रिक्की दर्द से बोली, “रिशू भैया … प्लीज़ आराम से डाल मेरी गाँड में अपना लंड. ऊउउफ्फ्फ्फ… रिशू… हाँ…आराम से… दर्द हो रहा है.”
रिशू ने थोड़ी देर तो धीरे धीरे धक्के लगाये पर जब लंड आराम से रिक्की की गाँड में जाने लगा तो रिशू ने रिक्की के ऊपर पूरा ज़ोर डाल दिया और उसकी चून्चिया मसलते हुए बोला “ले कुत्तिया राँड… तुझे मेरा लौड़ा चाहिए था ना? अब देख कैसे तेरी गाँड मारता हूँ छिनाल… तेरी माँ की चूत… रंडी है साली तू… मेरी रंडी है… मेरे लंड की रखैल है समझी…?”
रिक्की को रिशू के धक्कों से जितना मज़ा आ रहा था उतना ही मज़ा उसके मुँह से गालियाँ सुनके भी आ रहा था. वो बेशरम होके बड़ी मस्ती से गाँड पीछे करके रिशू का लंड ज्यादा से ज्यादा अपनी गाँड में लेने लगी.
अब रिशू मस्ती से रिक्की की गाँड मारने लगा तो रिक्की मोनू का लंड पकड़के उसे सहलाते हुए एकदम रंडी की अदा से बोली, “मोनू भैया अब आप भी कुछ करो ना… आप जैसे चाहो वैसे आज मुझे चोदो… आप दोनों के खेल से मैं बड़ी चुदासी हो गयी हूँ.”
मोनू ने रिक्की के मम्मे मसलते हुए रिशू को नीचे लेटने के लिए बोला तो रिशू रिक्की को अपने ऊपर लेके लेट गया. मोनू ने रिक्की की टाँगें फैला के अपने हाथों से रिक्की की हलके रोयों से ढकी हुई चूत खोली. उसकी गीली गुलाबी चूत देख के मोनू खुश हुआ और अपना मोटा लंड रिक्की की कुवारी चूत पे रख के बेरहमी से रिक्की के मम्मे मसलते हुए अपना लंड रिक्की की चूत में घुसाने लगा. रिक्की की चूत में आज तक कभी लंड नहीं गया था. जब वो बहुत उत्तेजित होती थी तो कोई पतला बैगन अपनी चूत में घुसा लेती थी पर मोनू का लंड बैगन के मुकाबले बहुत मोटा था.
मोनू के बड़े और मोटे लंड से रिक्की को काफी तकलीफ हुई पर मोनू ने जबरदस्ती अपना आधा लंड उसकी चूत में ठूस दिया जिससे उसकी चीख निकल गयी. ईईईईईईईईईईइ आःह्ह्ह मोनू भैयाआआअ निकाल लूऊऊऊओ नाआही मार दाआल्ला ओह्ह्ह्हह्ह.
रिशू: अबे मुह बंद कर वरना मोहल्ले वाले भी आ जायेंगे इसे चोदने.
रिशू की बात सुन कर मोनू ने अपने होठों से रिक्की का मुह बंद कर दिया और उसकी चीख घुट के रह गयी. मोनू धीरे धीरे अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा. रिक्की के मम्मों के मसले जाने से और गाँड में लंड के धक्कों की वजह से थोड़ी देर में उसका दर्द उसे ज्यादा महसूस नहीं हो रहा था.
अब रिक्की फिर से मस्ती में आवाजे करने लगी. अआह येस्स जोर से रिशू भैया अआह फक्क मी
मोनू आधा लंड उसकी चूत में घुसा के बोला, “छिनाल… साली… तेरी माँ की चूत… हरामी राँड… अब कैसे खुल के चुदवा रही है. तेरी माँ की चूत चोदूँ… साली कितना नाटक कर रही थी और अब मज़े ले रही है २-२ मर्दों से… बहनचोद आज तेरी चूत और गाँड फाड़के रख देंगे हम दोनों.”
मोनू ने रिक्की की गरम गीली और टाईट चूत में लंड घुसा के धक्के पे धक्का मारके पूरा लौड़ा अंदर घुसेड़ दिया और रिक्की के निप्पल खींचते हुए बोला, “ले साली रिक्की रंडी… मेरा लौड़ा ले… कसम से तेरे जैसी कम्सिन माल आज पहली बार चोद रहा हूँ. बहनचोद तेरी जैसी लड़की मिले तो सारा काम छोड़ के दिन रात सिर्फ़ तुझे ही चोदता रहूँगा.”
दोनों दोस्त बड़ी बेरहमी से रिक्की के बदन से खेलते हुए उसको चोद रहे थे. रिशू तो ज़ोरदार धक्कों से रिक्की की गाँड मार रहा था. रिक्की मोनू के मुँह से अपने लिए और अपनी माँ के लिए गंदी गालियाँ सुनके और उत्तेजित हो गयी.
अपनी कमर आगे पीछे करके चुदवाती हुई रिक्की बोली, “आओ मोनू भैया … अपनी इस चुदासी राँड की चूत में डालो अपना लौड़ा… उउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ…. मोनू… हाँ ऊँऊँऊँऊँ…. और डालो राजाआआआ… फाड़ डालो मेरी चूत और रिशू भैया तुम भी ऐसे ही मारो मेरी गाँड… भैया आप और रिशू मुझे जितनी चाहे उतनी गालियाँ दो लेकिन मेरी माँ को क्यों गालियाँ दे रहे हो?”
अब रिक्की की गाँड में रिशू का लम्बा लंड और चूत में मोनू मोटा लौड़ा कयामत ढा रहे थे. दोनों वहशियों की तरह रिक्की को अपने बदन के बीच रख के बड़ी बेरहमी से एक रास्ते की रंडी जैसे चोद रहे थे.
अब रिशू नीचे से रिक्की की गाँड मारते-मारते उसके मम्मे बेरहमी से मसलते हुए बोला, “कुत्तिया राँड… मोनू और मैं जो गालियाँ चाहेंगे वो देंगे… माँ को आने दे तेरे सामने उसकी भी गाँड मारूँ छिनाल…
मोनू: तेरी माँ को गधे के लंड से चुदवाऊँगा कुतिया… तू मत सिखा कि तुझसे कैसे बर्ताव करना है… ऐसे तगड़े लंड मिले हैं तो हमसे गालियाँ खाके चुदवा. हम तुझे और तेरी माँ को जो दिल में आये वो गालियाँ देंगे समझी रखैल?”
मोनू अब चोदते-चोदते झड़ने के करीब था. इसलिए उसने अपना लंड रिक्की की चूत से निकाला और उसके सीने पे बैठ के रिक्की का मुँह खोलके अपना लंड उसमें घुसा के बोला “हाय… सालीईईईईई राँड… तेरीईईई माँ की चूत…. ये ली… चूस मेरा लौड़ा छिनाल और ले पी मेरा पानी.”
रिक्की मोनू का लंड अपने हाथ में पकड़ के अपने मुँह में ज़ोर से चूसने लगी. मोनू भी जोश में आ के रिक्की के मम्मे बेरहमी से दबाते हुए रिक्की का मुँह चोदने लगा और ८-१० धक्कों में झड़ने लगा. झड़ते-झड़ते मोनू ने पूरा लंड रिक्की के मुँह में घुसा दिया. उसके लंड का पानी रिक्की के हलक तक गया और रिक्की ने वो पानी आहिस्ता-आहिस्ता पी डाला. अपना पूरा पानी रिक्की के मुँह मै छोड़के मोनू ने लंड रिक्की के मुँह से निकाला और सोफ़े पे बैठ के रिक्की और रिशू की चुदाई देखने लगा.
मोनू के झड़ने के बाद और उसका पूरा पानी पीने के बाद रिक्की पूरी तरह गाँड खोल के रिशू से चुदवानी लगी. हाथ पीछे डाल के वो रिशू की कमर सहलाते हुए बोली, “रिशू चोद साले हरामी… मेरी गाँड… तेरी बहुत दिनों से नज़र थी ना मुझ पे… साले मार मेरी गाँड… मोनू भैया आप प्लीज़ मेरी चुचियों को मसलते हुए उनको चूसो… जब रिशू मेरी गाँड में झड़ेगा तब मुझे अपनी चुचियाँ आपके मुँह में चाहिए… प्लीज़ आओ ना भैया …”
रिक्की ने बेशरम हो के अपने मम्मे उठा के मोनू की तरफ़ कर दिए. मोनू ने सोफ़े पर बैठ कर रिक्की को अपने पास आने को बोला तो रिशू रिक्की को खड़ी करके कुत्तिया के पोज़ में उसकी गाँड मारने लगा. रिक्की सोफ़े को पकड़ के झुक गयी जिससे उसके मम्मे मोनू के मुँह में अपने आप आ गये और वो रिक्की की चूचियाँ बारी-बारी मसलके चूसने लगा.
रिशू अब बड़े ज़ोरों से रिक्की की गाँड चोदने लगा. धक्कों पे धक्के मारते-मारते वो तो जैसे रिक्की की गाँड को ड्रिल करते हुए बोला, “तेरी माँ की चूत… हरामी राँड… हम से नखरा कर रही थी… साली जब से गाँड और चूत में हमारे लंड लिए तब से बड़ी मस्त हो रही है ना छिनाल…? तेरी माँ को चोदूँ साली… अब देख कैसे गाँड पीछे करके मरवा रही है और मोनू से छिनाल जैसी अपने मम्मे चुसवा रही है… कसम से रिक्की आज से मैं तुझे अपनी रंडी बनाके रखुँगा. तू है इतनी मस्त माल कि साली बार-बार तुझे चोदने को दिल करता रहेगा. ये ले… और ले… और ले मेरा लौड़ा अपनी गाँड में मादरचोद… आज तेरी गाँड को बताता हूँ कि तेरे भाई का लंड कैसे चोदता है तेरी जैसी छिनाल बहन को.”
मोनू ने रिक्की के मम्मे चूसते हुए उसकी चूत में अँगुली डाल दी और रिक्की भी छिनाल जैसी मोनू का लंड सहलाती हुई बोली, “हाँ साले रिशू तेरे और मोनू भैया के लंड में जो मज़ा आया वो कहीं नहीं होगा… तुम्हारे इन मोटे लम्बे लंडों के लिए मैं हमेशा के लिए तुम्हारी रंडी बनने को तैयार हूँ. तुम दोनों जब… जहाँ और जैसे चाहो… मुझे चोदो… मैं खुशी-खुशी तुमसे चुदवाउँगी मेरे राजा… आज के बाद मैं तुम दोनों की राँड बनके रहूँगी. रिशू तुझे कैसा लगा मेरा यह बदन और मेरी गाँड राजा?”
रिक्की की बातें सुनके रिशू उसकी गाँड पे थप्पड़ मारते हुए रिक्की को चोदने लगा और मोनू उसके निप्पल चबाते हुए चूसने लगा. रिक्की दर्द और वासना से बेहाल होके चुदवा रही थी. वो दोनों गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए रिक्की को छिनाल जैसे चोद रहे थे.
जब मोनू ने ज़रा ज़ोर से रिक्की के निप्पल को चबाया तो दर्द से रिक्की बोली. “ऊउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ…. मोनू साले हरामीईईई… आराम से चबा न मेरा निप्पल… बहुत दर्द हो रहा है मुझे….”
रिक्की के मुँह से अपने लिए गालियाँ सुनके मोनू फिर से उसके निप्पल चबाते-चबाते चूसने लगा. रिशू से गाँड पे हो रहे लगातार हमले और मोनू से बेरहमी से निप्पल चूसवाने से अब रिक्की भी झड़ने के करीब थी. वो सोफ़ा ज़ोर से पकड़के रिशू को और ज़ोर से गाँड मारने के लिए बोली. अब रिशू भी झड़ने के करीब था.
वो एक हाथ की अँगुली रिक्की की चूत में घुसा के पीछे से रिक्की की गाँड में ज़ोरदार धक्के मारते हुए बोला, “ये ले साली… मादरचोद… अब मैं तेरी गाँड में अपना पानी छोड़ुँगा… तू एकदम लाजवाब छिनाल है साली… मुझे पता है तू कुवारी थी तेरा बदन बहुत टाईट है… बड़ी गज़ब की चीज़ है तू रिक्की… ले मैं आयाआआआआ….. रिक्कीआआआआआ…..”
रिशू अपना पूरा लंड रिक्की की गाँड में जड़ तक घुसा के झड़ने लगा और साथ ही अँगुली से अपनी चूत चुदवाती हुई रिक्की भी झड़ने लगी. मोनू आगे से रिक्की को कसके पकड़ के उसके मम्मे चूस रहा था और पीछे से रिशू रिक्की की गाँड में लंड घुसेड़े झड़ रहा था. रिक्की की चूत ने भी झड़ते हुए अपना पानी छोड़ दिया जिससे रिशू का पूरा हाथ गीला हो गया.
जब सबकी साँसें सामान्य हुईं तो रिशू ने रिक्की की गाँड से अपना लंड निकाला और उसके लंड का पानी रिक्की की गाँड से निकल के रिक्की की जाँघों से नीचे बहने लगा. रिक्की ने खड़ी होके एक अँगड़ाई ली और जा के एक टॉवल लायी और बड़े प्यार से रिशू का लंड साफ़ किया. फिर रिशू ने भी उसी टॉवल से रिक्की की चूत और गाँड भी पोंछी. हम तीनों ने ठंडा पानी पीया और फिर नंगे ज़मीन पे लेट गये.
ये मेरी ज़िन्दगी की एक यादगार चुदाई थी क्योंकि मैंने आज पहली बार एक अनचुदी लड़की को चोदा था पर रिशू के लिए ये और भी बड़ी बात थी की आज उसने अपनी सगी बहन की गांड मार कर उसे हमेशा चोदने का रास्ता खोल लिया था.
रिक्की के मुँह से अपने लिए गालियाँ सुनके मोनू फिर से उसके निप्पल चबाते-चबाते चूसने लगा. रिशू से गाँड पे हो रहे लगातार हमले और मोनू से बेरहमी से निप्पल चूसवाने से अब रिक्की भी झड़ने के करीब थी. वो सोफ़ा ज़ोर से पकड़के रिशू को और ज़ोर से गाँड मारने के लिए बोली. अब रिशू भी झड़ने के करीब था.
वो एक हाथ की अँगुली रिक्की की चूत में घुसा के पीछे से रिक्की की गाँड में ज़ोरदार धक्के मारते हुए बोला, “ये ले साली… मादरचोद… अब मैं तेरी गाँड में अपना पानी छोड़ुँगा… तू एकदम लाजवाब छिनाल है साली… मुझे पता है तू कुवारी थी तेरा बदन बहुत टाईट है… बड़ी गज़ब की चीज़ है तू रिक्की… ले मैं आयाआआआआ….. रिक्कीआआआआआ…..”
रिशू अपना पूरा लंड रिक्की की गाँड में जड़ तक घुसा के झड़ने लगा और साथ ही अँगुली से अपनी चूत चुदवाती हुई रिक्की भी झड़ने लगी. मोनू आगे से रिक्की को कसके पकड़ के उसके मम्मे चूस रहा था और पीछे से रिशू रिक्की की गाँड में लंड घुसेड़े झड़ रहा था. रिक्की की चूत ने भी झड़ते हुए अपना पानी छोड़ दिया जिससे रिशू का पूरा हाथ गीला हो गया.
जब सबकी साँसें सामान्य हुईं तो रिशू ने रिक्की की गाँड से अपना लंड निकाला और उसके लंड का पानी रिक्की की गाँड से निकल के रिक्की की जाँघों से नीचे बहने लगा. रिक्की ने खड़ी होके एक अँगड़ाई ली और जा के एक टॉवल लायी और बड़े प्यार से रिशू का लंड साफ़ किया. फिर रिशू ने भी उसी टॉवल से रिक्की की चूत और गाँड भी पोंछी. हम तीनों ने ठंडा पानी पीया और फिर नंगे ज़मीन पे लेट गये.
ये मेरी ज़िन्दगी की एक यादगार चुदाई थी क्योंकि मैंने आज पहली बार एक अनचुदी लड़की को चोदा था पर रिशू के लिए ये और भी बड़ी बात थी की आज उसने अपनी सगी बहन की गांड मार कर उसे हमेशा चोदने का रास्ता खोल लिया था.
फिर रिक्की धीरे से उठी और बाथरूम की तरफ चली गयी. मैं भी उसके पीछे जाने लगा तो रिशू ने मुझे रोक दिया.
रिशू: अरे अभी रहने दे. आज पहली बार चूदी है और वो भी दो दो लंडो से.
मोनू: साले जब रश्मि दीदी को चोदा था तूने पहली बार तब का याद है अब अपनी बहन की बारी आई तो मुझे रोक रहा है.
रिशू: अबे गांडू. रोक नहीं रहा हूँ थोडा धीरज रखने को बोल रहा हूँ. एक बार तो चोद लिया न तूने अब उसे थोडा टाइम दे. रश्मि को पहली बार मैंने अकेले ही चोदा था. रिक्की ने दो लंड लिए है.
तभी घंटी बजी और रिशू ने जाकर देखा तो बाहर कामिनी आंटी खड़ी थी. रिशू ने दरवाजा खोल दिया और आंटी अन्दर आ गयी. हम दोनों को नंगा देख कर आंटी बोली
कामिनी: तो आखिर चोद ही डाला मेरी फूल सी बच्ची को तुम दोनों ने. कहा है रिक्की, दिखाई नहीं दे रही.
मोनू: अरे आंटी बस पूछो मत. मज़ा आ गया. रिक्की बाथरूम में है. अभी ले कर आता हूँ.
रिशू: अबे तो फिर से शुरू हो गया. इतना उतावला क्यों हो रहा है. अब तो हमेशा उसे चोदना ही है.
मोनू: देखो न आंटी. रिशू ने मुझे दुबारा रिक्की को चोदने नहीं दिया.
कामिनी: अरे तो तू एक काम कर अपने घर पर फोन कर के कह दे तू आज रात मेरे घर पर रुकेगा. रात भर आराम से चोदना रिक्की को.
मोनू: सच आंटी पर रिक्की के साथ मैं अकेला ही रहूँगा. ठीक है.
कामिनी: अच्छा बेटा नयी चूत मिली तो मुझे भूल रहा है. ठीक है रिशू मेरे साथ सो जायेगा. तू रिक्की के साथ उसके कमरे में आज रात अकेले ही रहना. सुहागरात जैसी फीलिंग ले लेना.
रिशू: पर मम्मी.
कामिनी: अरे रिशू, रिक्की तो तेरा घर का माल है. कहाँ भागी जा रही है. जब मन करे लंड पेल देना अपनी बहन की चूत में जैसे मेरी चूत में पेल देता है. आज इस मोनू की इच्छा पूरी हो जाने दे. जा मोनू फ़ोन कर दे अपने घर पर.
मैं ख़ुशी ख़ुशी अपने घर फोन मिलाने लगा. उधर से फोन रश्मि दीदी ने उठाया.
मोनू: दीदी, आज मैं कामिनी आंटी के घर पर रूक रहा हूँ. तुम मम्मी पापा को बता देना.
रश्मि: बड़ा खुश लग रहा है, लगता है ले ली रिक्की की.
मोनू: हा दीदी. एक बार तो पेल चूका हूँ साली को और बाकी कसर रात में पूरी कर दूंगा. इसीलिए रात में यही रुकुंगा.
रश्मि: पर मैं मम्मी पापा से क्या कहूँ. जब से मयंक के यहाँ से वापस आये है तुझे पूँछ रहे है.
मोनू: अरे कुछ समझा देना न मेरी प्यारी दीदी.
रश्मि: अच्छा. ठीक है.
मोनू: क्या हुआ मयंक के यहाँ.
रश्मि: क्या होना था. शादी की तारीख तय होनी थी हो गयी.
ये सुनते ही मुझे कुछ अच्छा नहीं लगा पर क्या करता एक न एक दिन तो दीदी की शादी होनी ही थी.
मोनू: अच्छा, कब की डेट है.
रश्मि: अगले महीने की २० तारीख. २१ को मेरी सुहागरात होगी मयंक के साथ. और अब तुझे भी रिक्की की चूत मिल गयी है तो तुझे मेरी कमी महसूस नहीं होगी.
मोनू: दीदी तुम्हारी जगह कौन ले सकता है. खैर घर आकर बात करते है.
और मैं फ़ोन काट कर वापस कामिनी आंटी और रिशू के पास आ गया. रिक्की बाथरूम से निकल कर कपडे पहनने अपने रूम में चली गयी थी. कामिनी को देख कर पहले तो वो काफी घबराई थी पर जब आंटी से उससे बात की तो वैसे तो नार्मल हो गयी थी पर आंटी के सामने वो काफी शर्मा रही थी.
जब रिक्की कपडे पहन कर बाहर आई तो आंटी ने उसे बता दिया था की आज रात मैं उसके साथ रहूँगा. रिक्की ने भी मन में सोचा की आज वो एकदम बाजारू रंडी की तरह मुझसे चुद्वायेगी. रिशू और मैं भी नहाने चले गए और तैयार हो कर हमने थोड़ी देर टीवी देखा तब तक आंटी ने खाना लगा दिया. खाना खा कर आंटी और रिशू कमरे में चले गए पर रिक्की ने मुझसे कहा की तुम १५ मिनट बाद कमरे में आना.
१५ मिनट बाद जब मैं कमरे में गया तो मज़ा आ गया, अंदर रिक्की बहुत ही सैक्सी टॉप-स्कर्ट में तैयार हो कर बैठी थी. रिक्की ने टॉप के उपर के चार बटन खोल कर नीचे से गाँठ बन्धी हुई थी और गज़ब का मेक-अप करा हुआ था. मुझे देख कर रिक्की खड़ी हो गयी और अपने चूत्तड़ हिलाने लगी. मैंने चुपचाप पीछे से जा कर उसकी मचलती हुई चूचियों को पकड़ लिया और रिक्की को घूमा लिया. फिर सीधा कर के हमने एक दूसरे को बाहों में कस लिया और तड़ातड़ एक दूसरे को चूमने और चाटने लगे. रिक्की बहुत ही सैक्सी लग रही थी और अगर वो ऐसे रूप में कहीं सड़क पर चली जाती तो जरूर उसकी चूत का भोंसड़ा बन जाता.
मैंने पीछे से रिक्की की स्कर्ट नीचे खिस्का दी और झुक कर कुत्ते कि तरह उसके चूत्तड़ों में अपना मुँह लगा दिया और चाटने लगा. रिक्की ने काले रंग की नेट की बहुत ही टाईट रेशमी पैंटी पहनी थी जिससे वो उसकी गाँड की दरार में घुस गयी थी और उसके गोरे फूले हुए छोटे-छोटे मस्त चूत्तड़ों को और मादक बना रही थी.
रिक्की ने मेरी गर्दन में अपनी बाहें डाल कर बोली, “मोनू… मोनू… आज जी भर के अपने दोस्त की बहन को चोद लो!” और मुझे बिस्तर पर बिठाकर मेरी अंडरवियर में तन्नाए हुए लंड पर अपने चूत्तड़ घिसने लगी. मैंने उसकी टॉप के बटन और बंधी हुई गाँठ को खोल कर उतार दिया. रिक्की ने एक मस्त काले रंग की रेशमी ब्रा पहनी थी. एकदम पतले स्ट्रैप थे और ब्रा के कप सिर्फ़ उसके आधे निप्पल और नीचे की गोलाइयाँ छुपाये हुए थे. रेशमी नेट के अंदर से उसकी दूधिया चूचियों की साफ झलक मिल रही थी. मैंने उसे खड़ा होने को कहा और कुर्सी पर टाँगें फैला कर बैठ गया और रिक्की को बोला कि वो अपनी टाँगें मेरी टाँगों के दोनों तरफ करके अपनी पैंटी में कसी हुई चूत मेरे लंड पर रखे और आराम से बैठ जाये. तब तक मैं उसकी कसी हुई मस्त जवानी जम कर चूसना और दबाना चाहता था.
रिक्की बड़े ही कायदे से मेरे लंड के उठान पर बैठ गयी और बहुत हल्के-हल्के ढँग से अपनी पैंटी मेरे लंड से उठी हुई मेरी अंडरवियर पर घिसते हुए मेरी गर्दन में बाहें डाल कर बोली, “मोनू भैया मसल डालो मेरी इन जवानियों को. देखो तो सही कैसे तन कर खड़ी है तुमसे चुस्वाने के लिये.”
मैं भी अपने हाथ उसकी पीठ पर ले गया और उसकी ब्रा के हूक खोल दिये और बड़े प्यार से उसकी चूचियाँ नंगी करी. उसकी चूचिया मेरे सामने तन कर खड़ी हुई थीं और मैंने भी बिना वक्त गँवाये दोनों चूचियों पर अपना मुँह मारना शूरू कर दिया. मैं बहुत ही बेसब्रा हो कर उसकी चूचियाँ मसल और चूस रहा था जिससे उसको थोड़ा सा दर्द हो रहा था. पर फिर भी मेरे सिर को अपनी चूचियों पर दबाते हुए कह रही थी, “भैया आराम से मज़ा लो, इतने उतावले क्यों हो रहे हो. आज तो हमारा हनीमून है. कहीं भागी थोड़ी जा रही हूँ. जम के चूसवाऊँगी और मसलवाऊँगी. इनको इतना मसलो कि कॉलेज में मेरी चूचियाँ सबसे बड़ी हो जायें.”
थोड़ी देर की चूसाई के बाद मैंने कहा, “रिक्की, अब तो आप तैयार हो जा दुबारा मेरा लंड लेने के लिये.”
मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और पलंग पर लिटा दिया. काले रंग की पैंटी से ढका रिक्की का गोरा बदन ऐसा लग रहा था जैसे कोई अपसरा अपने कपड़े उतार के सो रही हो और काला भँवरा उसकी ताज़ी चूत का रस चूस रहा हो. मैं करीब पाँच मिनट तक रिक्की के नंगे बदन की शराब अपनी आँखों से पीता रहा, और फिर बिस्तर पर चढ़ कर मैंने रिक्की की कमर चूसनी चालू किया और चूसते हुए अपना मुँह उसकी पैंटी पर लाया और पैंटी का इलास्टिक अपने दाँतों में दबा कर अपने मुँह से उसकी पैंटी उतारने लगा.
रिक्की ने भी अपने चूत्तड़ हवा में उठा दिये थे ताकि पैंटी उतारने में परेशानी ना हो. पर उसने इतनी टाइट पैंटी पहनी थी कि मुझे अपने हाथ भी लगाने ही पड़े. पैंटी उतार के मैंने देखा की जो हलके रोयें रिक्की की चूत पर थे अब वो भी उसने साफ़ कर लिए थे. रिक्की चूत चुदने के लिये इतनी बेकरार थी कि चूत से पानी टपक रहा था.
मैंने कहा रिक्की तूने अपनी चूत शेव कर ली मेरी जान.
रिक्की बोली, “भैया मम्मी ने मेरी चूत को क्रीम से साफ किया है मैंने नहीं.”
मेरा लंड तो रिक्की की चिकनी नंगी मस्ताई हुई, चुदने के लिये तैयार चूत को देख कर ही मेरी अंडरवियर को फाड़ कर बाहर आने के लिये बेकरार था और उछल-कूद मचा रहा था. मैंने अपने दोनों हाथों से अपनी अंडरवियर उतार दी और अपना मुँह मेरे सामने लेटी हुई नशे की बोतल के खज़ाने के मुँह पर लगा दिया. रिक्की तो मस्त हो गयी और मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी. मैं भी चाहता था कि रिक्की थोड़ा पानी और छोड दे ताकि उसकी चूत थोड़ी चिकनी हो जाये. मैंने उसकी चूत का दाना चूसते हुए अपनी जीभ से उसकी चुदाई चालू कर दी और करीब पाँच मिनट बाद ही रिक्की ने मेरा सिर अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और कस कर अपनी पूरी ताकत से मेरा मुँह अपनी चूत पर दबा लिया और जोश में काँपते हुए चूत्तड़ों के धक्के देती हुई मेरे मुँह में अपना रस देने लगी. मैंने भी मन से उसकी जवान चूत चूसी और चूत के लाल होंठों को अपने होंठों से चूसा.
फिर मैं घूटने के बल रिक्की के सामने बैठ गया और बूरी तरह अकड़ा हुआ अपना लंड उसके सामने कर दिया और रिक्की की गर्दन में हाथ डाल कर उसका मुँह अपने लंड के पास लाया और बोला, “रिक्की, मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर अपनी चूत बजाने के लिये तो इनवाइट करो.”
रिक्की ने तपाक से अपना मुँह खोला और मेरा सुपाड़ा अपने होंठों के बीच ले लिया और जीभ फेरने लगी. मेरे लंड पर रिक्की के जीभ फेरने ने वो काम किया जो आग में घी करता है. मुझसे रहा नहीं गया और दोनों हाथों से रिक्की का सर पकड़ कर उसके मुँह में ही मैंने आठ-दस शॉट लगा दिये. लौड़े का तो मारे गुस्से के बूरा हाल था. उसके सामने ऐसी मलाईदार चूत थी और मैं उसकी भूख मिटाने की बजाये चुम्मा चाटी कर रहा था.
अपना लंड रिक्की के मुँह से बाहर निकाल कर के मैंने रिक्की की जाँघों को अपने हाथों से पूरा फैला दिया और एक हाथ से लंड पकड़ कर दूसरे हाथ से रिक्की की चूत के लिप्स खोल कर अपना गुस्साया हुआ लाल सुपड़ा उसकी गुलाबी चूत से सटा दिया और बहुत हल्के-हल्के घिसते हुए बोला, “देख लो मेरी जान. अपने लंड की तेरी चूत से मुलाकात करा रहा हूँ.”
रिक्की को भी अपनी चूत पर लंड घिसाई बहुत अच्छी लग रही थी. वोह सिर्फ़ मस्ती में “ऊँमम ऊँमम” कर सकी. एक दो मिनट बाद मैंने देखा कि रिक्की पर मस्ती पूरी तरह से सवार हो चूकी है तो मैंने अपने लंड का एक हल्का सा शॉट दिया जिससे मेरा लंड रिक्की की चूत बहुत ज्यादा कसी होने के कारण से फिसल कर बाहर आ गया. इससे पहले कि रिक्की कुछ समझ पाती, मैंने एक हाथ से अपना लंड रिक्की के चूत के लिप्स खोल के उसके छेद पर रखा और अपने चूत्तड़ों से कस के धक्का दिया जिससे मेरा लंड रिक्की की चूत में घुस गया.
वो जोर से चीखी, “हाय मोनू ओह मार डाला” मैंने लंड थोडा बाहर निकाल कर एक शॉट और लगाया और अब मेरा लंड जड़ तक रिक्की की चूत में समा गया. ऐसा लग रहा था जैसे किसी बोत्तल के छोटे छेद में अपना लंड घुसा दिया हो और बोत्तल के मुँह ने कस कर मेरे लंड को पकड़ लिया हो. मैंने रिक्की से पूछा, “रिक्की कैसा लग रहा है?”
रिक्की बोली, “आह्ह भैया इस्स्स्सस लगता है मैं ज़न्नत में हूँ. मेरे बदन से ऐसी मस्ती छूट रही है कि क्या बताऊँ. मोनू भैया बहुत मज़ा आआआ आ रहा है. अब तुम जी भर के मुझे चोदोऊऊऊऊ .”

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