नेहा और वाशु रूम में आती हैं जैसे ही दोनो रूम में आती हैं वाशु ने सवालों की झड़ी लगा दी………
क्या हुआ? कैसे हुआ?……. सब पूछने लगी…. फिर नेहा ने वासू को रात को क्या क्या हुआ सब बात दिया दोनो बातें कर रही थी और हंस भी रही थी…. शमा खिड़की से सब सुन रही थी….. शमा शॉक्ड हो जाती है ….
शमा को विस्वास ही नही हो रहा था कि इस सब में वाशु भी शामिल है और ये सब दोनो की मर्ज़ी से हुआ है… अभी तक तो जैसा सोचा था सब वैसे ही हुआ है….. पर अब श्री के आने के बाद हमे कुछ दिन तक शायद ही कोई मौका मिले….. नेहा ने वासू से कहा
…… हां शायद तुम ठीक ही कह रही हो…….. वाशु ने जवाब दिया . हमे जल्दी ही कोई ना कोई रास्ता निकालना होगा ….. देव से चुदने के बाद मैं अब और ज़्यादा इंतजार नही कर सकती….. नेहा ने अपनी बेचैनी को जाहिर करते हुए कहा.
कुछ तो सोचना ही पड़ेगा वैसे भी मैं तुम्हे ज़्यादा बेचैन नही देख सकती कोई ना कोई हाल ज़रूर निकलेगा….. वाशु ने नेहा को तसल्ली देते हुए कहा. ठीक है जैसा तुम कहो पर जो भी करना सोच समझ कर करना नेहा ने कहा. अभी तो मुझे थोड़ा आराम की ज़रूरत है तुम भी थोड़ा आराम कर लो थोड़ी ही देर बाद खाने का भी टाइम होने वाला है हम रात में इस बारे में बात करेंगे …. और ये कहकर वाशु अपने अपने रूम में चली जाती है…. बाहर खिड़की से सब सुन रही शमा को जब लगा वाशु भर आने वाली वो वहाँ से हटकर अपने रूम में चली जाती है…
शमा को समझ नही आ रहा था कि क्या हो रहा है.. वह वाशु और अपनी मम्मी नेहा की बातों को सोचते हुए उपेर अपने रूम की ओर जाती है… फिर कुछ सोच कर वह आगे राज के रूम की ओर बढ़ जाती है जहाँ श्री सोया हुआ था शमा ये सोचते हुए शायद श्री उठ गया होगा क्यूँ ना उससे गप्पे लड़ायी जायें… पर वहाँ पहुँच कर भी शमा ने देखा की श्री अभी तक सोया हुआ है.. शमा ने सोच उसे उठा कर पर वह रुक गये और अपने रूम में वापस लौट गयी… अपने रूम में आकर शमा रात और दिन के घटना क्रम के बारे में सोचने लगती है… शमा खुद राज (या कहें राज के लंड को)को बहुत मिस कर रही थी… शमा ये जानने को उत्सुक थी अब आगे क्या होगा..? क्या आज फिर उसकी मम्मी देव से चुदने जाएगी? … क्या देव अंकल आज फिर उसकी मम्मी की चुदाई करेंगे..? या आज वाशु उनके कमरे में जाएगी? यही सोचते सोचते शमा की आँख लग जाती है…
रात को 8 बजे देव घर आ जाते हैं.. वाशु और नेहा ने खाना तय्यार कर लिया है और दोनो डाइनिंग टेबल पर खाना लगा रहे हैं… नेहा बच्चो को बुला लाओ शायद वो अभी तक सो रहे हैं… वाशु ने नेहा से कहा. नेहा श्री और शमा को बुलाने उपेर चली जाती है… वाशु खाना लगाने के बाद
देव को बुलाने अपने रूम में चली जाती है जहाँ देव ऑफीस से आने के बाद चेंज कर रहे थे.. नेहा शमा के रूम के पास जाकर डोर नॉक करती है.. आवाज़ सुनकर शमा जाग जाती है. वह उठकर दरवाजा खोलती है और नेहा अंदर आ जाती है… क्या बेटा अभी भी सोई हुई हो रात को सोना नही है क्या..
शमा नेहा की बात सुनकर घबरा सी जाती है फिर संभालते हुए… नही माँ वो बस ऐसे ही आँख लग गयी थी….शमा कहती है.
कोई बात नही चलो फ्रेश होकेर नीचे आ जाओ खाना लग गया है सब वेट कर रहे है मैं श्री को बुलाने जा रही हूँ.…कहकर नेहा श्री के रूम पर जकेर दस्तक देती है. दो तीन बार दस्तक देने पर श्री उठ जाता है जो सफ़र की थकान होने के कारण गहरी नीं में था.. उठकर डोर ओपन करता है और सामने नेहा यही अपनी मौसी को देखता है… नेहा श्री से कहती है चलो बेटा फ्रेश हो नीचे आ जाओ खाना लग गया है और सभी तुम्हारा वेट कर रहे है..
ठीक है मौसी मैं बस अभी आया…. श्री कहता हुआ वॉशरूम में घुस जाता है. नेहा वापस नीचे चली जाती है…
कुछ देर बाद सब खाना खा चुके होते है और सभी आपस में बातें कर रहे थे… देव श्री से उसके फ्यूचर प्लान के बारे में बातें करते हैं और उसकी पढ़ाई के बारे में पूछते हैं.. श्री देव को सब बताता है और ऐसे ही सभी बातें करते है… कुछ देर बाद देव उठकर अपने रूम में चले जाते हैं… शमा और श्री भी उठकर अपने अपने रूम में चले जाते हैं. वाशु और नेहा रसोई का काम निपटने में लगी है और जल्दी ही वो सब काम ख़तम कर लेती हैं. नेहा तुम रूम में चलो मैं देव से पूछ कर आती हूँ कुछ चाहिए तो नही… वाशु ने नेहा से कहा.
देव को अब तुमसे कुछ नही चाहिए… कहकर नेहा हंसते हुए अपने रूम में चली जाती है. वाशु भी देव से मिलने चली जाती है…
वाशु जैसे ही रूम मे एंटर करती है वाशु देखती है देव सिर्फ़ शॉर्ट्स मे बेड पर लेटे हुए आराम कर रहे हैं… मैं नेहा के रूम में जा रही हूँ आपको कुछ चाहिए तो नही..”वाशु देव से पूछती है”.
वाशु की आवाज़ सुनकर देवजैसे नींद से जागते है और उठकर बैठ जाते हैं. वाशु देव के पास बेड पर बैठ जाती है और पूछती है आपको कुछ चाहिए क्या?
देव वाशु के सर को पीछे से पकड़ कर अपने पास करते है और वाशु के होंठो पर किस करने के बाद कहते हैं.. तुम आज भी नेहा के पास जा रही हो क्या.. मुझे अकेले नींद नही आती तुम्हे ये पता है ना..
बस कुछ ही दिनो की तो बात है फिर सब नॉर्मल हो जाएगा और हम फिर से एक दूसरे के साथ होंगे.. वासू ने कहा. (तो फिर जल्दी जाओ ना यहाँ से तुम जाओगी तभी तो नेहा यहाँ आएगी और मैं उसकी जबरदस्त चुदाई करूँगा… देव अपने मन मे सोचते हुए). कुछ देर बाद वाशु नेहा के रूम मेी चली जाती है..
श्री उपर राज के रूम में बैठा राज के कंप्यूटर पर अपने एग्ज़ॅम की तय्यारी कर रहा है. ये एग्ज़ॅम उसके फ्यूचर के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है तय्यारी तो उसने बहुत पहले से कर रक्खी थी बस इंतजार था कि कब ये एग्ज़ॅम हो और वो उसको पास करले तो उसे एक अच्छे कॉलेज मे अड्मिशन मिल जाएगा जिससे वो इंजीनियरिंग कर सके. अभी एग्ज़ॅम में एक दिन बाकी है और श्री नेट से कुछ ओल्ड पेपर्स ढूंड रहा है जिससे वो और तय्यारी कर सके…
वहीं दूसरी और शमा अपने बेड लेटी हुई कल रात की घटनाओं के बारे में सोच रही है.. उसे अभी भी यकीन नही हो रहा है कि ऐसा सच मे हुआ है.. उसे विस्वास ही नही हो रहा था कि उसने अपनी मम्मी को अपने देव अंकल के साथ चुदाई करते हुए देखा है… शमा ये जानने को उत्सुक है कि क्या आज भी वो दोनो ऐसा करेंगे.. क्या उसे आज भी नीचे जाकर देखना चाहिए या नही!!! पर उसे अभी उपर आए हुए आधा घंटा ही हुआ है शमा अभी कुछ देर और वेट करने का सोचती है.. उसे एक एक पल काटना बहुत भारी लगता है.. वह सोचती है कैसे ये टाइम कटेगा… तभी उसे श्री का ख्याल आता है और वो उसके रूम की तरफ चल देती है.. रूम के पास पहुँच कर शमा दरवाजे पर दस्तक देती है…
आहट सुनकर श्री दरवाजा खोलता है और सामने शमा को खड़े देखता है. अरे शमा तुम इस वक्त आओ… श्री चोन्क्ते हुए शमा से कहता है..
क्यों मैं तुम्हारे रूम में नही आ सकती क्या.. शमा ने कहा और अंदर आ गयी..
नही ऐसी कोई बात नही आओ बैठो.
वो क्या है ना मुझे नींद नही आ रही थी तो सोचा कि तुमसे ही कुछ बातें की जायें कहीं मैने तुम्हे डिस्टर्ब तो नही कर दिया.. शमा ने कहा और जाकर बेड पर बैठ गयी.

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