UPDATE -85
उपर के रसिले होठों को चूसते हुए नीचे के होठों में लौडा धंसाते हुए रिशू तेजी से अपनी गांड उछाल कर कामिनी आंटी के उपर कुद रहा था.
हाये तेरा केला भी…!! बहुत मजेदार…है मैने आजतक इतना लम्बा…डण्डा…सीसीसीईईईईईईई…हाये डालता रह…. ऐसे ही…उफफ्… मगर…अब…. आराम से…. हाय…. अब फाड दे…डाल…. सीईईईई…पुरा डाल…कर…. हाये मादर चोद…बहुत पानी फेंक रही…है मेरी …चुत….”
आंटी नीचे से गांड उछालती रिशू के चूतड को दोनो हाथो से पकड अपनी चूत के उपर दबाती गप गप लौडा खा रही थी. कमरे में बारिश की आवाज के साथ कामिनी आंटी की चूत की पानी में फच-फच करते हुए लौडे के अन्दर-बाहर होने की आवाज भी गुंज रही थी. इस सुहाने मौसम में दोनो मां-बेटे जवानी का मजा लुट रहे थे.
कहां तो रिशू मुठ मारते पकडे जाने पर डर रहा था वहीं अभी खुशी से गांड उछालते हुए अपनी मां की टाईट पांवरोटी जैसी फुली चूत में लौडा पेल रहा था. उधर कामिनी आंटी नंगी अपने बेटे के नीचे लेट कर उनके तीन इंच मोटे और आठ इंच लम्बे लौडे को कच-कच खाते हुए अपने बेटे के बिगडने की खुशियां मना रही थी. अखिर हो भी क्यों ना अब वो घर के अन्दर जितनी मरजी उतना चुदवा सकती थी.
“हाय बहुत…. मजेदार है तेरा छेद…उफफ्…हाय अब तो…हाय रंडी मजा आ रहा है अपने बेटे का डण्डा खा के…. सीएएएएएए…. हाये पहले ही बताया होता तो…अब तक…कितनी बार तेरा रस पी लेता…. तेरा छेद पेल देता…सीईईईई तेरी गांड का छेद खोल देता…रण्डी…खा…अपने बेटे का…. लं…डड्ड्ड्…. हाये…बहुत मजा हाय … अब बरदाश्त नही हो रहा…मेरा तो निकल जायेगा……सीईईईईई…पानी फेंक दुं तेरी … चु…त में ???. सिसयाते हुए रिशू बोला.
नीचे से धक्का मारती और उपर से धका-धक लौडा खाती कामिनी आंटी भी अब चरम-सीमा पर पहुंच चुकी थी. गांड उछालती हुयी अपनी टांगो को रिशू की कमर पर कसती चिल्लाई…
मार मार ना भोसडीवाले…मेरे लाल…मार…अपनी रंडी…की चूत…फाड दे…हाये …. मेरा भी अब पानी फेंक देगा…पुरा लंड…डाल के चोद दे…अपनी कुतिया…की बुर…. हाय…सीईईईई अपने घोडे जैसे….लौडे का पानी…डाल दे…पेल देएएए…. मां के लौडे …. बहनचोद्द्द्द्……मेरी चूऊत में… यही सब बकते हुए आंटी ने रिशू को अपनी बाहों में कस लिया.
आंटी की चूत ने पानी फेंकना शुरु कर दिया और रिशू के लौडे से भी तेज फौवारे के साथ पानी निकलना शुरु हो गया. रिशू के होंठ आंटी के होठों से चिपके हुए थे दोनो का पुरा बदन अकड गया था. दोनो आपस में ऐसे चिपक गये थे की तिल रखने की जगह भी नही थी. पसिने से लथ-पथ गहरी सांस लेते हुए. जब रिशू के लंड का पानी जब कामिनी आंटी की बुर में गिरा तो उन्हें ऐसा लगा जैसे उनकी बरसों की प्यास बुझ गई हो. कामिनी की चूत के अन्दर भी रिशू का लंड वैसे ही मूसलाधार बारिश करने लगा जैसे की बाहर हो रही थी

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