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आहह, धीरे रंडी जात के साले, धीरे आहम्म म यस, मज़ा आ रहा है,,,, डब्ल्यू वो मेरे टटटे चोद के लंड डालने लगी, कभी मूह में लेती, कभी हिलाती

अचानक मेरा स्पर्म छूट गया और उसने सब अपने बूब्स पे लिया

मैं उसकी चूत को चाट रहा था, आहह धीरे भडवे, तीसरी बाद झाड़ रही हूँ, आहमम्म यस आआहहह फक मी फक मी.. फिर उसने अपना पानी छोड़ दिया

कपड़े ठीक करके वो आगे की सीट पे जाके लेट गयी रिक्लाइन करके

पायल:- भाई, आपका हथियार है एके47.. समझे मेरे बुद्धू भाई, और हम वहाँ से निकल गये.. मुझे लगा शायद हमे किसी ने नोटीस किया, मैने पायल से कहा, तो वो बोली

पायल:- छोड़ो ना, क्या फरक पड़ता है, कोई चूतिया होगा, हमे कौन जानता है उस माल में
माल से निकल के हम सीधा पायल के घर पहुँचे.. घर पहुँचते ही बुआ ने कहा

बुआ:- आओ बेटे, मुझे बहुत अच्छा लगता है जब तुम साथ होते हो, लगता ही नहीं कि पायल अकेली है, तुम बहुत अच्छे भाई साबित हो रहे हो.. आइ अम प्राउड ऑफ यू डियर

मैं मन में सोचते हुए (क्यू नही बुआ, पायल मेरा पर्सनली ख़याल रख रही है)

पायल: क्या मोम आप भी, एमोशनल मत हो अब…

10 मिनट के बाद मैं बुआ को बोलके वहाँ से निकल गया घर के लिए..

जैसे ही मैं घर पहुँचा, ललिता मिली मुझे

ललिता:- भाई भाई, रूको,,एक काम करो ना मेरा प्लीज़

मैं:- हां बोल ना स्वीट हार्ट, क्या हुआ

ललिता:- भाई, मुझे 10000 रुपीज़ देंगे प्लीज़, अर्जेंट्ली चाहिए

मैं:- क्यूँ इतने अचानक , कुछ लफडा हुआ क्या

ललिता:- भाई, नो लफडा, बट रीज़न बाद में बोलूँगी

मैने कहा कल ले लेना… और वो मुझे हग करके चली गयी

मेरे रूम में जाके मैं शर्ट ढूँढ रहा था, नही मिलने पर मुझे लगा शायद कपड़े आंटी के रूम में है.. मैं उनके रूम की तरफ भागा.. जैसे मैं वहाँ पहुँचा तो देखा ललिता और डॉली वहाँ बैठी थी और आंटी कहीं दिख नहीं रही थी.. मैने सोचा छुप के उनकी बातें सुनते हैं

डॉली:- और ललिता, क्या चल रहा है, मैं बहुत बोर होती हूँ घर पे बैठ बैठ के, तू कैसे निकालती है टाइम

ललिता:- क्या दीदी, अच्छा तो होता है, फ़ेसबुक और ट्विटर पे लगी रहती हूँ

डॉली:- नेट पे तो और भी कुछ देखती होगी ना, भक्त प्रहलाद स्टफ (ट्रिपल ऐक्स स्टफ, बीएफ स्टफ)

ललिता:- क्या दीदी, आप भी,

डॉली:- अरे बोल ना मेरी बहना, क्या क्या देखती है,

ये बोलते बोलते डॉली ललिता के बालों में हाथ घुमाने लगी

ललिता:- कुछ ख़ास नही दीदी, बस मूवी देखती हूँ कभी,

डॉली:- कैसी मूवी मेरी रानी, बोल ना खुलके , दीदी से क्या छुपाना

ललिता:- उम्म्म, दीदी, अच्छा, ग्रूप सेक्स वाले वीडियो देखती हूँ, जिसमे तीन या चार लड़कियाँ एक दूसरे की चूत चाट के 10 लंड लेती है अंदर.. आहह मेरा तो उनके बारे में सोचते ही पानी बहने लगता है , रूको मैं बाथरूम होके आती हूँ

जैसे ही ललिता उठती है, डॉली उसे पकड़ लेती है और अपने उपर लेटा देती है

डॉली:- जब मैं बैठी हूँ मेरी रानी, तो बाथरूम क्यूँ जाना

जब तक ललिता कुछ समझती तब तक डॉली उसके होंठों को चूसने लगी और उसके चुचे भी सहलाने लगी..

कुछ देर तो ललिता भी रिक्ट नही कर पाई, फिर शायद वो भी गरम हो गयी और डॉली के चुचे दबाने लगी

ललिता:- आअहह म्म दीदी आहह, क्या चुचे हैं आपके, इतने बड़े , अहहामम्म , कैसे हुए

डॉली:- उसके लिए रंडी बनना पड़ेगा तुझे मेरी रानी, 5 लोगों से चुदवायेगि तभी जाके औरत बनेगी मेरी बहना.. आज़ह, दबा ना चुचे आहमम्म्म

ललिता:- उम्म्म दीदी… आअह्ह्ह्ग्घ्य यस, चूत चाटो ना मेरी , उम्म. , बीएफ में देख के आआहह इतना मज़ा नही आआहहताअ, जितना आप दे रही हो ओह एेज़्साहह

दोनो एक सेकेंड में नंगे हो जाते हैं और दोनो बिना ब्रा पैंटी के

डॉली:- आहह मेरी बहना, उम्म्म तू नंगी बैठी है घर्ररर. पीई आ, उम्म्म्म,

ललिता:- ह्म्म्मी दीदी, आहह. बीएफ देखके उंगली करने मेनाअह्ह्ह्ह्ह आसाआनीीईई होगी नाहह उम्म्म्मम यस राइट देर, सक माइ कंट, उहमम्म्म

फिर दोनो 69 पोज़िशन में आ जाते हैं और चूत चाटने लगते हैं एक दूसरे की

ह्म्म्मो आह दीदी, क्या चूत है आपकी आश्ह्ह्ह्ह, हां चोदो ना जीब से उम्म्म हाए मम्मी आहह, और एक चमात मार दी डॉली की गान्ड पे

डॉली बोली, आअहं..धीरे मेरी रंडी, आहह, और घुस्सा ना उंगलियाँ.. ह्म्म्म्म , यस फक मी वित युवर हॅंड बेबी… यअहह, ओह ईआसस्स्द्द्द्द्द्दद्धह

तभी ललिता ने अपनी दोनो उंगलियाँ डॉली की गान्ड के छेद में घुसाई

आअहह मेरी रांड़ दीदी, कैसा लग रहा है आष्मम्म्म,हां चाटो आहह..मैं आ रही हूँ

डॉली:- हां अछाअश्ह्ह्ह्ह और दे….मैं भी गयी…और दोनो ने एक दूसरे के उपर पानी छोड़ा और एक दूसरे के उपर पड़ी रही

ये देख के मैं गरम तो हुआ, बट एक और काम भी हो गया मेरा…

जैसे ही मुझे लगा इनका कार्यक्रम समाप्त हुआ, ललिता बोली

ललिता:- दीदी, आज तो मज़ा दे दिया तुमने मुझे

डॉली:- हां बहना, तू छुपी रुस्तम निकली… आहह, मेरी चूत अभी भी तरस रही है, ऐसे लग रहा है मानो किसी ने शेर के मूह पे खून लगा के छोड़ दिया हो

ललिता:- आह दीदी, और मज़ा चाहिए आपको ?

डॉली:- अरे मेरी रानी, नेकी और पूछ पूछ

दोनो उठ के कपड़े पहनने लगे, तब तक मैने सोचा देखूं आगे क्या करते हैं और बाल्कनी में छुप गया

दोनो दरवाज़े की तरफ आए और तेज़ी से अपने रूम में घुस के दरवाज़ा बंद किया

मैं उनके पीछे गया और देखा कुछ हो सके अंदर देखने का बंदोबस्त, बट किस्मत हो गान्डू तो क्या करेगा पांडु…

फिर मैने सोचा, देख नहीं सकते, सुन तो सकता हूँ इन रंडियों को

मैं खिड़की के पास जाके खड़ा हुआ और सुनने लगा…

डॉली:- आहह ललिता, चल ना अब नंगा कर ना मुझे, मेरी चूत टपक रही है , उम्म्म्मम, आहह

ललिता:- दीदी, आपकी चूत की खुजली तो ये मिटाएगा

डॉली:- उईईई माआ, ये क्या है… वाहह मेरी बहना, तेरे पास तो स्ट्रापान , डिल्डो सब कुछ है… इनको देखते ही चूत की खुजली बढ़ गयी…

ललिता:- तो लेट जा ना मेरी रंडी दीदी…. आज तुझे मर्द बनके चोदुन्गि और चुदवाउन्गि भी….

डॉली:- हां डाल ना मेरी चूत में….. आअहह, धीरे डाल साली भाडवी कहीं की, उ माआ,, उःम्म्म्म, हां दे ना अंदर, आहह, भाडवी मेरी बहना,,,,, तेरी गुलाम हो गयी मैं…..

ललिता:- चिल्ला कम साली… तेरे को उपर आके चोदती हूँ,, तभी तू सुधरेगी कुतिया कहीं की

डॉली:- आहहामम्म्मम….. यआःयाहहहाहहाहा, हां डाल अंदर उम्म्म्मममम, चोद मुझे, हान्नामममा,, आहह साली मदरजात…. अऔहह, मेरी रानी, ,एरी कुत्ति, मेरी भाडवी, अओर दे ना,,

ललिता:- और ले ना मेरी रांड़ कहीं की…. साली उछल के चुदवा रही है, आहह ले ना आहह, मदरजात कितनो के लंड लिए हैं,,,,,, इतने बड़े चुचे आहह…. और ले कुतिया की जनि…

डॉली:- हां दे ना,,,, आहह मैं निकल रही हूँ, आहह, उम्म्म्मम, उऊहह यस यस याहह… कमिंग बेबी,, हां ओभधहजाहाज़जजजाज्जज्जज्जा फक मी हार्ड… ये मैं गयी….. आहहहह

कुछ देर सिर्फ़ भारी साँस चलने की आवाज़ आई.. मुझे भी साँस लेने का मौका मिला, फिर अचानक..

ललिता:- दीदी, आप का तो हो गया, अब मुझे कौन चोदेगा, तू तो कुतिया की तरह लेट गयी थक के

डॉली:- हां मेरी रंडी, चोदती हूँ तुझे भी… अहह, क्या लंड है ये, ऐसा असल में मिल जाए तो मज़ा जाए

ललिता:- असल में ऐसा तो क्या, कैसा भी मिले मुझे चलेगा, मिलता ही नहीं

डॉली:- क्यूँ रानी, बाहर वालों ने नहीं किया क्या उधघाटन….

ललिता:- आए थे एक दो फुद्दु…. साले देख के ही झाड़ गये, मैं प्यासी रह गयी

डॉली:- आहहहहहाहा, साली रंडी तेरी किस्मत भी, चल लेट जा.. मैं तेरी चूत पेलती हूँ….

ललिता:- दीदी, एक बात कहूँ, पूरी करोगी

डॉली:- बोल ना मेरी रानी… बोल

ललिता:- आप मुझे चोदोगे ना तो मैं घर के मर्दों को इमॅजिन करूँगी.. सब को देख के मेरी चूत गरम हो जाती है,,, चाहे वो पापा हो या राज या अंकल

डॉली:- हाए मेरी रंडी… चल ऐश कर, आजा मेरे लंड पे सवारी कर आज

मैं ये सोचने लगा, साली रंडी को घर का लंड चाहिए…. बेटा, दो दिन जाने दो, मोहल्ले वालों के सामने चोदुन्गा तुम दोनो को

साथ में अंदर चल रही मैने चुदाई की पोज़िशन इमॅजिन की,

डॉली:- आहहाहहहहः, तेरी चूत तो गरम हो गयी है भाडवी साली

ललिता:- आउह्ह्हम्म्म्म्म, हां तू चोद ना कुतिया, आहह कितना बड़ा लंड है तेरा राज. उःम्म्म्ममम

मैने सोचा, रंडी ने शुरुआत ही मुझ से की , लंड एक दम तन गया….

ललिता:- हानननान और चोद ना राज,,, आह,,, यस फक मी हार्ड….. उःम्म्म्म

डॉली:- हाहा अओर ले साली अंदर, हां तेरे चुचे बड़े करके ही रहना है अब आआहहहहहहः उहह यस येय्स्स्य्स्यहयेअह्ह्हा

ललिता:- हां पापा चोदो ना अपनी बेटी को….. यॅ….. जिस लंड से मैं आई, पापा वो लंड मूह में दो ना…

हां ले ना मेरी रंडी , डॉली बोली

उम्म्मममामा, पापा कितना बड़ा लंड है आपका
डॉली:- हां बेटी और ले, आहहहः, मेरी कुत्ति बेटी… उःम्म्म और ले ना पापा का अंदर….

ललिता:- अंकल अब घोड़ी बना के चोदिये ना प्लीज़ जल्दी, आपका लॉडा लेना है मेरी गान्ड में ही. जल्दी करो आहह उःम्म्म्ममम आहह

डॉली:- आआहहहहा मेरी प्यासी भतीजी… ले ना मेरा लंड अंदर, तेरी गान्ड के लिए ही बना है….

गान्ड चुदाई चलती रही और आवाज़ें आती रही.. ठप ठप…. बीच में डॉली ने उसकी गान्ड पे भी थप्पड़ दिया… चटाकक….

ललिता:- आहहहहा, दीदी, क्या चोदती हूऊऊऊऊ आहहहहहहहहा, अहहहहहहाहहहहहाहा….

मेरा लंड कंट्रोल में ही नहीं आ रहा था….. समझ में नहीं आ रहा था क्या करता…

डॉली:- उम्म्म्ममम ले ना मेरी बहना, आहहाहा आज जन्नत दे दी तूने मुझे उःम्म्म्मममममम

ललिता:- और ज़ोर से दीदी….. मैं झड़ने वाली हूँ,,,, अहहहहहहहा मैं गयी दीदी, उःम्म्म्ममम,,…

और लंबी चीख के बाद सब शांत हो गया

कुछ सेकेंड बाद….

 

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