परिवार हो तो ऐसा – Update 5 | Erotic Family Incest Story

परिवार हो तो ऐसा - Family Incest Saga
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राज बिना बालों की choot स्क्रीन पर देखते हुए मूठ मारने लगा.. गीली चूत अपनी चूत मे उंगली डाल अंदर बाहर कर रही थी.. दोनो लोग अपने आप से खेल एक दूसरे को स्क्रीन पर दिखाते रहे.. कि तभी राज के लंड मे तनाव आना शुरू हो गया उसने एक हाथ से टाइप किया.

>राज_मस्ताना> मेरा छूटने वाला है.

>गीली चूत> मेरे लिए अपने हाथ मे अपना पानी छोड़ो.

राज अपने दाएँ हाथ से मूठ मारने लगा और अपने बाएँ हाथ को लंड के सूपदे पर कर दिया.. उसका लंड वीर्य की पिचकारी पर पिचकारी उसके हाथ मे छोड़ने लगा.. कुछ वीर्य ज़मीन पर भी गिर गया.

>गीली चूत> मज़ा आ गया राज.

>राज_मस्ताना> मुझे भी.. क्या हम दोबारा इस तरह मिल फिर से कर सकते है..

>गीली चूत> अभी कुछ कह नही सकती.. तुम ऑनलाइन नज़र रखना अगर में आई तो ज़रूर करेंगे. मेसेज करना.

>राज_मस्ताना> ओके अब मुझे जाना है.

>गीली चूत> ओके मुझे भी गुड नाइट

वसुंधरा ने कंप्यूटर बंद किया और पलंग पर लेट कर अछी तरह अपनी चूत मे उंलगी करने लगी.. उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.. राज ने अपने आपको और ज़मीन को साफ किया और पलंग पर आ कर लेट गया. उसने आँखे बंद कर ली और गीली चूत और अपनी मा की बिना बालों की चूत के सपने देखते हुए सो गया.. उसे ये अंदाज़ा नही था कि दोनो एक ही थी..

अगले दिन वसुंधरा नाश्ते के टेबल पर अपने बेटे से आँख नही मिला पा रही थी.. वो आपनी शर्मिंदगी और इच्छा के भंवर के बीच फँस के रह गयी थी… वो उसकी चमकती आँखों से आखें नही मिला पा रही थी और ना ही पूछ पा रही थी कि वो आज इतना खुश क्यों है.. रह रह कर उसकी निगाह उसकी जांघों के बीच उठ जाती और सोचने लगती कि उसके बेटे का लंड वाकई मे एक मर्द का लंड है..

अगले एक हफ्ते तक राज जब भी कंप्यूटर ऑन करता तो अपने मेसेंजर बॉक्स पर नज़र रखता कि कहीं गीली चूत उसे ऑनलाइन दीख जाए.. पर वो नज़र नही आई.. फिर एक दिन जब फिर से वो और उसकी मा ही घर पर थे तो उसके फ्रेंड्स लिस्ट मे उसका नाम नज़र आया..

>राज_मस्ताना> हाई !

>गीली चूत> हाई मस्ताने

>राज_मस्ताना> मुझे तो ऐसा लगने लगा था कि तुमसे दुबारा बात नही कर पाउन्गा.

>गीली चूत> में हमेशा यहाँ नही आ सकती..थोड़ा बिज़ी रहती हूँ..

>राज_मस्ताना> कोई बात नही.

>गीली चूत> पीचली बार तुम्हे मज़ा आया था ना?

>राज_मस्ताना> हां बहोत ज़्यादा और सोच रहा था कि काश तुम्हारी वो काली पॅंटी मुझे मिल जाती .

>गीली चूत> लगता है कि तुम्हे पॅंटी बहोत पसंद है?

>राज_मस्ताना> हां, पॅंटी को अपने लंड के चारों और लपेट मूठ मारने मे मुझे मज़ा आता है.

>गीली चूत> क्या तुम उन पॅंटी को पहनते हो?

>राज_मस्ताना> नही नही.. में सिर्फ़ उसे लंड पर लपेट अपने लंड को मसलता हूँ.

>गीली चूत> ओह !

>राज_मस्ताना> क्या तुम्हे सुन कर अछा नही लगा?

>गीली चूत> नही बस मुझे अस्चर्य हो रहा था.

>राज_मस्ताना> तब ठीक है.

>गीली चूत> तो क्या आज तुम मुझे वो अपना घोड़े जैसा लंड दीखाओगे?

>राज_मस्ताना> हां क्यों नही अगर तुम भी मुझे अपनी प्यारी चूत दीखावगी तो.

>गीली चूत> हां दिखाउन्गि ना.

राज ने अपनी पॅंट नीचे खिसका दी और अपने ढीले लंड को दीखाने लगा… वहीं दूसरी ओर उस औरत ने अपने कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ पॅंटी मे कुर्सी पर बैठ गयी.. आज उसने नीले रंग की सॅटिन की पॅंटी पहनी हुई थी जो काफ़ी छोटी थी और बड़ी मूसखिल से उसकी चूत को धक पा रही थी… वो अपने हाथ से अपनी चूत को मसल्ने लगी.. और राज ने महसूस किया कि उसका लंड हरकत करने लगा है.

>गीली चूत> क्या में तुम्हारे लिए कुछ करूँ जिससे तुम्हारा लंड खड़ा हो जाए.

>राज_मस्ताना> क्या तुम्हारे पास वो रब्बर का नकली लंड है जिसे तुम अपनी चूत मे डाल मुझे दीखा सको..

>गीली चूत> हां है मेरे पास

>राज_मस्ताना> क्या तुम उसे मेरे लिए अपनी चूत मे डाल सकती हो?

>गीली चूत> रूको में अभी लेकर आती हूँ.

राज ने देखा कि वो औरत थोड़ी देर के लिए स्क्रीन पर से गायब हो गयी.. जब वो वापस आई तो उसके हाथ मे एक चमड़ी के रंग का डिल्डो था और उसने पॅंटी उतार दी थी.. और अब वो उस नकली लंड को अपनी चूत पर घिस रही थी.

>राज_मस्ताना> अब इसे अपनी चूत मे घुसा दो.

वसुंधरा ने अपने बेटे के कहने पर वो नकली लंड अपनी चूत मे घुसा दिया और उसे अंदर बाहर करने लगी.. और राज अपने लंड को मसल्ने लगा.

>गीली चूत> क्या तुम्हारे पास कोई तेल या क्रीम है जिससे तुम अपने लंड को चिकना कर सको?

>राज_मस्ताना> नही मेरे पास यहाँ तो नही.. शायद मेरी मम्मी या मेरी बेहन के पास हो.

>गीली चूत> क्या दोनो मे से कोई घर पर है?

>राज_मस्ताना> सिर्फ़ मम्मी है घर पर.

>गीली चूत> तो ठीक है अपनी बेहन के कमरे मे देखो.

राज ने तुरंत अपनी पॅंट उपर चढ़ा ली और प्रीति के कमरे मे गया.. उसे कुछ क्रीम साइड टेबल पर पड़ी हुई मिली. उनमे से एक उठा कर वो वापस अपने कमरे मे आ गया और देखा कि गीली चूत अभी भी अपनी चूत से खेल रही थी.

>गीली चूत> इसे अब अपने लंड पर लगाओ और फिर मूठ मारो.

राज ने थोड़ी क्रीम अपने हाथों मे ली और फिर अपने लंड को मुट्ठी मे भर मसल्ने लगा.. क्रीम की ठंडक एक नया मज़े दे रही थी उसे..

राज_मस्ताना> उसे पूरा अपनी चूत मे डाल दो.

वसुंधरा ने उस खिलोने को आखरी जड़ तक अपनी चूत मे घुसा दिया.. और फिर राज को देखने लगी जो ज़ोर ज़ोर से अपने लंड को मुठिया रहा था.

>गीली चूत> हां और ज़ोर ज़ोर से मस्लो मेरे लिए और ज़ोर ज़ोर से और अपना पानी अपने पेट पर छोड़ दो

>राज_मस्ताना> ओके

राज ने अपनी शर्ट उतार दी और दोनो हाथो से अपने लंड को मसल्ने लगा.. तभी उसके नसों मे तनाव बढ़ा और उसके लंड ने वीर्य की पिचकारी उसके पेट पर छोड़ दी.

गीली चूत ने बताया कि वो भी झड़ने वाली है… राज उसे देखता रहा.. गीली चूत ने कमेरे को ज़ूम कर अपनी छूट के उपर कर दिया था. और तभी ये कहते हुए वो कि उसे कुछ काम है वो चली गयी.. राज उसे कुछ जवाब भी नही दे पाया.

इस हादसे के कुछ दिन बाद बलदेव को कुछ काम से टूर पर जाना था इसलिए वो एक महीने के लिए चला गया…. एक हफ़्ता गुज़र चुका था.. और राज को जिंदगी का मज़ा आ रहा था.. उसकी बेहन बराबर उसका लंड चूस्ति और उसे भी शौक चढ़ गया था अपनी बेहन की चूत चूसने और चाटने का…और वहीं गीली चूत भी उसका दिल बहलाती रहती थी… एक दिन की बात है…

>राज मस्ताना> क्या तुम मुझे किसी पॅंटी को अपने लंड पर लपेट मूठ मारते देखना पसंद करोगी.. में समझूंगा कि ये तुम्हारी पॅंटी है.

>गीली चूत> इससे अछी बात और क्या हो सकती है.

>राज_मस्ताना> लेकिन आज में कुछ ख़ास चीज़ देखना चाहता हूँ.

>गीली चूत> ओह.. क्या है वो?

>राज_मस्ताना> आज क्या तुम अपनी चूत मे किसी मोटी मूली को डाल अंदर बाहर कर सकती हो?

>गीली चूत> अब अपने इस ख़ास दोस्त के लिए तो करना ही पड़ेगा.

>राज_मस्ताना> अछा आइडिया है ना?

>गीली चूत> हां.. रूको में अभी किचन मे से लेकर आती हूँ.

>राज_मस्ताना> ओके

>गीली चूत> अछा ये बताओ किसकी पॅंटी लेकर आए हो?

>राज_मस्ताना> पहले तुम जवाब दो… तुम खुले विचारों की हो ना..?

>गीली चूत> हां

>राज_मस्ताना> मेरी बेहन की है

>गीली चूत> सच मे

>राज_मस्ताना> हां.

>गीली चूत> क्या तुम्हे अपनी बेहन पसंद है?

>राज_मस्ताना> हां ठीक है.. लेकिन सेक्सी बहोत है.

>गीली चूत> जब तुम उसकी पॅंटी अपने लंड पर लपेट मूठ मारते हो तो क्या उसके बारे मे सोचते हो?

>राज_मस्ताना> हां कभी कभी.

>गीली चूत> क्या तुम तय्यार हो.

>राज_मस्ताना> और तुम?

>गीली चूत> हां.

राज स्क्रीन पर देखते हुए अपने लंड को मसल्ने लगा… गीली चूत ने एक मूली उठाई और थोड़ी देर अपनी चूत पर घिसने के बाद उसे अंदर घुसाने लगी.. उसे विश्वास नही हो रहा था कि ये औरत उसका लंड देखने के लिए अपनी चूत मे मूली तक घुसा सकती है…

वो देखता रहा किस तरह पूरी पूरी की मूली उसकी चूत मे घुस गयी.. फिर वो उसे बाहर खींच अंदर बाहर करने लगी.. .. उसकी तेज़ी देख राज समझ गया कि उसे लंड की चाहत हो रही है..

>राज_मस्ताना> तुम्हारी चूत मे मूली घुसती हुई कितनी अछी लग रही है..

>गीली चूत> हां लेकिन अगर तुम्हारा लंड होता तो और अच्छा लगता.

>राज_मस्ताना> काश में तुम्हारी चूत मे अपना लंड घुसा पाता.

>गीली चूत> हां में भी तुम्हारे लंड को अपनी चूत मे महसूस करना चाहती हूँ.

>राज_मस्ताना> सिर्फ़ इस ख़याल से ही मेरा लंड पानी छोड़ने की तय्यरी कर रहा है.

>गीली चूत> तो छोड़ दो राजा मेरे लिए अपना पानी छोड़ दो

>राज_मस्ताना> तुम अपनी चूत मे मूली घुसा कर चोद्ति रहो.

राज उसकी चूत पर नज़रे गढ़ाए अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से मसल्ते रहा और फिर उसके लंड ने उसके हाथ मे पानी छोड़ दिया.. कुछ वीर्य ज़मीन पर गीर गया..

>गीली चूत> काश में तुम्हारे अमृत को तुम्हारे हाथों पर से चाट पाती.

>राज_मस्ताना> अगर तुम ऐसा कर पाओ तो मुझे बहोत खुशी होगी.

>गीली चूत> क्या पता हमारी किस्मत कभी हमे इस के लिए मौका दे दे.

>राज_मस्ताना> हां शायद किसी दिन .. लॉल

>गीली चूत> ठीक फिर मिलते है.

>राज_मस्ताना>ओ के

अगले हफ्ते के अंत मे प्रीति अपनी चचेरी बेहन स्वीटी के साथ बैठी थी.. आज स्वीटी की बेहन शमा का 21स्ट्रीट जनमदिन था. स्वीटी उसे बता रही थी कि राज कितना स्मार्ट और हॅंडसम लगता है अगर वो उसका भाई नही होता तो ज़रूर उसे पटाने के लिए वो कुछ करती.

प्रीति और स्वीटी लगभग एक ही उमर के थे.. और दोनो मे पटती भी खूब थी.. स्वीटी काफ़ी लंबी थी लगभग 5’10 की हाइट लंबी और पतली टाँगे.. उसके भूरे बाल उसके कंधों के नीचे तक आते थे.. उसकी चुचियों थोड़ी छोटी थी लेकिन निपल काफ़ी बड़े थे..

“तुमने कभी चुदाई का मज़ा लिया है?” प्रीति ने स्वीटी से पूछा.

“हां … कई बार”

“सही मे ! कैसा लगता है.” वो खुश हो गयी थी कि आख़िर कोई तो मिला जिससे वो सब कुछ पूछ सकती थी.

“मुझे तो बहोत मज़ा आता है.” स्वीटी हँसी.. “सच कहूँ प्रीति तुम्हे भी अब चुदवा लेना चाहिए” स्वीटी ने कहा, ” तुम इतनी सेक्सी हो कि लड़के तो तुम्हे चोदने के लिए मरे जा रहे होंगे.. तुम्हारी जितनी बड़ी चुचियों करने के लिए तो में कुछ भी कर सकती हूँ”

“स्वीटी सच कहूँ तो मेने अपने बॉय फ़्रेंड का लंड चूसा है पर चुदाई के लिए में अपने आप को तय्यार नही कर पा रही हूँ” प्रीति ने कहा.

“यार कभी कोशिश करके देखना.. बहोत मज़ा आएगा.. हां एक बात बताओ तुम्हे गौरव के बारे मे क्या सोचती हो?”

“पता नही क्यों कभी कभी मुझे ऐसा लगता है कि वो सिर्फ़ मुझे चोदना चाहता है.. पता नही क्यों में नही चाहती कि वो पहला मर्द बने जो मुझे चोदेगा.” प्रीति ने जवाब दिया.

“तुम्हारी बातों से ऐसा लगता है कि तुम उसे प्यार नही करती हो?”

“हां शायद तुम सही कह रही हो.. लगता है कि अब समय आ गया है कि उसे में साफ साफ कहकर इस रिश्ते को ख़तम कर दूं.” प्रीति ने कहा.

“तुम्हारे लिए यही ठीक रहेगा.”

“अछा तुम अपने बारे मे बताओ.. क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?” प्रीति ने पूछा.

“नही अभी तो फिलहाल नही है.. एक बात बताउ कभी कभी में इतनी गरम हो जाती हूँ कि दिल करता है कि किसी से भी चुदवा लूँ.. मुझे तो कोई चुड़क्कड़ बॉय फ़्रेंड चाहिए जो मुझे बस चोद्ता रहे.” स्वीटी ने हंसते हुए कहा.

दोनो बात कर रही थी कि तभी राज वहाँ आ गया और दोनो को हेलो कहा.

“हाई स्वीटी क्या चल रहा है?”

“सब ठीक ही चल रहा है.. तुम अपनी सूनाओ.. आज तो पार्टी की सभी लड़कियाँ लाइन मार रही होंगी तुम पर.”

“लड़कियाँ तो नही हां लेकिन कुछ ख़ास औरतें है आज इस पार्टी मे” राज ने हंसते हुए कहा.

“क्या राज तुम भी ना?” प्रीति हँसने लगी.

“अछा ये बताओ तुम दोनो क्या बात कर रही थी?” राज ने पूछा.

“वही सब दो लड़कियाँ आपस मे क्या बात करेंगी.. लड़कों के बारे मे … तुम्हे पता है स्वीटी कह रही थी कि अगर तुम उसके भाई ना होते तो ये तुमसे चुदवा लेती.” प्रीति ने हंसते हुए उसे बताया.. स्वीटी ने गुस्से मे उसे चुप होने को कहा और एक हल्का सा चपत जमा दिया. प्रीति की बात सुनकर राज शर्मा गया…. वो दोनो बहनो के लिए ड्रिंक लाने उठ कर चला गया जब वो हाथों मे ड्रिंक लेकर लौटा तो देखा कि दोनो आपस मे फुसफुसा रही थी और स्वीटी हैरत भरी निगाहों से प्रीति को देख रही थी.

“हे भगवान ! अब तुम दोनो किस बात पर बात करने लग गयी.. ” राज ने पूछा. उसने दोनो को ड्रिंक पकड़ाया और उनके बगल मे बैठ गया.

“देखो ना राज ये बड़ी शैतान हो गयी है.. इसने मुझसे कहा कि इसने सबसे बड़ा और मोटा लंड देखा है हक़ीकत मे और में इससे पूछ रही हूँ कि किसका देखा है तो बताती ही नही नखरे दीखा रही है..” स्वीटी ने कहा.

“सॉरी स्वीटी इस मामले में तुम्हारी कोई मदद नही कर सकूँगा.. ” राज ने धीरे से कहा.

“प्रीति क्यों नखरे दीखा रही है.. बता ना किसका देखा.. में प्रॉमिस करती हूँ की अगर वो तुम्हारा बॉयफ्रेंड या दोस्त हुआ तो में बीच मे नही आयूंगी.” स्वीटी ने उतावले मे कहा.

“ठीक है मुझे थोड़ी देर सोचने दो..” प्रीति ने कहा, “ठीक है अगर में तुम्हे बता दूँ तो तुम्हे एक वादा करना होगा.

“अरे तुम एक बार बताओ तो सही.. में तुम्हारी हर शर्त मानने को तय्यार हूँ.” स्वीटी ने जवाब दिया.

“अगर तुम मेरी शर्त मानने को तय्यार हो तो बताना तो क्या में तुम्हे दीखा दूँगी लेकिन तुम्हे मेरे सामने उसका लंड चूसना होगा.” प्रीति ने कहा.

राज की तो जैसे साँस ही अटक गयी.. ड्रिंक गले के नीचे नही उत्तर रही थी…

“हे भगवान तुम पागल तो नही हो गयी हो? ऐसे कैसे में किसी का भी लंड चूस दूँगी.. में तो सिर्फ़ ये जानना चाहती थी कि तुम कैसे इंतेज़ार कर सकोगी… में तो सिर्फ़ ये जानना चाहती हूँ कि इतना बड़ा लंड किसका है.” स्वीटी ने कहा.

“वो तो जब तुम देखोगी तो पता चलेगा कि तुम सिर्फ़ देखना चाहती हो या कुछ और करना चाहती हो.” प्रीति ने हंसते हुए कहा.

“तुम दोनो कोशरम नही आती मेरे सामने ही ये बाते कर रही हो.” राज ने थोड़ा गुस्से मे कहा और वहाँ से जाने लगा… प्रीति ने देखा कि राज ने उठते ही पहले अपने खड़े लंड को पॅंट के अंदर अड्जस्ट किया था.. उसका लंड तन कर खड़ा था..

“तुम सीरीयस हो कर ये बात कह रही हो या फिर मेरे साथ मज़ाक कर रही हो? स्वीटी ने प्रीति से पूछा.

“लंड चूसने वाली बात को लेकर में मज़ाक कर रही थी.. वो तुम्हारी मर्ज़ी है लेकिन हां मेने दुनिया का सबसे लंबा और मोटा लंड देखा है ये बात तुम अपनी आँखों से देख कर तय कर लेना कि में मज़ाक कर रही थी या सच कह रही थी.” प्रीति ने जवाब दिया.

“प्रीति अब बताओ भी ना क्यों नखरे दीखा रही हो? स्वीटी ने झल्लाते हुए कहा.

“तुम्हे विश्वास नही होगा वो राज का है.”

“कौन राज?”

“अरे पगली मेरा भाई राज”

“हो ही नही सकता तुम ज़रूर झूठ बोल रही हो.. और अगर है तो तुमने कब और कहा देख लिया? स्वीटी ने पूछा.

तब प्रीति ने स्वीटी को शुरू से सब बता दिया.. उसने बताया कि किस तरह एक बार वो ग़लती से बाथरूम मे चली गयी और वो शवर के नीचे मूठ मार रहा था.. प्रीति ने ये नही बताया कि उसने राज का लंड चूसा था और उससे अपनी चूत चुस्वाई थी.

“चलो तुम्हारी ये बात तो मान ली कि तुमने राज का लंड देखा है और वो सबसे लंबा और मोटा लंड है लेकिन तुम इतने विश्वास के साथ कैसे कह सकती हो कि वो अपना लंड मुझे दीखायगा.” स्वीटी ने पूछा.

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