सूरज अपने दोस्तो के साथ सिनेमा देखने गया और किस्मत से उस दिन बी ग्रेड मूवी प्यासी कामवाली लगी थी जिसे देखकर सूरज और उसके दोस्त काफी खुश थे। मूवी में एक कामवाली सीमा थी जो कई अमीर घरों में काम करती थी और उसने काफी सारे लोगो से संबंध बना रखे थे और अपनी ज़िंदगी के खुल कर मजे कर रही थी।
मूवी देखने के बाद सभी दोस्त बात कर रहे थे।
विजय:” कुछ भी कहो यार मूवी मस्त थी। सीमा क्या माला थी यार, मजा आ गया।
राकेश:” हां भाई मुझे तो इसे देखकर अपनी पुरानी कामवाली की याद आ गई। साली वो भी ऐसे ही शुरू में नखरे करती थी लेकिन जब लाइन पर आई तो मुझे जिंदगी के मजे दे दिए।
आदेश:” अरे थोड़े नखरे करना तो बनता है। एक तो औरत जात और ऊपर से हम जैसे कम उमर के लड़को से फसना इतना आसान नहीं होता लेकिन पीछे नही हटना चाहिए क्योंकि आज नही तो कल ये मान ही जाती है।
राकेश:” हां यार ये बात तो है, आसानी से इसलिए नही फंसती क्योंकि कुछ बात हो जाए तो सारी गलती इनकी निकाली जाती हैं कि अपनी उम्र की भी शर्म नही करी और बच्चे को फंसा लिया, उपर से उनकी रोजी रोटी पर दिक्कत आती हैं। बस इसलिए थोड़ा सा नखरे और दिखावा बनता है।
सूरज उनकी बाते सुनकर राधा के बारे में ही सोच रहा था कि किस तरह से राधा भी नखरे कर रही थी लेकिन लास्ट में क्या निकली और अब उसे एहसास हो गया था कि अब राधा उसके नीचे आकर ही रहेगी।
सूरज को खोया हुआ देखकर विजय बोला:”
” अबे तू कौन सी दुनिया में हैं भाई ? क्या अभी भी सीमा भाभी ही याद आ रही है तुझे ?
सूरज जैसे नींद से जागा हो और बोला:” अरे नही यार, बस मजा आ गया आज मूवी देखकर।
उसके बाद सभ दोस्तो ने साथ में साथ में दारू पी और खाना खाया और उसके बाद सूरज अपने घर की तरफ चल पड़ा और उसने पक्का इरादा कर लिया था कि आज वो राधा को चोद कर ही रहेगा।
सूरज के लंड में आग सी लगी हुई थीं और दारू ने आग में घी का काम दिया। सूरज के दिलो दिमाग में अभी तक सीमा भाभी घुसी हुई थी और कुछ भी करके आज वो हर हाल मे राधा को चोदना चाहता था। सूरज अपने खड़े लंड के साथ घर के अंदर घुस गया। करीब 4 बजे हुए थे और घर में उसे कोई नजर नहीं आया तो वो राधा को ढूंढता हुआ छत पर पहुंच गया और अपने कमरे से बने स्टोर से उसे कुछ आवाजे आती सुनाई दी तो राजू की आंखे चमक उठी और सूरज अंदर घुस गया। कमरे मे लाइट नही थी, शायद बल्ब खराब हो गया था इसलिए हल्का सा अंधेरा था तो सूरज ने देखा कि राधा स्टोर में सफाई कर रही थी और खिड़की से आती हल्की रोशनी में उसने देखा कि राधा बेड के नीचे घुसी हुई थी और कील में फंस कर उसकी मैक्सी उल्टी हो गई थी जिससे राधा पेंटी न होने के कारण राधा पूरी नंगी थी और उसकी चूत हल्के काले बालों से घिरी हुई थी। सूरज जिंदगी में पहली बार चूत देख रहा था और उसकी चूत बेहद लगी। सच में सूरज को उसकी उम्मीद से ज्यादा मिल रहा था। अंदर सफाई करने से हिलती राधा की मटकती हुई गांड़ के साथ कांपती हुई उसकी चूत सूरज के होश उड़ा रही थी। तभी राधा का एक हाथ उसकी चूत पर आया और उसने अपनी चूत की फांकों को खुजलाते हुए मसल सा दिया। उफ्फ सूरज अपने होश खो बैठा और उसने अपने तनतनाये लंड को बिलकुल नंगा किया और अपने लंड को अपने मुंह से ढेर सारा थूक निकाल कर पूरी तरह से तर बितर करते हुए चिकना बना दिया और दबे पांव बिलकुल राधा की चूत के सामने पहुंच गया और लंड को बिलकुल उसकी चूत के छेद के सामने किया और बेहद एक दम तेजी से उसकी गाड़ को पकड़ कर निशाना साधते हुए जोरदार धक्का लगाया और इसके साथ की चूत को खोलते हुए उसके लंड का का करीब दो इंच लम्बा सुपाड़ा अंदर घुस गया और राधा दर्द से चिल्ला पड़ी
” आह्ह्ह्ह मारा डाला री मां, कौन हैं तू साले ? छोड़ मुझे।
राधा की जगह अपनी मां सुलिप्सा की आवाज सुनकर सूरज की गांड़ फट गई और उसने एक झटके से अपने लंड को वापिस खींचा और बिना कुछ बोले कमरे से बाहर निकल गया। सुलिप्सा दर्द से कराहती हुई बाहर निकली और घर में इधर उधर देखने लगी कि कौन था लेकिन सूरज पहले ही घर से बाहर निकल गया था।

