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18 सेक्यूलरिस्म

मौका सही है बेटा!” राज ने सोचा, “शायद टाइट सा ट्रन्क उठा लायेगी, मेरे लन्ड के लिये।” उसने अपनी टी-शर्ट को उतार फेंका और उतावला होकर सोनिया की वापसी का इन्तजार करने लगा। जिस तरह से सोनिया अपने जलवे दिखा रही, अगर वो उसके साथ ठिठोली नहीं कर रही तो समझो कि आज तो वारे न्यारे।।

एक मिनट बाद सोनिया अपने भाई के स्विमिंग ट्रन्क को ले कर आ वापस आ पहुंची। जान कर वो सबसे तंग ट्रन्क चुन कर लाई थी जिसे वो राज के तन पर देखना चाहती थी।
ये लो! चाहो तो अन्दर बाथरूम में जाकर पहन लो !”

इधर ही पहन लेता हूं। अब यहां कौन देख रहा है ?” सोनिया के चौन्क उठे चेहरे को देख कर राज मुस्कुराया। “जानेमन बड़ी बोल्ड बनती थी। अब बोल ?” राज ने सोचा। ।

“हाँ यहाँ कौन देख रहा है। दीवार इतनी ऊंची जो है।” सोनिया हकलायी। अपने कानों पर पड़ते खुद के शब्दों पर उसे यक़ीन नहीं हो रहा था।

राज अपनी जिन्स उतारने लगा। “अरे यार! मैं कपड़े बदल रहा हूं। अपनी नजरें पीछे फेरने की ज़हमत उठयेंगी आप ?” राज ने पूछा।

सोनिया बोलना तो चाहती थी “नहीं फेरूंगी! मैं तो आशिक़ का लन्ड देखना चाहती हूं !” पर दरसल बोली – “अ हाँ हाँ सॉरी राज !” सोनिया बड़े खेद से पीठ फेर कर पलटी और राज ने लपक कर जीन्स उतारी और अपने नाप से छोटि स्विमिंग ट्रन्क को किसी तरह पहना।

राज को नंगा देखने की कल्पना सोनिया के पेड़ को गुदगुदा रही थी। जब राज ट्रन्क पहन चुक तो बदमाशी से उसकी गाँड पर चपत लगा कर पूल में कूद पड़ा। सोनिया भी खिलखिला कर उसके पीछे पूल में कूद पड़ी।

किशोर यौवना का छरहरा बदन पानी को चाकु की तरह काट रहा था। गोते के बाद सोनिया पानी कि सतह पर आयी, पर राज का कहीं नामोनिशान नहीं था। फिर अचानक उसे पानि की सतह के नीचे एक परछाईं अपनी ओर तैरती हुई दिखी। जैसे ही वो परछाईं सतह पर उभरी, सोनिया ने अन्दर गोता लागा दिया। नतीजतन, उसकी गाँड का धका सीधे राज के चेहरे पर लगा। वो पलट कर पीठ के बल तैरने लगी ताकि राज के सामने अपने स्तनों को मचला सके।

राज जानता था कि सोनिया अपने नख़रों से उसकी मर्दानगी को उकसा रही थी। जाहिर था कि चुदाई की प्यास में तड़प रही थी। राज अपनी गर्माती जवानी और ललचाती नीयत पर काबू पाने के उद्देश्य से पूल का एक पूरा चकार तैर गया। पर पूल के दूसरे किनारे पर हुंचा तो सोनिया के जिस्म को पनी के अन्दर अपनी टांगों पर रगड़ता हुआ पाया। जैसे ही अचानक सोनिया सतह पर उभरी तो उसके मम्मे राज के सीने पर मसल गये।

“स्विमिग तो अच्छी कर लेते हो। और कुछ भी आता क्या ?”

सोनिया ने भौहें चड़ाते हुए बोला।
जानेमन! एक बार आज़मा के तो देख !”

राज की ललकार के जवाब में सोनिया ने एक हाथ अपनी गर्दन के पीछे किया और अपनी बिकीनी के टॉप का हुक खोल दिया। उसके दोनों स्तन लायक्रा के पाश से मुक्त हो कर गुब्बरों जैसे झूलने लगे।

राज ने आँखे फाड़े नीची निगाह कर के उन्हें देखा और नोट किया किया कि अट्ठारहवें सावन में सोनिया के स्तन मीठे सन्तरों से पक गये थे। गोरी, चिकनी छाती पर ठोस और पुष्ट स्तन। जरा भी लटकाव नहीं। नवयौवना के दो रूपाबरणों को देख कर राज के टट्टों मे चाहत का दर्द उठने लगा। उसे लगा कि उसके हाथ बने ही हैं इन सन्तरों को निचोड़ने के लिये। सोनिया को खींच कर उसकी चूत में अपना लन्ड घुसा दे और तब तक चोदे जब तक वो उससे दया की भीख न मांगने लगे। पर उसे शक था कि सोनिया भी चुदने में दिलचस्पी रखती है या सिर्फ़ फ़्लर्ट कर रही है, और जैसे ही उसने कोइ हरकात की, तो रेप केस कर देगी। उसने सोनिया की नियत जानने की ठानी!

समजो तुम्हारी आजमाइश शुरू।”, सोनिया ने दोनों हथेलियों में अपने मुलायम स्तनों को भर कर राज की तरफ़ इशारा करते हुए कहा।

“सोनिया तू तो बॉम्ब निकली! क्या मम्मे हैं!” राज आह भरता हुआ बोला।।

“क्या मुझे छुईमुई समझे हो ? दाब कर देखो इन्हें ।” सोनिया ने मुसुराते हुए राज के हाथों को पकर कर अपने स्तनों पर रख दिया।

“सुभान अल्लाह !” उतावले राज अपने बड़े-बड़े खुरदरे हाथों से सोनिया के नरम, मखन जैसे स्तनों को दबाने और सहलाने लगा। सोनिया अपनी एक जाँघ को झुला झुला कर राज के जघन भाग पर दबा रही थी। दूसरी चिकनी- चिकनी टांग जमीन से ऊपर उठा कर उसकी जाँघों के बाहर रगड़ रही थी। सोनिया को अपनी रगड़ती जाँघ पर राज के लन्ड की हर लर्जिश महसूस हो रही थी। जब राज का लन्ड उस पर छूने लगा, तो सोनिया की उतावली जवान चूत एक कलि जैसे खिल कर खुलने लगी, और लन्ड उसकी सकरी कोपलों के बीच टटोलने लगा। राज ने सोनिया को अपने सीने की तरफ़ खींच कर पूछा:
सोनिया! तेरी चूत कुआँरी तो नहीं है ?” ।

“तुम्हें क्या लगता है ?” सोनिया ने आह भरते हुए कहा।

मुझे लगता है कि मैं तुझे चोद दू !” राज ने आजू-बाजू देखा। मैदान साफ़ था। पूल की ऊंची दीवारों के कारं उन्हें वहाँ कोई नहीं देख सकता था।

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