नूसी आपा ने मुस्कुराते हुए की घर के रिश्तों की तरक्की की कहानी बतायी ,”शब्बो खाला,पहले तो नेहा ने अपनी भैया और जीजू से खूब चुदवाया। और यह मेरे पीठ के पीछे हुआ। ”
मैंने कुछ कहने के बारे में सोचा पर शब्बो बुआ ने मुझे चूम कर चुप कर दिया।
नूसी आपा ने आगे बात बढ़ायी , “और अब आपकी छोटी भांजी ने भी अपना कुंवारापन का तोहफा जीजू को दे दिया है। दोनों रंडियों ने दो दिन खूब चुदवाया अपने जीजू से। ”
“अरे नूसी मैं तो सोच रही थी कि कितना सब्र करेगा मेरा आदिल अपनी साली के सही रास्ते पे आने का। चलो नेहा ने यह तो बहुत अच्छा काम किया है, ” शब्बो बुआ ने मेरे सख्त खड़े चुचुकों को बेदर्दी से मसलते हुए मेरो बड़ाई की।
“खाला अभी पूरी बात मैंने कहाँ बतायी है। नेहा ने एक और अच्छा काम किया है। उसने सुशी खाला के कहने पे अब्बू का बिस्तर भी गरम किया है। मैं तो अब नेहा और भी प्यार करतीं हूँ मेरे अब्बू का खाया रखने के लिए ,”नूसी आपा धीरे धीरे असली बात पे आ रहीं थी और मुझे जल्दीऔर बेसब्री से खुजली होने लगी।
“नूसी आपा आप कछुए की चाल से बात बता रही हैं ,” मैंने नूसी आपा से गेंद छीन ली , “शब्बो बुआ , नूसी आपा और अकबर चाचू का भी मिलान हो गया है। कल रात चाचू रात नूसी आपा को दिल भर कर कूटा है। ”
शब्बो आपा धक् रह गयीं ,” नूसी बेटा यह तो बहुत अच्छा हुआ। मेरा दिल अकबर भाईजान के अकेलेपन से दर्द स भरा हुआ था। पर अब मैं उनके लिए बहुत खुश हूँ। लेकिन नूसी यह बता की मेरे आदिल का लन्ड भाईजान के मुकाबले कैसा है ? उतना ही लंबा मोटा है या अलग है?”
“हाय अल्लाह क्या बताऊँ खालाजान दोनों का लन्ड जैसे एक दुसरे के जैसे हैं। जैसे एक ही सांचे में ढलें हों। बस अब्बू के लन्ड पे मोटी मोटी नसें हैं और उनके लन्ड का रंग थोड़ा गाड़ा है । पर आदिल का लन्ड बिलकुल चिकन और थोड़ा ज़्यादा गोरा है ,”नूसी आपा की आवाज़ में अपने खाविंद और अब्बू के घोड़े जैसे लण्डों के ऊपर फख्र साफ़ साफ़ ज़ाहिर हो रहा था।
पर मुझे अचानक जैसे बिजली की कौंध जैसा ख्याल आया , “पहले आप यह बताइये शब्बो बुआ आपको कैसे पता की अकबर चाचू के लन्ड के बारे में। आपने कब देखा चाचू का लन्ड। सच बताइये बुआ ,”मैंने अब शब्बो बुआ के दोनों चुचुकों को बेदर्दी से मसल दिया।
“नेहा ठीक कह रही है। मैं तो अब्बू और आदिल के लन्ड ख्याल से बिलकुल गाफिल हो गयी थी। आपने कब देखा अब्बू का लन्ड बुआ। आपको अब्बू की कसम हकीकत ब्यान कीजिये बिना कुछ छोड़े,” नूसी आपा की ट्यूब लाइट देर से जली पर जब जली तो चमचमा के।
“अरे तुम दोनों प्यारी रंडियां मेरे बेटे और भाईजान से दिल खोल के चुदवा के अब कैसे वकीलों की तरह जिरह कर रहीं हैं ? “बुआ ने नूसी और मेरे स्तनों को ज़ोर से मसला और हँसते हुए कहा , “ठीक है। जैसे तुम दोनों ने सच सच बताया तो मुझे भी हकीकत बयान करनी पड़ेगी। ”
“तुम दोनों को पता है कि मेरा निकाह जब की थी तो मेरे ममेरे भाई मुज्जफर से हो गया था। हम दोनों पहले महीने से ही बच्चे की तमन्ना से दिन रात मुझे पेट से करने की पूरी कोशिश करने लगे थे। जब तीन साल बाद अकबर भैया का निकाह की होने वाली थी। मैं और रज्जो भाभी पहले दिन से ही बहनों की तरह करीब आ गयीं थीं। और रज्जो भाभी खूब खुल कर पानी और भाईजान की चुदाई का खुला खुला ब्योरा देतीं थीं। मेरे खाविंद का लन्ड खूब मोटा और तगड़ा था करीब आठ इंच का पर रज्जो भाभी के प्यारे से मुझे पता चला की अकबर भाईजान का लन्ड तो छगोड जैसा लंबा और मोटा है। दो महीनों के बाद नूसी के नानाजान घोड़े से गिर गए थे और उनकी टांग टूट गयी थी। भाभी को अपने घर जाना पड़ा। अकबर भाईजान रज्जो भाभी को रात दिन चोदने आदत वो रज्जो के बिना भूखे सांड की तरह पागल थे। उन्होंने शाम होते ही खूब शराब पीनी शुरू कर दी। मुझसे यह देखा नहीं गया और मैंने रज्जो भाभी को फोन किया और भाईजान की हालात ब्यान की। ”
बुआ ने गहरी सांस ली और फिर आगे बताने लगीं ,” रज्जो भाभी ने कहा हाय अल्लाह शब्बो मैं क्या करूँ। अब्बू की टांग का आपरेशन होने वाला है। अब तो शब्बो तुम्हारी इमदाद से ही काम बनेगा। मैंने रज्जो भाभी से पूछा कि भाभी मैं कैसे मदद कर सकतीं हूँ।
“ रज्जो भाभी ने मुझे समझाया देखो शब्बो मेरे नंदोई भी वतन से बहार है पिछले महीने से। भाभी ने ठीक कहा था तुम्हारे फूफा जान पिछले दो महीनो से यूरोप में थे। भाभी ने आगे कहा कि देखो शब्बो तुम्हारा बदन भी चुदाई के लिए जल रहा तुम्हारे भाईजान भी चुदाई के लिए पागल हैं। देखो शर्म लिहाज़ को ठोकर मारो और मेरे कपडे पहन कर कब अकबर तोड़े नशे में हो तब उनके पास चली जाना। कमरे की बिजली धीमी कर देना और देखना कितनी आसानी से अकबर तुम्हें मुझे समझ लेंगें। मैं थोड़ी देर तो शर्म से घबराई पर भाईजान के प्यार की फतह ने मेरी शर्म को मेरे दिमाग से बाहर धकेल दिया।”
नेहा का परिवार – Update 154 | Erotic Family Saga

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