परिवार हो तो ऐसा – Update 32 | Erotic Family Incest Story

परिवार हो तो ऐसा - Family Incest Saga
Reading Mode

वासू ने अपनी भतीजी और बेटी को ठीक अपनी ही तरह कर दिया यानी

चोपाया बना दिया किंतु थोड़ी दूरी रखी दोनो के बीचे मे.. फिर उसे

उस नकली लंड के एक साइड को स्वीटी की चूत से लगाया तो दूसरे सिरे

को अपनी बेटी की चूत के छेद से…

“अब ठीक है.. अब तुम दोनो इस लंड को अपनी चूत मे लेने की कोशिश

करो..” वासू ने कहा.

अब दोनो लड़कियाँ अपने अपने चूतड़ हिला उस लंड को अपनी चूत के

अंदर लेने लगे.. दोनो एक दूसरे को उस नकली लंड से चोद्ने लगी..

दोनो के मुँह से सिसकारियाँ फुट रही थी…

‘ओह हाां आऊहह आआआः अया”

वासू दोनो लड़कियों को इस तरह सिसकते देख एक बार फिर उत्तेजित हो

गयी और उसने वो हरे रंग वाला डिल्डो उठा लिया और अपनी चूत मे

तेज़ी से अंदर बाहर करने लगी…

कमरे मे अब तीनो की सिसकारियों की आवाज़ गूँज रही थी.. और फिर

जोरों से सिसकते हुए तीनो एक साथ झाड़ गयी..

थोड़ी देर सुसताने के बाद तीनो ने उठ कर अपने अपने कपड़े पहने

और फिर वासू अपनी बेटी को ले अपने घर की ओर चल पड़ी… दोनो अपनी

अपनी सोच मे गुम थी..

प्रीति सोच रही थी कि जब मम्मी को पता चलेगा कि में राज से

चुदवाति हूँ तो क्या सोचेंगी और वहीं वासू सोच रही थी अगर मेरी

बेटी को पता चला कि में अपने ही बेटे और उसके भाई से चुदवाति

हूँ तो पता नही क्या सोचेगी……

……………………..

राज ने अपने चाचा के घर की घंटी बजाई तो उसकी चाची ने दरवाजा

खोला.. और ये देख के वो चौंक पड़ा कि उसकी चाची आज बहुत ही

खुश नज़र आ रही थी.. वो आज शमा के साथ पब जा रहा था इस

लिए उसे अपने साथ ले जाने के लिए आ आया था… लेकिन वो अभी तक

घर नही पहुँची थी..

नेहा चाह कर भी अपनी आँखे राज के खड़े लंड पर से नही हटा पा

रही थी.. उसे तो वो समय याद आ रहा था जब उसने अपनी जेठानी

और राज की मम्मी के साथ राज के मोटे लंड को अपनी चूत और गंद मे

लिया था… उसने राज को लिविंग रूम मे बिठाया और उसे एक बियर लाकर

पकड़ा दी….. उसका दिल तो कर रहा था कि अभी राज के लंड को पकड़

उससे खेले….

जब आधी बियर पेट मे चली गयी तो राज की नज़रे भी अपनी चाची के

बदन को निहारने लगती.. उसकी चाची नेहा जब घर के काम मे इधर

से उधर घूमती तो उसकी नज़रे अपनी चाची के मटकते कुल्हों पर

ठहर जाती और वो सोचने लगता क्या उसकी चाची की गंद भी उसकी

मा की गंद की तरह मस्त है… थोड़ी देर बाद नेहा ने अपने भतीजे

से कहा…

“राज में ज़रा कपड़े बदल कर आती हूँ क्यों कि आज तुम्हारे चाचा

मोहन मुझे बाहर लेकर जा रहे है.”

राज वहीं हॉल मे बैठा बियर के घूँट लेता रहा.. जब नेहा वापस

लौटी तो उसने देख कि उसकी चाची ने बहुत ही छोटा स्कर्ट पहन रखा

था और साथ ही बहुत पतला टॉप पहना था जससे उसकी ब्रा की झलक

सॉफ दीखाई दे रही थी.. चुचियों की गोलाईयों के साथ उसके खड़े

निपल भी दीख रहे थे.. राज का लंड पॅंट के अंदर ही फड़फदा

उठा….

पर नेहा तो अपने प्लान के अनुसार कपड़े पहन कर आई थी.. उसने आज

खुल कर राज से चुदवाने का फ़ैसला कर लिया था… राज की मनोदशा

उससे छुपी नही थी… उसने अपने लिए एक ड्रिंक बनाई और राज के

बगल मे बैठ गयी.. नेहा ने स्कर्ट के नीचे पॅंटी नही पहनी थी

और उसने जान बूझ कर अपनी टांग इतनी फैला दी कि राज को उसकी बिना

बालों की चूत सॉफ दीखाई दे…

राज ने बहुत कोशिश कि वो अपनी चाची की छलकती चूत की ओर ना

देखे लेकिन फिर भी उसकी निगाह खुद बा खुद नेहा की चूत की तरफ

उठ जाती..

नेहा ने अपनी निगाह दूसरी ओर घूमा रखी थी जिससे राज जी भर

कर उसकी चूत को देख उत्तेजित हो सके…. और जैसे ही उसने अपना

चेहरा राज की तरफ घुमाया तो राज ने अपनी नज़रे पलट दी…. नेहा

राज के जांघों के बीच देखने लगी. जहाँ उसका लंड अपने पूरे आकार

मे तन कर पॅंट के अंदर खड़ा था.. जब राज की बियर ख़तम हुई तो

नेहा ने उससे कहा कि अगर उसे दूसरी चाहिए तो वो फ्रिड्ज से ले

सकता है…

राज की समझ मे नही आ रहा था कि वो क्या करे.. उसका दिल कर रहा

था कि वो जल्दी से जल्दी इस कमरे से चला जाए वरना वो अपने आप

पर काबू नही रख पाएगा… उसने दूसरी बियर लेने की सोची और

किचन की ओर जाने के लिए उठ खड़ा हुआ……

जैसे ही वो खड़ा हुआ नेहा ने अपनी टाँगे पूरी तरह से फैला दी…

उसकी स्कर्ट जांघों के उपर चढ़ गयी थी और अब उसकी बिना बालों की

चूत सॉफ तौर पर दीखाई देने लगी… राज ने अपने आप पर काबू

किया और किचन की ओर बढ़ गया… राज की हालत देख नेहा ने

सोच लिया कि उसे अब पहल कर देनी चाहये… नेहा भी उसके पीछे

पीछे अपने लिए अपनी ड्रिंक बनाने चल दी..

नेहा और राज अपनी अपनी ड्रिंक लेकर वापस सोफे पर आकर बैठ

गये…

“राज में तुमसे कुछ पूछना चाहती हूँ.. अगर तुम बुरा नही मानो

तो.. क्या में पूछ सकती हूँ?” नेहा ने अपनी ड्रिंक का घूँट भरते

हुए कहा.

“वैसे में ये नही जानता की आप क्या पूछना चाहती हैं.. लेकिन फिर

भी पूछिए क्या जानना है?” राज ने जवाब दिया..

“में ये जानना चाहती हूँ कि तुम्हारा लंड कितना लंबा है?” नेहा

ने थोड़ा झिझकते हुए कहा.. “वो क्या है ना में अपने आपको पूछे

बिना रोक नही पाई.. तुम्हारा लंड इस कदर पॅंट मे तना हुआ था.. कि

दिल किया तुम्हे पूछ लूँ”

“आप भी चाची क्या पूछ रही है?” राज शर्मा गया..

“इसका मतलब तुम्हे नही पता कि तुम्हारा लंड कितना लंबा है?” नेहा

ने अपनी बात पर ज़ोर देते हुए कहा.

“वो क्या है ना चाची मुझे लोगों ने कहा है कि मेरा लंड बहुत

लंबा है.. लेकिन सच कहूँ तो मेने आज तक इसकी लंबाई मापी नही

है” राज ने जवाब दिया..

“अगर तुम्हे सही में नही पता.. तो.. में तुम्हारा लंड देख कर

बता सकती हूँ कि ये कितना लंबा है..” नेहा ने कहा… उत्तेजना मे

उसकी चूत गीली होने लग रही थी और वो खुश थी कि उसने यहाँ

तक की विजय प्राप्त कर ली थी…

राज तो चौंक पड़ा था.. उसकी समझ मे नही आया कि वो अपनी चाची

को क्या कहे.. वो रिश्ते मे अपनी बेहन को अपनी मा को और अपनी चाची

की दोनो बेटियों को चोद चुका था.. लेकिन चाची के साथ… “क्या

चाची में क्या कहूँ” उसने हकलाते हुए कहा..

“राज तुम तो ऐसे शर्मा रहे हो जैसे कि मेने कह दिया हो कि मैं

तुम्हारा लंड चूसुन्गि” नेहा ने कहा..

“लेकिन आप मेरी चाची है.. और में कैसे हां कर सकता हूँ” राज

ने कहा.

“में तुम्हारा लंड देखना चाहती हूँ.. और मुझे इस बात से कोई

फरक नही पड़ता कि तुम मेरे भतीजे हो कि कोई और” नेहा ने जवाब

दिया..

“अगर आप तय्यार हैं तो मुझे क्या फरक पड़ता है” कह कर राज अपनी

चाची के सामने खड़ा हो गया और अपनी पॅंट के बटन खोलने लगा..

लेकिन उसकी चाची ने उसका हाथ झटक दिया और खुद उसकी पॅंट के

बटन खोलने लगी.. और थोड़ी देर मे ही नेहा ने उसकी पॅंट के बटन

खोल उसकी पॅंट को उसके पैरों मे गिरा उसके लंड को आज़ाद कर दिया..

“ऑश राज तुम्हारा लंड तो बहुत ही लंबा और मोटा है.. मेने इतना

लंबा लंड अपनी जिंदगी मे कभी नही देखा” नेहा ने उसके लंड को

अपने हाथों से पकड़ते हुए कहा.

राज सिर्फ़ मुस्कुरा दिया.. उसने देखा की उसकी चाची अब उसके सामने

नीचे घुटनो के बाल बैठ गयी थी और उसके लंड को अपनी मुट्ठी मे

भर मसल रही थी और भींच रही थी.. फिर उसने अपने मुँह को

खोला और उसके लंड को अपने मुँह मे ले चूसने लगी..

लंड के मुँह मे जाते ही राज के मुँह से सिसकरी फुट पड़ी.. नेहा ने

अब अपने भतीजे को सोफे पर धकेल बिठा दिया और उसकी टाँगो के

बीच आ उसके लंड को अपने मुँह मे अच्छी तरह ले चूसने लगी..

राज ने अपना हाथ अपनी चाची के सिर पर रख अपनी उंगलियाँ उसके

बालों मे फिरा उसके चेहरे को अपने लंड पर दबाने लगा.. और दूसरे

हाथ से उसने अपनी चाची की चुचियों को पकड़ उसके निप्पल को

खींचने लगा.. नेहा सिसक पड़ी.. और वो ज़ोर ज़ोर से अपने भतीजे के

लंड को चूसने लगी..

दोनो उत्तेजना मे चूर थे.. और एक दूसरे को मसल रहे थे.. नेहा

की हालत तो बहुत खराब थी उसकी चूत से पानी बह रहा था और

अंगार लगी हुई थी…

नेहा ने राज के लंड को अपने मुँह से निकाला और पूछा..

“क्या में इसे अपनी चूत मे ले सकती हूँ.. मुझसे तो अब रहा नही

जाता” कहकर वो खड़ी हुई और उसने अपना स्कर्ट खोल दिया.. फिर उसकी

टाँगो के अगल बगल अपनी टाँगे लगा उसने राज के लंड को अपनी चूत

से लगाया और बैठ कर उसके लंड को अपनी चूत मे लेने लगी..

“ऑश राज कितना मस्त लंड है तुम्हारा ऑश ऐसा लग रहा है कि ये

मेरी चूत की गहराइयों को चीर कर रख देगा.. ऑश बहुत अच्छा लग

रहा है..” नेहा उसके लंड पर उपर नीचे होते हुए बोल पड़ी..

राज भी अपनी कमर को उपर उठा अपनी चाची के हर धक्के के साथ

देने लगा और उसकी ताल से ताल मिलाने लगा…

“ऑश राज हाआँ आऐसे ही चोदो श तुम्हारा लंड जब मेरी चूत की

दाने को रगड़ते हुए जड़ तक घुसता है तो बहुत अच्छा लगता है श

हां चोदो और तेज़ी से चोदो..” नेहा और तेज़ी से अपने भतीजे के

लंड पर उछलते हुए सिसक पड़ी..

“हाआँ चाची आपकी चूत भी कमाल की है.. श ऐसा लग रहा है

कि जैसे किसी ने मेरे लंड को जाकड़ रखा है.. श चाची मेरा तो

छूटने वाला है.. ”

“हां राज भर दो मेरी चूत को अपने रस से मेरा खुद छूटने वाला

है.. श हाँ अंदर तक घुसा कर चोदो.. ” नेहा ज़ोर ज़ोर से उछल

उछल कर बोली..

राज ने अपनी कमर की रफ़्तार तेज कर दी और उसके लंड ने अपनी चाची

की चूत की गहराइयों मे अपना वीर्य छोड़ दिया और तभी नेहा की

चूत ने भी पानी छोड़ दिया…

दोनो थक कर अभी सुस्त हुए ही थे कि उन्हे घर के बाहर गाड़ी रुकने

की आवाज़ सुनाई पड़ी.. नेहा उछल कर अपने भतीजे की गोद से उठी और

अपने कपड़े ले अपने बेडरूम मे भाग गयी.. राज ने भी अपने कपड़े उपर

कर पहन लिए.. तभी शमा ने घर मे कदम रखा..

“हाई राज तुम्हे ज़्यादा देर तो नही हुई ना?” शमा ने अपने चचेरे

भाई से पूछा.

“नही कोई जयदा देर नही हुई” राज ने जबाब दिया.

“सॉरी राज” कहकर शमा राज के पास आई और उसे अपनी बाहों मे भर

अपने होठों को उसके होठों पर रख चूसने लगी…

शमा ने देखा कि साइड टेबल पर बियर की बॉटल रखी हुई थी.. “राज

तुम एक बियर और पियो तब तक में कपड़े चेंज कर के आती हूँ.”

शमा ने उससे कहा और अपने कमरे मे चली गयी..

“ठीक है” राज ने कहा और सोफे पर बैठ टीवी ऑन कर दिया..

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply