हुए उनके गालों को चाटने लगा) दीदी, मैं तो बस तुम्हे प्यार कर रहा हूँ। तुम्हार जैसी खूबसूरत औरत को बहुत प्यार की जरुरत होती है।
भाभी: अब रहने दो राहुल, प्लीज।
राहुल: दीदी, तुम मुझे प्यार नहीं करती, एक बार तुम प्यार करो फिर मैं तुम्हे छोड़ दूंगा।

फिर राहुल ने भाभी को पीठ के बल लिटा के अपने लंड को भाभी के चुत में डाल के उनके बदन से चिपक के उनके होठों को चूसते हुए धीरे धीरे लंड को चुत में घुसाने लगा।
राहुल: (हवस की उत्तेजना में) दीदी, मुझे प्यार करो न।
भाभी: (धीरे धीरे राहुल के होठों को चूसने लगी)
राहुल: कितनी अच्छी दीदी हो तुम।

भाभी ने फिर राहुल को अपने आलिंगन के जोर में कर लिया और राहुल वासना में मदहोश भाभी के जिस्म को अपनी पूरी ताकत से मथने लगा। अब भाभी भी पूरे जोश से उसका साथ दे रहीं थी। जिस रफ़्तार से राहुल भाभी को पेल रहा था उसकी सांसें चलने लगीं। भाभी के साथ देने की वजह से उसकी उत्तेजना एक दम चरम पे थी। काफी देर तक उसने भाभी के भारी मांसल जिस्म को चोदा फिर उनके ऊपर ही लेट गया।

भाभी के होठों को अपने होठों में लेके चूसते हुए बोला- दीदी आज तो मज़ा आ गया। ऐसे ही सुनील के साथ चुदवाती हो तुम तभी तो वो हमेशा उत्तेजित रहता है।
भाभी: वो मेरे पति हैं
राहुल: काश तुम मेरी बीवी होती मादरजात।
समाप्त

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