परिवार हो तो ऐसा – Update 52 | Erotic Family Incest Story

परिवार हो तो ऐसा - Family Incest Saga
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अब हेनरी प्रीति के पीछे आता और पोज़िशन लेकर अपने लंड को फिर से प्रीति की गंद मे घुसा देता है.. नीचे से पहले से ही जॉर्ज का लंड उसकी चूत में घुसा हुआ था.. अब प्रीति दो दो लंड का एक साथ मज़ा लेने लगती है… हेनरी अपनी पूरी ताक़त के साथ प्रीति की गंद मारने लगता है … नीचे से जॉर्ज भी ताल से ताल मिलाने की कोसिस करता है प्रीति दो सांड़ों के बीच लगभग पिस जाती पर उसे मज़ा भी बहुत आ रहा था …. वो अपने आपको सातवे आसमान पर पहुँची हुई महसूस कर रही थी…. उसका शरीर बार बार अकड़ रहा था चूत लगातार पानी बहा रही… उसे खुद पता नही था वह कितनी बार झाड़ चुकी थी उसकी आँहे … चीखे… रूम में गूँज रही थी…. राज भी अब स्वीटी को चोद कर प्रीति के पास आ जाता है और अपने लंड को प्रीति की होठों के पास ले जाता है…. प्रीति की आँखे इस दमदार चुदाई के कारण पहले से बंद थी राज के लंड को अपने होंटो पर महसूस कर वह अपनी आँखे खोलती है … और राज की ओर देख कर मुस्कुराती है …. ओर अपनी जीभ को निकाल कर राज के लंड के उपेर फिराती है…. कुछ देर जीभ फिराने के बाद वह अपना पूरा मुँह खोलती है और राज के लंड को अपने मुँह में लेके चूसने लगती… हेनरी अब भी अपनी पूरी ताक़त के साथ धक्के लगा रहा था…. जॉर्ज भी अपने हिप्स उठा उठा कर नीचे से धक्के लगा रहा था…. प्रीति की गंद और चूत इस दमदार चुदाई से लाल हो चुकी थी उसकी चूत से पानी की धारा लगातार बह रही थी…

स्वीटी सोफे पर बैठी प्रीति की चुदाई को बड़ी हैरानी से देख रही थी… उसे अपनी आँखो पर विस्वास ही नही हो रहा था प्रीति एक साथ तीन तीन लंड से चुद रही थी… उसके तीनो होल लंड से भरे हुए थे… राज स्वीटी की ओर मुस्कुरा कर देखता है और उसे इशारे से अपने पास आने को कहता है… स्वीटी राज के पास जाती है राज स्वीटी के होंठो पर अपने होंठ रख देता है… स्वीटी अपना मुँह खोलती है राज अपनी जीभ स्वीटी के मुँह मे डाल देता है स्वीटी राज की जीभ को चूसने लगती है… कुछ देर ऐसे ही चुदाई चलती होती है…. प्रीति का शरीर अकड़ने लगता है वह झड़ने के बिल्कुल करीब है… “आआहह एस… तट इस ईट… कीप डूयिंग इट…. अहहााअहह ऊऊओह कीएप फुउऊऊउक्कककककककक्कीईईईईगगगगगग…. एस… हार्डर … हार्डर…. दट इस …इट… यस… यस… यस… हार्डर….आआअहह ……. आइ ….. आम…. सी…ओ…म….आइ…..न….ग….. … आइ आम कमिंग….. कमिंग…. यस….. ऊऊओह यययययाआआआआआआआ ….. “ और इसी के साथ प्रीति की चूत पानी छोड़ देती है… वह अपने शरीर को ढीला छोड़ देती हेनरी अब भी उसकी गांद मारे जा रहा था…. यू आर सो टाइट बेबी … शोओओ ब्यूटिफुल शोओओ हूऊतततत्त युवर आस टू टाइट आइ लव्ड दट…….. टेक इट बेबी टेक इट… याअ ऊओह याअ ….. हेनरी चोदे जा रहा था और बड़बड़ा भी रहा था…… और तभी उसके शरीर को झटका लगता है… वह प्रीति की गंद में अपना पानी छोड़ने लगता है… प्रीति हेनरी के वीर्य को अपनी गंद में महसूस करने लगती है…. नीचे जॉर्ज भी अब झड़ने की कगार पर है… वह भी तेज़ी से अपने चूतदों को उछाल उछाल कर अपने लंड को दनादन प्रीति की चूत में पेलता है…. और कुछ ही धक्को के बाद अपना रस प्रीति की चूत में छोड़ देता है… प्रीति की चूत जॉर्ज के वीर्य से भर जाती है उसकी गंद से हेनरी का वीर्य निकल कर उसकी चूत में आने लगता है प्रीति जॉर्ज और हेनरी तीनो का रस मिक्स होने लगता है… प्रीति अभी भी राज का लंड चूस रही थी. … राज भी अब बस झड़ने ही वाला है… वह दो चार धक्के प्रीति के मुँह में लगाता है और अपना रस प्रीति के मुँह में छोड़ देता है… प्रीति राज के लंड से निकले वीर्य की एक एक बूँद को अपने गले से नीचे उतार लेती है और लंड को चाट चाट कर साफ करती है… पाँचों पूरी तरह से थक चुके है… कुछ देर के लिए किसी को कोई होश ही नही रहता है… सभी थक कर चूर है लेटते ही उन्हे नींद आने लगती है…. सभी वहीं सो जाते है…..

स्वीटी की आँखों में नींद नही थी अभी अभी जो हुआ वह उसी के बारे में सोच रही थी… उसे अब भी विस्वास नही हो रहा था प्रीति ऐसा कर सकती है…. वह बहुत बेचैन और हैरान थी… उसे समझ नही आ रहा था कि क्या करे… प्रीति को देखते हुए उसे लग रहा था कि प्रीति कितना एंजाय कर रही थी… वो दो विदेशियों और अपने भाई के साथ चुदाई का भरपूर मज़ा ले रही थी इस दीन दुनिया से बेख़बर ऐसा लगता था जैसा वो एक एक पल को जी लेना चाहती है…. शायद प्रीति को लगता है कि चुदाई सिर्फ़ उसी के लिए बनी है… स्वीटी सोच रही थी क्या वो भी ऐसा कर सकती है… क्या वो एक साथ तीन तीन लंड का मज़ा ले सकती… हालाँकि गंद मरवाने में उसे अब मज़ा भी आने लगा था.. पर कभी उसने एक दो लंड नही लिए थे वो पेशोपेश में थी उसे ये ट्राइ करना चाहिए या नही… स्वीटी इस समय कुछ भी डिसाइड करने की हालत में नही थकावट से उसका भी बुरा हाल था.. और ये सोचते सोचते उसे कब नींद आई पता नही चला…

सुबह सबसे पहले राज की आँख खुलती है…. राज के सर में हल्का हल्का दर्द हो रहा था वह रात के सीन के बारे में सोचता है…. ओर उठ कर बाथरूम मे फ्रेश होने चला जाता है.. जब राज बाथरूम से बाहर आता है उसे सब वैसे ही सोए दिखाई देते हे जैसे वो कुछ देर पहले छोड़ कर गया था…. राज देखता है प्रीति जॉर्ज और हेनरी के बीच मे लेटी है प्रीति का मुँह जॉर्ज की ओर है और जॉर्ज के हाथ प्रीति के चूतदों के उपेर हैं ऐसा लगता है कि रात को सोने से पहले जॉर्ज ने प्रीति के चूतदों को सहलाया होगा… हेनरी के हाथ प्रीति की चूचियों के उपेर हैं और उसकी छाती प्रीति की पीठ से सटी हुई है….. सोने से पहले वह भी प्रीति की चूचियों को मसलकर सोया होगा… स्वीटी बेड के दूसरे किनारे पर बेसूध सोई पड़ी है इस दीन दुनिया से बेख़बर किसी के भी शरीर पर लेशमात्र भी कपड़ा नही है…. सभी के सभी अपने बर्तडे सूयीट मे सोए हुए हैं…

राज चल कर प्रीति के पास आता है और उसे उठाने के लिए आवाज़ लगाता है… दो तीन बार आवाज़ लगाने पर भी जब प्रीति नही उठती है राज आगे बढ़कर अपने हाथ से प्रीति के कंधे को पकड़कर उसे नींद से जगाने के लिए हिला देता है… प्रीति हड़बड़कर उठ जाती है… उसके साथ साथ हेनरी और जॉर्ज भी उठ जाते हैं…. राज आगे बढ़कर स्वीटी को हिलाता है स्वीटी भी उठ जाती है… फिर सभी अपने कपड़े पहनते हैं. राज स्वीटी और प्रीति थोड़ी देर बाद हेनरी और जॉर्ज बाइ बोलकेर अपने होटेल में वापस आ जाते है..

होटेल पहुँचने के बाद राज अपने कमरे में जाता है और ब्रेकफास्ट का ऑर्डर देता है.. स्वीटी और प्रीति अपने कमरे में चली जाती हैं फ्रेश होने के लिए.. राज ब्रेकफास्ट का ऑर्डर देने के बाद अपने कमरे से बाहर आता है और अपने अंकल के रूम पर जाकर चेक करता है की वो अभी आए हैं या नही.. पर मोहन अभी तक वापस नही आए थे… राज फिर प्रीति और स्वीटी के रूम पर जाकर नॉक करता स्वीटी दरवाजा खोलती है …. बहुत भूक लग रही थी राज तुमने कुछ खाने को ऑर्डर किया भी है या नही… स्वीटी राज से लगभग चिल्लाते हुए पूछती है… हां मैं तुमको यही बताने के लिए आया था कि मैने ब्रेकफास्ट का ऑर्डर दे दिया है.. तुम दोनो जल्दी से मेरे रूम पर जाओ राज ने जवाब दिया…. हां हम बस अभी आ रहे हैं…. बाथरूम से बाहर आते हुए प्रीति कहती है… प्रीति के शरीर से भीनी भीनी खुसबू आ रही थी वो अभी अभी शवर लेकेर बाहर आई है और उसने एक वाइट टवल अपनी चूचियों के ठीक उपेर बाँधा हुआ है टवल उसकी जाँघो के जोड़ से कुछ नीचे तक मुस्किल से आ रहा था बस यू समझ लो कि प्रीति की चूत को तक ही पहुँच रहा था… प्रीति इस समय बहुत ही क्यूट लग रही थी.. जिसे स्वीटी ओर राज दोनो ने देखा …. राज अपने आप को रोक नही पाया ओर प्रीति की ओर बढ़ गया… प्रीति के पास पहुँच कर राज प्रीति के सर को अपने दोनो हाथों से पकड़ कर अपने होंठ प्रीति के रसीले होंठो पर रख देता है… प्रीति भी राज का पूरा साथ देती है और दोनो एक डीप किस में खो जाते हैं… स्वीटी बेड पर बैठी दोनो भाई बहेन को किस करते देखती रहती है… “राज मुझे बहुत भूख लग रही है… ये सब तो तुम दोनो बाद में भी कर सकते हो”… स्वीटी ने ज़ोर से चिल्लाते हुए कहा… दोनो पर स्वीटी के चिल्लाने का कोई असर नही होता है.. वो दोनो अभी एक दूसरे में ऐसे खोए हुए थे जैसे उन्हे कोई होश ही नही हो… राआआआआआआजजजज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज …स्वीटी फिर से चिल्लाति है… इस दोनो का ध्यान टूटता है दोनो अलग हो जाते है… मैं कब से तुम दोनो से कह रही हूँ तुम हो के सुनने का नाम ही नही ले रहे हो.. स्वीटी ने आगे बढ़ते हुए कहा… और राज का हाथ पकड़ कर अपने रूम से लगभग बाहर निकालते हुए कहा राज हम अभी आते हैं तुम देखो कि नाश्ते का क्या प्रोग्राम है… राज अपने रूम पर वापस आ जाता है… स्वीटी अपने रूम का दरवाजा बंद करती और बिना प्रीति की ओर देखे बाथरूम में घुस जाती है…

प्रीति वॉर्डरोब से अपने कपड़े निकालती है और बेड के एक कोने मैं बैठ कर स्वीटी का वेट करने लगती है… प्रीति सोचती है कहीं स्वीटी को बुरा तो नही लगा.. नही नही स्वीटी बुरा मान ही नही सकती प्रीति अपने आप से कहती है… फिर उठ कर बाथ रूम तक आती है और रुक जाती है… “कहीं तुम्हे बुरा तो नही लगा स्वीटी”… प्रीति बाहर से ही तो तेज स्वर में स्वीटी से पूछती है… अंदर से कोई आवाज़ नही आती है.. “मैं कुछ पूछ रही हूँ स्वीटी..” प्रीति फिर से पूछती है…. नही मुझे बुरा नही लगा पर तुम दोनो अपने रोमॅन्स के चक्केर में मुझे भूल गये बस थोड़ा गुस्सा आया था.. तुम्हे पता है मुझे बूख लगी है… पर अब मैं ठीक हूँ.. स्वीटी एक बार में ही सब बोल जाती है…. ओके जल्दी से बाहर आओ नाश्ता आ चुका होगा और राज हमारा वेट कर रहा होगा … कहकेर प्रीति बेड के पास आती है और अपने कपड़े पहनने लगती है… थोड़ी देर बाद स्वीटी भी नाहकेर बाहर आती है.. और अपने कपड़े पहनती है.. फिर दोनो राज के कमरे में जाती हैं जहाँ तीनो मिलकर नाश्ता करते हैं और आगे का प्रोग्राम बनाते है..

“पापा अभी तक नही आए तुम्हे कुछ पता है राज…” स्वीटी राज से पूछती है.. हां अंकल को अभी तक आ जाना चाहिए थे.. प्रीति बोलती है. मोहन अंकल शायद किसी काम से बिजी होंगे जिस कारण आ नही पाए मुझे लगता है बस अभी आने ही वाले होंगे.. तब तक हम थोड़ा आराम करते हैं तब तक वो भी आ जाएँगे… राज ने कहा. यही ठीक रहेगा क्यूँ प्रीति.. स्वीटी प्रीति की ओर मुँह करके पूछती है.. जैसा तुम चाहो वैसे अभी करने को कुछ है ही नही तो अंकल का ही वेट करते हैं… प्रीति बोलती है. तो ठीक है हम मोहन अंकल का वेट करते हैं.. राज कहता है और बेड पर लगभग लेट जाता है.. मैं अपने रूम में जा रही हूँ तुम्हे चल रही हो स्वीटी …. प्रीति स्वीटी से पूछती है. नही मैं यहीं ठीक तुम जाना चाहो तो चली जाओ.. स्वीटी कहती है. मैं भी कुछ देर अकेले रहना चाहती हूँ कहकेर प्रीति उठ कर अपने रूम में चली जाती है.. स्वीटी प्रीति के पीछे पीछे आती है और राज के रूम का दरवाजा बंद करके वापस बेड पर लेटे राज के पास आती है. राज मैं तुमसे कुछ पूछना चाहती हूँ.. स्वीटी राज से कहती है. हां पूछो क्या पूछना चाहती हो… राज कहता है. राज तुम्हे क्या लगता है जैसे प्रीति कल रात एक साथ तीन तीन लंड से चुदवा रही थी वो चुदाई की मास्टर बन चुकी है वो कल बिल्कुल एक पोर्न्स्टार की तरह बिहेव कर रही थी स्वीटी कहती है. तुम कहना क्या चाहती हो स्वीटी खुल के बताओ मुझे.. राज स्वीटी से कहता है. मैं जानना चाहती हूँ क्या सच में प्रीति को मज़ा आ रहा था या वो आक्टिंग कर रही थी ….. स्वीटी राज से पूछती है..

स्वीटी ये बात तो है के प्रीति को कल सच में मज़ा आ रहा था और वो कल बहुत खुस थी ऐसा लग रहा था जैसे वो इस पल को गुजारने ही नही देना चाहती हो …. राज कहता है. पर तुम ये सब क्यूँ सोच रही हो जो भी हुआ वो तुमने अपनी आँखो से देखा है और तुम खुद उस चुदाई में शामिल थी ….. राज स्वीटी से पूछता है. पता नही मुझे क्या हो गया है मैं कुछ भी डिसाइड नही कर पा रही हूँ मुझे अभी भी लगता है जैसे वो एक सपना था …… स्वीटी राज को अपने दिल का हाल बताती है और राज से बिल्कुल सॅट के लेट जाती है. राज स्वीटी के बालों में अपनी उंगलियाँ फिराने लगता है….. स्वीटी थोड़ा घूम जाती है और राज की आँखों में देखने लगती है. राज भी स्वीटी की आँखों में देखे जा रहा था… फिर एकाएक दोनो के लब मिल जाते हैं और दोनो रोमॅन्स की एक अलग दुनिया में खो जाते है…. दोनो के हाथ एक दूसरे की पीठ को सहला रहे है.. राज अपनी जीभ स्वीटी के मुँह मे डाल देता है जिसे स्वीटी चूसने लगती है… दोनो का सलिवा मिक्स हो जाता है एक डीप किस में दोनो खोए हुए है. राज अपना एक हाथ स्वीटी की चूचियों पर रख देता है और टी-शर्ट के उपेर से ही स्वीटी की चूची को मसल्ने लगता है… आइ लव यू राअज स्वीटी राज के मुँह से अपना मुँह हटाते हुए बोलती है.. आइ लव यू टू स्वीटी राज भी स्वीटी की भासा में ही बोलता है और फिर से दोनो किस करने लगते हैं.

कुछ देर किस करने के बाद स्वीटी अचानक से उठ के बैठ जाती है और अपनी टी-शर्ट एक झटके मे निकाल कर फेंक देती है उसने नीचे ब्रा नही पहनी थी स्वीटी टॉपलेस हो जाती है और उसकी दमदार चूचिया एक दम से बाहर आ फॅड्फाडाने लगती है. स्वीटी अब अपनी स्कर्ट उतारती है स्वीटी के शरीर पर अब सिर्फ़ एक छोटी सी पिंक पेंटी रह जाती है जिसे स्वीटी उतार कर एक और फेंक देती है… राज स्वीटी को उत्तेजना मे अपने कपड़े उतारते हुए देखता ही रह जाता है. स्वीटी अपने कपड़े उतार कर राज के पास आती है और राज के कपड़े उतारने लगती है देखते ही देखते राज भी पूरा नंगा हो जाता है…

स्वीटी राज को बेड पर लेटा देती है और खुद उसके उपेर आ उसे चूमने लगती है… कभी माथे पर, कभी गाल पर, कुछ ही पॅलो में दोनो के होंठ मिलते हैं और दोनो एक दूसरे को किस करने लगते है… एक डीप लोंग किस करने के बाद स्वीटी राज के सीने पर चुंबन की बोछार कर देती है… राज के हाथ भी कभी स्वीटी के की पीठ पर तो कभी उसके सर में स्वीटी के बालों को सहला रहे थे … दोनो की उत्तेजना अपने चरम पर थी… स्वीटी थोड़े नीचे जाते हुए राज के लंड तक पहुँच जाती है और लंड के आस पास किस करने लगती और अपने एक हाथ से लंड को पकड़ कर सहलाने लगती है.. कोई कुछ भी बोल नही रहा था.. बस जैसे सब कुछ शांत सा महॉल उसमे कभी कभी चुंबनो की आवाज़ आ रही थी… स्वीटी अब राज के लंड पर किस करने लगती है और अपनी जीभ बाहर निकाल कर लंड के सूपदे को चाटने लगती है.. लंड पर पहले से ही प्रेकुं की बूंदे मौजूद थी जिसे स्वीटी चाट जाती है … एकाएक स्वीटी राज के लंड को अपने मुँह मे डाल लेती है और चूसने लगती है. जैसे ही स्वीटी लंड को अपने मुँह मे लेती है राज के हाथ अपने आप स्वीटी के सर तक पहुँच जाते हैं राज के मुँह से एक कामुक आहह निकल जाती है राज स्वीटी के सर को पकड़ कर उपेर नीचे करने लगता है स्वीटी को राज का मोटा लंबा लंड अपने मुँह मे लेने में तकलीफ़ हो रही थी … वैसे तो वह पहले भी बहुत बार राज के लंड को चूस चुकी है… धीरे धीरे वो लंड चूसने मे अभयस्त हो रही थी और जितना हो सके राज के लंड को अपने मुँह में लेने की कोसिस कर रही थी..

थोड़े देर और लंड चूस के बाद दोनो अपनी पोज़िशन थोड़ा चेंज करके 69 पोज़िशन में आते है अब राज भी अपना मुँह स्वीटी की चूत पर रख कर चाटने लगता है चूमने लगता है… स्वीटी बराबर राज के लंड को चूसे जा रही थी राज की जीभ अपनी चूत पर पाकर वह सातवें आसमान पर पहुँच गयी … चूत को चूस्ते चूस्ते राज अपने हाथ की दो उंगलियाँ स्वीटी की चूत में डाल देता है और उसकी क्लाइटॉरिस को अपने मुँह मे भर कर चूसने लगता है…. स्वीटी के पूरे शरीर में सनसनी च्छा जाती है वह झड़ने के बिल्कुल करीब है उसका शरीर अकड़ने लगता है… ” ऊहह राज ये तुमने क्या कर दिया …. हाआँ आाऐययीीइसस्स्स्सीईई ही छ्ूऊऊऊऊऊऊऊसस्स्स्स्स्स्स्सूऊऊऊऊ मेरी चूत को ,,, और चाआतो ऊऊहह आईसीईए हीईीईई ऊऊओह र्रर्राआआआआआअजजजज्ज्ज्ज्ज मेरा होने वाला है…” स्वीटी राज के लंड को अपने मुँह से निकाल कर चिल्लाने लगती है… राज ने भी अपने हाथ की स्पीड थोड़ा बढ़ा दी और वह लगातार चूत को चूस और चाट भी रहा था … ऊऊओह राआज्जजज्ज तुम कितने अच्छे हूऊओ ऐसे ही करते रहो बस मेरा होने वलाालल्ल्ल्ल्लाआअ हााईयईईईईईई…. स्वीटी फिर बड़बड़ाती है.. अचानक स्वीटी की पूरा शरीर अकड़ गया …. स्वीटी का पूरा शरीर काँप रहा था और वह झार झार कर झड़ने लगती है… झड़ने के बाद स्वीटी अपने शरीर को ढीला छोड़ देती है और अपनी सासो को संभालने का प्रयास करती है.

राज और स्वीटी घमासान चुदाई के बाद दोनो थक कर सो जाते हैं. प्रीति पहले ही अपने कमरे में सो रही है. इसी बीच मोहन वापस होटेल आता है और अपने रूम मे जाकर फ्रेश होते हैं और अपने रूम से निकल कर राज के रूम में जाने के लिए जैसे ही दूर को थपथपाने का प्रयास करते हैं दूर खुल जाता है वो देखते हैं राज और स्वीटी दोनो बिल्कुल नंगे होकर बेसूध पड़े सो रहे हैं. पूरे रूम में कुछ देर पहले हुई चुदाई की खुसबू फैली हुई है मोहन ये सब देख कर उत्तेजित हो जाता है उसका हाथ अपनेआप ही अपने लंड को सहलाने लगता है फिर कुछ सोच कर वापस बाहर आता है और प्रीति के रूम की और बढ़ता है डोर के पास जाकर उसे खोलने की कोसिस करता है पर डोर अंदर से बंद होने के कारण नही खुलता. मोहन डोर खोलने के लिए दस्तक देता है पर दरवाजा फिर भी नही खुलता क्योंकि प्रीति गहरी नींद में थी. मोहन के कई बार कोसिस करने के बाद प्रीति की आँख खुल जाती है और वह डोर ओपन करती है सामने मोहन को देख कर अंदर आने का इशारा करती है मोहन अंदर आता है. आप कब आए …प्रीति पूछती है. बस अभी अभी आया हूँ और तुम्हारी बहुत याद आ रही थी तो सबसे पहले तुम्हारे पास आ गया….

मोहन ने जवाब दिया और आगे बढ़कर प्रीति को अपनी बाँहो मे भर लिया. प्रीति भी मोहन से लिपटती चली गयी. मोहन ने अपने होंठ प्रीति के होंठो पर रख दिए और दोनो एक लंबी पॅशनेट किस में खो गये… थोड़ी देर बाद दोनो अलग हुए और एक दूसरे के कपड़े उतारने लगे… कुछ ही पलों में दोनो के कपड़े फर्श पर पड़े हुए थे मोहन और प्रीति दोनो बेड पर लेटे हुए एक दूसरे फिर से चूमने चाटने लगे दोनो ने पोज़िशन बदली और 69 पोज़िशन मे आ गये… प्रीति ने झट से मोहन के लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी मोहन भी कहाँ पीछे रहने वाला थाउसने भी प्रीति चूत को चूसना सुरू कर दिया और एक हाथ से उसकी क्लाइटॉरिस को मसल्ने सहलाने लगा दोनो उत्तेजना धीरे धीरे बढ़ती ही जा रही थी प्रीति मोहन के लंड पूरा अपने मुँह में लेने की कोसिस करने लगी साथ ही उसकी बॉल्स को सहलाती भी जा रही थी…. पूरे रूम में दोनो की साँसें गूँज रही थी.. कुछ देर ऐसे ही चूत और लंड चुसाइ चलती रही कुछ ही देर प्रीति की उत्तेजना अपने चरम पर पहुँच गयी उसका शरीर अकड़ गया और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया… प्रीति ने मोहन के लंड को बिना रुके चूस्ति रही.. प्रीति के झड़ने के बाद मोहन ने अपना मुँह उसकी चूत से हटा लिया…

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