Update 112
कुछ को ऑपरेट करना नही आता था, क्योंकि मोबाइल अभी तक आम नही हुआ था.
मोबाइल से फोटो निकालना भी सिखाया जिससे ज़रूरत पड़ने पर वहाँ के फोटो वग़ैरह भी लिए जा सकें.
मोबाइल देख कर वो सभी लोग खुश हो गये, और जब उनके फंक्षन चला कर ट्राइ किए तो और ज़्यादा खुशी दिखाने लगे.
एक मोबाइल हमने घर पर भी रखा और उसको अमीना बी को सिखाया, जिससे अगर कोई एमर्जेन्सी आ पड़े तो घर से कॉंटॅक्ट हो सके.
फिर सबको थोड़े-2 पैसे दिए, जो ज़रूरत पड़ने पर काम आ सकें.
अमीना बीबी ने पुछा भी कि मेरे पास इतने पैसे कहाँ से आए, तो मैने अपनी घर की प्रॉपर्टी बेची है ऐसा कह कर उनको समझा दिया.
उन सबको कुछ और हिदायतें देकर मैने कहा-
सभी को खास ध्यान ये रखना है, कि किसी को शक़ नही होना चाहिए कि हम क्या और क्यों कर रहे हैं, अब आगे आप सबकी सूझ-बुझ का इम्तेहान है, कि आप किस तरह और कितना जल्दी कामयाब होते हो.
आम लोगों के सामने हम एक दूसरे से ऐसे ही वर्ताब करेंगे जैसे पहले करते थे. ठीक है ..! सबने हामी भर दी.
एक बात और, किसी भी कॅंप से संबंधित आदमी की नज़रों से बचके ही हमें जानकारी हासिल करनी है, लड़कियाँ बुर्क़े के नीचे एक दम टाइट कपड़े ही पहनें, जिससे कोई भी फिज़िकल काम करने में दिक्कत ना हो.
अगर कभी ऐसा लगे कि अब सामने वाले पर हमला किए बिना और कोई रास्ता नही बचा है, तभी अपने हाथ-पैर चलाना.
बेवजह लोगों की नज़र में नही आना है.
इसी तरह की कुछ खास-2 हिदायतें देने के बाद हम सभी ने एक दूसरे को विश किया और दिशा निर्देश के अनुसार अपने-2 रास्ते निकल पड़े.
अब रोज़ का हमारा रूटीन ये था कि सुबह निकल जाते और देर रात तक पूरे पीओके की छान बीन करते रहते, बिना वजह किसी विवाद में पड़े
15 दिन के अंदर-2 हमारे पास इतनी इन्फर्मेशन्स थी कि शायद इतनी पाकिस्तानी आर्मी के पास भी नही होगी.
ये सारी इन्फर्मेशन्स साथ-2 अपने ऑफीस भी भेजता जा रहा था.
इतने दिनो के साथ ने उन्हें भी लड़कों के करीब ला दिया था.
आईशा तो खुल कर मेरे साथ फ्लर्ट करने लगी थी, जो शाकीना को पसंद नही आता और वो उससे चिडने लगी थी.
लेकिन मेरे समझाने के बाद वो भी एंजाय करने लगी और उसका साथ देते हुए मुझे खुले आम छेड़ देती.
कसरत ने उनके शरीर के उठानों को और भी मादक बना दिया था. इन चारों में आईशा का फिगर ज़्यादा सेक्सी था, 5’6” की हाइट के साथ 34-28-34 का फिगर किसी का भी लॉडा खड़ा कर्दे.
अकरम और पेरवेज़ भी उसको लाइन मारते, लेकिन वो उन्हें अवाय्ड कर देती थी.
एक दिन हम सभी टीम मेंबर्ज़ ऐसे ही इकट्ठा तीनों बाइक लेकर उत्तर-पूर्व की ओर निकल पड़े, जून-जुलाइ का मौसम, आसमान में कहीं-2 बदल छाये हुए थे.
मस्ती-2 में हम लोग काफ़ी दूर निकल आए थे 2-3 घंटे के सफ़र के बाद.
बीच-2 में लड़कियाँ भी ड्राइव कर लेती, बुर्क़े तो अपनी हद निकलते ही उतार लिए थे, और वो भी टाइट सूट्स में ही थी.
मेरी वाली बाइक जब एक चलाती तो मे सबसे पीछे बैठ जाता जिससे बीच में बैठी हुई लड़की अपनी गान्ड उठा कर मेरे लंड पे रख देती, जिससे वो साला अकड़ने लगता.
बड़ा ही सुहाना मौसम हो रहा था, मानो स्विट्ज़र्लॅंड में पहुँच गये हों, उपर घने बादल लगता था कभी भी बारिस हो सकती थी.
इस समय हम एक हरे-भरे पहाड़ी इलाक़े से गुजर रहे थे, कि तभी….
एक साथ तेज बारिश शुरू हो गयी, बचने का कोई चान्स नही था. भीगना ही पड़ा, बारिश इतनी तेज थी कि बाइक चलाने में भी प्राब्लम आ रही थी.
सो एक जगह घने पेड़ों के नीचे लेजा कर हमने अपनी-2 बाइक खड़ी की और वहीं खड़े होकर बारिश का नज़ारा लेते हुए उसके कम होने का इंतजार करने लगे,
हम सभी पूरी तरह भीग चुके थे. कपड़े शरीर से एकदम चिपक गये थे….!
तीनों बाइक हमने कुछ-2 दूरी से खड़े पेड़ो के नीचे अलग-2 खड़ी कर दी थी.
मेरे साथ शाकीना और आईशा थी और हम सबसे पीछे थे तो लास्ट में ही खड़े हो गये.
शाकीना तो खुले में खड़ी होकर बारिश का मज़ा लूट रही थी, आइशा मेरे बाजू में खड़ी थी, उसका टाइट सूट जो उसकी 34 की चुचियों को ढकने का असफल प्रयास कर रहा था, भीगने के बाद तो उसके दोनो कबूतर बिल्कुल ही बग़ावत पर उतारू थे.
उसकी एक-तिहाई चुचियाँ तो वैसे ही बाहर छलक रही थी, भीगने के बाद तो और ज़यादा उभर आई थी, निपल कपड़ों के बबजूद साफ-2 अपनी उपस्थिति करा रहे थे.
उसका शॉर्ट कुर्ता टाँगों के बीच में एकदम चिपक रहा था, और उसके योनि प्रदेश को साफ-साफ प्रदर्शित कर रहा था.
उभरे हुए कूल्हे और ज़्यादा उभर आए थे.
वो नज़रें नीची किए तिर्छि नज़र से मेरी ओर देख रही थी. मैने उसके कान में जाकर कहा-
शा तुम तो एकदम कयामत लग रही हो, देखना कोई तुम्हारा रेप ना कर्दे.

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.