Paap Punya – Update 93 | (Incest + Adultery) Story

Paap Punya - Incest Adultery Sex Story by Rashili Chut
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UPDATE – 93

मैं बाथरूम के अंदर गया. अंदर आंटी शावर के नीचे नंगी खड़ी हो कर शावर ले रही थी. उन्होंने एक बार नज़र उठा के मेरी तरफ देखा, एक हल्की सी स्माइल दी और फिर से आँखें बंद कर के शावर का मज़ा लेने लगी.

मैं जा कर शावर में आंटी के पीछे खड़ा हो गया और उनकी दोनों चून्चिया पीछे से हाथ फैला कर अपने दोनों हाथों में भर ली और निपल्स हल्के हल्के मसलने लगा. मेरा लण्ड फिर से पूरा तन के खड़ा था और मैं अपने लण्ड को आंटी की विशालकाय गाण्ड पर रगड़ रहा था.

आंटी: क्या मेरी गाण्ड मारने का इरादा है, मोनू… दिल नहीं भरा क्या अभी…

मैं: हाँ आंटी मारनी तो मुझे तुम्हारी है… पर गाण्ड नहीं चूत मारनी है… चलो बेड पर चलते हैं…

इतना कह कर मैंने आंटी को बाहों में उठा लिया और बाथरूम से बाहर की तरफ लाने लगा.

आंटी: तुम इतना बेसब्र क्यों हो रहे हो की मुझे लेने बाथरूम में ही आ गये… अरर्रा आआ ययय ययय यायययी… क्या कर रहे हो, मैं गिर जाउंगी…

मैं: डोंट वरी, कुछ नहीं होगा… तुम को बिस्तर पे ले जा रहा हूँ, चोदने के लिए…

फिर, मैं आंटी को बाहों में उठाए चलता हुआ, बाथरूम से बाहर आ गया और उसको गीला ही बिस्तर पर फेंक दिया. सीधा लेट के आंटी ने अपनी टाँगें फोल्ड कर के फैला दी.

मैंने आगे बढ कर अपने आप को कामिनी आंटी की टाँगों के बीच में पोज़िशन किया और अपने लण्ड की टिप को आंटी के उसी छेद पर रख दिया जहाँ से रिशू निकल कर इस दुनिया में आया था और अपने दोनों हाथों को उनकी एक एक चूची पर रख कर उनको मसलते हुए और अपनी बॉडी का पूरा वज़न आंटी की बॉडी पर डालते हुए उनके ऊपर लेट गया और उसके होंठ और चेहरा चूसने लगा.

मैंने आंटी के बदन को अपने हाथों रौंदते हुए अपना लण्ड फिर से आंटी की चूत में घुसा दिया. फिर मैंने आंटी को धीरे धीरे अंदर बाहर करते हुए ठोकना शुरू किया. इस बार मैं कुछ ज्यादा ही उतेज्ज़ित और बेदर्द हो गया था. अपने दोनों हाथों को मैंने आंटी के सीने पर रखा था और बॉडी वेट और हाथों के प्रेशर से उसके चून्चिया रगड़ और मसल रहा था. उनके चेहरे और लिप्स को ज़ोर से चूस रहा था और बहुत ताक़त से उसे चोद रहा था.

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