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कल कुश्ती प्रतियोगिता में फिर से पठानपुर में अखाड़ा लगेगा क्योंकि पिछले 20 साल से नाजिम पठान को कोई कुश्ती में नही हरा पाया था।

लेकिन इस साल बात अलग हैं क्योंकि नाजिम 41 साल का हो गया है और उसने इस बार कुश्ती न लड़ने का फैसला किया और जिससे शेखपुरा में खुशी की लहर छाई हुई हैं। वो जानते हैं कि नाजिम के बाद ऐसा कोई पहलवान नही है जो उन्हे जीतने से रोक सके और अगले साल से कुश्ती का आयोजन फिर उनके शेख पुरा में ही होगा।

कल होने वाली कुश्ती के लिए शेखपुरा में आज पूरी साम दाम दण्ड भेद सब तरीको पर विचार हुआ और अंत में फाइनल हुआ कि हर हाल में हम जीत चाहिए।

आखिरकार आज कुश्ती का दिन था और लड़ाई शुरू हुई। नाजिम पठान ने फीता काट कर शुभारंभ किया और फिर दोनो तरफ से पहलवान अपना जौहर दिखाने लगे। कभी शेखपुरा का पहलवान जीतता तो कभी पठानपुरा का।

करीब दो घंटे तक कुश्ती चलती रही और फिर शेखपुरा की तरफ से एक पहलवान आया जिसे देखकर सभी हैरान हो गए क्योंकि करीब 6.5 फुट का ये पहलवान बहुत तगड़ा और ताकतवर था। देखते ही देखते उसने पठानपुरा के एक के बाद एक चार पहलवानों को हरा दिया तो पठानपुरा मे हाहाकार मच गया क्योंकि ऐसा पिछले 20 सालों में नही हुआ था और आज इज्जत दांव पर लग गई थी। दोपहर हुई और खाने का लंच हुआ तो पठानपुरा मे मीटिंग हुई।

कासिम:” समझ में नही आ रहा हैं कि ये पहलवान कहां से आया हैं ? पहले तो कभी नही देखा इसे शेखपुरा के अंदर।

अब्दुल:” ये इन्होंने ईरान से बुलाया हैं और चोरी छिपे अखाड़े में उतार दिया है।

रज्जाक:” तो फिर तो ये गलत हुआ , हमे सच्चाई सबके सामने लानी होगी।

सरपंच रिजवान:” ठीक है गलत किया लेकिन हैं तो ये भी पहलवान ही और इसे हराना ही हमारी असली जीत होगी।

अब्दुल:” लेकिन इसे कौन हरा पाएगा? नाजिम तो अब लड़ेगा नही ना।

सरपंच:” लड़ना पड़ेगा इसे, गांव के सम्मान की खातिर।

नाजिम चुप बैठा हुआ था और बोला:” लेकिन मेरा तो मन नही है अब कुश्ती करने का, हार जीत जिंदगी का हिस्सा है, सदा कोई एक विजेता नही होता।

सरपंच:” ठीक है तुम्हारी बात, लेकिन बेईमानी से जंग जीतना कहां की बात है, बेशक शेखपुरा जीता जाता लेकिन पहलवान तो अपना लाते न।

कासिम:” अरे कैसे पहलवान हो तुम!! गांव की इज्जत दांव पर लग गई है और तुम बाते बना रहे हो यहां

अब्दुल:” तुम्हारी जगह मैं होता तो अब तक अखाड़े में उसे धूल चटा दी होती।

समीर:” सच तो ये कि तुम हारने से डर रहे हो नाजिम क्योंकि तुम अब जवान मर्द नही रहे।

समीर की बात सुनकर सब हंस पड़े तो सरपंच ने उन्हें चुप रहने का इशारा किया। उनकी चुभती हुई बाते सुनकर नाजिम का खून खौल उठा और गुस्से से बोला:”

” बकवास बंद करो अपनी हरामखोरो, एक एक को उठा उठा कर पटक दूंगा।

रिजवान:” अगर इतना ही गुस्सा हैं तो इन पर नही अखाड़े में दिखा और साबित कर अपने आपको कि तुम शेर हो।

अब्दुल:” साबित करने में क्या हैं , हम सब जानते हैं कि नाजिम शेर हैं और शेर कभी बूढ़ा नही होता।

कासिम:” तो ठीक हैं फिर आज ये ईरान का पहलवान भी नाजिम पठान की ताकत के आगे घुटने टेक देगा।

नाजिम:” ठीक हैं अल्लाह कसम, तुम सबकी बोलती बंद न कर दी तो मैं भी पठान का बच्चा नही।

उसके बाद सभी अखाड़े में पहुंच गए और जैसे ही नाजिम मैदान में उतरा तो शेखपुरा के लोगो के माथे पर पसीने की बूंदे महसूस हुई। नाजिम अब पहलवान के ठीक सामने खड़ा हुआ था और ईरान का 6.5 फीट का पहलवान उसके सामने फीका पड़ रहा था क्योंकि नाजिम करीब 7 फीट लंबा था और उसकी भुजाए किसी मोटे पेड़ के तने की तरह लग रही थी। चौड़ी भयंकर काले घुंघराले बालों से भरी हुई छाती और किसी बेहद मोटे पेड़ के जैसी उसकी जांघें देखकर लग रहा था मानो इंसान नही बल्कि अलिफ लैला का जिन कुश्ती प्रतियोगिता में आ गया था।

दोनो पहलवानों ने हाथ मिलाया और कुश्ती शुरू हुई। शुरू में ईरानी पहलवान ने नाजिम को तारे दिखाने शुरू किए तो लोगो को यकीन हो गया कि ये मुकाबला इतनी आसानी से खत्म नहीं होगा।

नाजिम जरूर शुरू में हलका पड़ा लेकिन नाजिम पठान एक चैंपियन था और उसने अपने दांव पेंच और ताकत का सही इस्तेमाल करना शुरू किया तो ईरानी पहलवान की हालत खराब होने लगी और इसके साथ ही शेखपुरा के लोगो का मुंह भी बंद होना शुरू हो गया जो थोड़ी देर पहले चिल्ला रहे थे, शोर कर रहे थे अब बिलकुल शांत थे।

तभी ईरानी पहलवान ने नाजिम को पीछे से पकड़ लिया और पलटा देकर गिराने की कोशिश करने लगा तो नाजिम ने एक लंबी सांस ली और अपनी पूरी ताकत लगाते हुए हल्का सा झुका और ईरानी पहलवान को अपने हाथ पीछे ले जाकर पकड़ लिया और सिर के उपर से लाते हुए जमीन पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़ कर उसके दोनो कंधे जमीन से मिला दिए और इसके साथ ही शेखपुरा के लोगो की इस साल भी उम्मीद खत्म हो गई।

नाजिम को एक बाद मोटा पैसा इनाम में मिला और सरपंच रिजवान बोला:”

” नाजिम आज तुमने साबित कर दिया कि तुम अभी भी शेर हो और तुम्हारे जैसा पहलवान कोई दूसरा नहीं हो सकता।

शेखपुरा का सरपंच:” जीत गए हो ठीक है लेकिन नाजिम ने तो इस बार लड़ने से मना कर दिया था। फिर भी इसे मैदान में उतरना पड़ा तो ये हमारी जीत हुई ना।

रिजवान:” बकवास बंद करो अपनी, खुद से तो लड़ नही सकते और विदेश से पहलवान लाए तुम, धोखेबाज कहीं के, जाओ अपना मुंह लेकर भाग जाओ।

शेखपुरा का सरपंच कुछ बोल नहीं पाया और अपना सा मुंह लेकर घर की तरफ चल पड़ा और उसके पीछे ही उसके गांव के दूसरे बेईमान लोग भी चल दिए।

पूरे गांव में नाजिम की ही बात हो रही थी और गांव के मर्दों के साथ साथ औरतों की जुबान पर भी नाजिम का ही नाम था। सरपंच ने आज रात को ही जीत की खुशी में एक शानदार प्रोगाम करने का ऐलान किया।

नाजिम अपने घर आया तो उसकी बेगम सलमा ने उसे गले लगा लिया और बोली:

” आज तो तुमने कुश्ती जीतकर फिर से सारे गांव को खुश कर दिया। सब तुम्हारी ही बाते कर रही है।

करीब पांच फीट की सलमा ठीक से उसके पेट तक ही आ रही थी और नाजिम ने उसकी गांड़ को हल्का सा सहलाते हुए कहा

” तुम कहो तो आज तुम्हे भी खुश कर दू मेरी जान।

सलमा उसके बात सुनकर कांप सी गई और उससे छूटने की कोशिश करती हुई बोली

” तुम्हे तो बस बहाना चाहिए, मैं तो खुश हू।

नाजिम ने उसकी गांड़ को जोर से मसल डाला और बोला:”

” तुम खुश हो तो मुझे खुश कर दो आज पूरी तरह से। तुम समझ रही हो न मैं क्या कहना चाह रहा हूं आज रात

सलमा गांड़ मसले जाने से तड़प उठी और बोली:”

” खूब समझती हूं मैं लेकिन मेरी मजबूरी भी समझो तुम। खुश कर दूंगी लेकिन जितना आज तक किया है बस उससे ज्यादा नहीं।

नाजिम:” ऐसी बाते न करो मेरी जान, कम से कम आज तो पूरा लंड घुसाने दो मुझे।

सलमा:” बेशर्म कहीं के तुम, मैं आज तक पूरा नहीं ले पाई तो आज क्या खाक लूंगी। अगर कभी ऐसा किया तो मैं तो मर जाऊंगी।

नाजिम उसका गाल चूम कर बोला:” लंड से भला कोई मरा है क्या आज तक ? पूरे गांव में कोई चुदाई के बाद नही मरी हैं।

सलमा:” हान नही मेरी हैं क्योंकि वो सभी आदमी के साथ सेक्स करती हो और तुम पूरे राक्षस हो, मुझसे तो नही हो पायेगा।

नाजिम:” तो क्या मेरा लंड कभी पूरा नहीं घुस पायेगा चूत में!!

सलमा हंसती हुई बोली:” मेरी चूत में तो नहीं घुस पायेगा, इतनी ही तड़प हैं तो कोई दूसरी देख लो अपने जैसी जो तुम जैसे जानवर को संभाल सके।

दोनो बात कर ही रहे थे कि तभी उनका गेट जोर जोर से पीटा गया तो दोनो ने एक दूसरे का मुंह देखा और नाजिम ने गेट खोला तो देखा कि बाहर काफी सारे लग जमा थे और एक आदमी बोला

” नाजिम तुम अपनी बेटी को समझाते क्यों हो? आज उसने मेरे बेटे का हाथ तोड़ दिया और दो और लड़को को मार मार कर बेहोश ही कर दिया।

तभी हॉर्न बजाती हुई एक कार घर के सामने आई और उसमे से नजमा बाहर निकली और लोगो को देखते हुए बोली

” भीड़ क्यों लगा रखी हैं यहां ! कोई तमाशा हो रहा हैं क्या ?

कोई कुछ नही बोला पूरी भीड़ से एक भी आवाज नही। नजमा घर के अंदर जाने लगी तो नाजिम बोला:”

” नजमा तुमने आज फिर से लड़को को क्यों मारा ? हाथ भी तोड़ डाला एक का तो ?

नजमा:” मेरा बस चलता तो जान से ही मार देती। मेरी सहेली इकरा को देखकर कमीने गंदी गंदी बात बोल रहे थे और सीटी भी मारी। मेरी शिकायत करने से पहले इन्हें अपने बच्चो को समझाना चाहिए।

इतना कहकर नजमा अंदर चली गई और लोग भी बिना कुछ कहे अंदर चले गए। अंदर आकर सलमा ने नजमा को डांटा और बोली:”

” तुम ये सब मत किया करो। किसी दिन कोई ऊंच नीच हो गई तो तेरी जिदंगी खराब हो जायेगी।

नजमा:” आप जानती हो अम्मी मुझे गलत बात बिलकुल बर्दास्त नही, फिर मेरे पापा भी तो है मेरे साथ। आज आपके ईरानी पहलवान को हरा दिया मुझे गर्व हैं आप पर पापा।

नाजिम उसकी बात सुनकर कुछ नही बोला तो सलमा बोली:”

” आप ही समझाओ इसे, खुद को आपकी ही तरह ये भी पहलवान समझती है। जब देखो इसकी मार पीट की शिकायते आती हैं।

नाजिम:” समझती नही बल्कि मेरी बेटी पहलवान ही हैं। और गलत बात के सामने झुकने के लिए मैं इसे नही कह सकता।

सलमा गुस्से से बोली:” ठीक है बिगाड़ो इसे जितना मन करे, आज किसी के हाथ पैर तोड़ रही है और कल किसी को मार दिया तो खुद ही देख लेना तुम अंजाम।
मुझे क्या तुम जानो।

इतना कहकर सलमा गुस्से से अपने पैर पटकती हुई किचेन में चली गई और नजमा अपने बाप के गले लग गई और बोली:”

” आप चिंता मत करो, मम्मी को बोलने दो, मेरी वजह से कभी आपका सिर नही झुकेगा।

नाजिम ने उसे अपने गले लगा लिया और बोला:”

” हान मुझे तुम पर पूरा विश्वास है बेटी।अपनी मां को बोलने दो उसकी बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देना, उसकी तो आदत है।

नजमा अपने बाप के गले लगी थी और उसकी गर्दनसे ऊपर तक पहुंच रही थी क्योंकि लंबाई में नजमा अपने बाप पर गई थी और करीब 6.4 फीट लंबी थी।

” अरे नजमा बाप बेटी का प्यार खत्म हो गया हो तो इधर आजा मेरे पास।

सलमा की आवाज सुनकर दोनो अलग हुए और नजमा किचन मे चली गई।

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ये हैं सलमा बेगम

नाजिम की बीवी, मुश्किल से पांच फीट लंबी, बेहद दुबली पतली। फिगर करीब 30,32,32 होगा। आज तक ठीक से नाजिम को खुश नही कर पाई हैं क्योंकि आज तक इसने पूरा लंड तक अपनी चूत में नही घुसने दिया।

नजमा

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ये हैं नजमा।

कहानी की असली हीरोइन और नाजिम की एकमात्र संतान जिसे नाजिम सबसे ज्यादा प्यार करता है। गलत न कहा जाए तो शायद दुनिया की सबसे खुबसूरत लड़की। लंबाई और ताकतवर शरीर इसे अपने बाप से विरासत में मिला हैं। करीब 6.5 इंच लंबी और पूरे भरे हुए मादक जिस्म की हसीना। खूबसूरत सा तरासा हुआ चेहरा, नाजुक नर्म लाल रसीले लिप्स। मांसल बदन, तनी हुई चूचियां, करीब 40 इंच तो कम से कम साइज था, इनके आकार की ब्रा बड़ी मुश्किल से मार्केट में मिलती थी। कमर भी बेहद चिकनी और मादक, करीब 36 इंच तो होगी। कमर के नीचे से तो जीती जागती कयामत। अगर दुनिया में जन्नत कहीं है तो बस नजमा की कमर के नीचे हैं। उभरी हुई भारी भरकम गांड़, मस्त गोल गोल करीब 43 इंच तो हर हाल में थीं। खूबसूरत चेहरा, भरा पूरा शरीर, मादक बदन, रसीला अंग अंग।

कुल मिलाके एक ऐसी हसीना जिसकी कल्पना मात्र से ही लोग अपना लंड सहला देते थे और पानी छोड़ देते थे। सभी इसे पाना चाहते थे लेकिन सभी को पता था कि इसे संभाल पाना कितना मुश्किल होगा।

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