प्रीति पलंग पर लेटी अपनी चूत को मसल रही थी और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया… उसे विश्वास नही हुआ कि उसकी चूत आज भाई के लंड के ख्याल से ही झाड़ गयी थी..
प्रीति के कमरे के ठीक बगल के कमरे मे राज अपने बिस्तर पर यह ख्याल लिए लेटा था… हर बार उसके जहाँ मे प्रीति का चेहरा आ जाता… वो नज़ारा आ जाता जब वो अपने बॉयफ्रेंड का लंड कितने प्यार से चूस रही थी… वो सोचने लगा प्रीति की चुचियों के बारे मे… और उसे लगा कि उसका लंड उसकी सोच का साथ दे रहा है.. उसने अपने लंड को अपनी मुट्ठी मे कस लिया… उसने थोड़ा सा तेल अपने हाथों मे लगाया और अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा… भीचने लगा… वो सोचने लगा कि किस तरह गौरव का लंड प्रीति के गुलाबी होठों को छूता हुआ उसके मुँह के अंदर बाहर हो रहा था कि उसने अपने लंड के पानी को एक रुमाल पर छोड़ दिया.
दोनो भाई बेहन अपने ही ख़यालों मे खोए सो गये… दोनो एक दूसरे को नंगा देखना चाहते थे.. उनके स्पर्श का एहसास करना चाहते थे…. थोड़े दीनो बाद की बात है.. एक सुबह राज अपने वीडियो कॅमरा को देख रहा था जो उसे उसके पिताजी ने गिफ्ट किया था… वो घर के बाथरूम मे था और उसे छिपाने के लिए कोई ऐसी जगह ढूंड रहा था जहाँ उसकी बेहन की नज़र ना पड़े… फिर उसकी नज़र शेल्फ पर पड़ी जहाँ बाल्टी मे गंदे कपड़े धोने के लिए रखे जाते थे.. उस बाल्टी मे कई छेद थे… उसे लगा कि अगर वो कॅमरा को अछी तरह टवल मे लपेट… उसका लेंस सही दिशा मे रख कपड़ों के साथ छुपा देगा तो किसी की नज़र नही पड़ेगी.
उसे पता था कि उसकी मा ने अभी कल ही सारे कपड़े धोए है इसलिए दो तीन दिन तक कोई इसे छेड़ने वाला नही है.. उसने बाल्टी से कपड़े निकाले…और अपना कॅमरा छुपा वापस उसमे कपड़े डालने लगा कि उसकी नज़र अपनी बेहन की पॅंटी पर पड़ी.. वो एक सॅटिन की महीन पॅंटी थी.. वो उसे देखने लगा.
पॅंटी को देख उसे कुछ होने लगा था.. उसने उसे उठा उसकी जांघों के बीच के हिस्से को सूँघा और अपनी जेब मे रख ली… वो वापस अपने बेडरूम मे आकर बिस्तर पर लेट गया… और इंतेज़ार करने लगा अपनी बेहन का बाथरूम मे जाने का.. उत्सुकता मे उसका लंड खड़ा हो रहा था कि पता नही कब उसकी बेहन शवर के नीचे नहाएगी तो कमेरे मे क्या क्या क़ैद होगा..
अपनी बेहन के ख़यालों मे खोए राज ने अपने लंड को अपनी शॉर्ट्स से बाहर निकाला और अपनी बेहन की पॅंटी को उसके चारों ओर लपेट दिया.. फिर अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से मसल्ने लगा… सॅटिन की पॅंटी जब उसके लंड पर फिसलती तो उसे बहोत मज़ा आता उसका लंड झड़ने को तय्यार हो गया.. एक बार फिर उसने अपनी बेहन के उस द्रिश्य को याद करने लगा जब वो अपने बॉय फ़्रेंड के लंड को अपने गले तक ले चूस रही थी… और उसके लंड ने उसकी बेहन की पॅंटी मे पानी छोड़ दिया.
राज को शवर का पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी… वो पानी के रुकने का बेसब्री से दरवाज़े के बाहर इंतेज़ार करने लगा… तभी प्रीति एक टवल मे लीपटि बाथरूम से निकली.. राज ने नेज़रें उठा कर उसकी तरफ देखा… प्रीति उसे देख मुस्कुरा रही थी… राज बाथरूम मे घुसा और उसने दरवाज़ा बंद कर लिया.
उसने जल्दी जल्दी अपनी शॉर्ट्स उतारी और स्नान करने लगा.. उसे तो जल्दी थी वो वीडियो देखने की … वो जल्दी जल्दी नहा कर अपने कमरे मे वापस जाना चाहता था. जल्दबाज़ी मे उसने बाथरूम का दरवाज़ा भी बंद नही किया था…
राज की हालत खराब थी उसका लंड था कि शांत होने का नाम ही नही ले रहा था.. प्रीति के ख़याल ने उसे फिर गरमा दिया था.. उसने अपने लंड के चारों और साबून लगाई और सुबह से दूसरी बार मूठ मारने लगा…. वो ज़मीन पर बैठ मुठिया ही रहा था कि तभी बाथरूम का दरवाज़ा खुला और प्रीति अचानक आ गयी…
“ओह्ह्ह सॉरी में अपना हेर ब्रश भूल गयी थी….”
वैसे तो प्रीति ने उसकी तरफ नही देखा था..लेकिन अपना ब्रश लेकर वापस बाहर जाते हुए उसने एक सरसरी सी निगाह राज पर डाली थी और राज को विश्वास था कि उसका खड़ा लंड उसकी नज़रों से नही छुप पाया होगा…
प्रीति अपने पलंग पर बैठी हुई थी.. उसका एक हाथ उसकी चूत पर था जिसकी दो उंगलियाँ अंदर घुसी हुई थी और दूसरे हाथ से वो अपनी चुचि मसल रही थी…
“हे भगवान कितना बड़ा और मोटा है..” उसने अपने आप से कहा…. उसके भाई का लंड उसके दिमाग़ मे स्थिर कर गया था.. जब राज बाथरूम मे था तो वो जान बुझ कर अंदर घुसी थी लेकिन उसे उम्मीद नही थी कि वो अपने खड़े लंड को हाथ मे लिए खड़ा होगा… और इतने मोटे लंड की तो उसे कतई उम्मीद नही थी… पॅंट के उपर से दिखते उभार को देख वो समझ गयी थी उसके भाई का लंड मोटा और लंबा है लेकिन इतना होगा ये उसने नही सोचा था.
राज अपने कमरे मे वापस आ गया था और कमेरे की व्यू फाइनडरर मे अपनी आँख गढ़ाए हुए था… उसने कैसेट रीवाइंड कर दी थी… पूरी नही क्यों कि हो सकता है कि प्रीति के पहले कोई बाथरूम मे गया हो…..तभी उसे अपनी मा का चेहरा नज़र आया तो उसने कॅसेट को फास्ट फॉर्वर्ड कर दिया क्यों कि वो अपनी मा को नंगी नही देखना चाहता था….
लेकिन राज की नज़र तो जैसे व्यू फाइनडरर पर गढ़ कर ही रह गयी… उसकी मा शवर से अभी निकली ही थी और अपना एक पावं सींक पर रखी थी और वो अपनी चूत की झांते सॉफ कर रही थी.. उसकी टांग उठी हुई थी और कॅमरा का लेंस ठीक उसके उपर था और उसकी चूत दीखाई दे रही थी… राज का लंड एक बार फिर तन कर खड़ा हो गया.
राज की नज़रे अब अपनी मा के बदन पर गढ़ के रह गयी… आज से पहले कभी उसने अपनी मा को एक औरत के नज़रिए से नही देखा था.. लेकिन आज वो अपने आपको रोक नही पाया… दीखने मे उसकी मा बहोत सुंदर थी.. बस प्रीति से थोड़ी मोटी थी….. लेकिन हा उसकी चुचियाँ उसे थोड़ी छोटी थी…लेकिन निपल काफ़ी बड़े थे.. जो उसे आकर्षित कर रहे थे… वो एक बार फिर अपने लंड को मुठियाने लगा… कि उसकी मा कपड़े पहनने लगी.
राज कॅसेट को फॉर्वर्ड कर वापस वहीं ले आया जब उसकी बेहन बाथरूम मे घुसती है.. अपने लंड को मसल्ते हुए देखता रहा कि उसकी बेहन ने अपना नाइट गाउन उतार दिया… जब भी उसे प्रीति की चुचियाँ या फिर चूत दीखाई देती तो वो कमेरे का पॉज़ बटन दबा बड़े प्यार से देखने लगता… उसे प्रीति की चूत इतनी अछी तरह नही दीखी जितनी अछी तरह मा की दीखी थी… वो सोचने लगा कि अगर ये कॅसेट वो टीवी क़ी बड़ी स्क्रीन पर देखेगा तो कैसा रहेगा….. उसके लंड ने एक बार फिर पानी छोड़ दिया तो उसने कॅमरा को ऑफ कर उसे अपनी अलमारी मे रख दिया…और कॉलेज जाने के लिए तय्यार होने लगा.
प्रीति भी उसी कॉलेज मे पढ़ती थी.. अब हर वक्त उसकी निगाह लड़कों के जांघों के बीच लगी रहती और वो सोचती रहती कि क्या इन मे से किसी लड़के का लंड उसके भाई जितना मोटा और लंबा होगा… दोपहर को खाने के वक्त जब वो गौरव के साथ खाना खा रही थी तो टेबल के नीचे हाथ डाल उसने उसके लंड को सहलाना शुरू कर दिया.. वो उसके खड़े लंड को अपने हाथ मे ले उसे राज के लंड से मापना चाहती थी… बाद मे टाय्लेट मे बैठी वो अपनी चूत मे उंगली करते वक्त सोचती रही कि क्या वो कभी अपने भाई के लंड को हाथ मे पकड़ पाएगी.. या फिर कभी उसे अपने मुँह मे ले चूस पाएगी.
तीन चार दिन बाद राज वापस उस पुरानी बाल्टी मे प्रीति की पॅंटी ढूड़ने लगा… उसकी पॅंटी को अपने लंड से लपेट मूठ मारने मे उसे मज़ा आने लगा.. उसकी पॅंटी मे अपना विर्य छोड़ने मे उसे अनोखा आनंद आने लग गया था… जब से उसने अपनी मा को चूत की झांते सॉफ करते देखा था उसने उनकी पॅंटी भी लेकर उसमे मूठ मारी थी.
“राज क्या तुमने मेरी…. ” राज के कमरे मे घुसते हुए प्रीति चौंक पड़ी और अपनी बात पूरी नही कर पाई.. उसने देखा कि उसका भाई पलंग पर बैठा अपने खड़े लंड को ज़ोर ज़ोर से मुठिया रहा था… उसने कोई चीज़ अपने लंड पर लपेट रखी थी… .. जैसे ही उसकी नज़र प्रीति पर पड़ी उसने जल्दी से पलंग पर पड़े तकिये को उठा अपनी जांघों पर रख अपने आपको ढक लिया.
प्रीति हैरत भरी नज़रों से अपनी पॅंटी को देख रही थी जो उसके लंड से छूट नीचे ज़मीन पर गिर पड़ी थी.. “ये क्या कर रहे हो तुम?” प्रीति ने हैरत मे पूछा.
“ह्म्म सॉरी.” राज इतना ही कह पाया… उसने अपनी शरम से अपनी नज़रे घूमा ली… वैसे प्रीति तो ये सोच कर उसके कमरे मे बिना खटखटाए घूसि थी कि शायद वो अपने भाई को अपना लंड मसल्ते एक बार फिर देख ले… लेकिन उसी की पॅंटी लपेटे वो मूठ मार रहा होगा ये उसने नही सोचा था..

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